जसबीर चावला की क्रिकेटिया कविताएँ

 
           क्रिकेट 
..........

--जसबीर चावला

ज़माने में और भी ग़म हैं क्रिकेट के सिवा
मेरे महबूब खो खो मैदान पर मिला कर मुझसे
-----------

ऊँचे लोग ऊँची पसंद
...........................
            जसबीर चावला
क्रिकेट.!
खेल है भद्र जनों का
बड़ों का
कुलीनों का
एलीट क्लास का
जेनटलमेनो का
ऊँचे लोगों का
ऊँचे लोग-ऊँची पसंद
चीअरगर्ल/कालगर्ल
        *
बड़े लोग
बड़ी बातें
बड़ी पार्टियाँ
रंगारंग रातें
करोड़ों की बारिश
रन बनाते
वारा न्यारा
आते जाते
ऊँचे लोग-ऊँची पसंद
छोटा शकील/बड़ा दाउद

---------------------------------------

 

अथ:साक्षी पुराण
--------------

साक्षी ने
साक्षी से कहा
सुन साक्षी धोनी
क्यों शक्ल हो गई रोनी
देनी होगी
तुम्है साक्षी अदालत में
क्यों था विदू दारा
बगल में
बाक्स में
साथ में
**
साक्षी बोली
साक्षी से
सुन साक्षी झाला
तुमने भी किया
क्या कम
गड़बड़झाला
संथ से तोहफा
किया स्वीकार
कौन जीता
पता नहीं
क्रिकेट गया हार
-------------------
 

2 टिप्पणियाँ "जसबीर चावला की क्रिकेटिया कविताएँ"

  1. choti par achchi saras rachnayen hain ,lekhak ko badhai

    उत्तर देंहटाएं
  2. धन्यवाद.व्यग्य कविताओं में भी ताक़त होती है.

    उत्तर देंहटाएं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.