गुरुवार, 22 जनवरी 2015

मनोज कुमार श्रीवास्तव का आलेख - राष्ट्रीय पर्व और हम

राष्ट्रीय पर्व और हम
मित्रों हम देश का 65 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं, यह निश्चित रूप से हमारे लिये अत्यंत गौरव की बात है परंतु यह भी चिंतन का विषय है कि हम अपने देश के लिये क्या सोच रहे हैं तथा क्या कर रहे हैं। आज हमारे देश को आजाद हुए 68 वर्ष हो गये किंतु हमने इतने वर्षों में कितना विकास किया, हमारे विचारों में कितनी व्यापकता आयी, यह भी चिंतन का विषय है। आज हम हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, इसमें काई संदेह नहीं है किंतु आगे बढ़ने के साथ हम अपने घर-परिवार, समाज, कार्यक्षेत्र में कितना संतुलन बना रहे हैं और सबसे बड़ी बात यह कि हम अपने संस्कारों में कितना संतुलन बना पा रहे हैं, यह विचारणीय है


    हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस मनाते हुए केवल परिसरों की साफ-सफाई, महापुरूषों की मूर्तियों की साफ-सफाई, विद्यालय की रैलियों, देशभक्ति के नारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हमारी पहचान नहीं होगी बल्कि आज हमें आधुनिकता की चकाचौंध को सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता है।


    आज की हमारी पीढ़ी अत्याधुनिक है किंतु उन्हें सही दिशा देने की आवश्यकता है। आज युवा पीढ़ी मार्ग भटकने की दिशा की ओर अग्रसर हैं जो हमारे देश के भविष्य हैं, इनकी ऊर्जा को सही दिशा देना अति आवश्यक है। जरा हम चिंतन करें कि हम अपने दायित्व का निर्वहन कितना करते हैं।


    आज विचारणीय यह है कि स्वच्छता का हम कितना ध्यान रखते हैं? राह चलते जरूरत मंदों की हम कितनी सहायता करते हैं? अपशब्दों का प्रयोग करने वालों का कितना विरोध करते हैं? अपने बच्चों की पढ़ाई और संस्कारों पर ईमानदारी से हम कितना ध्यान देते ह और उनके गल्तियों को कितना सुधारते हैं? कितने लोगों को हम सही सलाह देते हैं। सार्वजनिक हित के विषयों पर हम कितना सोचते हैं?


    मैं मानता हूं कि सर्वप्रथम हमें अपने विचारों को और बड़ा करने की आवश्यकता है क्योंकि बड़ी जगह में सब कुछ समाहित हो जाता है, संकीर्ण विचारधारा में ही समस्याएं खड़ी होती हैं। इन बातों में से किसी एक पर भी हम अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं तो हम अपने देश के साथ ईमानदारी से पेश आ रहे हैं और यदि हमें इनमें से किसी भी बात के लिए समय नहीं है तो हम अपने देश के साथ बेईमानी कर रहे हैं। वास्तविक देशभक्ति यही होगी कि हम 26 जनवरी और 15 अगस्त को झंडा फहराने के अलावा अपने देशहित के लिए एक भी अच्छा कार्य कर सकें।


                                    मनोज कुमार श्रीवास्तव
                                    शंकर नगर नवागढ़, जि. बेमेतरा,
                                    छ.ग. पिन-491337

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