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ललित - रम्य रचना - झुमका गिरा रे // सुशील यादव

झुमका गिरा रे

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एक जमाना था जब जनानियाँ को झुमका गिराने का शौक उत्पन्न हो गया था|

वे इस शौक के चलते अपने पतियों से आग्रह करती, चाहे कोई तीर्थ-पिकनिक-पर्यटन पर न ले जावे मगर बरेली बाजार जरूर घुमवाया दें |

वे सुनारों को स्पेशल आर्डर दे के हलके वजन के  झुमके बनवाती थी|

इसका लुफ्त ये था कि सहेलियों के बीच फक्र  से कह सके कि उसका झुमका भी बरेली के बाजार की भेट चढ़ चुका है यानी ख़ास बरेली में गिर के गुम हुआ  है |

सहेलियां उनके भाग्य पर, ईर्ष्या नामक नमक को बेमन गुटकती |

झुमका- पर्यटन के तुरन्त बाद वे,फालोअप , भव्य किटी पार्टी आयोजित करके सविस्तार झुमका प्रकरण पर प्रकाश फेकती |

उनका दूसरा उद्देश्य झुमका-प्रकरण को प्रचारित कर ,पर्यटन के रूप में बढावा  देना होता था | यदि सरकारें, तब उन्हें  गंभीरता से लेती तो इस बात पर, ब्रांड एम्बेसडर जरूर घोषित हो जाती  जैसा आजकल आम फैशन हो गया है|  यहां आपने सुपली भर कचरा उठाया नहीं उधर आप सफाई के बांड एम्बेसडर मुकर्रर कर दिए जाते हैं |

तब बरेली कस्बे के खोली-नुमा थाने के इंचार्च होने का लेखक को  सौभाग्य प्राप्त था |

रोज  दिन में दस-पांच झुमका-नुमा शिकायत मिलती थी |

हम  प्रधान आरक्षक से कहते  कच्चे में रिपोर्ट ले लो |

शिकायत कर्ता-कर्ती इस कच्चे रिपोर्ट पर खुलासा चाहते कि ये क्या बला है|

हम शिकायत-नेत्री  को पूछ लेते कि वे रिपोर्ट की  तस्दीक कराने में गंभीरता रखती हैं या शौकिया गुमशुदगी की रिपोर्ट करने आई हैं ...? कई घूरती .....? उनकी घूरती निगाहों में हमें आर्ट फिल्मो के कई दृश्य उमड़ पड़ते | हमे उन पर काबू करने की क्षमता थी, सो निपट लेते |  उन्हें समझा देते, बहनजी अक्सर यहाँ झुमके को लेकर दर्जनों रिपोर्ट होती हैं अगर मुहकमा इसी झुमकेबाजी-वाली खोजबीन में लगा रहे तो समझो,  ये यु पी है यू पी  ,रोजाना सैकड़ों की तादात में अपराध होते हैं | मार-काट ,लूट पकड़ ,किडनेपिंग ,यौन अपराध, शराब माफियाओं की स्मगलिंग | अब आप ही कहैं आपके चवन्नी भर के झुमके के पीछे इन सब को किसके भरोसे छोड़ दें .....? 

आप छीन -झपट का केस दर्ज करवाती तो कार्यवाही ज़रा जल्दी होने की गुजाइश भी थी | इस मशवरे के मुताबिक़ , इसके लिए आपके पास पर्याप्त पुख्ता सबूत होना जरुरी है | आप अपने कान के कटे होने की जानकारी देती  ,मेडिकल रिपोर्ट और फोटो मुहैय्या करवा देती तो हम पूरी मुस्तैदी से लग जाते |

आप हम पर भरोसा भले नहीं करती, आपके हित चाहने वाले वाले आपको प्रेस मीडिया तक ले जाते|  फोटो सहित आपका हुलिया  अगले दिन के अखबार में शाया हो जाता | इसे देखकर आपकी भोली सूरत पर किसी नेता की नजर पड़ती | आंदोलन घेराव होता | हम थाने में उनको हवाई फायर करके तितर -बितर करते | मिनिस्टर हमसे दूरभाष संपर्क कर सख्य कार्यवाही करने की चेतावनी देता |

यूँ ,हमारे भी मजे हो जाते| रोज-रोज के किच-किच विधायक को सलामी, उनके घर अर्दली ड्यूटी देने,और गुंडा मवाली से बचते| सभी  को एक जवाब से चुप कर देते कि मिनिस्टर के किसी ख़ास रिश्तेदार का  झुमका  किसी ने झपट लिया है, उसकी  तफतीश के बगैर या पहले इस  थाने में  दुसरा पत्ता भी ना हिलेगा | हमने एक मिनिस्टर के भैस प्रकरण में इस थाने को दीगर काम के लिए ठप्प कर दिया था | आप अखबार पड़ती होगी तो यह वाकया जरूर नजर से गुजरा  होगा |

हमारी तफ्तीश कुछ और आगे बढ़ती इससे पहले श्रीमति जी ने टोका ये क्या झुमका-झुमका बड़बड़ाते रहे , देखो ये झुमका  भी चपटा दिए | हमने कनखियों से उनके कान की ओर देखा ,खुदा के शुक्र से वे सही- सलामत थे | हमने मुस्कुराकर कहा , शाम को नया दिला देंगे |  झुमके अब  ओल्ड फेशन की चीज हो गई है | वो नए की खुशी में कुंदन की तरह दमकने लगी | ये चेहरा मुझे खूब पसन्द है |

--

सुशील यादव

न्यू आदर्श नगर,जोन १ ,स्ट्रीट ३

दुर्ग छ. ग.

आलेख 8601451195226668052

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