अमरीक सिंह कंडा की लघुकथा - जानवर मनुष्य

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कंडे का कंडा

जानवर मनुष्य

ब्रह्मा जी ने आदेश दिया कि एक महीने के बाद मनुष्य बनाने का काम बंद कर दिया जाए। देवता जल्दी-जल्दी जानवर बनाए जा रहे थे। ब्रह्मा जी उनके पास बैठे थे। जानवरों के अंगों के ढेर लगे पड़े थे। देवताओं ने पूछा, ‘‘ब्रह्मा जी, हम मनुष्य बनाना क्यों बंद कर रहे हैं?’’

ब्रह्मा जी बोले, ‘‘एक मनुष्य को बनाने के लिए एक हजार जानवरों जितना समय लग जाता है। ये मनुष्य नीचे जाकर जानवरों को खाने लगते हैं। हमारा नरक वाला हिस्सा पूरी तरह भरने वाला है। कुछ देर तक यह मनुष्यों से भर जाएगा। इससे पहले कि यह भर जाए मैं दुनिया का नए सिरे से सृजन करूंगा।’’ अब देवता चुप थे।

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1 टिप्पणी "अमरीक सिंह कंडा की लघुकथा - जानवर मनुष्य"

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