मंगलवार, 4 जून 2013

जसबीर चावला की क्रिकेटिया कविताएँ

 
           क्रिकेट 
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--जसबीर चावला

ज़माने में और भी ग़म हैं क्रिकेट के सिवा
मेरे महबूब खो खो मैदान पर मिला कर मुझसे
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ऊँचे लोग ऊँची पसंद
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            जसबीर चावला
क्रिकेट.!
खेल है भद्र जनों का
बड़ों का
कुलीनों का
एलीट क्लास का
जेनटलमेनो का
ऊँचे लोगों का
ऊँचे लोग-ऊँची पसंद
चीअरगर्ल/कालगर्ल
        *
बड़े लोग
बड़ी बातें
बड़ी पार्टियाँ
रंगारंग रातें
करोड़ों की बारिश
रन बनाते
वारा न्यारा
आते जाते
ऊँचे लोग-ऊँची पसंद
छोटा शकील/बड़ा दाउद

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अथ:साक्षी पुराण
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साक्षी ने
साक्षी से कहा
सुन साक्षी धोनी
क्यों शक्ल हो गई रोनी
देनी होगी
तुम्है साक्षी अदालत में
क्यों था विदू दारा
बगल में
बाक्स में
साथ में
**
साक्षी बोली
साक्षी से
सुन साक्षी झाला
तुमने भी किया
क्या कम
गड़बड़झाला
संथ से तोहफा
किया स्वीकार
कौन जीता
पता नहीं
क्रिकेट गया हार
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2 blogger-facebook:

  1. choti par achchi saras rachnayen hain ,lekhak ko badhai

    उत्तर देंहटाएं
  2. धन्यवाद.व्यग्य कविताओं में भी ताक़त होती है.

    उत्तर देंहटाएं

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