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व्यंग्य - कोई ताला दिखाओ ! / दीनदयाल शर्मा

बाजार में एक जनरल स्टोर पर हम पहुंचे और बोले, ‘कोई ताला दिखाओ।’

    -दुकानदार बोला,  ‘घर के लिए या स्कूल के लिए?’

    -हमने कहा, ‘स्कूल के लिए ताला लेते तो देखने की क्या जरूरत थी! घर के लिए ऐसा ताला चाहिए जो ताले की केवल मूल चाबी से ही खुले।’

    -दुकानदार ने एक ताला दिखाते हुए कहा, ‘ये देखिए.........अलीगढ़ का असली ताला। यह इतना बढ़िया है कि अनजान आदमी तो इसकी मूल चाबी से भी नहीं खोल सकेगा।’

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    -दुकानदार का तर्क सुनकर हमारी जिज्ञासा और बढ़ी। हमने ताले को हाथ में लेकर बड़ी बारीकी से देखा। ‘किस कंपनी का है?’ हमने सवाल दागा।

    -अजी कंपनी में क्या रखा है। ताले की विशेषता देखो। चोर दरवाजा भले ही तोड़ दे, लेकिन ताला नहीं तोड़ सकेगा।

    -ऐसा क्या है इसमें?

    -क्या नहीं है इसमें। यह देखिए... ये चारों चाबियां इसकी हैं।

     -चार चाबियां!  हमने विस्मय से कहा।

    -जी हां, चार चाबियां। उसने चाबी देते हुए कहा-ये लीजिए चाबियां और ताला खोलकर दिखाइए।

    -हमने ताला खोलने का काफी प्रयास किया। ताला था कि टस से मस न हुआ। दुकानदार को ताला लौटाते हुए हम बोले-भई, ये क्या ताला है, जो इसकी खुद की चाबी से भी नहीं खुल रहा है!

    -दुकानदार मुस्कराते हुए बोला, ‘यही तो इसकी विशेषता है।’ फिर उसने ताले के पीछे चाबी लगाई। ताले से ‘कट’ की आवा$ज आई। फिर उसने ताले के साइड वाले सुराख में उसी चाबी को डालकर घुमाया तो ‘खट’ की आवाज के साथ ताला खुल गया।

    -वाह!  बड़ा जोरदार ताला है। आपने अभी तक इसकी कंपनी नहीं बताई? हमने मुस्कराते हुए कहा।

    -कंपनी में क्या रखा है। फिर भी यह कंपनी 60 साल पुरानी है। एनटीए ‘नेटा’ कंपनी का ‘मिनिस्टर ब्राण्ड’ ताला है। यह जैसा दिखता है वैसा होता नहीं है। यही तो इसकी विशेषता है। इसके आगे सारी कंपनियां फेल है।

     -और कोई ताला?

    -एक और नया ताला दिखाते हुए दुकानदार बोला, ‘यह नेटा कंपनी का ‘एडजस्ट ब्राण्ड’ ताला है। इसकी विशेषता है कि यह किसी भी चाबी से खुल जाता है।’

    -किसी भी चाबी से!  हमने फिर विस्मय किया।

    -जी हां, लेकिन इसके बाईं ओर की कनपटी का ढक्कन हटाकर इसके कान में फूंक मारनी पड़ती है।

    -कान में फूंक? ताले के कान में फूंक!

   -जी हां, फूंक मारते ही इसका लीवर एडजस्ट हो जाता है, फिर यह किसी भी चाबी से खुल जाता है। यह सस्ता तो है, पर टिकाऊ नहीं है। क्योंकि इसके कान में फूंक कोई भी मार सकता है।

    -हमने फिर ‘मिनिस्टर ब्राण्ड’ ताला लिया और घर लौटे।

-दीनदयाल शर्मा

‘टाबर टोल़ी’, 10/22 आर. एच. बी. कॉलोनी,

हनुमानगढ़ जं. 335512, राजस्थान

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