शुक्रवार, 12 अगस्त 2016

परसाई हास्य व्यंग्य पखवाड़ा : काजल कुमार के कार्टून व एक-पंक्तिया व्यंग्य

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(परसाई व्यंग्य पखवाड़ा - 10 - 21 अगस्त के दौरान विशेष रूप से हास्य-व्यंग्य रचनाओं का प्रकाशन किया जा रहा है. आपकी  सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है.  )

प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट काजल कुमार के वनलाइनर व्यंग्य भी लाजवाब होते हैं. प्रस्तुत है उनके फ़ेसबुक पन्नों से साभार कुछ कार्टून और एकपंक्तिया व्यंग्य -

 

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पहले, कॉपि‍यों के पीछे गाने छपे होते थे ...
आई हैं बहारें मि‍टे ज़ुल्म ओ सि‍तम, प्यार का ज़माना आया दूर हुए ग़म
राम की लीला रंग लाई, शाम ने बंसी बजाई ...

आज क्‍या छापेंगे (?) ... बेबी को बेस पसंद है. (शायद इसीलि‍ए नहीं छापते :( )

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न्यूज़-24 चैनल पर कोर्इ महिला
ऊँट को लगातार ऊँठ बोले जा रही है.
रिकाॅर्डेड कार्यक्रम है, इसलिए पक्का है कि संपादक भी ऊॅठ ही उच्चारित करता होगा.

रे कबीरा, तेरे देश में कैसे कैसे ऊँट :(

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प्राइवेट सैक्टर के फ़ंडे क्लियर हैं,

केवल उन्हीं महिलाआें को नौकरी देंगे जिनके पहले से ही दो बच्चे होंगे.

‪#‎6_महीने_की_मेटरनिटी_लीव‬

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जिन्हें अपनी-अपनी पार्टियों से
टिकट मिलने की उम्मीद अब नहीं है

वो सटाक-सटाक अपने-अपने जहाज़ों से कूद रहे हैं =D

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कितना पानी बहा चला जा रहा है...

अगले साल हम फिर सूखा-सूखा गाएंगे. :(

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धर्म की खोज के सामने वैज्ञानि‍क-फैज्ञानि‍क खोजें कुछ भी नहीं.

बंदे के पैदा होने से पहले ही धर्म उसमें अपने-आप घुसड़ जाता है (और हमारे यहां तो जाति‍ भी) और फि‍र समाज उससे ज़िंदगी भर रॉयल्‍टी वसूल करता है.
धर्म के अवि‍ष्‍कारक को नमन _/\_ =D

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कल पूरा दिन कोई न्यूज़ चैनल नहीं देखा.

आज सुबह उठ कर पाया कि दुनिया तो पहले ही की तरह बदस्तूर चल रही है :O

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लानत है ऐसे राष्ट्रपतिपने पे... :(
अबे हमसे सीख, हमारा तो सरपंच भी तुमसे लाख दरजा बेहतर होता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा की बेटी कर रही है रेस्तरां में काम

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की बेटियों मालिया और शाशा के हर कदम

ABPNEWS.ABPLIVE.IN

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' कड़ी निंदा' पर
कांग्रेस का एकाधिकार समाप्त हो गया दिखता है :(

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मुझे तो
कि‍सी हिंदी वाले को पुरस्‍कार मि‍लने का पता ही तब चलता है
जब चारों ओर उसकी बुराई होने लगती है =D

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कुछ लोग
इतनी खु़फ़ि‍या सी नमस्‍ते करते हैं कि‍
एक बारगी तो डरा ही देते हैं :O

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पिज़्जे आैर सांबर में ग़ज़ब की समानता है;
दोनों में, कुछ भी डालते चले जाओ...कोर्इ नहीं पूछने वाला.

पिज़्जा - सांबर भार्इ भार्इ =D

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अगर आज की दुनिया में
केजरीवाल, मोदी और राहुल न होते तो

सोशल मीडिया से बोर जगह कोर्इ और न होती =D

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