रचनाकार में खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

योगेन्‍द्र वर्मा ‘व्‍योम' की मधुकर अष्‍ठाना से गीत-नवगीत के संदर्भ में बातचीत

SHARE:

वरिष्‍ठ नवगीत कवि श्री मधुकर अष्‍ठाना से गीत-नवगीत के संदर्भ में कुछ जिज्ञासा बिंदु व्‍योम ः आपकी गीत-यात्रा कब और कैसे शुरू हुई ? अपनी गी...

वरिष्‍ठ नवगीत कवि श्री मधुकर अष्‍ठाना से गीत-नवगीत के संदर्भ में कुछ जिज्ञासा बिंदु

व्‍योम ः आपकी गीत-यात्रा कब और कैसे शुरू हुई? अपनी गीत-यात्रा के महत्‍वपूर्ण पड़ावों के विषय में बताइए।

म.अष्‍ठाना ः व्‍योम जी, जब मैं अतीत में झाँकता हूँ तो मेरी गीतयात्रा के पूर्व संभवतः इस यात्रा की पृष्‍ठभूमि सर्जित करदी थी। एक ही वर्ष में माँ से वियोग, दया पर आधारित बचपन, घोर अभाव में शिक्षा, प्रवृत्ति के प्रतिकूल राजकीय सेवा आदि के के ऐसा घटनाचक्र हैं, जिन्‍होंने मुझे निरंतर अपेक्षा, अपमान और अभाव से दंशित किया। अपनी करुण अंतःपीड़ा से उबरने का माध्‍यम बना गीत। मेरे पिताश्री भी भजन, दोहा, ग़ज़ल आदि की रचना स्‍वांतःसुखाय करते थे और बी.ए. मेंं पढ़ते समय डा. किशोरीलाल गुप्‍त (छंद मर्मज्ञ) आदि से संस्‍कार मिले। राजकीय सेवा के प्रथम वर्ष में एक प्रमुख मंत्री के स्‍वागत-गान एवं प्रस्‍तुतिकरण का उत्तरदायित्‍व मिला, जिसने मुझे पूरे जनपद के साहित्‍यिक वांगमय में उछाल दिया और वर्ष 1961 से गीत-साधना ही लक्ष्‍य रह गया।

व्‍योम ः हालाँकि इस बिंदु पर काफी चर्चा हो चुकी है गीत-कवियों में, लेकिन फिर भी आपकी दृष्‍टि में नवगीत क्‍या है, यह गीत से किस प्रकार और कितना भिन्‍न है तथा इसकी क्‍या-क्‍या शर्तें व मर्यादाएँ हैं?

म. अष्‍ठाना ः नवगीत में दो शब्‍द नव एवं गीत संयुक्‍त हैं। नवता तो भाषा एवं शिल्‍प के नयेपन से आती है और गीत से उसकी गेयता एवं छांदसिक परंपरा का योग है। इसके साथ ही अपने परिवेश की अनुभूतियाँ कथ्‍य का निश्‍चय करती हैं। वस्‍तुतः नवगीत गीत का ही उत्तराधिकारी है और दोनों के मध्‍य जेनरेशन गैप है। पूर्व के गीतों में काल्‍पनिकता, वायवीयता, इतिवृत्तात्‍मकता के साथ विचार का अभाव भा, जिससे अपने वातावरण से वह कटा रहा। इसके साथ ही सामंती प्रवृत्ति एवं अभिजात सोच के कारण गीत आम आदमी से दूर था। इसी से नवगीत गीत होते हुए भी नयी कविता की विचारशीलता, ग़ज़ल की कहन और दोहा की संक्षिप्‍तता आदि सभी गुणों से विभूषित है। भाषा मे आंचलिकता, खुरदरापन, मुहावरों, लोकोक्‍तियों, मिथक, प्रतीक-बिंब आदि सदुपयोग, सरलता, सहजता, यथोचित प्रवाह तथा संप्रेषणीयता आदि ने गीत को नया कलेवर दिया तो कथ्‍य में प्रतिकार-प्रतिरोध, तीक्ष्‍ण तेवर, व्‍यंग्‍य तथा व्‍यंजनात्‍मकता ने समय को पूरी तरह से अभिव्‍यक्‍त करने की क्षमता प्रदान की। सच पूछिये तो नवगीत एक संपूर्ण विधा है, जिसने गीत को पुनर्जीवन दिया, अन्‍यथा समय के प्रवाह में गीत डूब गया होता। इस प्रकार नवगीत रागात्‍मक संवेदना का साकार रूप है, जो समकालीन परिवेश से अर्जित अनुभूतियों का विस्‍तार करता है।

व्‍योम ः कहा जाता है कि नई कविता का अतिक्रमण होने के फलस्‍वरूप गीत की पुनर्स्‍थापना हेतु नवगीत अस्‍तित्‍व में आया, क्‍या पारंपरिक गीत में नई कविता को पछाड़ने की सामर्थ्‍य नहीं थी?

म. अस्‍थाना ः नयी कविता के प्रथम गीतकार ही थे और छंदों के भी ज्ञाता थे। तत्‍कालीन गीत की दुरूहता, जटिलता के अभिजातवर्गीय स्‍वरूप से बचने के लिए और वर्तमान को पारिभाषित करने के लिए वे विदेशी नक़ल करते हुए नयी कविता में गये, किंतु अपने संस्‍कारों को पूरी तरह नहीं छोड़ पाये। ऐसे रचनाकारों के सृजन में लय विद्यमान थी, किंतु वे भारतीय परंपराओं के अनुरूप गीत को नवगीत का नया कलेवर देने में असमर्थ रहे और गीत के विषय में अपनी असमर्थता को आवरण देने के लिए उसे मृत घोषित करने लगे और नक़ल करने में ही अपना कल्‍याण समझने लगे। बाद में नयी कविता प्रतिभाहीन लोगों का जमावड़ा बन गया, जो आम आदमी से कोसों दूर हो गये। ऐसा नहीं है कि नवगीत का उद्देश्‍य केवल गीत की पुनर्स्‍थापना ही करने के लिए आया, वस्‍तुतः गीत में परिवर्तन समय की माँग थी, जो एक साथ ही पूरे भारत में परिलक्षित की गयी। गीत को आम आदमी के लिए उत्तरदायी बनाने में परिवर्तन तो अपरिहार्य था।

व्‍योम ः कभी वह समय भी था कि कवि-सम्‍मेलनीय मंचों पर गीत का वर्चस्व था, आज लगता है कि मंचों पर गीत ग़ायब हो रहा है। वर्तमान में अकविता के समय में क्‍या आपको लगता है कि भविष्‍य में कभी कवि- सम्‍मेलनीय मंचों पर गीत को फिर से वही सम्‍मानजनक स्‍थान प्राप्‍त हो पाएगा?

म. अस्‍थाना ः जहाँ तक कवि-सम्‍मेलन का प्रश्‍न है तो वह एक व्‍यवसाय है और उसका उद्देश्‍य शुद्ध रूप से श्रोताओं का मनोरंजन है। उससे साहित्‍य का कोई लेना-देना नहीं, इसीलिए जो कवि मंच पर सफल हैं, वे साहित्‍य में घोर असफल हैं। ऐसे कवियों की कोई वैचारिक प्रतिबद्धता नहीं है। नवगीत में यथार्थ के परिप्रेक्ष्‍य में कथ्‍य प्रस्‍तुत किया जाता है जो चिंतन की प्रेरणा देता है। मंच पर प्रस्‍तुतिकरण ही प्रमुख है। कुछ तथाकथित नवगीतकार भले ही मंच पर सफल हों, किंतु सब पर यह लागू नहीं है, जबकि गोष्‍ठियों में जहाँ साहित्‍यिक वातावरण होता है, नवगीत ही सफल है। मंच से होड़ करना तो नवगीतकारों को शोभा नहीं देता

व्‍योम ः मुंबई के वरिष्‍ठ गीतकवि श्री मधुकर गौड़ ने गीत नवांतर' शब्‍द को नवगीत' की तुलना में अधिक तर्कसंगत और उपयुक्‍त मान है, आपका क्‍या मत है?

म. अस्‍थाना ः गीत का अन्‍य नामकरण कभी नहीं किया गया, किंतु वास्‍तव में नवगीत का विशिष्‍ट आकर्षण सबको अन्‍य नामकरण करने का आमंत्रण देता है और सभी श्रेय लेना चाहते हैं। नचिकेता इसे समकालीन गीत कहते हैं, तो डा. माहेश्‍वर तिवारी सहजगीत कहना चाहते हैं। इसी प्रकार मधुकर गौड़ भी गीत नवांतर की संज्ञा देते हैं। वस्‍तुतः ये सभी नाम नवगीत के किसी एक पक्ष पर आधारित हैं और व्‍यक्‍तिगत एषणा से प्रेरित हैं, जिनका महत्‍व भविष्‍य निर्धारित करेगा।

व्‍योम ः नवगीत दशक' श्रृंखला और नवगीत अर्द्धशती जिसका संपादन डा. शंभुनाथ सिंह ने किया, के विषय में कहा जाता है कि तत्‍समय के कुछ महत्‍वपूर्ण नाम इन पुस्‍तकों में सम्‍मिलित नहीं हो सके थे, इसके क्‍या कारण रहे?

म. अस्‍थाना ः डा. शम्‍भुनाथ सिंह ने ‘नवगीत दशक' एवं ‘अर्द्धशती' अथवा राजेंद्रप्रसाद सिंह द्वारा संकलित ‘गीतांगिनी' नवगीत की स्‍थापना में मील के पत्‍थर हैं। यह आवश्‍यक नहीं कि तत्‍कालीन समस्‍त नये तरह का गीत लिखने वालों को सम्‍मिलित ही किया जाता। अज्ञेय ने भी ‘तारसप्‍तक' में समस्‍त तत्‍कालीन नयी कविता लिखने वालों को सम्‍मिलित नहीं किया। इसके अनेक कारण हो सकते हैं। प्रथम संकलनकर्ता के द्वारा निर्धारित मान, दूसरा परस्‍पर व्‍यवहार, तीसरा विवशताएँ। सभी ने अपनी रुचि के अनुकूल कुछ कुछ नवगीत के लिए अच्‍छा ही करने का प्रयास किया, जो नहीं हो सका, उसकी चर्चा ही व्‍यर्थ है।

व्‍योम ः नवगीत के संदर्भ में नवगीत दर्शक श्रृंखला' के अतिरिक्‍त नवगीत और उसका युगबोध' तथा शब्‍दपदी' सहित अनेक पुस्‍तकें आई हैं और नवगीत कवियों के बीच चर्चित भी रही हैं, किंतु नवगीत की प्रामाणिक पुस्‍तकों के रूप में नवगीत दशक श्रृंखला' को ही मान्‍यता तथाकथित रूप से प्रदान की गई। ऐसा क्‍यों?

म. अस्‍थाना ः ‘नवगीत दशक श्रृंखला' का महत्‍व अपने स्‍थान पर है, जो ऐतिहासिक बन गया है। ‘नवगीत और उसका युगबोध' में अधिकांशतः नवगीत विरोधियों के विचार नवगीत के संबंध में दिये गये हैं। नवगीत के संबंध में ‘शब्‍दपदी' में पुराने एवं नये दोनों तरह के रचनाकारों के विचार तथा उनके नवगीत भी दिये गये हैं। इनके अतिरिक्‍त भी डा. अवधेश नारायण मिश्र, डा. राजेंद्र गौतम, डा. सुरेश गौतम, डा. शिवशंकर मिश्र आदि की भी पुस्‍तकें हैं, किंतु अभी तक नवगीत का इतिहास लिखा नहीं गया अथवा संपूर्ण रूप से आलोचक सामने नहीं आये, जिससे जो उपलब्‍ध है, वही मान्‍य है, अन्‍यथा इसे महत्‍व देने वाले वही रचनाकार हैं, जो उसमें सम्‍मिलित हैं और वर्तमान में अपने परिवेश को अभिव्‍यक्‍त नहीं कर पा रहे हैं। वर्तमान में नवगीत पूर्व निर्धारित मानकों से बहुत आगे जा चुका है और सामंतवादी अभिजातवर्गीय चेतना से उबरकर आम आदमी के निकट आ चुका है। इसके साथ ही वस्‍तुगत एवं शिल्‍पगत रूप से अधिक संवेदनशील हो गया है। ‘नवगीत दशक' से केवल तत्‍कालीन नवगीत के स्‍वरूप का ज्ञान होता है। वर्तमान की नवगीत की रूपरेखा का ज्ञान नहीं होता है।

व्‍योम ः क्‍या आप महसूस करते हैं कि गीत के विरुद्ध एक मोर्चा सुनियोजित रूप से लामबंद है? यदि हाँ, तो हिंदी साहित्‍य पर पड़ने वाले इसके प्रभावों के विषय में आपका क्‍या मत है?

म. अस्‍थाना ः नवगीत का यद्यपि नयी कविता के समानांतर हुआ किंतु नयी कविता के रचनाकार अपने पराभव से भयभीत हो गये, क्‍योंकि निश्‍चित रूप से आम आदमी उसका बहिष्‍कार कर दिया। उसका वर्तमान राज्‍याश्रयी है और एक विशिष्‍ट वाद से जुड़ा है, जो पूरे विश्‍व में असफल हो चुका है, उसकी सोच आयातित है। नयी कविता के रचनाकार उसके अवसान से परिचित हैं, इसलिए तरह-तरह स्‍टंट रचा करते हैं। हिंदी साहित्‍य पर नयी कविता के अतीत और नवगीत के वर्तमान का प्रभाव तो पड़ेगा ही, जो नवगीत के पक्ष में होगा।

व्‍योम ः वर्तमान में गीतों-नवगीतों का सृजन विपुल मात्र में हो रहा है, किंतु बड़े प्रकाशक नई कविता के सापेक्ष गीत-कृतियों के प्रकाशन के प्रति उदासीन हैं, फलतः रचनाकार अपनी गीत-कृतियाँ अपने ही संसाधनों से प्रकाशित कराने हेतु विवश हैं। आपकी दृष्‍टि में यह सोची-समझी साज़िश है या कुछ और?

म. अस्‍थाना ः प्रकाशन में जो स्‍थिति नयी कविता की है, वही नवगीत की भी। प्रकाशन एक व्‍यवसाय है, जिसमें अधिक से अधिक लाभ कमाने की प्रवृत्ति होती है। वास्‍तव में प्रकाशन रचनाकार से धन लेकर भी पुस्‍तकें बेच लेता है और दूना कमाता है। यह केवल बाज़ारवाद है। मेरी दृष्‍टि में यह कोई साज़िश नहीं है, बल्‍कि प्रकाशकों का छल है।

व्‍योम ः आजकल नवगीतों में नये प्रयोग के नाम पर सपाटबयानी भी परोसी जा रही है, आपको क्‍या लगता है?

म. अस्‍थाना ः प्रत्‍येक व्‍यक्‍ति की अनुभूतियाँ उसके संस्‍कार एवं परिवेश के अनुसार पृथक-पृथक होती हैं और उसी के आधार पर वह सृजन करता है। नवगीत में व्‍यंजना का विशेष महत्‍व है। यदि सपाट बयानी में भी कहीं व्‍यंजना है तो वह नवगीत है, अन्‍यथा वह केवल वक्‍तव्‍य है। नवगीत का प्राण संवेदना है जो व्‍यंजना में ही निहित है। केवल सपाट बयानी निष्‍प्राण होती है। नवगीत रागात्‍मक अंतश्‍चेतना की संवेदनात्‍मकता से व्‍यंजित वह सहज शब्‍द-यज्ञ है जिसके लघुतम छांदसिक कलेवर में समकालीन भावतत्त्व एवं विचारतत्त्व का समन्‍वय, सामान्‍यजन की पक्षधरता के साथ अभिव्‍यक्‍त होता है। इसके अतिरिक्‍त अविचारित रम्‍य सृजन जो कथ्‍यविहीन हो, नवगीत के अतिरिक्‍त और कुछ हो सकता है।

व्‍योम ः गीत के संदर्भ में अनेक पत्रिकाएँ प्रकाशित हो रही हैं, हाल ही में गीत को ही केंद्र में रखकर इंटरनेट साहित्‍यिक पत्रिका गीत-पहल' भी शुरू हुई है, अनेक ब्‍लॉग्‍स भी हैं, जो गीत-नवगीत को आगे लाने के प्रति श्रम कर रहे हैं, इन प्रयासों से आप गीत के भविष्‍य को किस तरह से देखते हैं?

म. अस्‍थाना ः गीत का इतिहास सदियों पुराना है। यह कोई विधा नहीं, बल्‍कि परंपरा है। गीत की समाप्‍ति की विरोधी भले ही सपना देखा करें, पर गीत तो शाश्‍वत है। इसके भविष्‍य की चिंता निरर्थक है। गीत भारतीयों के रक्‍त में घुल चुका है। गीत के सृजन में नयी पीढ़ी निरंतर सक्रिय होती रहेगी। अतः नवगीत के संबंध में मनोयोगपूर्वक किया जा रहा श्रम निश्‍चित ही सार्थक परिणाम देगा तथा इसके भविष्‍य को उज्‍ज्‍वल बनायेगा।

व्‍योम ः आजकल एक नया प्रयोग काफी प्रचलन में है कि हिंदी के रचनाकार ग़ज़ल कह रहे हैं और उर्दू के रचनाकार गीत और दोहे लिख रहे हैं, शिल्‍पदोष का खतरा दोनों ही ओर है, आपका क्‍या मत है?

म. अस्‍थाना ः प्रयोग तो हर विधा में होते रहते हैं और प्रयोग तो प्रत्‍येक रचनाकार का मौलिक अधिकार है, अतः प्रयोग में जो अधिक सटीक और सार्थक होगा, वही टिकेगा। शेष स्‍वयं ही नष्‍ट हो जाएगा। वस्‍तुतः फैशन कभी टिकाऊ नहीं होता है और उसमें परिवर्तन का आवर्तन भी जल्‍दी-जल्‍दी होता रहता है। अतः प्रयोगों की दृष्‍टि तात्‍कालिक होती है, जिस पर अधिक विश्‍वास नहीं किया जा सकता है। ग़ज़ल एक अपूर्ण विधा है, जबकि नवगीत पूर्ण है, जिसमें ग़ज़ल समाहित हो जाती है। नवगीत में नयी कविता का विचारतत्त्व, ग़ज़ल की कहन और दोहा की संक्षिप्‍तता मौजूद है, जो उसे अन्‍य विधाओं से अधिक सामर्थ्‍यवान बनाते हैं। अतः प्रतिबद्ध नवगीतकार को दत्तचित्त नवगीत की ही साधना श्रेयष्‍कर है।

व्‍योम ः आपकी चार नवगीत-कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं तथा कई पांडुलिपियाँ प्रकाशन की बाट जोह रही हैं। उक्‍त के अतिरिक्‍त नवगीत के संदर्भ में आपके अनेक आलेख भी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं, क्‍या आपको अपने इन महत्‍वपूर्ण आलेखों को पुस्‍तक रूप नहीं प्रदान करना चाहिए?

म. अस्‍थाना ः व्‍योम जी, यह एक व्‍यक्‍तिगत प्रश्‍न है, जो मेरी आर्थिक स्‍थिति से जुड़ा है। वैसे मैं स्‍वयं को अभी परिपक्‍व नहीं मानता हूँ और अभी नवगीत का विद्यार्थी ही हूँ। ऐसी स्‍थिति में आलेखों को पुस्‍तकाकार करना अधिक उचित नहीं प्रतीत होता है। यह प्रयास कई रचनाकार कर चुके हैं, किंतु कोई महत्‍व नहीं मिल सका। अतः ऐसे ही लोगों में अपना नाम भी लिखाना अच्‍छा नहीं लगता है। भविष्‍य के लिए यह विचार सुरक्षित रखा है।

व्‍योम ः नवगीत के संदर्भ में नई पीढ़ी की दशा और दिशा के प्रति आपका क्‍या मत है? नवगीतों का भविष्‍य नई पीढ़ी के हाथों में कितना सुरक्षित और स्‍वर्णिम है?

म. अस्‍थाना ः नयी पीढ़ी को कमज़ोर समझना अनुचित है। वह अधिक जागरूक अधिक सशक्‍त होकर सामने आ रही हे। नयी पीढ़ी की सोच में मौलिकता झलकती है और उनके सृजन में नयी प्रतीक-बिंब योजना भी आकर्षित करती है। यदि उनका छंदविधान भी पुष्‍ट हो जाये तो कहना ही क्‍या? साधना जितनी अधिक होगी, शब्‍द-सामर्थ्‍य भी बढ़ती जायेगी। नयी पीढ़ी परिवेशगत वातावरण अभिव्‍यक्‍त करने में जिस सहजता और नयेपन का अहसास करा रही है, उसमें टटकापन है। अतः नयी पीढ़ी के हाथों में यदि नवगीत का भविष्‍य है तो निराशा का कोई कारण प्रतीत नहीं होता है। नयी पीढ़ी के सृजन के प्रति मैं आश्‍वस्‍त हूँ।

--

COMMENTS

BLOGGER: 2
Loading...

विज्ञापन

----
.... विज्ञापन ....

-----****-----

|नई रचनाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$count=6$page=1$va=0$au=0

|कथा-कहानी_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts$s=200

|हास्य-व्यंग्य_$type=blogging$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

-- विज्ञापन --

---

|लोककथाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|लघुकथाएँ_$type=list$au=0$count=5$com=0$page=1$src=random-posts

|काव्य जगत_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

-- विज्ञापन --

---

|बच्चों के लिए रचनाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|विविधा_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$va=0$count=6$page=1$src=random-posts

 आलेख कविता कहानी व्यंग्य 14 सितम्बर 14 september 15 अगस्त 2 अक्टूबर अक्तूबर अंजनी श्रीवास्तव अंजली काजल अंजली देशपांडे अंबिकादत्त व्यास अखिलेश कुमार भारती अखिलेश सोनी अग्रसेन अजय अरूण अजय वर्मा अजित वडनेरकर अजीत प्रियदर्शी अजीत भारती अनंत वडघणे अनन्त आलोक अनमोल विचार अनामिका अनामी शरण बबल अनिमेष कुमार गुप्ता अनिल कुमार पारा अनिल जनविजय अनुज कुमार आचार्य अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ अनुज खरे अनुपम मिश्र अनूप शुक्ल अपर्णा शर्मा अभिमन्यु अभिषेक ओझा अभिषेक कुमार अम्बर अभिषेक मिश्र अमरपाल सिंह आयुष्कर अमरलाल हिंगोराणी अमित शर्मा अमित शुक्ल अमिय बिन्दु अमृता प्रीतम अरविन्द कुमार खेड़े अरूण देव अरूण माहेश्वरी अर्चना चतुर्वेदी अर्चना वर्मा अर्जुन सिंह नेगी अविनाश त्रिपाठी अशोक गौतम अशोक जैन पोरवाल अशोक शुक्ल अश्विनी कुमार आलोक आई बी अरोड़ा आकांक्षा यादव आचार्य बलवन्त आचार्य शिवपूजन सहाय आजादी आदित्य प्रचंडिया आनंद टहलरामाणी आनन्द किरण आर. के. नारायण आरकॉम आरती आरिफा एविस आलेख आलोक कुमार आलोक कुमार सातपुते आशीष कुमार त्रिवेदी आशीष श्रीवास्तव आशुतोष आशुतोष शुक्ल इंदु संचेतना इन्दिरा वासवाणी इन्द्रमणि उपाध्याय इन्द्रेश कुमार इलाहाबाद ई-बुक ईबुक ईश्वरचन्द्र उपन्यास उपासना उपासना बेहार उमाशंकर सिंह परमार उमेश चन्द्र सिरसवारी उमेशचन्द्र सिरसवारी उषा छाबड़ा उषा रानी ऋतुराज सिंह कौल ऋषभचरण जैन एम. एम. चन्द्रा एस. एम. चन्द्रा कथासरित्सागर कर्ण कला जगत कलावंती सिंह कल्पना कुलश्रेष्ठ कवि कविता कहानी कहानी संग्रह काजल कुमार कान्हा कामिनी कामायनी कार्टून काशीनाथ सिंह किताबी कोना किरन सिंह किशोरी लाल गोस्वामी कुंवर प्रेमिल कुबेर कुमार करन मस्ताना कुसुमलता सिंह कृश्न चन्दर कृष्ण कृष्ण कुमार यादव कृष्ण खटवाणी कृष्ण जन्माष्टमी के. पी. सक्सेना केदारनाथ सिंह कैलाश मंडलोई कैलाश वानखेड़े कैशलेस कैस जौनपुरी क़ैस जौनपुरी कौशल किशोर श्रीवास्तव खिमन मूलाणी गंगा प्रसाद श्रीवास्तव गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर ग़ज़लें गजानंद प्रसाद देवांगन गजेन्द्र नामदेव गणि राजेन्द्र विजय गणेश चतुर्थी गणेश सिंह गांधी जयंती गिरधारी राम गीत गीता दुबे गीता सिंह गुंजन शर्मा गुडविन मसीह गुनो सामताणी गुरदयाल सिंह गोरख प्रभाकर काकडे गोवर्धन यादव गोविन्द वल्लभ पंत गोविन्द सेन चंद्रकला त्रिपाठी चंद्रलेखा चतुष्पदी चन्द्रकिशोर जायसवाल चन्द्रकुमार जैन चाँद पत्रिका चिकित्सा शिविर चुटकुला ज़कीया ज़ुबैरी जगदीप सिंह दाँगी जयचन्द प्रजापति कक्कूजी जयश्री जाजू जयश्री राय जया जादवानी जवाहरलाल कौल जसबीर चावला जावेद अनीस जीवंत प्रसारण जीवनी जीशान हैदर जैदी जुगलबंदी जुनैद अंसारी जैक लंडन ज्ञान चतुर्वेदी ज्योति अग्रवाल टेकचंद ठाकुर प्रसाद सिंह तकनीक तक्षक तनूजा चौधरी तरुण भटनागर तरूण कु सोनी तन्वीर ताराशंकर बंद्योपाध्याय तीर्थ चांदवाणी तुलसीराम तेजेन्द्र शर्मा तेवर तेवरी त्रिलोचन दामोदर दत्त दीक्षित दिनेश बैस दिलबाग सिंह विर्क दिलीप भाटिया दिविक रमेश दीपक आचार्य दुर्गाष्टमी देवी नागरानी देवेन्द्र कुमार मिश्रा देवेन्द्र पाठक महरूम दोहे धर्मेन्द्र निर्मल धर्मेन्द्र राजमंगल नइमत गुलची नजीर नज़ीर अकबराबादी नन्दलाल भारती नरेंद्र शुक्ल नरेन्द्र कुमार आर्य नरेन्द्र कोहली नरेन्‍द्रकुमार मेहता नलिनी मिश्र नवदुर्गा नवरात्रि नागार्जुन नाटक नामवर सिंह निबंध नियम निर्मल गुप्ता नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ नीरज खरे नीलम महेंद्र नीला प्रसाद पंकज प्रखर पंकज मित्र पंकज शुक्ला पंकज सुबीर परसाई परसाईं परिहास पल्लव पल्लवी त्रिवेदी पवन तिवारी पाक कला पाठकीय पालगुम्मि पद्मराजू पुनर्वसु जोशी पूजा उपाध्याय पोपटी हीरानंदाणी पौराणिक प्रज्ञा प्रताप सहगल प्रतिभा प्रतिभा सक्सेना प्रदीप कुमार प्रदीप कुमार दाश दीपक प्रदीप कुमार साह प्रदोष मिश्र प्रभात दुबे प्रभु चौधरी प्रमिला भारती प्रमोद कुमार तिवारी प्रमोद भार्गव प्रमोद यादव प्रवीण कुमार झा प्रांजल धर प्राची प्रियंवद प्रियदर्शन प्रेम कहानी प्रेम दिवस प्रेम मंगल फिक्र तौंसवी फ्लेनरी ऑक्नर बंग महिला बंसी खूबचंदाणी बकर पुराण बजरंग बिहारी तिवारी बरसाने लाल चतुर्वेदी बलबीर दत्त बलराज सिंह सिद्धू बलूची बसंत त्रिपाठी बातचीत बाल कथा बाल कलम बाल दिवस बालकथा बालकृष्ण भट्ट बालगीत बृज मोहन बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष बेढब बनारसी बैचलर्स किचन बॉब डिलेन भरत त्रिवेदी भागवत रावत भारत कालरा भारत भूषण अग्रवाल भारत यायावर भावना राय भावना शुक्ल भीष्म साहनी भूतनाथ भूपेन्द्र कुमार दवे मंजरी शुक्ला मंजीत ठाकुर मंजूर एहतेशाम मंतव्य मथुरा प्रसाद नवीन मदन सोनी मधु त्रिवेदी मधु संधु मधुर नज्मी मधुरा प्रसाद नवीन मधुरिमा प्रसाद मधुरेश मनीष कुमार सिंह मनोज कुमार मनोज कुमार झा मनोज कुमार पांडेय मनोज कुमार श्रीवास्तव मनोज दास ममता सिंह मयंक चतुर्वेदी महापर्व छठ महाभारत महावीर प्रसाद द्विवेदी महाशिवरात्रि महेंद्र भटनागर महेन्द्र देवांगन माटी महेश कटारे महेश कुमार गोंड हीवेट महेश सिंह महेश हीवेट मानसून मार्कण्डेय मिलन चौरसिया मिलन मिलान कुन्देरा मिशेल फूको मिश्रीमल जैन तरंगित मीनू पामर मुकेश वर्मा मुक्तिबोध मुर्दहिया मृदुला गर्ग मेराज फैज़ाबादी मैक्सिम गोर्की मैथिली शरण गुप्त मोतीलाल जोतवाणी मोहन कल्पना मोहन वर्मा यशवंत कोठारी यशोधरा विरोदय यात्रा संस्मरण योग योग दिवस योगासन योगेन्द्र प्रताप मौर्य योगेश अग्रवाल रक्षा बंधन रच रचना समय रजनीश कांत रत्ना राय रमेश उपाध्याय रमेश राज रमेशराज रवि रतलामी रवींद्र नाथ ठाकुर रवीन्द्र अग्निहोत्री रवीन्द्र नाथ त्यागी रवीन्द्र संगीत रवीन्द्र सहाय वर्मा रसोई रांगेय राघव राकेश अचल राकेश दुबे राकेश बिहारी राकेश भ्रमर राकेश मिश्र राजकुमार कुम्भज राजन कुमार राजशेखर चौबे राजीव रंजन उपाध्याय राजेन्द्र कुमार राजेन्द्र विजय राजेश कुमार राजेश गोसाईं राजेश जोशी राधा कृष्ण राधाकृष्ण राधेश्याम द्विवेदी राम कृष्ण खुराना राम शिव मूर्ति यादव रामचंद्र शुक्ल रामचन्द्र शुक्ल रामचरन गुप्त रामवृक्ष सिंह रावण राहुल कुमार राहुल सिंह रिंकी मिश्रा रिचर्ड फाइनमेन रिलायंस इन्फोकाम रीटा शहाणी रेंसमवेयर रेणु कुमारी रेवती रमण शर्मा रोहित रुसिया लक्ष्मी यादव लक्ष्मीकांत मुकुल लक्ष्मीकांत वैष्णव लखमी खिलाणी लघु कथा लघुकथा लतीफ घोंघी ललित ग ललित गर्ग ललित निबंध ललित साहू जख्मी ललिता भाटिया लाल पुष्प लावण्या दीपक शाह लीलाधर मंडलोई लू सुन लूट लोक लोककथा लोकतंत्र का दर्द लोकमित्र लोकेन्द्र सिंह विकास कुमार विजय केसरी विजय शिंदे विज्ञान कथा विद्यानंद कुमार विनय भारत विनीत कुमार विनीता शुक्ला विनोद कुमार दवे विनोद तिवारी विनोद मल्ल विभा खरे विमल चन्द्राकर विमल सिंह विरल पटेल विविध विविधा विवेक प्रियदर्शी विवेक रंजन श्रीवास्तव विवेक सक्सेना विवेकानंद विवेकानन्द विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी विष्णु नागर विष्णु प्रभाकर वीणा भाटिया वीरेन्द्र सरल वेणीशंकर पटेल ब्रज वेलेंटाइन वेलेंटाइन डे वैभव सिंह व्यंग्य व्यंग्य के बहाने व्यंग्य जुगलबंदी व्यथित हृदय शंकर पाटील शगुन अग्रवाल शबनम शर्मा शब्द संधान शम्भूनाथ शरद कोकास शशांक मिश्र भारती शशिकांत सिंह शहीद भगतसिंह शामिख़ फ़राज़ शारदा नरेन्द्र मेहता शालिनी तिवारी शालिनी मुखरैया शिक्षक दिवस शिवकुमार कश्यप शिवप्रसाद कमल शिवरात्रि शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी शीला नरेन्द्र त्रिवेदी शुभम श्री शुभ्रता मिश्रा शेखर मलिक शेषनाथ प्रसाद शैलेन्द्र सरस्वती शैलेश त्रिपाठी शौचालय श्याम गुप्त श्याम सखा श्याम श्याम सुशील श्रीनाथ सिंह श्रीमती तारा सिंह श्रीमद्भगवद्गीता श्रृंगी श्वेता अरोड़ा संजय दुबे संजय सक्सेना संजीव संजीव ठाकुर संद मदर टेरेसा संदीप तोमर संपादकीय संस्मरण संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन सतीश कुमार त्रिपाठी सपना महेश सपना मांगलिक समीक्षा सरिता पन्थी सविता मिश्रा साइबर अपराध साइबर क्राइम साक्षात्कार सागर यादव जख्मी सार्थक देवांगन सालिम मियाँ साहित्य समाचार साहित्यिक गतिविधियाँ साहित्यिक बगिया सिंहासन बत्तीसी सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध सीताराम गुप्ता सीताराम साहू सीमा असीम सक्सेना सीमा शाहजी सुगन आहूजा सुचिंता कुमारी सुधा गुप्ता अमृता सुधा गोयल नवीन सुधेंदु पटेल सुनीता काम्बोज सुनील जाधव सुभाष चंदर सुभाष चन्द्र कुशवाहा सुभाष नीरव सुभाष लखोटिया सुमन सुमन गौड़ सुरभि बेहेरा सुरेन्द्र चौधरी सुरेन्द्र वर्मा सुरेश चन्द्र सुरेश चन्द्र दास सुविचार सुशांत सुप्रिय सुशील कुमार शर्मा सुशील यादव सुशील शर्मा सुषमा गुप्ता सुषमा श्रीवास्तव सूरज प्रकाश सूर्य बाला सूर्यकांत मिश्रा सूर्यकुमार पांडेय सेल्फी सौमित्र सौरभ मालवीय स्नेहमयी चौधरी स्वच्छ भारत स्वतंत्रता दिवस स्वराज सेनानी हबीब तनवीर हरि भटनागर हरि हिमथाणी हरिकांत जेठवाणी हरिवंश राय बच्चन हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन हरिशंकर परसाई हरीश कुमार हरीश गोयल हरीश नवल हरीश भादानी हरीश सम्यक हरे प्रकाश उपाध्याय हाइकु हाइगा हास-परिहास हास्य हास्य-व्यंग्य हिंदी दिवस विशेष हुस्न तबस्सुम 'निहाँ' biography dohe hindi divas hindi sahitya indian art kavita review satire shatak tevari undefined
नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3789,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,326,ईबुक,182,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2744,कहानी,2067,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,484,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,129,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,87,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,309,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,326,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,48,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,8,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,16,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,224,लघुकथा,806,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,306,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,57,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1880,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,637,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,676,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,52,साहित्यिक गतिविधियाँ,181,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,51,हास्य-व्यंग्य,52,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: योगेन्‍द्र वर्मा ‘व्‍योम' की मधुकर अष्‍ठाना से गीत-नवगीत के संदर्भ में बातचीत
योगेन्‍द्र वर्मा ‘व्‍योम' की मधुकर अष्‍ठाना से गीत-नवगीत के संदर्भ में बातचीत
रचनाकार
http://www.rachanakar.org/2011/12/blog-post_3361.html
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2011/12/blog-post_3361.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ