18 दिसम्बर 2011

सी बी श्रीवास्तव द्वारा श्रीमद् भगवत गीता का हिंदी पद्यानुवाद

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11 प्रतिक्रियाएँ.:

  1. बहुत सुन्दर प्रयास जिसके लिए श्रीवास्तव जी को बधाई..

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  2. बहुत सुंदर अति उत्तम पोस्ट,....आभार

    मेरी नई पोस्ट की चंद लाइनें पेश है....

    सब कुछ जनता जान गई ,इनके कर्म उजागर है
    चुल्लू भर जनता के हिस्से,इनके हिस्से सागर है,
    छल का सूरज डूबेगा , नई रौशनी आयेगी
    अंधियारे बाटें है तुमने, जनता सबक सिखायेगी,

    पूरी रचना पढ़ने के लिए काव्यान्जलि मे click करे

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  3. श्रद्धेय रवि जी ,
    सचमुच आपने पिताश्रीकृत श्रीमद्भगवत गीता को पीडीएफ ई बुक के रूप में प्रकाशित कर बहुत ही बड़ा कार्य किया है , मैं व्यक्तिगत रूप से हृदय से आभारी हूं . पिताजी भी आपको बहुत बहुत आषीश कह रहे हैं .

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  4. Useful blog site.... Pleasant giving... Appreciate it with the giving this one of a kind in addition to beneficial blog site. That giving undeniably assistance in strengthening the undertaking, congrats.

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  5. गीता नाम ही काफी है ,

    आपको बहुत साधुवाद,

    पर कुछ मुझे कम्पुटर का नहीं आता , अक्षरों को बड़ा करना नहीं आया,

    कृपया एक लिंक भेजे जिसमे उसे चाहे जितना बड़ा करके पढ़ सकें.

    जय श्री कृष्ण

    प्रत्‍युत्तर देंहटाएं
  6. गीता नाम ही काफी है ,

    आपको बहुत साधुवाद,

    पर कुछ मुझे कम्पुटर का नहीं आता , अक्षरों को बड़ा करना नहीं आया,

    कृपया एक लिंक भेजे जिसमे उसे चाहे जितना बड़ा करके पढ़ सकें.

    जय श्री कृष्ण
    ashok.gupta4@gmail.com

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  7. उत्तम कार्य. पिता जी को प्रणाम.

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  8. हिन्‍दी प्रेमीयों के लिए उत्‍कृष्‍ट एवं प्रशंशनीय कार्य के लिए कोटि-कोटि धन्‍यवाद ।

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  9. बहुत सुंदर प्रस्तुति...आभार

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