मोहसिन ख़ान की ग़ज़ल

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

image

ग़ज़ल

वो शान से चल दिया चर्चा शहर में था ।

देखा सबने न उस दिन कोई घर में था ।।

 

उसके आमाल देखकर मैं दंग रह गया ।

आज वो अख़बार की हर ख़बर में था ।।

 

सब की आंखें नम थीं और दिल ग़मगी़ं ।

उसका चेहरा सबकी नज़र में था ।।

 

क्या मक़ाम हांसिल था, सब कहते रहे ।

अभी तो वो मंज़िल के सफ़र में था ।।

 

डॉ.मोहसिन ख़ान

सहायक प्राध्यापक-हिन्दी

जे.एस.एम. महविद्यालय,

अलिबाग़,जिला- रायगड़

महाराष्ट्र

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

_____________________________________

1 टिप्पणी "मोहसिन ख़ान की ग़ज़ल"

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.