शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

बच्चन पाठक 'सलिल' की कविता - हिंदी

हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर
      हिंदी
                 -- डॉ. बच्चन पाठक 'सलिल'
हिंदी हिंद देश की भाषा
सदियों से देती आई है, संस्कृति की परिभाषा
हिंदी हिंद देश की भाषा |
यह भाषा तुलसी, कबीर की, मीरा,सूर,रहीम की
यह भाषा अश्वत्थ आम की, तुलसी, बरगद,  नीम की
यह सिखलाती माता कहना, गंगा , गीता, गाय को
और सिखाती कभी न सहना , जीवन में अन्याय को
दीपक बनकर राह दिखाती , अंधकार को नाशा
हिंदी हिंद देश की भाषा |
हिंदी बनी राज भाषा है, अपने घर की रानी
इसका हो समुचित प्रचार , यह बने विश्व की बानी
इसका यश- सौरभ फैलेगा , भू-मंडल पर खासा
हिंदी हिंद देश की भाषा |
( कवि पूर्व-आचार्य हैं, )
पता- बाबा आश्रम
पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास
आदित्यपुर-२
जमशेदपुर-१३

3 blogger-facebook:

  1. हिंदी दिवस की बहुत बहुत शुभकामनायें ...

    उत्तर देंहटाएं
  2. shradhyey 'salil' ji pranam! hindi par apki kavita kafi rochak hai aur layatmak bhi hai . majedar kavita lagi.

    manoj 'aajiz'

    उत्तर देंहटाएं

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