गुरुवार, 2 दिसंबर 2010

अनुज नरवाल ‘रोहतकी' की ग़ज़ल - हमारी कमीज से उनकी कमीज गन्‍दी है

 

सुध नहीं क्‍या हो रहा है जमाने में

सब लगे हैं बस नोट कमाने में

 

इमारत गिरी, मौतें हुई और नेता लगे हैं

इक-दूसरे को शीशा दिखाने में

 

घोटाला किया है तो सजा भी मिले

सरकार लगी है क्‍यूं ऐसे को बचाने में

 

जनता को चूना लगाया है जिन्‍होंने

सरकार डालती क्‍यूं नहीं उन्‍हें जेलखाने में

 

हमारी कमीज से उनकी कमीज गन्‍दी है

‘अनुज' हमारे नेता लगे हमें ये बताने में

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डॉ.अनुज नरवाल ‘रोहतकी'

dr.anujnarwalrohtaki@gmail.com

www.anujnarwal.blogspot.com

9215270518

--

ANUJ NARWAL ROHTAKI

09215670518

09215270518

2 blogger-facebook:

  1. अच्छी अभिव्यक्ति, बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  2. हमारी कमीज से उनकी कमीज गन्‍दी है
    वाह क्या खूब कहा...शानदार गज़ल, सार्थक अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं

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