सोमवार, 9 जनवरी 2012

मोहसिन ख़ान की ग़ज़ल

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ग़ज़ल

वो शान से चल दिया चर्चा शहर में था ।

देखा सबने न उस दिन कोई घर में था ।।

 

उसके आमाल देखकर मैं दंग रह गया ।

आज वो अख़बार की हर ख़बर में था ।।

 

सब की आंखें नम थीं और दिल ग़मगी़ं ।

उसका चेहरा सबकी नज़र में था ।।

 

क्या मक़ाम हांसिल था, सब कहते रहे ।

अभी तो वो मंज़िल के सफ़र में था ।।

 

डॉ.मोहसिन ख़ान

सहायक प्राध्यापक-हिन्दी

जे.एस.एम. महविद्यालय,

अलिबाग़,जिला- रायगड़

महाराष्ट्र

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