बुधवार, 20 अप्रैल 2011

गोविन्‍द शर्मा की बाल कहानी : दाग यानी बंदूक चला

ह अंगरेजों के जमाने की बात है। उन दिनों हमारे देश में सैंकड़ों छोटी बड़ी रियासतें थी। कुछ में राजा थे तो कुछ में नवाब। हर राजा या नवाब की सहायता के लिए एक दीवान भी होता था। यह दीवान प्रधानमंत्री भी कहलाता था। ज्‍यादातर दीवान अंगरेजों के पिट्‌ठू होते थे। क्‍योंकि उन्‍हीं के द्वारा नियुक्‍त किए जाते थे। रियासत में राजा या नवाब से ज्‍यादा इन दीवानों की चलती थी। इनमें से कुछ बड़े ही घमंडी होते थे और प्रजा को परेशान करते रहते थे। दूसरी तरफ जनता में आजादी की उमंग भी जाग रही थी। लोग आजादी के लिए संघर्ष करने लगे थे। आजादी के ये दीवाने तो इन दीवानों की आंख में बुरी तरह खटकते थे।

एक रियासत में नवाब थे, जो बहुत ही भले किस्‍म के थे। उनका दीवान, जिसका नाम दाग था, क्रूर स्‍वभाव का था। नवाब जब भी जनहित की कोई बात करते, वह टांग अड़ा देता था। उससे सब डरते थे। डर के मारे उसके सामने कोई कुछ नहीं बोलता था। पर पीछे से सब उसे बुरा कहते थे।

दो मसखरे थे। उन दिनों लोगों का मनोरंजन करने के लिए भांड, मसखरे, विदूषक होते थे। वे केवल हंसाते ही नहीं थे, हंसी मजाक में राजा, महाराजा, अमीर, सेठ या उच्‍चाधिकारियों पर व्‍यंग्‍य भी करते थे अर्थात्‌ उनकी बुरी आदत उनके मुंह पर ही कह देते थे। उन दोनों मसखरों ने देखा कि यह दाग, जिसे सब उसके मुंह पर दाग साहब कहते हैं, लोगों को बहुत परेशान कर रहा है। इसे शीश दिखाया जाए। दाग का अर्थ धब्‍बा होता है। दाग का एक अर्थ बंदूक चलाना या फायर करना भी होता है।

नवाब के मनोरंजन के लिए उन मसखरों का कार्यक्रम रखा गया। नवाब न अपने दरबारियों और आम जनता को भी उनका तमाशा देखने के लिया बुला लिया था। दीवान दाग को तो आना ही था। तमाशा देखने के लिए दाग बड़ी अकड़ के साथ नवाब के पास आगे ही आगे बैठा था।

मसखरों ने अपना खेल शुरू किया। एक मसखरा मंच पर आया और सलाम करके बोला- हमें बड़ी खुशी है कि हमारा तमाशा देखने के लिए नवाब साहब यहां मौजूद है। उनके साथ दीवान जी दाग साहब भी है। लोगो, तुमने सुन लिया न कि दीवान जी दाग साहब भी है.... लोगों की तरफ हां आई तो वह आगे बोला- आज के हमारे तमाशे का नाम है- शेर का शिकार।

इसके बाद तमाशा शुरू हआ। एक मसखरा हाथ में बंदूक उठाए बड़ी अकड़ से चल रहा है, दूसरा आता है और कहता है- अबे, यह लाठी उठा कर कहां जा रहा है?

“लाठी? अरे यह लाठी नहीं बंदूक है। तेरे खानदान में किसी ने बंदूक देखी होती तो जानता न कि यह क्‍या है।”

“अबे, हमारे खानदान का नाम मत लेना बड़ा नाम है हमारे खानदान का, दाग साहब की तरह।”

“अबे, इतने बडे़ आदमी दाग साहब का नाम मत ले.....।”

“अच्‍छा, बता, यह बंदूक लेकर जंगल की तरफ क्‍यों जा रहा है?”

“शेर का शिकार करने जा रहा हूं।”

“तेरे खानदान में कभी किसी ने शेर का शिकार किया है?”

“यह तो आज साबित हो जायेगा। अगर कोई शेर जिंदा नहीं मिला तो समझना, मेरे खानदान वालों ने सब शेरों को मार दिया है। अगर कोई शेर मिल गया तो समझना आज उसका आखिरी दिन था।”

इतने में मंच पर शेर की एक तस्‍वीर दिखाई दी। दूसरा मसखरा बोला- देख, वह रहा शेर। उठा बंदूक और दाग गोली.....।

शेर की तस्‍वीर देखते ही बंदूक वाला मसखरा कांपने का अभिनय करने लगा। दूसरा मसखरा बोला- अबे शेर नहीं मरा तो यह अपने को मार देगा। इसलिए तू जल्‍दी से दाग...।

पर बंदूक वाला मसखरा कांपता ही रहा तो दूसरा कुछ गुस्‍से में बोलता है- अबे दाग, डरपोक दाग, कायर दाग झूठे दाग....बेईमान दाग.....।

मसखरा कभी शेर की तस्‍वीर की तरफ तो कभी दीवान दाग की तरफ देखते हुए बोलते जाता है। पहले तो लोग समझे नहीं, फिर समझ गये कि यह तो दीवान दाग की बुराई उसके मुंह पर ही बताई जा रही है। वे जोर जोर से हंसने लगे।

“अबे दाग, अंगरेजों के पिठ्‌ठू दाग, अंगरेजों के चमचे दाग, चोर दाग, डाकू दाग, जुल्‍मी दाग, सितमगर दाग, जनता के दुश्‍मन दाग....”

अब तक नवाब और दीवान दाग भी समझ गये। नवाब को भी हंसी आ गई। नवाब और लोगों को हंसता देखकर दीवान ने सिर झुका लिया। लोग हंसते हंसते लोट पोट हो गये। दीवान के मुंह पर उन्‍होंने दीवान की बुराई कर दी, दीवान उन्‍हें रोक भी नहीं सका। क्‍योंकि दाग का अर्थ बंदूक चलाना भी होता है। नवाब से इनाम मिला वह अलग।

इस घटना के बाद दीवान कई दिन अपने निवास से बाहर नहीं निकला। क्‍योंकि वह जब भी किसी को देखता, उसे लगता कि वह उस पर हंस रहा है। पर एक अच्‍छी बात यह हुई कि दीवान का स्‍वभाव बदल गया। वह जनता और समाज का विरोधी नहीं रहा। जनहित के कामों में अब वह टांग नहीं अड़ाता था।

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गोविन्‍द शर्मा

ग्रामोत्‍थान विद्यापीठ,

संगरिया,

जिला- हनुमानगढ(राज.), पिनकोड- 335 063

2 blogger-facebook:

  1. ऐसी घटनायें अमूमन सत्य ही होती हैं..

    उत्तर देंहटाएं
  2. योगेन्द्र पाल10:02 pm

    बहुत सुन्दर कहानी है मैंने आज ही पढ़ी

    उत्तर देंहटाएं

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