गोवर्धन यादव का आलेख - राष्ट्रीय अलंकरण एवं पुरस्कार

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राष्ट्रीय अलंकरण एवं पुरस्कार

बच्चों,

अखबार अथवा न्यूज चैनल पर आपको यह पढ़ने/सुनने को मिलता होगा कि अमुक महानुभाव को भारत सरकार “भारत-रत्न” सम्मान से सम्मानित करने जा रही है. इस खबर को पढ़कर आपके जिज्ञासु मन में यह सवाल भी उठता होगा कि आखिर यह कौन सा सम्मान है और यह किसे दिया जाता है. आइये, हम भारत रत्न सम्मान के साथ ही उन सम्मानों के बारे में संक्षिप्त में जानकारी लेते चलें.

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भारत रत्न सम्मान

भारत के प्रथम राष्ट्रपति श्री राजेन्द्र प्रसाद द्वारा घोषित “भारत रत्न सम्मान” तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनिम का चमकता सूर्य चिन्ह होता है जिसके नीचे चांदी में लिखा होता है भारत रत्न”.यह भारत का सर्चोच्च सम्मान है. यह उसी व्यक्ति को दिया जाता है जिसकी सामाजिक सेवाएँ सर्वमान्य एवं उच्च स्तर की हों अथवा जिन्होंने कला, साहित्य,एवं विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान किया हो. इस सर्वोच्च समान की शुरुआत 2 जनवरी सन 1954 को की गयी थी. सर्व प्रथम सी.राजगोपालाचरीजी, डा. राधाकृष्णनजी एवं सी.वी.रमनजी को इस सम्मान से सम्मानित किया गया था. 26 जनवरी को भारत के राष्ट्रपति द्वारा इसे प्रदत्त किया जाता है.

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पद्म विभूषण

   

पद्म विभूषण सम्मान भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला दूसरा उच्च नागरिक सम्मान है, यह उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने किसी क्षेत्र में कोई अद्वितीय सेवा की हो.सरकारी कर्मचारियों को भी इस अलंकरण से सम्मानित किया जा सकता है. इस सम्मान की स्थापना भी 2 जनवरी 1954 में की गई थी.

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पद्म भूषण सम्मान

पद्म भूषण सम्मान भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरा सर्वोच्च सम्मान है, यह सम्मान किसी भी क्षेत्र में की गई उच्चकोटि की विशिष्ठ सेवा के लिए प्रदान किया जाता अहै. इसमें सरकारी कर्मचारी भी शामिल है.

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पद्मश्री सम्मान

पद्म श्री या पद्मश्री, भारत सरकार द्वारा आम तौर पर सिर्फ भारतीय नागरिकों को दिया जाने वाला सम्मान है जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे कि, कला, शिक्षा, उद्योग, साहित्य,विज्ञान, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा और सार्वजनिक जीवन आदि में उनके विशिष्ट योगदान को मान्यता प्रदान करने के लिए दिया जाता है।

भारत के नागरिक पुरस्कारों के पदानुक्रम में यह चौथा पुरस्कार है इससे पहले क्रमश:भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म भूषण का स्थान है। इसके अग्रभाग पर, "पद्म" और "श्री" शब्द देवनागरी लिपि में अंकित रहते हैं।

इन राष्ट्रीय अंलकारों के अलावा भारत सरकार द्वारा अनेकों पुरस्कारों को स्थापना की गई है- जैसे भटनागर पुरस्कार, वाचस्पति पुरस्कार,बोरलाग पुरस्कार, जमनालाल बजाज पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, मूर्तिदेवी पुरस्कार तानसेन सम्मान, कालिदास सम्मान, लता मंगेशकर पुरस्कार, एकबाल पुरस्कार, राजीवगांधी सद्भावना पुरस्कार, भारतीय भाषा परिषद पुरस्कार, संगीत नाटक आकादमी पुरस्कार, भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार आदि.

उपरोक्त सभी पुरस्कार अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियाँ प्राप्त व्यक्तियों को दिए जाते हैं. कभी हम इन पुरस्कारों के बारे में विस्तार से बतलाएंगे.

गोवर्धन यादव
103,कावेरी नगर,छिन्दवाडा (म.प्र.) 480001

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1 टिप्पणी "गोवर्धन यादव का आलेख - राष्ट्रीय अलंकरण एवं पुरस्कार"

  1. गोवर्धन यादव, १०३,कावेरीनगर,छिन्दवाडा(म.प्र.) ४८०००१9:27 am

    सम्मा.श्रीयुत श्रीवास्तवजी
    सादर नमस्कार
    आलेख प्रकाशन के लिए धन्यवाद
    आशा है, सानन्द-स्वस्थ हैं.

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