चुटकुले 430 - 463

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. *** मेरा पन्ना (http://www.jitu.info/merapanna/?p=559 ) की दुकान के कुछ भयंकर मीठे चुटकुले - चुटकुला क्र.....................................

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मेरा पन्ना (http://www.jitu.info/merapanna/?p=559 ) की दुकान के कुछ भयंकर मीठे चुटकुले -
चुटकुला क्र............................................... # 0430

पंजाब के एक रेलवे स्टेशन पर एक सरदारजी दौड़ते हुए स्टेशन मास्टर के पास आए, और बोले " साहब! वहाँ प्लेटफ़ार्म नम्बर १ की पटरी पर लगभग १०० सरदार ट्रेन के नीचे आ गए है। चलिए" स्टेशन मास्टर का माथा ठनक गया। तो दौड़े दौड़े प्लेटफ़ार्म पर पहुँचे तो देखा लगभग १०० सरदार ट्रेन से कटकर मर चुके थे। स्टेशन मास्टर ने दौडकर आने वाले सरदार से मामला पूछा:
स्टेशन मास्टर :क्या हुआ था?
सरदार : साहब! एक मिनिस्टर आने थे, ट्रेन से। सारे सरदार उस मिनिस्टर के स्वागत के लिये प्लेटफ़ार्म पर खड़े थे। अचानक एनाउन्समेन्ट हुई, कि ट्रेन प्लेटफ़ार्म नम्बर एक पर आ रही है। बस फिर क्या था,सारे सरदार पटरी पर उतर पड़े, अपने नेता के स्वागत के लिये और कट कर मर गए।
स्टेशन मास्टर : अच्छा तो ये बात है, लेकिन तुम कैसे बच गए तुम भी तो सरदार हो।
सरदार : साहब मैं तो स्टेशन पर आत्महत्या करने आया था, इत्ते सारो के ऊपर कैसे कूदता?


चुटकुला क्र............................................... # 0431

एक छोटा सा जोक है:
एक सरदार कान पर मोबाइल लगाए, बात करते हुए जा रहे थे, अचानक उनके मोबाइल की घन्टी बज उठी।


चुटकुला क्र............................................... # 0432

एक जनाब अक्सर अपनी बीबी को छेड़ा करते थे। जब भी वे काम पर जाते तो बोलते:
"गुड बाय! चार बच्चों की अम्मा। "
बीबी बहुत परेशान, एक दिन उसने भी जवाबी हमला बोल दिया। जैसे ही पति बोला,
"गुड बाय! चार बच्चों की अम्मा।
बीबी बोलो : "बाय बाय, दो बच्चो के बापू।"

चुटकुला क्र............................................... # 0433

मानो या ना मानो, सन्ता सिंह और बन्ता सिंह एक दिन शतरन्ज खेलते हुए पाए गए।

चुटकुला क्र............................................... # 0434

एक शेर मुलाहिजा फरमाए :
जिसके दिल मे दर्द है वो दिलदार है
जिसके दिल मे दर्द है वो दिलदार है
जिसके दिल मे दर्द है वो दिलदार है
जिसके सर मे दर्द है वो सरदार है।

अब कुछ निरन्तर के पुराने अंक से :

चुटकुला क्र............................................... # 0435

समाचार वाचक सुक्खी ने समाचार चैनल पर एक ब्रेकिंग न्यूज़ कुछ यों दी

एक दो सीटर जहाज आज पंजाब के एक कब्रिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय सरदारों को पाँच सौ लाशें मिली है और वे अभी बाकी यात्रियों को खोद खोद कर ढूँढ रहे हैं।


चुटकुला क्र............................................... # 0436

सुक्खी एक बीमार चीनी दोस्त कि मिजाजपुरसी करने देखने अस्पताल गये। जब वे बस जा ही रहे थे कि उसी पल उनका दोस्त उनके सामने ही तीन शब्द "चिन यू यान" कह कर खुदा को प्यारा हो गया। सुक्खी बड़े परेशान हुये। पुस्तकालय जाकर तुरंत एक चीनी शब्दकोश देखा उस वाक्य का मतलब पता करने के लिये। मतलब पता चला, "नामुराद! तू मेरी आक्सीजन ट्यूब पर पाँव रक्खे खड़ा है।"

चुटकुला क्र............................................... # 0437

अध्यापक: सुक्खी, तुम्हारा कुत्ते पर लिखा निबंध तुम्हारे भाई के निबंध जैसा क्यो हैं? क्या तुमने नकल की?
सुक्खी:ओ नइ जी नइ, बात यह है कि हम दोनों ने एक ही कुत्ते पर निबंध लिखे हैं।

चुटकुला क्र............................................... # 0438

टीचर : राजू अपने पिताजी का नाम अंग्रेजी मे लिखो
राजू : ब्यूटीफुल रेड मेल अन्डरवियर
टीचर : ये क्या बदतमीजी है
राजू मासूमियत से बोला : "मास्साब मेरे पिताजी का नाम सुन्दर लाल चड्ढा है।"


चुटकुला क्र............................................... # 0439

एक बार एक सरदार जी, हिन्दू,मुस्लिम और अंग्रेज हनुमान के मन्दिर के बाहर बैठे थे।सभी हनुमान को अपने अपने धर्म का बता रहे थे।
हिन्दू बोला: "हनुमान जी हमारे ईष्ट देव है। रामायण मे इसका उल्लेख है।
मुसलमान : "हनुमान शब्द, सुलेमान से बना है, इसलिए हनुमान मुसलमान हुए"
अंग्रेज बोला: "हनुमान, हैनीमैन, सुपरमैन शब्द से बना है, इसलिए हनुमान अंग्रेज हुए।"
सरदार बहुत देर तक बकझक सुनता रहा, आखिर मे बोला : "हनुमान सरदार थे"
सभी : "कैसे?"
सरदार : देखो, बीबी किसकी गयी थी? राम की। लेकर कौन गया था? रावण। लंका मे जाकर कौन पिला था? हनुमान। सिर्फ़ एक सरदार ही बिलावजह कंही भी पिल सकता है। इसलिए हनुमान सरदार थे।
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और ये हैं फ़ुरसतिया (http://hindini.com/fursatiya/?p=158 ) के कुछ प्राचीन, वजनदार चुटकुले

चुटकुला क्र............................................... # 0440

.एक मियाँ साहेब परदेस में सरिश्तेदारी पर नौकर थे। कुछ दिन पीछे घर का एक नौकर आया और कहा कि मियाँ साहब,आपकी जोरू राँड हो गई। मियाँ साहब ने सिर पीटा,रोए गाए,बिछौने से अलग बैठे, सोग माना, लोग भी मातम-पुरसी को आए। उनमें उनके चार पाँच मित्रों ने पूछा कि मियाँ साहब आप बुद्धिमान हो के ऐसी बात मुँह से निकालते हैं,
भला आपके जीते आपकी जोरू राँड होगी। मियाँ साहब ने उत्तर दिया-"भाई बात तो सच है,खुदा ने हमें भी अकिल दी है,मैं भी समझता हूँ कि मेरे जीते मेरी जोरू कैसे राँड होगी। पर नौकर पुराना है,झूठ कभी न बोलेगा।

चुटकुला क्र............................................... # 0441
.दो कुमारियों को एक जादूगरनी ने खूब ठगा,उनसे कहा कि हम एक रुपये में तुम दोनों को तुम्हारे पति का मुख दिखा देंगे और रुपया लेकर उन दोनों को एक आईना दिखा दिया। बिचारियों ने पूछा," यह क्या"? तो बह डोकरी बोली-"बलैया ल्यौ जब ब्याह होगा तो यही मुंह दूल्हे का हो जायेगा।"

चुटकुला क्र............................................... # 0442
एक नामुराद आशिक से किसी ने पूछा,"कहो जी तुम्हारी माशूक तुम्हें क्यौ नहीं मिली?"बेचारा उदास होके बोला,"यार कुछ न पूछो। मैंने इतनी खुशामद की कि उसने अपने को सचमुच की परी समझ लिया और हम आदमियों से बोलने में भी परहेज किया।

चुटकुला क्र............................................... # 0443
लाला रामसरन लाल ने देर होने पर रामचेरवा से खफा होकर कहा,"क्यौं बे नामाकूल आज तू इतनी देर कर आया कि और नौकरों के काम शुरू किये एक घंटा से ज्यादा गुजर गया"। वह नटखट झट बोला,"तब लालाजी ओमें बात को हौ ! सांझ के हम और लोगन से एक घंटा अगौंऐं चल जाब हिसाब बराबर होय जाइब"।

चुटकुला क्र............................................... # 0444
.एक धनिक के घर उसके बहुत से प्रतिष्ठित मित्र बैठे थे,नौकर बुलाने को घंटी बजी। मोहना
भीतर दौड़ा पर हंसता हुआ लौटा और नौकरों ने पूछा,"क्यौं बे हंसता क्यौं है?" तो उसने जबाब दिया,"भाई,सोलह हट्टे-कट्टे जवान थे उन सभी से एक बत्ती बुझाये न बुझी। जब हम गये तब बुझाई।"
चुटकुला क्र............................................... # 0445
किसी अमीर ने जरा सी शिकायत के लिये हकीम को बुलाया। हकीम ने आकर नब्ज देखी
और पूछा-
आपको भूख अच्छी तरह लगी है?
अमीर ने कहा- हाँ।
हकीम ने फिर सवाल किया-आपको नींद भरपूर आती है?
अमीर ने जवाब दिया-हाँ।
हकीम बोला- तो मैं कोई दवा ऐसी तजबीज़ करता हूँ जिससे यह सब बातें जाते रहें।

चुटकुला क्र............................................... # 0446
अमेरिका के एक जज ने किसी गवाह की हाजिरी और हलफ लाने के लिये हुक्म दिया।
वकीलों ने इत्तिला दी कि वह शख्स बहरा और गूंगा है।
जज ने कहा,"मुझे इससे कोई गरज़ नहीं कि वह बोल सकता है या नहीं। यूनाइटेड स्टेट्‌स का कानून यह मेरे सामने मौजूद
है। इसके मोताबिक हर आदमी को अदालत में बोल सकने का हक हासिल है और जब तक मैं इस अदालत में हूँ हर्गिज कानून के बखिलाफ तामील होने की इजाजत न दूंगा जिसमें किसी की हकतलबी हो। जो कानून की मनशा है उस पर उसको जरूर अमल करना पड़ेगा।"

चुटकुला क्र............................................... # 0447
.मिलटन की बीबी निहायत बदमिजाज थीं मगर खूबसूरत भी हद से ज्यादा थी। लार्ड बकिंगहेम ने एक रोज मिलटन के सामने उसकी नजाकत की तारीफ करते हुये उसकी उपमा गुलाब के फूल से दी।
मिलटन ने कहा ,"चूंकि मैं अंधा हूँ और नजाकत नहीं देख सकता तो भी आपकी बात की सचाई पर गवाही देता हूँ। हकीकत में वो गुलाब का फूल है क्योंकि कांटे अक्सर मेरे भी लगते रहते हैं।

चुटकुला क्र............................................... # 0448
एक डाक्टर साहिब कहीं बयान कर रहे थे कि दिल और जिगर की बीमारियाँ औरतों से
ज्यादा मर्दों को होतीं हैं।

एक जवान खूबसूरत औरत बोल उठी," तभी मर्दुए औरों को दिल देते फिरते हैं।"

चुटकुला क्र............................................... # 0449
एक शख्स ने किसी से कहा कि अगर मैं झूठ बोलता हूँ तो मेरा झूठ कोई पकड़ क्यों
नहीं पाता?

उसने जवाब दिया -आपके मुंह से झूठ इस कदर जल्दी-जल्दी निकलता है कि कोई उसे पकड़ नहीं सकता।

चुटकुला क्र............................................... # 0450
एक वकील ने बीमारी की हालत में अपना सब माल और असबाब पागल, दीवाने और
सिड़ियों के नाम कर दिया।

लोगों ने पूछा, "यह क्या किया?"

उसने जवाब दिया," यह माल मुझे ऐसे ही आदमियों से मिला था इसीलिये अब उनका माल उनको ही दिये जाता हूँ।"

चुटकुला क्र............................................... # 0451
एक काने ने किसी आदमी से यह शर्त बदी कि जो मैं (काना) तुमसे(आदमी से) ज्यादा देखता हूँ तो पचास रुपया जीतूँ और जब शर्त पक्की हो चुकी तो काना बोला कि लो मैं जीत गया।

आदमी ने पूछा-कैसे?

काने ने जवाब दिया-"मैं तुम्हारी दोनों आंखे देखते हो और तुम मेरी एक ही देख पाते हो।"

चुटकुला क्र............................................... # 0452
एक राजपूत बहुत अफीम खाता था। संयोग से उसे विदेश जाना पड़ा। वहां किसी अड्डे पर रुका तो लोगों ने सावधान किया-ठाकुर साहब!यहाँ चोरी बहुत होतीं हैं। आप चौकसी से रहियेगा। यह बात सुनकर रात तो उसने जागकर काटी,पर यह बात जी में रखी कि चोरी बहुत होती है। भोर होते ही वो घोड़े की पीठ लगाकर एक नगर के बीच चला जाता था कि एका एकी पीनक से चौंक कर पुकारा,अरे रमचेरा!अरे रमचेरा! घोड़ा कहाँ? वह बोला महाराज! घोड़े पे तो बैठेही जाते हो,और घोड़ा कैसा? अफीमची ठाकुर साहब बोले," ये तो हमें भी पता है कि हम घोड़े पर ही बैठे हैं। इस बात की कुछ चिंता नहीं पर सावधान रहना अच्छा है।"

चुटकुला क्र............................................... # 0453
.किसी बड़े आदमी के पास एक ठठोल आ बैठा था,और इनके यहां कहीं से गुड़ आया।उसने ठठ्ठे में कहा कि महाराज! मैंने जनम भर में तीन बिरिया गुड़ खाया है।

बोला,बखान कर। ठठोल बोला,'एक तो छठौ के दिन जनमघूंटी में खाया था ;और एक कान छिदाये थे; और एक आज खाऊंगा।

उन्ने कहा,जो मैं न दूं तो? वो ठठोल बोला तो दो ही सही!

चुटकुला क्र............................................... # 0454
एक सौदागर किसी रईस के पास एक घोड़ा बेचने को लाया और बार-बार उस की तारीफ में कहता ,"हुजूर यह जानवर गजब का सच्चा है"।

रईस साहब ने घोड़े को खरीदकर सौदागर से पूछा कि घोड़े के सच्चे होने से तुम्हारा क्या मतलब है।

सौदागर ने जवाब दिया"हुजूर जब कभी मैं इस घोड़े पर सवार हुआ तो इसने हमेशा गिरने का खौफ दिलाया और सचमुच इसने आज तक कभी झूठी धमकी नहीं दी।"

चुटकुला क्र............................................... # 0455
.एक दिल्लगीबाज शख्स एक वकील से ,जिसने किसी मजनून पर एक वाहियात सा रिसाला लिखा था, राह में मिला और बेतकुल्लफी से कहा,"वाह जी तुम भी अजब आदमी हो कि मुझसे आज तक अपने रिसाले का जिकर भी न किया। अभी कुछ वरक जो मेरी नजर से गुजरे उसमें मैंने ऐसी उम्दा चीजें पाईं कि जो आज तक किसी रिसाले में देखने में न आईं थीं।

वह शख्स इस लाइक आदमी की ऐसी राय सुनकर खुशी के मारे फूल उठा और बोला,"मैं आपकी कद्‌रदानी का निहायत ही शुक्रगुजार हुआ-मेहरबानी करके बतलाइये कि वह कौन-कौन सी चीजें हैं जो आपने उस रिसाले में इस कदर पसंद कीं।"

उसने जवाब दिया ,"आज सुबह को मैं एक हलवाई की दुकान की तरफ से गुजरा तो क्या देखा कि एक लड़की आपके
रिसाले के वरकों में गर्मागर्म समोसे लपेटे लिये जाती है। ऐसी उम्दा चीज आज तक किसी रिसाले में देखने में न आईं थीं।"

चुटकुला क्र............................................... # 0456
मोहिनी ने कहा-न जानैं हमारे पति से ,जब हम दोनों की राय एक ही है, तब फिर क्यों लड़ाई होती है।
क्योंकि वह चाहते हैं कि मैं उनमें दबूं और यही मैं भी चाहती हूँ।

चुटकुला क्र............................................... # 0457
एक मौलवी साहब अपने एक चेले के यहाँ खाने गये। जब मेज पर खाना लग चुका तो चेले ने मौलाना साहब से दुआ मांगने को कहा।
एक लड़के ने जो वहाँ हाजिर था घबड़ाकर अपने बाप से पूछा,"बाबा जब यह कहीं खाने आते हैं तब हमेशा हाथ उठा कर बड़ी मिन्नत करते हैं। क्यो जो आरजू न करें तो लोग बुला कर भी इन्हें भूखा फेर(लौटा) दें।"

चुटकुला क्र............................................... # 0458
किसी लायक मौलवी ने एक बार निहायत उम्दा और दिलचस्प तौर पर तकरीर की कि खैरात के बराबर दुनिया में कोई अच्छा काम नहीं है।
एक मशहूर कंजूस जो वहां मौजूद था बोला,"इस तकरीर में यह अच्छी तरह साबित हो जाता है कि खैरात करना फर्ज है इसलिये मेरा भी जी चाहता है कि फकीर हो जाऊं।"

चुटकुला क्र............................................... # 0459
लार्ड केम्स अक्सर अपने दोस्तों से एक शख्स का किस्सा बयान किया करते थे जिससे उनके मुलाकाती होने का बड़ा पक्का पता बतलाया गया था। लार्ड साहब जिन दिनों जज थे एक बार किसी सफर में राह भूल गये और एक आदमी से जो सामने पड़ा दर्खास्त की कि भाई हमें रास्ता बता देना।

उसने बड़ी मोहब्बत से जबाब दिया,"हुजूर मैं निहायत खुशी से आपकी खिदमत में हाजिर हूँ। क्या हुजूर ने मुझे पहचाना नहीं ? मेरा जान ...है और मैं एक बार बकरी चुराने की इल्लत में हुजूर के सामने पेश होने की इज्जत हासिल कर चुका हूँ।"

"अहा जान,मुझे बखूबी याद है। और तुम्हारी जोरू किस तरह है? उसने भी तो मेरे सामने होने की इज्जत हासिल की थी क्योंकि उसने चोरी की बकरियों को जानबूझकर घर में रख छोड़ा था।"

हुजूर के इकबाल से बहुत खुश है।हम लोग उस बार काफी सबूत न होने की बदौलत छूट गये थे। अब तक हुजूर की बदौलत वही पेशा किये जाते हैं।

लार्ड केम्स बोले,"तब तो हम लोगों को एक दूसरे से मुलाकात की फिर भी कभी इज्जत हासिल होगी।"

चुटकुला क्र............................................... # 0460
एक नौजवान जोड़ा किसी हिल स्टेशन में हनीमून के लिये गया। होटल में खाने के रेट वगैरह तय हो गये। संयोग कुछ ऐसा हुआ कि वे रोज बाहर घूमने जाते तो रात का खाना बाहर ही खाकर आते । तथा इस दौरान वे होटल में मना भी नहीं कर पाते कि वे रात का खाना नहीं खायेंगे।

होटल से चलते समय जब बिल मिला तो उसमें डिनर के पैसे जुड़े थे। पति बोला-भई डिनर तो हमने कभी लिया नहीं। ये डिनर के पैसे कैसे जोड़ दिये?

मालिक बोला-आपने तो मना भी नहीं किया। हम रोज बनाते रहे कि हमारे ग्राहक भूखे न रहें। आपके लिये खाना तो तैयार था। आप न खायें तो हमारा क्या दोष ? पैसे तो डिनर के बिल में जुड़ेंगे।

आदमी ने पैसे दे दिये। सूटकेस उठाकर बाहर की तरफ चलने लगा। अचानक उसने होटल मालिक की गरदन पकड़ ली।

बोला ,"तुमने मेरी बीबी को छेड़ा कैसे? पांच हजार रुपये दो तुरंत नहीं तो पुलिस को रिपोर्ट करता हूँ।"

होटल वाला बोला मैंने कहां छेड़ा? मैंने तो उसकी तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखा।

पति गरदन दबाते हुये बोला-"तुमसे उसे छेड़ा नहीं तो इसमें उसकी क्या गलती? वो तो तैयार थी!"

चुटकुला क्र............................................... # 0461
एक मूर्ख से लड़के की शादी हो गयी। शादी के बाद ससुराल वालों को पता चला कि लड़का बेवकूफ है। लेकिन न इसकी पुष्टि हो पायी न खंडन। लिहाजा वे चुप रहे। शादी के कुछ दिन बाद गौने के लिये अपनी दुलहन को लेने के लिये लड़का ससुराल जाने लागा तो उसकी समझदार मां ने समझाया-बेटा ससुराल में सब बडों को प्रणाम करना ,आदर केसाथ बोलना
तथा छोटों से प्यार से बोलना।

लड़के ने कहा -अच्छा अम्मा। अउर कुछ?

मां बोली-हां बेटा । एक बात और करना कि वहां जो बोलना शुद्ध-शुद्ध बोलना ।

लड़का बोला-शुद्ध-शुद्ध बोलना ! यहिका का मतलब है?

मतलब यह कि बेटा वहां जब कोई पूछे खाना कइस बना है ? तो यह न कहना कि खाना नीक (अच्छा)बना है। कहना-भोजन बड़ा स्वादिष्ट है। और हां,पानी को पानी न कहना जल कहना ताकि लोग समझें कि दामाद पढ़ा-लिखा विद्वान है।

लड़के ने बात गांठ बांध ली तथा ससुराल के चल पड़ा।

ससुराल में उसके सभ्य व्यवहार से सब लोग चकित रह गये। वे समझे कि किसी ने उनको भड़काने के लिये दूल्हे के बारे में अफवाह उड़ा दी है कि वह पागल है। ऐसा विनयी,मितभाषी दामाद उन लोगों ने आसपास कहीं नहीं देखा था।

फिर भी गांव की महिलाओं में उत्सुकता थी सो वे खाना खिलाने के समय किसी न किसी बहाने आंगन में जमा थीं।

खाने के दौरान सास ने पूछा-बेटा ,खाना कइस बना है?

दामाद जी विनम्रता से बोले-माताजी ,भोजन तो बड़ा स्वादिष्ट बना है।

इस पर सास से अपनी प्रसन्नता छिपाये नहीं छिपी- वह आसपास की महिलाओं से उलाहने के स्वर में बोली- देखा,झुट्ठै सब लोग कहत रहलीं कि हमार दमाद पागल है,हमार दमाद पागल है। सबके दमाद तो कइसी अइली-गइली बतियात हैं। हमार दमाद तो देखा केतना बड़ा ज्ञानी है कहत है -'भोजन बड़ा स्वादिष्ट है।'

लड़के ने भी इस कनफुस-वार्ता को सुन लिया। उससे भी रहा न गया। वह बोला-तू त इतनैं मा छिटकै लगलू। अगर हम जो कहूँ पानी का जल कहि देब तौ तो तुम्हार छतियै फाटि जाई।
(तुम तो इतने में ही उछलने लगी। अगर मैं पानी को जल कह दूंगा तो तो तुम्हारी जान ही निकल जायेगी।)

चुटकुला क्र............................................... # 0462
एक ट्रक के पीछे बहुत से कुत्ते हांफते हुये भाग रहे थे। किसी ने एक कुत्ते से पूछा, "तुम कहां जा रहे हो?" कुत्ता हांफते हुये बोला, "मेरे आगे वाले से पूछो। जहां वह जा रहा है, वहीं मैं भी जा रहा हूं"। आगे वाले ने भी यही जवाब दिया। जब सबसे आगे वाले से पूछा गया तो वह हांफते हुये बोला, "यह तो नहीं पता हम कहां जा रहे हैं। बस इस ट्रक के पीछे लगे हैं। ट्रक में लदे हैं बांस। यह ट्रक जहां तक जायेगा हम वहां तक जायेंगे। जहां ट्रक रुकेगा, बांस उतारे जायेंगे, फिर गाड़े जायेंगे। जहां बांस गड़ेंगे हम वहीं मूत के भाग आयेंगे।"
(निरंतर के अप्रैल ,२००५ के अंक में पूर्व प्रकाशित)

चुटकुला क्र............................................... # 0463
.एक बार देखादेखी जंगल के जानवरों को भी चुनाव का चस्का लग गया। वहां भी जनता कीकी बेहद मांग पर चुनाव कराये गये। वोट पडे। संयोग कुछ ऐसा कि सबसे ज्यादा वोट बंदर को मिले। लिहाजा बंदरराजा बन गया। शेर ने बंदर को चार्ज दे दिया।
एक दिन बंदर के पास एक बकरी आयी। बोली -महाराज शेर मेरे बच्चे को उठा ले गया है। आप कुछ करो नही तो मेरा बच्चा मारा जायेगा।
बंदर बोला-शेर की यह हिम्मत?ऐसा कैसे किया उसने?अब वो कोई राजा तो है नहीं कि जो मन आये करता रहे। राजा तो मैं हूं। बताओ कहां है शेर ?मैं अभी उसे देखता हूं।
बकरी उसको ले के गयी शेर के पास। शेर एक पेड के नीचे मेमने को अपने पंजे में दबोचे बैठा था। खाने की तैयारी में।

बकरी ने कहा-महाराज बचाइये मेरे बच्चे को।
बंदर ने त्वरित निर्णय लिया और उसी पेड के ऊपर चढ गया जिसके नीचे शेर बैठा था। वह एक डाल से दूसरी डाल,दूसरी से तीसरी डाल कूदता। पसीने -पसीने हो गया पर कूदना जारी रखा।
काफी देर हो जाने पर बकरी बोली -महाराज, कुछ करिये नही तो मेरा बच्चा मारा जायेगा।
इस पर बंदर हांफते हुये बोला-"देखो ,तुम्हारा बच्चा रहे या मारा जाये। हमारी दौड-धूप में कोई कमी हो तो बताओ।"
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पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi 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