रचनाकार में खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

श्याम नरायण कुन्दन की कहानी - धरती नहीं घूमती

SHARE:

धरती नहीं घूमती श्याम नरायण कुन्दन   ’चम्पा बेटा, आज फिर आप उन आवारा लड़कों के साथ घूमने गईं थीं?’ ’नहीं तो, आपको किसने बताया?’ ’बेटी आप झ...

धरती नहीं घूमती

श्याम नरायण कुन्दन

 

’चम्पा बेटा, आज फिर आप उन आवारा लड़कों के साथ घूमने गईं थीं?’

’नहीं तो, आपको किसने बताया?’

’बेटी आप झूठ बोल रहीं हैं। आप जानती हैं न कि झूठ बोलना पाप है?’

’मम्मी मैं अपनी सहेली के घर गई थी।’

’फिर झूठ।’

’ओफ्फो मम्मी।’

’बेटे गलत काम करने वाले और झूठ बोलकर उस पर पर्दा डालने वाले लोग मरने के बाद नरक में जाते हैं।’

’ओह मम्मी, अब तक तो मैं झूठ बोल रही थी पर अब आप झूठ बोलने लगीं। आपको यह किसने बता दिया कि मरने के बाद लोग स्वर्ग या नरक में जाते हैं?’

’बेटे, यही विधि का विधान है। हमारे धर्म-ग्रंथों में भी यही लिखा हुआ है।’

’लिखा होगा मम्मी पर यह सच नहीं है। हमारी टीचर बतातीं हैं कि इस संसार में स्वर्ग या नरक जैसी कोई चीज नहीं है। यह सिर्फ कपोल-कल्पना और झूठ है।’

’नमस्कार’

’नमस्कार सर, आइए।’

३० वर्षीया माँ राधिका और उसकी १२ वर्षीया बेटी चम्पा की तकरार के बीच कृष्णदेव बाबू अर्थात चम्पा के गृह शिक्षक का प्रवेश हुआ।

’देखो बेटे, बात कपोलकल्पित हो या झूठी अगर उसमें जीवन का सार छिपा हो तो उसे मानने में ही हम सबकी भलाई है।’ कृष्णदेव जी पास ही पड़ी चारपाई पर बैठते हुए बोले।

’मगर क्यों मास्टर जी?’ चम्पा ने उत्सुकतावश पूछा।

’बेटे यह बात थोड़ी बड़ी है। तुम्हारी समझ में नहीं आएगी। जब बड़ी हो जाओगी तो खुद-ब-खुद समझ जाओगी। जाओ जाकर अपनी पढ़ाई की तैयारी करो।’

’जी मास्टर जी।’ चम्पा धम्-धम् करती अन्दर भाग गई।

’इसका मतलब है आप छिपकर हमारी बाते सुन रहे थे।’

’हाँ, तुम माँ-बेटी के बीच बातें ही कुछ ऐसी मजेदार हो रही थीं कि मैं खड़ा होकर सुनने लगा।’

’अच्छा ठीक है, आप नल पर हाथ-मुँह धो लीजिए। मैं आपके लिए पानी लाती हूँ।’

’ऐसी भी क्या जल्दी है राधिका? कुछ देर बैठो न।’

कृष्णदेव जी राधिका के मायके भरतपुर के हैं। इसलिए वे अधिकार से राधिका को तुम या उसके नाम से ही बुलाते हैं।

’अरे ! ऐसा कैसे हो सकता है? आप इतनी दूर से साइकिल चलाकर आ रहे हैं।’

’अच्छा तो यहाँ से महज दो किमी. दूर स्थित भरतपुर दूर हो गया?’

’कृष्णदेव जी दूरी कितनी भी कम हो, मेहमान तो मेहमान ही होते हैं।’

’तुम औपचारिकता निभा रही हो राधिका। तुम्हें पता होना चाहिए रोज आने वाला मेहमान नहीं होता।’

’तो फिर...?’

’वह तो एक प्रकार से घर का सदस्य बन जाता है।’

’ठीक है घर के सदस्य जी आप चाय तो पीएँगे न?’

’पर चाय रोज तो तुम अन्त में पिलाती हो न, फिर आज पहले क्यों?’

’अच्छा बाबा छोड़िए।’

’हाँ अब ठीक है। जब तक चम्पा नहीं आ जाती तब तक चुपचाप बैठो यहाँ।’

’अरे नहीं, मैं ऐसे नहीं बैठ सकती। रसोईघर में बहुत सारा काम पड़ा हुआ है।’ इतना कहकर राधिका रसोईघर के अन्दर घुस गई।

’राधिका तुम बिल्कुल नहीं बदली।’ कृष्णदेव भी पीछे-पीछ रसोई में आ गए।

’क्या मतलब?’

’मतलब यह कि बचपन से ही तुम्हें कुछ न कुछ हमेशा करते रहने की आदत है। तुम आराम करना तो जानती ही नहीं।’

’जिन्दगी रूकने और ठहरने का नाम नहीं है कृष्णदेव जी। अगर वह रूकी तो समझो गई।’

’पर यह मत भूलो कि जिन्दगी एकरस चलते रहने का भी नाम नहीं है। उसमें जीवन्तता बनाए रखने के लिए बदलाव जरूरी है।’

’किस तरह का बदलाव कृष्णदेव बाबू?’

’राधिका इतनी नासमझ मत बनो।’

’मैं इतनी नासमझ नहीं हूँ कृष्णदेव बाबू पर आप भूल रहे हैं कि मैं एक स्त्री हूँ।’

’राधिका ये सब पुरानी बातें हैं। तुम पढ़ी लिखी हो। स्नातक हो। तुम इसे मुझसे बेहतर तरीके से समझती हो।’

’समझती हूँ इसलिए तो कहती हूँ कृष्णदेव बाबू। एक स्त्री के लिए कोई भी बात नई नहीं हो सकती। उसका धर्म बस यही है कि वह बने-बनाए नियमों में रहे, जीए और मर जाए।’

’तुम अपने आपको जला रही हो राधिका।’

’स्त्री जलती है तभी तो जीवन में उजाला बना रहता है कृष्णदेव बाबू। अगर वह बुझी तो समझो.......।’

’राधिका मैं तुमसे बहस नहीं करना चाहता। मैं तो तुमसे सिर्फ इतना ही कहना चाहता हूँ कि अगर तुम चाहो तो अब भी सब कुछ ठीक हो सकता है।’

’ठीक होने की बात वहाँ उठती है कृष्णदेव बाबू जहाँ कुछ कमियाँ होती हैं। जहाँ कुछ बिगड़ा होता है। यहाँ तो सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है।’

’मास्टर साहब चलिए न। मैं तैयार हूँ।’

अगर चम्पा ने आकर व्यवधान नहीं पैदा किया होता तो राधिका कृष्णदेव बाबू को बहुत कुछ बताती। कहती कि कृष्णदेव बाबू एक स्त्री के लिए पति ही सब कुछ नहीं होता। मर्यादा भी बहुत कुछ होती। वह संसार में इसलिए आती है कि मर्यादा बनाए रखे।

खैर कृष्णदेव बाबू चम्पा को पढ़ाने के लिए बैठक की तरफ बढ़ गए और राधिका रसोई के कामों में लग गई।

पर पता नहीं क्यों आज उसका मन किसी भी काम में नहीं लग रहा था। रह-रहकर कृष्णदेव बाबू द्वारा कही गई बातें उसे उद्वेलित कर रही थी। उसे कृष्णदेव बाबू पर गुस्सा आ रहा था। आखिर वे लगते ही क्या हैं उसके कि उसकी जिन्दगी के बन्द पन्नों को पलटे? बस इतना ही न कि कभी उसने उनको प्यार किया था। प्यार ही तो किया था कोई बड़ी बात तो नहीं की थी? इस संसार में हजारों लड़कियाँ प्यार करती हैं तो यह जरूरी तो नहीं कि सबको उनका प्यार मिल ही जाए। माँ-बाप, समाज, मर्यादा इसको भी तो देखने हैं। उसने भी वैसा ही किया जैसा हजारों लड़कियाँ करती हैं। माँ-बाप ने जिसे चाहा उसके साथ लगा दिया। वह चली आई। यह अलग बात है कि पति का साथ अधिक नहीं लिखा था और वह चम्पा को पाकर विधवा हो गई। आज चम्पा ही सब कुछ है उसके लिए। इससे अधिक अब वह चाहती भी नहीं।

उधर कृष्णदेव बाबू की भी हालत कुछ वैसी ही थी। वे चम्पा के पास बैठे थे पर वहाँ होकर भी वहाँ नहीं थे। वे राधिका के बारे में सोच रहे थे। समझ नहीं पा रहे थे कि राधिका आखिर अपने आपको सजा क्यों दे रही है। कॉलेज के दिनों में तो वह काफी जुझारू हुआ करती थी। कहती थी कि वह समाज के सड़े-गले नियमों को वह नहीं मानती। वह मानवमात्र का विभेद नहीं स्वीकारती। इसके सबसे बड़े उदाहरण तो वे खुद हैं। एक उच्च वर्ण की लड़की होकर भी उसने उन जैसे दलित से प्यार किया। उन्होंने भी उसे उतना ही चाहा। यह अलग बात है कि वे एक न हो सके। पर आज.........।

’मास्टर साहब आप कुछ सोच रहे हो?’ चम्पा ने उन्हें टोका।

’नहीं तो।’

’तो बताइए न हमें आज क्या पढ़ना है?’

’क्या पढ़ना है तुम्हें नहीं पता?’

’आज के दिन तो हम लोग भूगोल पढ़ते हैं।’

’तो निकालो भूगोल और बताओ कि धरती घूमती है या सूरज?’

’सूरज’

’शाबास’

’अच्छा बताओ, पृथ्वी कितने घण्टों में सूरज का एक चक्कर लगाती है?’

’२४ घण्टों में।’

’बहुत खूब। अब अगला प्रश्न।’

’अरे क्या पूछा-पूछौवल चल रहा है भाई?’ ऊँचे कद-काठी और बड़ी-बड़ी मूछों वाले घर के साठ वर्षीय मुखिया चौधरी ज्ञानचंद ने बैठक प्रवेश करते हुए टोका।

’दादा जी।’ चम्पा चहकी।

’कुछ नहीं चौधरी साहब, बस ऐसे ही, बच्ची को भूगोल पढ़ा रहा था।’ कृष्णदेव बाबू ने ज्ञानचंद का अभिवादन करते हुए कहा।

’ई भूगोल कौन सा विषय है मास्टर बाबू?’ चौधरी ज्ञानचंद ने अगला सवाल किया।

’यह एक नया विषय है चौधरी साहब जिसके अन्तर्गत भू अर्थात पृथ्वी के बारे में पढ़ाया जाता है।’

’अरे तब तो यह मजेदार विषय होगा। मैं भी थोड़ा बहुत सुनूँगा।’ चौधरी ज्ञानचंद सामने पड़ी चौकी पर जम गए।

’हाँ तो चम्पा हम लोग कहाँ थे?’ कृष्णदेव बाबू फिर चम्पा की ओर मुखातिब

हुए।

’मास्टर साहब आप कुछ नया सवाल पूछने वाले थे।’

’ठीक है बताओ पृथ्वी कितने दिनों में सूरज का एक चक्कर लगाती है?’

’३६५ दिन में।’

’बताओ दिन-रात कैसे होता हैं?’

’सूरज स्थिर रहता है और पृथ्वी अपनी धुरी पर चक्कर लगाती रहती है। इस तरह पृथ्वी का जो भाग सूरज के सामने पड़ता है वहाँ दिन और जो भाग अंघेरे में रहता है वहाँ रात होती है।’ चम्पा एक ही साँस में कह गई।

’क्या कहा तुमने?’ चौधरी साहब ने हस्तक्षेप किया।

’यही कि धरती अपनी धुरी पर घूमती है इसलिए दिन रात होता है।’ चम्पा ने दोहराया।

’क्यों मास्टर साहब यह सही बोल रही है?’

’हाँ’ कृष्णदेव बाबू ने चम्पा का समर्थन किया।

’अरे यह कैसे हो सकता है?’ चौधरी साहब ने आश्चर्य व्यक्त किया।

’क्यों नहीं हो सकता चौधरी साहब?’

’मास्टर साहब, हम लोग तो रोज सूरज भगवान को सुबह पूरब में उगते और दिन भर यात्रा करके शाम को पश्चिम में डूबते देखते हैं?’

’चौधरी साहब जो आप देखते हैं, महसूस करते हैं वह बिल्कुल सही है। पर सच वह नहीं जो आप देखते हैं। यह हमारी आँखों का भ्रम है। ठीक वैसे ही जैसे हम किसी रेलगाड़ी में यात्रा करते समय बाहर पेड़-पौधे को भागते हुए देखते हैं जबकि सच्चाई यह होती है कि हम भाग रहे होते हैं और पेड़-पौधे स्थिर होते हैं।’

’मास्टर साहब आपने तो मुझे बड़े चक्कर में डाल दिया।’

चौधरी साहब बहुत सीधे-साधे व्यक्ति थे। उनका सारा जीवन खेत और खलिहानों में ही बीता था। उन्होंने अब तक यही सुना जाना था कि सूरज उगता है डूबता है। धरती तो स्थिर रहने वाली माता है। ऐसे में उनका आश्चर्य लाजिमी ही था।

’चौधरी साहब, आप गलत नहीं है। कुछ समय पहले तक सारी दुनिया भी ऐसा ही समझती थी जैसा आज आप सोच रहे हैं। पर विज्ञान की खोजों ने लोगों की सोच में बदलाव ला दिया है। इसलिए आपको भी अपनी पुरानी अवधारणा में परिवर्तन लाना चाहिए।’ कृष्णदेव बाबू ने चौधरी साहब को समझाया।

’पर मास्टर साहब अगर धरती घूमती तो हम लोगों के घरों के द्वार पूरब से पश्चिम और पश्चिम से पूरब क्यों नहीं घूम जाते?’

’चौधरी साहब सब होता है। धरती भी घूमती है और उसके साथ हम और

हमारे घर भी पर हम लोग और हमारे घर धरती की तुलना में इतने छोटे हैं कि इस बात का हमें आभास ही नहीं होता।’ कृष्णदेव बाबू ने तार्किक ढंग से अपनी बात रखा।

’इ सब बकवास बात है चौधरी साहब। दो अच्छर पढ़कर कुछ लोग मास्टर बन जाते हैं और जनता को उल्टी-सीधी पट्टी पढ़ाने लगते हैं।’

बहस सुनकर गाँव के कुछ और लोग भी वहाँ जमा हो गए। उन्हीं में से एक व्यक्ति जिसको कि वैज्ञानिक खोजों पर तनिक भी विश्वास नहीं था आगे बढ़कर बोला।

’चौधरी साहब अगर पृथ्वी घूमती हुई ऊपर नीचे होती तो क्या हम लोग पाताल में नहीं गिर जाते?’ दूसरे व्यक्ति ने अपनी शंका रखी तो लोग ठठाकर हँसने लगे।

’चम्पा समझाती क्यों नहीं इन लोगों को।’ अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में फँसे कृष्णदेव बाबू ने चम्पा का सहारा लिया।

’दादा जी मास्टर साहब बिल्कुल सही कह रहे हैं। हमें स्कूल में भी यही बताया जाता है।’ चम्पा ने निर्भीक होकर कहा।

’तुम चुप रहो, अगर स्कूलों में ऐसी ही उल्टी-पुल्टी बातें पढ़ाई जाती रहेंगी तो तुम सीखोगी क्या, खाक?’ चौधरी साहब ने चम्पा को डांटा तो वह सटसटा गई।

’अरे आप लोग किस बात में उलझ गए? ये लीजिए चाय पीजिए।’ राधिका देर से उनकी बातें सुन रही थी। जब उससे रहा नहीं गया तो बात को रफा-दफा करने की गरज से हस्तक्षेप किया।

’बेटी तुम चाय रखकर अन्दर जाओ। जब तक मास्टर साहब अपनी बात वापस नहीं लेते यह मुद्दा समाप्त नहीं होगा।’ चौधरी साहब ने अपना फैसला सुनाया।

कृष्णदेव बाबू के लिए यह एक नई आफत थी। वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या करें या न करें। राधिका कृष्णदेव बाबू के मनःस्थिति को समझ रही थी। सचमुच उन पर उसे बड़ी दया आ रही थी।

’कृष्णदेव बाबू आखिर आप मान क्यों नहीं लेते कि पृथ्वी नहीं घूमती।’ राधिका ने एक बार फिर हस्तक्षेप किया। कुछ और लोगों ने भी इस बात को दोहराया।

कृष्णदेव बाबू कभी भीड़ की तरफ देखते तो कभी राधिका की तरफ। कभी चौधरी साहब की तरफ देखते तो कभी चम्पा की तरफ।

’देखिए कृष्णदेव बाबू, जिस झूठ में जीवन का सार छिपा होता है उसे मान लेना अनुचित कदापि नहीं होता।’ राधिका ने कृष्णदेव बाबू की तरफ आँखों से कुछ इशारा करते हुए कहा।

’हाँ, धरती नहीं घूमती।’ कृष्णदेव बाबू ने एकाएक घोषणा कर दी।

सत्य हार गया और झूठ जीत गया। लोग वाह, वाह करने लगे।

कृष्णदेव बाबू एक बार राधिका की आँखों में झाँका और ठंडी पड़ चुकी चाय को एक घूँट में पी गए।

’मगर मास्टर साहब......?’ चम्पा ने आश्चर्य व्यक्त किया।

’चम्पा बेटी यह गहरी बात है। तुम नहीं समझोगी।’

कृष्णदेव बाबू की बात सुनकर राधिका ने मुस्करा भर दिया

--

SHYAM NARAIN KUNDAN

220, OLD BOYS HOSTEL

MAULANA AZAD NATIONAL URDU UNIVERSITY

GACHI BOWLI

HYDERABAD-500032

COMMENTS

BLOGGER: 1
Loading...
-विज्ञापन-
-विज्ञापन-

-----****-----

|नई रचनाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$count=6$page=1$va=0$au=0

विज्ञापन

-----****-----

|कथा-कहानी_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts$s=200

|हास्य-व्यंग्य_$type=blogging$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

विज्ञापन

-----****-----

|लोककथाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|लघुकथाएँ_$type=list$au=0$count=5$com=0$page=1$src=random-posts

|काव्य जगत_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

विज्ञापन

-----****-----

|बच्चों के लिए रचनाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|विविधा_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$va=0$count=6$page=1$src=random-posts

 आलेख कविता कहानी व्यंग्य 14 सितम्बर 14 september 15 अगस्त 2 अक्टूबर अक्तूबर अंजनी श्रीवास्तव अंजली काजल अंजली देशपांडे अंबिकादत्त व्यास अखिलेश कुमार भारती अखिलेश सोनी अग्रसेन अजय अरूण अजय वर्मा अजित वडनेरकर अजीत प्रियदर्शी अजीत भारती अनंत वडघणे अनन्त आलोक अनमोल विचार अनामिका अनामी शरण बबल अनिमेष कुमार गुप्ता अनिल कुमार पारा अनिल जनविजय अनुज कुमार आचार्य अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ अनुज खरे अनुपम मिश्र अनूप शुक्ल अपर्णा शर्मा अभिमन्यु अभिषेक ओझा अभिषेक कुमार अम्बर अभिषेक मिश्र अमरपाल सिंह आयुष्कर अमरलाल हिंगोराणी अमित शर्मा अमित शुक्ल अमिय बिन्दु अमृता प्रीतम अरविन्द कुमार खेड़े अरूण देव अरूण माहेश्वरी अर्चना चतुर्वेदी अर्चना वर्मा अर्जुन सिंह नेगी अविनाश त्रिपाठी अशोक गौतम अशोक जैन पोरवाल अशोक शुक्ल अश्विनी कुमार आलोक आई बी अरोड़ा आकांक्षा यादव आचार्य बलवन्त आचार्य शिवपूजन सहाय आजादी आदित्य प्रचंडिया आनंद टहलरामाणी आनन्द किरण आर. के. नारायण आरकॉम आरती आरिफा एविस आलेख आलोक कुमार आलोक कुमार सातपुते आशीष कुमार त्रिवेदी आशीष श्रीवास्तव आशुतोष आशुतोष शुक्ल इंदु संचेतना इन्दिरा वासवाणी इन्द्रमणि उपाध्याय इन्द्रेश कुमार इलाहाबाद ई-बुक ईबुक ईश्वरचन्द्र उपन्यास उपासना उपासना बेहार उमाशंकर सिंह परमार उमेश चन्द्र सिरसवारी उमेशचन्द्र सिरसवारी उषा छाबड़ा उषा रानी ऋतुराज सिंह कौल ऋषभचरण जैन एम. एम. चन्द्रा एस. एम. चन्द्रा कथासरित्सागर कर्ण कला जगत कलावंती सिंह कल्पना कुलश्रेष्ठ कवि कविता कहानी कहानी संग्रह काजल कुमार कान्हा कामिनी कामायनी कार्टून काशीनाथ सिंह किताबी कोना किरन सिंह किशोरी लाल गोस्वामी कुंवर प्रेमिल कुबेर कुमार करन मस्ताना कुसुमलता सिंह कृश्न चन्दर कृष्ण कृष्ण कुमार यादव कृष्ण खटवाणी कृष्ण जन्माष्टमी के. पी. सक्सेना केदारनाथ सिंह कैलाश मंडलोई कैलाश वानखेड़े कैशलेस कैस जौनपुरी क़ैस जौनपुरी कौशल किशोर श्रीवास्तव खिमन मूलाणी गंगा प्रसाद श्रीवास्तव गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर ग़ज़लें गजानंद प्रसाद देवांगन गजेन्द्र नामदेव गणि राजेन्द्र विजय गणेश चतुर्थी गणेश सिंह गांधी जयंती गिरधारी राम गीत गीता दुबे गीता सिंह गुंजन शर्मा गुडविन मसीह गुनो सामताणी गुरदयाल सिंह गोरख प्रभाकर काकडे गोवर्धन यादव गोविन्द वल्लभ पंत गोविन्द सेन चंद्रकला त्रिपाठी चंद्रलेखा चतुष्पदी चन्द्रकिशोर जायसवाल चन्द्रकुमार जैन चाँद पत्रिका चिकित्सा शिविर चुटकुला ज़कीया ज़ुबैरी जगदीप सिंह दाँगी जयचन्द प्रजापति कक्कूजी जयश्री जाजू जयश्री राय जया जादवानी जवाहरलाल कौल जसबीर चावला जावेद अनीस जीवंत प्रसारण जीवनी जीशान हैदर जैदी जुगलबंदी जुनैद अंसारी जैक लंडन ज्ञान चतुर्वेदी ज्योति अग्रवाल टेकचंद ठाकुर प्रसाद सिंह तकनीक तक्षक तनूजा चौधरी तरुण भटनागर तरूण कु सोनी तन्वीर ताराशंकर बंद्योपाध्याय तीर्थ चांदवाणी तुलसीराम तेजेन्द्र शर्मा तेवर तेवरी त्रिलोचन दामोदर दत्त दीक्षित दिनेश बैस दिलबाग सिंह विर्क दिलीप भाटिया दिविक रमेश दीपक आचार्य दुर्गाष्टमी देवी नागरानी देवेन्द्र कुमार मिश्रा देवेन्द्र पाठक महरूम दोहे धर्मेन्द्र निर्मल धर्मेन्द्र राजमंगल नइमत गुलची नजीर नज़ीर अकबराबादी नन्दलाल भारती नरेंद्र शुक्ल नरेन्द्र कुमार आर्य नरेन्द्र कोहली नरेन्‍द्रकुमार मेहता नलिनी मिश्र नवदुर्गा नवरात्रि नागार्जुन नाटक नामवर सिंह निबंध नियम निर्मल गुप्ता नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ नीरज खरे नीलम महेंद्र नीला प्रसाद पंकज प्रखर पंकज मित्र पंकज शुक्ला पंकज सुबीर परसाई परसाईं परिहास पल्लव पल्लवी त्रिवेदी पवन तिवारी पाक कला पाठकीय पालगुम्मि पद्मराजू पुनर्वसु जोशी पूजा उपाध्याय पोपटी हीरानंदाणी पौराणिक प्रज्ञा प्रताप सहगल प्रतिभा प्रतिभा सक्सेना प्रदीप कुमार प्रदीप कुमार दाश दीपक प्रदीप कुमार साह प्रदोष मिश्र प्रभात दुबे प्रभु चौधरी प्रमिला भारती प्रमोद कुमार तिवारी प्रमोद भार्गव प्रमोद यादव प्रवीण कुमार झा प्रांजल धर प्राची प्रियंवद प्रियदर्शन प्रेम कहानी प्रेम दिवस प्रेम मंगल फिक्र तौंसवी फ्लेनरी ऑक्नर बंग महिला बंसी खूबचंदाणी बकर पुराण बजरंग बिहारी तिवारी बरसाने लाल चतुर्वेदी बलबीर दत्त बलराज सिंह सिद्धू बलूची बसंत त्रिपाठी बातचीत बाल कथा बाल कलम बाल दिवस बालकथा बालकृष्ण भट्ट बालगीत बृज मोहन बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष बेढब बनारसी बैचलर्स किचन बॉब डिलेन भरत त्रिवेदी भागवत रावत भारत कालरा भारत भूषण अग्रवाल भारत यायावर भावना राय भावना शुक्ल भीष्म साहनी भूतनाथ भूपेन्द्र कुमार दवे मंजरी शुक्ला मंजीत ठाकुर मंजूर एहतेशाम मंतव्य मथुरा प्रसाद नवीन मदन सोनी मधु त्रिवेदी मधु संधु मधुर नज्मी मधुरा प्रसाद नवीन मधुरिमा प्रसाद मधुरेश मनीष कुमार सिंह मनोज कुमार मनोज कुमार झा मनोज कुमार पांडेय मनोज कुमार श्रीवास्तव मनोज दास ममता सिंह मयंक चतुर्वेदी महापर्व छठ महाभारत महावीर प्रसाद द्विवेदी महाशिवरात्रि महेंद्र भटनागर महेन्द्र देवांगन माटी महेश कटारे महेश कुमार गोंड हीवेट महेश सिंह महेश हीवेट मानसून मार्कण्डेय मिलन चौरसिया मिलन मिलान कुन्देरा मिशेल फूको मिश्रीमल जैन तरंगित मीनू पामर मुकेश वर्मा मुक्तिबोध मुर्दहिया मृदुला गर्ग मेराज फैज़ाबादी मैक्सिम गोर्की मैथिली शरण गुप्त मोतीलाल जोतवाणी मोहन कल्पना मोहन वर्मा यशवंत कोठारी यशोधरा विरोदय यात्रा संस्मरण योग योग दिवस योगासन योगेन्द्र प्रताप मौर्य योगेश अग्रवाल रक्षा बंधन रच रचना समय रजनीश कांत रत्ना राय रमेश उपाध्याय रमेश राज रमेशराज रवि रतलामी रवींद्र नाथ ठाकुर रवीन्द्र अग्निहोत्री रवीन्द्र नाथ त्यागी रवीन्द्र संगीत रवीन्द्र सहाय वर्मा रसोई रांगेय राघव राकेश अचल राकेश दुबे राकेश बिहारी राकेश भ्रमर राकेश मिश्र राजकुमार कुम्भज राजन कुमार राजशेखर चौबे राजीव रंजन उपाध्याय राजेन्द्र कुमार राजेन्द्र विजय राजेश कुमार राजेश गोसाईं राजेश जोशी राधा कृष्ण राधाकृष्ण राधेश्याम द्विवेदी राम कृष्ण खुराना राम शिव मूर्ति यादव रामचंद्र शुक्ल रामचन्द्र शुक्ल रामचरन गुप्त रामवृक्ष सिंह रावण राहुल कुमार राहुल सिंह रिंकी मिश्रा रिचर्ड फाइनमेन रिलायंस इन्फोकाम रीटा शहाणी रेंसमवेयर रेणु कुमारी रेवती रमण शर्मा रोहित रुसिया लक्ष्मी यादव लक्ष्मीकांत मुकुल लक्ष्मीकांत वैष्णव लखमी खिलाणी लघु कथा लघुकथा लतीफ घोंघी ललित ग ललित गर्ग ललित निबंध ललित साहू जख्मी ललिता भाटिया लाल पुष्प लावण्या दीपक शाह लीलाधर मंडलोई लू सुन लूट लोक लोककथा लोकतंत्र का दर्द लोकमित्र लोकेन्द्र सिंह विकास कुमार विजय केसरी विजय शिंदे विज्ञान कथा विद्यानंद कुमार विनय भारत विनीत कुमार विनीता शुक्ला विनोद कुमार दवे विनोद तिवारी विनोद मल्ल विभा खरे विमल चन्द्राकर विमल सिंह विरल पटेल विविध विविधा विवेक प्रियदर्शी विवेक रंजन श्रीवास्तव विवेक सक्सेना विवेकानंद विवेकानन्द विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी विष्णु नागर विष्णु प्रभाकर वीणा भाटिया वीरेन्द्र सरल वेणीशंकर पटेल ब्रज वेलेंटाइन वेलेंटाइन डे वैभव सिंह व्यंग्य व्यंग्य के बहाने व्यंग्य जुगलबंदी व्यथित हृदय शंकर पाटील शगुन अग्रवाल शबनम शर्मा शब्द संधान शम्भूनाथ शरद कोकास शशांक मिश्र भारती शशिकांत सिंह शहीद भगतसिंह शामिख़ फ़राज़ शारदा नरेन्द्र मेहता शालिनी तिवारी शालिनी मुखरैया शिक्षक दिवस शिवकुमार कश्यप शिवप्रसाद कमल शिवरात्रि शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी शीला नरेन्द्र त्रिवेदी शुभम श्री शुभ्रता मिश्रा शेखर मलिक शेषनाथ प्रसाद शैलेन्द्र सरस्वती शैलेश त्रिपाठी शौचालय श्याम गुप्त श्याम सखा श्याम श्याम सुशील श्रीनाथ सिंह श्रीमती तारा सिंह श्रीमद्भगवद्गीता श्रृंगी श्वेता अरोड़ा संजय दुबे संजय सक्सेना संजीव संजीव ठाकुर संद मदर टेरेसा संदीप तोमर संपादकीय संस्मरण संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन सतीश कुमार त्रिपाठी सपना महेश सपना मांगलिक समीक्षा सरिता पन्थी सविता मिश्रा साइबर अपराध साइबर क्राइम साक्षात्कार सागर यादव जख्मी सार्थक देवांगन सालिम मियाँ साहित्य समाचार साहित्यिक गतिविधियाँ साहित्यिक बगिया सिंहासन बत्तीसी सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध सीताराम गुप्ता सीताराम साहू सीमा असीम सक्सेना सीमा शाहजी सुगन आहूजा सुचिंता कुमारी सुधा गुप्ता अमृता सुधा गोयल नवीन सुधेंदु पटेल सुनीता काम्बोज सुनील जाधव सुभाष चंदर सुभाष चन्द्र कुशवाहा सुभाष नीरव सुभाष लखोटिया सुमन सुमन गौड़ सुरभि बेहेरा सुरेन्द्र चौधरी सुरेन्द्र वर्मा सुरेश चन्द्र सुरेश चन्द्र दास सुविचार सुशांत सुप्रिय सुशील कुमार शर्मा सुशील यादव सुशील शर्मा सुषमा गुप्ता सुषमा श्रीवास्तव सूरज प्रकाश सूर्य बाला सूर्यकांत मिश्रा सूर्यकुमार पांडेय सेल्फी सौमित्र सौरभ मालवीय स्नेहमयी चौधरी स्वच्छ भारत स्वतंत्रता दिवस स्वराज सेनानी हबीब तनवीर हरि भटनागर हरि हिमथाणी हरिकांत जेठवाणी हरिवंश राय बच्चन हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन हरिशंकर परसाई हरीश कुमार हरीश गोयल हरीश नवल हरीश भादानी हरीश सम्यक हरे प्रकाश उपाध्याय हाइकु हाइगा हास-परिहास हास्य हास्य-व्यंग्य हिंदी दिवस विशेष हुस्न तबस्सुम 'निहाँ' biography dohe hindi divas hindi sahitya indian art kavita review satire shatak tevari undefined
नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3793,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,326,ईबुक,182,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2744,कहानी,2069,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,484,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,129,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,87,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,309,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,326,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,48,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,8,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,16,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,224,लघुकथा,806,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,306,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,57,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1882,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,637,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,676,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,52,साहित्यिक गतिविधियाँ,181,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,51,हास्य-व्यंग्य,52,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: श्याम नरायण कुन्दन की कहानी - धरती नहीं घूमती
श्याम नरायण कुन्दन की कहानी - धरती नहीं घूमती
रचनाकार
http://www.rachanakar.org/2012/11/blog-post_9729.html
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2012/11/blog-post_9729.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ