गुरुवार, 7 अप्रैल 2011

यशवन्‍त कोठारी का व्यंग्य : आवश्‍यकता है-एक कुलपति की

आखिर वही हुआ, जिसका मुझे डर था-उन्‍होंने विश्‍वविद्यालय के कुलपति पद के लिए योग्‍यताओं का निर्धारण तथा पत्रों में विज्ञापन देने हेतु ड्राफ्‍ट बनाने का कार्य मेरे सिर पर डाल दिया। वे तो अलग हो गये, लेकिन मैं गरीब व्‍यंग्‍यकार मुफ्‍त में मारा गया। मरता क्‍या न करता ! अतः झक मारकर विज्ञापन तैयार किया और आपकी सेवा में प्रस्‍तुत कर रहा हूं, ताकि आप भी प्रार्थना-पत्र देकर लाभान्‍वित हो सकें -

इस विश्‍वविद्यालय के कुलपति पद के लिए सीलबन्‍द प्रार्थना-पत्र आमन्‍त्रित किये जाते हैं, प्रार्थना-पत्र के साथ कोई शुल्‍क जमना नहीं कराना होगा, अतः अधिकतम संख्‍या में प्रार्थना-पत्र भेजे जा सकते हैं।

1- शैक्षणिक योग्‍यता-सामान्‍य लिखना-पढ़ना जानना पर्याप्‍त है, ताकि छात्रों, अध्‍यापकों द्वारा दिये गये ज्ञापनों को पढ़ सके, लेकिन कोई निर्णय न ले सके।

2- कम-से कम 100 घण्‍टों तक लगातार घेराव का अनुभव होना अत्‍यन्‍त आवश्‍यक है, चयनित प्रत्‍याशी को इस योग्‍यता का प्रायोगिक प्रमाण देना होगा।

3- सिनेट, सिण्‍डीकेट, एकेडमिक-काउन्‍सिल, बोर्ड आफ कन्‍ट्रोल तथा राज्‍य-सरकार के सदस्‍यों, सम्‍बन्‍धियों, पुत्र-पुत्रियों को परीक्षाओं में उत्तीर्ण कराने की विशेष व्‍यवस्‍था कर सके। इस सम्‍बन्‍ध में चयनित व्‍यक्‍ति को विश्‍वविद्यालय सभी सुविधाओं उपलब्‍ध कराएगा।

4- हड़ताल, मारपीट तथा जूतम-पैजार का अनुभव होना भी आवश्‍यक है। अक्‍सर पाया गया है कि चयनित प्रत्‍याशी कुछ ही समय की मारपीट से घबराकर पद छोड़ देते हैं, अतः प्रशासन ने तय किया है कि प्रत्‍याशी से, मार खाकर भी न भागने की लिखित गारन्‍टी ली जावेगी।

5- विश्‍वविद्यालय में बनने वाली नयी इमारतों, प्रयोशालाओं का ठेका कुलपति अपनी इच्‍छानुसार नहीं दे सकेगा।

6- चयनित प्रत्‍याशी को अपनी एक टांग दिल्‍ली में तथा दूसरी टांग राज्‍य की राजधानी में रखनी होगी। इस क्रिया से स्‍वयं प्रत्‍याशी को लाभ होगा।

7- छात्रों की उपस्‍थिति, शिक्षण-शुल्‍क तथा आवासीय व्‍यवस्‍था ऐसी रखनी होगी कि अधिकतम छात्र सन्‍तुष्‍ट रह सकें।

8- घेराव, हड़ताल, तोड़फोड़, मारपीट, गुण्‍डागर्दी, दादागिरी आदि घटनाओं की रपट पुलिस में देने का अधिकार कुलपति के पास न होकर छात्र-यूनियन के अध्‍यक्ष के पास रहेगा। परिसर में पुलिस बुलाने का अधिकार भी कुलपति के पास नहीं होगा।

9- तथाकथित परीक्षाओं के सम्‍पन्‍न होने तक कुलपति परिसर से बाहर ही रहेंगे तथा परीक्षार्थियों को नकल की सभी सुविधाएं अध्‍यापकों द्वारा दी जाएं-इसका उन्‍हें ध्‍यान रखना होगा।

10- कुलपति अपने परिसर में व्‍यवस्‍था तथा शान्‍ति बनाये रखने के लिए जिम्‍मेदार होगा। इस कार्य के लिए स्‍थानीय छात्र-नेताओं से परामर्श तथा उन्‍हें ओबलाइज करना उसका कर्त्त्‍ाव्‍य होगा।

11- प्रशासन का अनुभव है कि कुलपति अपनी निर्धारित अवधि से पूर्व ही प्रस्‍थान कर जाते हैं। इस बार प्रत्‍याशी को सम्‍पूर्ण समय तक पदासीन रहना अनिवार्य होगा; अन्‍यथा प्रत्‍याशी को जबरन कुलपति पद पर बनाये रखा जाएगा।

12- जो प्रत्‍याशी निर्धारित समय तक टिके रहेंगे, उन्‍हें एक और अवधि के लिए नियुक्‍त कर दिया जाएगा। (अगर हमारी सरकारी चलती रही)

13- चयनित प्रत्‍याशी को वेतन के अलावा कार, बंगला आदि सुविधाएं मिलेंगी।

आप सभी से मेरा पुनः अनुरोध है कि इस पद के लिए आवेदन कर अवसर से लाभ उठाएं।

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यशवन्‍त कोठारी,

86, लक्ष्‍मी नगर, ब्रह्मपुरी बाहर,

जयपुर-302002 फोनः-2670596

ykkothari3@gmail.com

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