मंगलवार, 8 फ़रवरी 2011

वीनस 'जोया' की त्रिवेणियाँ

aajnabi

  कभी यूँ ही आ के पल में गुजर जाते हो

कभी पहरों बीत जाने पर भी नहीं जाते

गोया तुम तो बेपरवाह वक़्त हो गये हो

*

  दिन चढ़ते ही हो जाते हो आँख से ओझल  

दिन ढलते ही मेरी आँखों में उतर आते हो

गोया तुम तो छुए-मुए चाँद से हो गये हो

*

कभी इकसार  मेरे  साथ - २ चले चलते हो

कभी बिछड़ जाते हो किसी अंजाने मोड़ पर

गोया तुम तो अजनबी रास्तों से हो गये हो

*

कभी सहला जाते हो मेरी ज़ुल्फ़ में उलझ के 

कभी कंटीले  झोंके सा ज़ेहन झंझोड़ जाते हो

गोया  तुम तो बे-नियाज़ी हवा से हो गये हो

 

वीनस 'जोया'

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4 blogger-facebook:

  1. कभी यूँ ही आ के पल में गुजर जाते हो

    कभी पहरों बीत जाने पर भी नहीं जाते

    गोया तुम तो बेपरवाह वक़्त हो गये हो

    *kya baat hai

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुंदरम......अतिसुंदरम-बालिके

    उत्तर देंहटाएं

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