शनिवार, 7 जुलाई 2012

रचनाकार.ऑर्ग कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन हेतु प्रविष्टियाँ आमंत्रित


पूर्व में रचनाकार.ऑर्ग में व्यंग्य लेखन पुरस्कार आयोजन किया गया था जो कि बेहद सफल रहा था.
इसी तारतम्य में रचनाकार.ऑर्ग कहानी लेखन पुरस्कार आयोजित किया जा रहा है.
हम सभी के भीतर एक कथाकार छुपा होता है. आइए, इस बहाने नया सृजन करें.
कथाकार अपनी प्रविष्टियाँ 30 सितम्बर 2012 तक भेज सकते हैं. कृपया यह खबर अपने तमाम सृजनशील मित्रों तक पहुँचाएँ. पुरस्कारों की घोषणा अक्तूबर-नवंबर 2012 में की जाएगी.
आरंभ में कुल रु. 12000 (बारह हजार) के पुरस्कारों की घोषणा की गई थी, परंतु अब पुरस्कार में इजाफ़ा हुआ है. अब पुरस्कृत प्रविष्टियों को कुल रु. 15000/-  (पंद्रह हजार) के पुरस्कार दिए जाएंगे. पुरस्कारों की राशि में और इजाफा संभव है. पुरस्कार राशि अथवा किताबों हेतु प्रायोजन सादर आमंत्रित हैं.

प्रथम पुरस्कार - कुल रु. 6000/- ( रु. 3000 नकद व रु. 4000 से अधिक की किताबें)

द्वितीय पुरस्कार - कुल रु. 4000 (रु. 2000 नकद व रु. 3000 से अधिक  की किताबें)

तृतीय पुरस्कार - कुल रु. 2000 (रु. 1000 नकद व रु. 2000 से अधिक की किताबें)

इस आयोजन हेतु एक निर्णायक मंडल का गठन किया गया है. सुप्रसिद्ध वरिष्ठ कथाकार द्वय श्री सूरज प्रकाश तथा श्री हरि भटनागर इस आयोजन के निर्णायक रहेंगे.
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श्री सूरज प्रकाश (निर्णायक)
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श्री हरि भटनागर (निर्णायक)
इस आयोजन में आप सभी सुधी पाठकों की भागीदारी भी प्रार्थनीय है. आप चाहें तो पुरस्कार राशि तथा/अथवा किताबें पुरस्कार के रूप देने में सहयोग / प्रायोजन कर सकते हैं. अपने प्रियजनों के नाम / स्मृति स्वरूप भी पुरस्कार में सहयोग कर प्रायोजित कर सकते हैं. आपका हर तरह का, हर किस्म का, हर राशि का सहयोग स्वीकार्य होगा. कृपया मुक्त हस्त से सहयोग करें व इस आयोजन को सफल बनाएं.
आयोजन में भाग लेने के लिए नियमावली निम्न है:

  • कहानी मौलिक व पूर्णतः –अप्रसारित-अप्रकाशित होना चाहिए. अलबत्ता  रचनाकार.ऑर्ग में प्रकाशनोपरांत अन्यत्र प्रकाशित किया जा सकता है. रचना का सर्वाधिकार (कॉपीराइट) लेखक के पास रहेगा.
  • इस आयोजन में शामिल कथाकारों को आयोजन के लिए समय समय पर जारी सारे नियम बंधन कारी होंगे व निर्णायकों का निर्णय अंतिम, मान्य व बंधनकारी होगा.
  • इस आयोजन हेतु प्राप्त कहानियों के प्रकाशन के एवज में किसी तरह का पारिश्रमिक देय नहीं है.
  • रचनाकार.ऑर्ग में कहानी प्रकाशन में रचनाकार.ऑर्ग के अन्य नियम (इस हेतु कृपया बाजू पट्टी देखें) यथावत् लागू रहेंगे.
  • रचनाकार.ऑर्ग में इस आयोजन के लिए एक लेखक के द्वारा एक से अधिक रचनाएँ प्रकाशनार्थ भेजी जा सकती हैं. परंतु  एक लेखक को सिर्फ एक ही पुरस्कार प्रदान किया जा सकेगा. प्रविष्टियों के रूप में प्राप्त रचनाओं के प्रकाशन का अधिकार रचनाकार.ऑर्ग के पास सुरक्षित रहेगा तथा अनुपयुक्त (उदाहरण के लिए - अनुपयुक्त, अप्रयोज्य भाषा में व्यक्ति-धर्म-जाति विशेष के विरुद्ध टिप्पणियाँ, इत्यादि) पाई जाने वाली रचना अस्वीकृत कर दी जाएंगी तथा इस संबंध में कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा.
  • रचनाकार.ऑर्ग में समय समय पर अन्य तमाम लेखकों की कहानियाँ पूर्व की तरह प्रकाशित होते रहेंगे, मगर पुरस्कार चयन में सिर्फ वही रचनाएँ शामिल मानी जाएंगी जिन्हें विशेष रूप से इस आयोजन के लिए भेजा जाएगा और उसमें नीचे दिया गया घोषणा पत्र आवश्यक रूप से शामिल किया गया होगा.

घोषणा पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि संलग्न कहानी मौलिक, पूर्णतः अप्रकाशित व अप्रसारित है, तथा इसे रचनाकार-ऑर्ग (http://rachanakar.org ) में कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन में सम्मिलित करने हेतु प्रेषित किया जा रहा है. मुझे रचनाकार-ऑर्ग की तमाम शर्तें, उनके निर्णय समेत, मान्य होंगे.


उक्त घोषणा पत्र को रचना भेजते समय रचना में या ईमेल में कॉपी पेस्ट कर लगाएं.

अद्यतन सूचनाओं के लिए कृपया इस पृष्ठ को बुकमार्क कर लें व नियमित तौर पर देखते रहें.

रचनाएँ - इस पते पर भेजें - rachanakar@gmail.com
रचनाएँ किसी भी फ़ॉन्ट में हो सकती हैं. यूनिकोड [मंगल/लोहित] हो तो उत्तम.

अद्यतन #1


 पुस्‍तकों का जो पुरस्‍कार रखा गया है उसका आधा शिवना प्रकाशन (http://shivnaprakashan.blogspot.in/) की
ओर से दिया जायेगा । यथा प्रथम पुरस्‍कार को 1500 द्वितीय को 1000 तथा तृतीय को 
500 रुपये की पुस्‍तकें शिवना प्रकाशन की ओर से दी जाएंगी. 
शिवना प्रकाशन को रचनाकार.ऑर्ग की ओर से हार्दिक धन्यवाद.

अद्यतन #2 



डॉ. श्याम गुप्त ने सहर्ष अपने उपन्यास "इन्द्रधनुष" को तीनों विजेताओं को भेंट करने हेतु अपनी स्वीकृति प्रदान की है. श्याम जी को हार्दिक धन्यवाद.

अद्यतन #3 

कहानी प्रतियोगिता के लिए वरिष्ठ साहित्यकार व ग़ज़लकार श्री देवेन्द्र पाठक महरुम ने अपनी माताश्री की स्मृति में ' केसर पाठक स्मृति सम्मान -2012' स्वरूप अपनी प्रकाशित छः क़िताबोँ के तीन सेट विजेताओँ को भेँट देने की स्वीकृति दी है. किताबों के विवरण हैं -: 'विधर्मी' *  80/ सजिल्द; पृष्ठ 92 ,' अदना सा आदमी' * 80/ सजिल्द; पृष्ठ 80 (उप. उदभावना प्रका. दिल्ली) 'मुहिम' * 'धरम धरे को दण्ड'  100/+100/(दोनोँ क. सं. उदभावना दिल्ली) 'मरी खाल : आखिरी ताल' *क.सं. 160/;'चनसुरिया का सुख' * 160/(अयन प्रका. दिल्ली), 'दिल का मामला है' व्यं. सं. 140 रु. कुल - 820 रु के एक-एक सेट
देवेन्द्र जी को हार्दिक धन्यवाद

अद्यतन #4

तीनों विजेताओं को श्री महेन्द्र भीष्म ने अपना उपन्यास - किन्नर कथा भेंट करने की स्वीकृति दी है. महेन्द्र जी को हार्दिक धन्यवाद

अद्यतन #5


 प्रज्ञा प्रकाशन की तरफ से 3000 रुपये की पुस्तकें  भेंट करने हेतु श्री राकेश भ्रमर जी ने सहमति दी है -
1. सबरंग हरसंग, लेखक श्री अंशलाल पंद्रे  कीमत 600 रुपये ( तीन प्रतियां )
2.ओस में भीगी लडकी, लेखक राकेश  भ्रमर कीमत 300 रुपये (चार प्रतियां)
राकेश जी का हार्दिक धन्यवाद.

अद्यतन # 6

रचनाकार के इस आयोजन के प्रति पाठकों, रचनकारों की रुचि व सहयोग उत्तरोत्तर बढ़ रही है. श्री शशांक मिश्र भारती ने अपनी लोकप्रिय पुस्तक - "क्यों बोलते हैं बच्चे झूठ" की प्रति तीनों पुरस्कृतों को देने की सहमति दी है. शशांक जी को बहुत-2 धन्यवाद.

अद्यतन # 7

श्री विवेक रंजन श्रीवास्तव ने पुरस्कार स्वरूप निम्न किताबें भेंट करने की स्वीकृति प्रदान की है -


१ श्रीमद्भगवत गीता हिन्दी पद्यानुवाद 
२ अनुगुंजन  
३ वतन को नमन 

विवेक जी को बहुत-2 धन्यवाद

अद्यतन # 8

श्री छत्र पाल ने अपनी पुस्तक भाषाई हुड़दंग को पुरस्कृतों को भेंट करने की स्वीकृति दी है. छत्र पाल जी का बहुत बहुत आभार व धन्यवाद.

35 blogger-facebook:

  1. रवि जी ,
    नमस्कार
    मैं अपनी कहानियो को भेजना चाहता हूँ , किस ईमेल पर भेजू, [ rachanakar@gmail.com ] पर भेजू.

    कृपया बताये .
    धन्यवाद.

    आपका
    विजय

    उत्तर देंहटाएं
  2. जी हाँ, इसी ईमेल पते पर भेजें.

    उत्तर देंहटाएं
  3. रवि जी . नमस्कार ,
    आपको मैंने अपनी रचनाये भेज दी है .
    कृपया देखियेंगा .
    धन्यवाद.

    आपका
    विजय

    उत्तर देंहटाएं
  4. कहानी कितनी बड़ी हो सकती है? क्या लघु कथा को भी शामिल किया जायेगा?

    आपका यह आयोजन निःसंदेह उत्साहित करता है। मेरे एक मित्र हैं। अच्छी कहानियाँ लिखते हैं। मैं उन्हें कहानी यहाँ भेजने के लिए अभी लिखता हूँ।

    उत्तर देंहटाएं
  5. लघुकथाएँ शामिल नहीं होंगी.
    कहानी के लिए कोई शब्द सीमा नहीं है. लंबी कहानियों का भी स्वागत है.

    उत्तर देंहटाएं
  6. क्या अनुदित कहानी भेजी जा सकती है

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. जी नहीं, स्वरचित मौलिक कहानी ही स्वीकार्य होंगी.

      हटाएं
  7. ---डॉ. श्याम गुप्त ने सहर्ष अपने उपन्यास "अभिमन्यु" को तीनों विजेताओं को भेंट करने हेतु अपनी स्वीकृति प्रदान की है. श्याम जी को हार्दिक धन्यवाद.

    ---"अभिमन्यु" नहीं...... "इन्द्रधनुष"

    ---- कृपया संशोधन करें --- मेरे इस उपन्यास का नाम --"इन्द्रधनुष" है ..

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. त्रुटि की ओर ध्यान दिलाने का धन्यवाद. ठीक कर दिया है.

      हटाएं
  8. अद्यतन #2
    डॉ. श्याम गुप्त ने सहर्ष अपने उपन्यास "अभिमन्यु" को तीनों विजेताओं को भेंट करने हेतु अपनी स्वीकृति प्रदान की है. श्याम जी को हार्दिक धन्यवाद.

    --- कृपया संशोधन करें ....यह उपन्यास "अभिमन्यु" नहीं ..."इन्द्रधनुष" है..

    उत्तर देंहटाएं
  9. अपने ब्लॉग पर पड़ी कहानी भेज सकता हूँ या उसे प्रकाशित मना जायेगा...

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. उसे प्रकाशित माना जाएगा.

      हटाएं
  10. aayojan ki safalata ke liye shubhkamnaye . teeno vijetao ko me bhi apane novel KINNER KATHA ki ek ek prati pradan karna chahata hoo

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. आदरणीय महेन्द्र भीष्म जी,
      आपका बहुत बहुत धन्यवाद.
      किताब आप मुझे भेज सकते हैं या फिर विजेताओं को सीधे ही.
      आपके द्वारा इस सहयोग को मैंने मूल प्रविष्टि पर अपडेट कर दिया है.

      हटाएं
  11. naye lekhakon ke liye bahut badiya manch uplabdh karvaya hai aapne..mein bhi apni kahani bhejana chahti hu..

    उत्तर देंहटाएं
  12. sarthak prayas .sheegr hi apni kahani preshit karne ka prayas karoongi .aabhar

    उत्तर देंहटाएं
  13. aap vakta se hamesh aage hain,iss prayas ko bhi badhai,
    main apne prakashan kee pustak moti jaisee ghun,writer prahlad shreemali,chennai, bhet karna chahta hoon,
    punshach badhai.jitanshu

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. जीतेन्द्र जी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद.

      हटाएं
  14. ravi ji aap vakta se hamesh aage rahe hain.yeh aayojan bhi rang layega, hum log bhi sadinama prakashan ki aour se
    apnee nai pustak
    moti jaisee ghun -vynga sangrah. writer-prahlad shreemali, chennai,

    उत्तर देंहटाएं
  15. जीतेन्द्र जी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  16. बेनामी11:02 am

    Sir ,agar mujhe kuch poem vejne hai to kay mai diye gaie addres par post se vej sakta hu or kitna poem veja ja sakta hai

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. जी हाँ, आप अपनी कविताएं प्रकाशनार्थ भेज सकते हैं. कविताएं न्यूनतम 10 एक साथ भेजें तो हमें प्रकाशन में आसानी होगी.

      हटाएं
  17. रवि जी, तीनों विजेताओं को मैं अपना कविता संग्रह मचलते ख्वाब देना चाहती हूं..

    उत्तर देंहटाएं
  18. वीना जी, बहुत-2 धन्यवाद.
    आप चाहें तो किताबें स्वयं विजेताओं को पोस्ट कर सकती हैं जिनके पते मैं आपको बाद में भेज दूंगा या फिर आप किताबें मुझे भेज दें (डाक का पता यहीं बाजू पट्टी में दिख जाएगा) तो मैं अन्य तमाम किताबों के साथ आपकी किताब भी विजेताओं को भेज दूंगा.

    उत्तर देंहटाएं
  19. महोदय,
    "हवा का झोंका " और "इम्तिहान" ये दो कहानियाँ मैं परिमल बनाफर, (नागपुर) आयोजित कहानी लेखन पुरस्कार हेतु भेज रहा हूँ | कृपया कहानियाँ मिलने पर मुझे सूचित करें |
    rachanakar@gmail.com पर भेजी गयी है |

    उत्तर देंहटाएं
  20. महोदय,

    "हवा का झोंका " और "इम्तिहान" ये दो कहानियाँ मैं परिमल बनाफर, (नागपुर) आयोजित कहानी लेखन पुरस्कार हेतु भेज रहा हूँ | कृपया कहानियाँ मिलने पर मुझे सूचित करें |
    rachanakar@gmail.com par bheji hai

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. कहानी मिल गई है, जल्द ही निर्णय लेकर प्रकाशित करते हैं.
      सहयोग हेतु धन्यवाद.

      हटाएं
  21. रचनाकार ,
    श्री रविशंकर श्रीवास्तवजी ,
    आपकी कहानी प्रतियोगिता के लिए मै अपनी प्रकाशित पुस्तक (कथा संग्रह)
    *मंजिलें अभी और हैं*, आपके प्रथम तीन प्रतिभागियों के लिए भेजना चाहती हूँ.
    आपके पास कोरियर द्वारा कब तक प्रेषित करूँ. कृपया सूचित करियेगा. धन्यवाद.
    श्रीमती अलका मधुसूदन पटेल (जबलपुर,म.प्र.)
    लेखिका एवं साहित्यकार

    उत्तर देंहटाएं
  22. अलका जी,
    एकाध सप्ताह में भेज सकें तो उत्तम. प्रतियोगिता समाप्त हो रही है और जल्द ही निर्णय होने की उम्मीद है. तब तक आपकी पुस्तक मिल जाए तो अच्छा. पता यहीँ बाजू पट्टी में दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. रचनाकार.ऑर्ग
      माननीय श्री रविशंकर श्रीवास्तवजी ,
      सादरनमस्कार , अपने कथा-संग्रह *मंजिलें अभी और हैं* की ४ प्रतियाँ आपके भोपाल म.प्र.के पते पर हमने कोरियर द्वारा भेज दीं हैं.आशा है समय पर प्राप्त हो जायेगीं.एक पुस्तक आपके रचनाकार.ऑर्ग के लिए है.
      तीन पुस्तकें आपकी कहानी प्रतियोगिता के प्रथम तीन प्रतिभागियों के लिए हैं.
      प्राप्ति सूचना तो मिल ही जाएगी .धन्यवाद .शुभकामनाओं सहित ,
      अलका मधुसूदन पटेल
      लेखिका-साहित्यकार , जबलपुर म.प्र.

      हटाएं
  23. रचनाकार.ऑर्ग
    माननीय श्री रविशंकर श्रीवास्तवजी ,
    सादरनमस्कार , अपने कथा-संग्रह *मंजिलें अभी और हैं* की ४ प्रतियाँ आपके भोपाल म.प्र.के पते पर हमने कोरियर द्वारा को भेज दीं हैं.
    आशा है समय पर प्राप्त हो जायेगीं.
    एक पुस्तक आपके रचनाकार.ऑर्ग के लिए है.तीन पुस्तकें आपकी कहानी प्रतियोगिता के प्रथम तीन प्रतिभागियों के लिए हैं.
    प्राप्ति सूचना तो मिल ही जाएगी .धन्यवाद .शुभकामनाओं सहित ,
    अलका मधुसूदन पटेल
    लेखिका-साहित्यकार , जबलपुर म.प्र.

    उत्तर देंहटाएं
  24. रचनाकार, माननीय श्रीवास्तवजी,
    आपके कहानी आयोजन के पुरस्कार हेतु आपके भोपाल के एड्रेस पर मेरी पुस्तक *मंजिलें अभी और हैं*की ४ प्रतियाँ कोरियर से भेजी हैं.
    अभी तक प्राप्ति की सूचना नहीं आई है. मिलने पर इ-मेल द्वारा सूचित अवश्य कर दीजियेगा.
    धन्यवाद ,
    अलका मधुसूदन पटेल, लेखिका साहित्यकार

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. अलका जी, आपका बहुत बहुत धन्यवाद. किताबें मिल गई हैं. अब परिणाम का इंतजार है. परिणाम घोषित होते ही आपकी किताबें पुरस्कृतों को सादर प्रेषित कर दी जाएंगी.

      हटाएं
  25. इस आयोजन के परिणाम घोषित हो चुके हैं. जिसे आप यहाँ -

    http://www.rachanakar.org/2012/12/2012.html

    देख सकते हैं

    उत्तर देंहटाएं

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