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जीवन एक गणित है / कविताएँ / महेन्द्र देवांगन "माटी"

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1 जीवन एक गणित है
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जीवन एक गणित है, इसे बनाना पड़ता है
कभी करते हैं जोड़ तो, कभी घटाना पड़ता है
चलती नहीं कभी समांतर, ऊंच नीच हो जाते हैं
सम विषम के खेल में, कितने आड़े आते हैं
कभी सुख की बिंदु पाते, तो वक्र का दुख भी होता है
आड़े तिरछे जीवन रेखा, अश्रु बीज फिर बोता है
कभी करते हैं गुणा तो, भाग भी करना पड़ता है
जीवन के इस गणित को, हल भी करना पड़ता है ।


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2
अच्छे स्वास्थ्य
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अगर रहना चाहते हो स्वस्थ, आसपास को रखो स्वच्छ
मैला कुचैला पास न फेंको, आजू बाजू सबको देखो
भोजन पानी ढककर रखो, बासी खाना कभी न चखो
ताजा ताजा सब्जी लाओ, हाथ मुंह को धोकर खाओ
गंदे पानी कभी न पीओ, फिर तो हजारों साल तक जीओ
गांव गली को रखो साफ, रहे स्वस्थ बच्चे मां बाप
मक्खी मच्छर का न हो पड़ाव, करते रहो डी डी टी का छिड़काव
चारों तरफ हो स्वच्छ परिवेश, भागे बिमारी मिटे क्लेश
आसपास में पेड़ लगाओ, शुद्ध ताजा हवा पाओ
अच्छे स्वास्थ्य की यही कहानी, सात्विक जीवन निर्मल पानी।


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3
वीर जवानों को नमन -
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है नमन उन वीरों को, जिसने की मान बढ़ाया है।
देश में छुपे गद्दारों को, पल में मार गिराया है।
बहुत हुआ आतंकी हमला, अब न होने देना है।
अपने वीर शहीदों का अब, बदला हमको लेना है।
है हिम्मत तो आगे आओ, छुपकर तुम क्यों लड़ते हो।
बेकसुरों को मार रहे हो, आगे आने से डरते हो।
कितनों भी अब चाल चलो तुम, नहीं कामयाबी पाओगे।
अपने वीर जवानों के आगे, हरदम मुंह की खाओगे।
अपनी जान की बाजी देकर, जिसने देश बचाया है।
खून की होली खेलकर जिसने, रंग चमन में लाया है।
गर्व करता है सारा देश, करते उसे सलाम हैं।
ऐसे वीर सपूतों को, माटी का प्रणाम है।
वंदे मातरम्


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4
माटी का जीवन
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माटी का जीवन है प्यारे, माटी में मिल जाना है।
इस माटी से प्यार करो तुम, काम इसी के आना है।।
जबतक सांसें हैं इस तन में, मातृभूमि का काम करो।
आंच न आने देंगे इसपर, जीवन इसके नाम करो।।
नया सबेरा साथ लिये अब, नयी जागृति लाना है।
माटी का जीवन है.........................
राह बताओ राही को तुम, जीवन के इस मोड़ में।
भटक गया है कैसे मानव, इस तूफानी दौड़ में।
खींच उसी को लाओ अब तुम, सही मार्ग बतलाना है।
माटी का जीवन .........................
चंद्रशेखर आजाद भगतसिंह, इस माटी से प्यार किया।
गांधी सुभाष टैगोर तिलक ने, जीवन अपना वार किया।
रानी लक्ष्मी बाई जैसे, सबको आगे आना है
माटी का जीवन .........................
नहीं भुलेंगे कुर्बानी को, जिसने देश आजाद किया।
अपनी बलि चढ़ाकर जिसने, आज हमें आबाद किया।
है नमन उन वीर सपूत को, श्रद्धा सुमन चढ़ाना है।
माटी का जीवन ......................
है नमन उन जांबाजों को, सीमा पर जो लड़ते हैं।
देश की रक्षा करने खातिर, हंसते हंसते मरते हैं।
सच्चे वीर सपूतों का अब, हौसला हमें बढ़ाना है।
माटी का जीवन है.....................


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5
""बेटी पढ़ेगी""
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बेटी पढ़ेगी आगे बढेगी
अपने भविष्य को गढे़गी
हर मुश्किलो का सामना करेगी
अत्याचार को नही सहेगी
भाई को भी पढ़ायेगी
उसको भी आगे बढ़ायेगी
अंधेरे को मिटायेगी
कूल का नाम बढ़ायेगी
बुलंदियों को छू जायेगी
आसमान में तिरंगा फहरायेगी
दुश्मनों से टकरायेगी
कभी न सिर झुकायेगी
दुनिया को लोहा मनायेगी
गीत नया वह गायेगी
बेटी पढ़ेगी विकास गढ़ेगी
देश का नाम आगे करेगी
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प्यासी चिड़िया
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प्यासी चिड़िया ढूंढ रही है
पानी की एक बूंद
इधऱ उधर सब भटक रही हैं
पूरे झूंड के झूंड ।

चीं चीं चीं चीं करते करते
कंठ गया है सूख
झुलस रही हैं ताप में
कैसे मिटाये भूख ।

दया करो इन चिड़ियों पर
कोई न इसे भगाओ
छत के ऊपर पानी रखकर
दया भाव दिखलाओ ।

मुट्ठी भर चांवल का दाना
छत पर तुम बिखराओ
भूखे प्यासे इन चिड़ियों के
जीवन तुम बचाओ ।

 

परिचय (बायोडाटा)
----------------
नाम-महेन्द्र देवांगन "माटी"
पिता-श्री थानू राम देवांगन
मूल निवास-ग्राम-बोरसी , (राजिम)
वर्तमान निवास-गोपीबंद पारा पंडरिया,
तहसील-पंडरिया
जिला-कबीरधाम (छ.ग)
पिन - 491559
पद-शिक्षक
शिक्षा-एम.ए. हिन्दी साहित्य एवं संस्कृत
रुचि-गीत,कविता एवं कहानी लेखन में
अभिव्यक्ति-कवि सम्मेलनों मेँ भाग लेना,
क्षेत्रिय एवं राष्टीय पत्र पत्रिकाओं में गीत कविता और कहानी का निरंतर
प्रकाशन जारी
प्रकाशित पुस्तक - "पुरखा के ईज्जत"
( कविता संग्रह )
सम्मान-
(1) साहित्य बुलेटिन नई कलम द्वारा "प्रतिभा सम्मान" से सम्मानित
(2) संगम साहित्य परिषद नवापारा राजिम द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान
(3) भारतीय दलित साहित्य अकादमी छ.ग.राज्य की ओर से "महर्षि वाल्मिकी
अलंकरण" अवार्ड से सम्मानित |
(4) छ. ग. क्रांति सेना की ओर से साहित्य सम्मान
(5) छत्तीसगढ़ी मंच द्वारा "छत्तीसगढ़ के पागा" सम्मान से सम्मानित

मो.नं.-8602407353
Email-mahendradewanganmati@gmail.com

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रचनाकार में छपे सभी कविताएँ अच्छी हैं।
मेरी रचना "जीवन एक गणित है" प्रकाशन करने के लिये बहुत बहुत धन्यवाद

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