चुटकुले - किश्त 651 से 700

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चुटकुला # 0651 सेठ जी (पत्नी से)- ‘कल तुम मायके गई थी कि रात घर में चोर घुस आए। उन्होने मुझे खूब मारा-पीटा, यहां तक कि मुझे मुर्गा भी बना ...

चुटकुला # 0651

सेठ जी (पत्नी से)- ‘कल तुम मायके गई थी कि रात घर में चोर घुस
आए। उन्होने मुझे खूब मारा-पीटा, यहां तक कि मुझे मुर्गा भी बना
दिया।‘
पत्नी - ‘क्या आपने शोर नहीं मचाया?‘
सेठ जी - ‘मैं कोई डरपोक था जो शोर मचाता।‘

चुटकुला # 0652

पत्नी से तंग आकर रामलाल एक साधु के पास गया। रामलाल ने साधु से
कहा, ‘महाराज, बीवी ने परेशान कर रखा है। इसका कोई उपाय बताइए।‘
साधु (रामलाल से)- अबे, अगर बीवी से बचने का तरीका मालूम होता, तो
मैं ही साधु क्यों बनता।

चुटकुला # 0653

मोहन लाल एक बुक देखते हुए बुरी तरह रोने लगा। तभी उसकी पत्नी आ
गई और बोली, ‘क्या हुआ इस तरह क्यों रो रहे हो, शर्म नहीं आती?‘
मोहन लाल (अपनी पत्नी से)- ‘कुछ नहीं हुआ दरअसल इस बुक का अंत
ही इतना दुखदाई है कि मैं अपनी रुलाई न रोक सका।‘
पत्नी तेजी से बोली, ‘कौन सी बुक है जी?‘
मोहन लाल ने धीरे से कहा, - ‘पासबुक।‘


चुटकुला # 0654
पत्नी (पति से) - कुछ साल पहले तुमने मुझसे कहा था कि तुम स्वर्ग में
मेरे बिना रहने की बजाय मेरे साथ नर्क में रहना पसद करोगे।
पति (पत्नी से) - बदकिस्मती से मेरी इच्छा पूरी हो गई।

चुटकुला # 0655

पति (पत्नी से) - शादी से पहले मैं काफी आवारागर्दी किया करता था।
क्या तुम भी ऐसा ही करती थी?
पत्नी (पति से) - ‘अब बिना गुण मिले शादी थोड़े ही होती है।‘ पत्नी
शरमाते हुए बोली।

चुटकुला # 0656

पत्नी (पति से) - आप नींद में बहुत बोलते है इस वजह से मेरी नींद
खराब हो जाती है।
पति (पत्नी से) - तो क्या अब मैं अब नींद में भी नहीं बोल सकता, उसमें
भी केवल तुम्हारी सुनूं।

पति (पत्नी से)- तुम इतनी अच्छी रोटियां नहीं बना सकती, जितनी अच्छी
मेरी मां बनाती थी।
पत्नी (पति से)- और तुम भी उतना अच्छा आटा नहीं गूंथ सकते, जितना
अच्छा मेरे पिताजी गूंथते थे।

चुटकुला # 0657

पत्नी (पति से) - शादी के पहले तो तुम कहा करते थे कि मैं तुम्हारे लिए
आसमान से तारे तोड़कर ला दूंगा। अब लाकर क्यों नहीं देते।
पति (पत्नी से) - अब आसमान के तारे कहां से ला सकता हूं। शादी के
बाद सारे तारे गर्दिश में जो चले गए।

चुटकुला # 0658

एक कंजूस व्यक्ति की पत्नी मरणासन्न अवस्था में थी। इतने में घर की
बत्ती चली गई। कंजूस व्यक्ति शिकायत दर्ज करवाने बिजली घर गया।
जाते-जाते पत्नी से बोला, ‘मैं बाहर जा रहा हूं, यदि तुम मरने लगो, तो
मोमबत्ती बुझा देना।‘

चुटकुला # 0659

मियां-बीवी में धन-दौलत की मिल्कियत को लेकर जबरदस्त कहा-सुनी हो
गई। बीवी ने गुस्से से कहा, ‘तुम्हारा इस घर में है क्या, जो कुछ है, सब
मेरे पिता ने दहेज में दिया है।‘
संयोगवश उसी रात घर में चोर घुस गए। बीवी की आंख खुल गई। वह
मियां को जगाने लगी, ‘जल्दी उठो, घर में चोर घुस आए है।‘
मियां ने करवट बदलते हुए कहा, ‘मैं क्यों उठूं, मेरा इस घर में है ही
क्या?‘

चुटकुला # 0660

पत्नी (पति से)- ‘शादी पर जो तुमने सोने की अंगूठी दी थी, वह आज
कही गिर गई।‘
पति (पत्नी से)- ‘आज ही मेरे कोट की जेब से सौ रूपए चोरी हुए, खैर
कोई बात नहीं।‘
पत्नी (पति से)- क्यों?
पति (पत्नी से)- तुम्हारी अंगूठी मिल गई।
पत्नी (खुश होकर)- सच कहां मिली?
पति (पत्नी से)- उसी जेब में से, जिसमें से सौ रूपए गायब हुए है।


चुटकुला # 0661
एक साहब ने कैमिस्ट से दवाइयां खरीदते समय उससे कहा, ‘दवाइयो को
अलग-अलग लिफाफे में रखकर उस पर लिख दीजिए कि कौन सी मेरी
बीवी की है और कौन सी मेरे कुत्ते की।
मैं नहीं चाहता कि दवाएं बदल जाएं और मेरे कुत्ते को कुछ हो जाये।‘

एक बार शर्मा जी के पेट के ऊपर से चूहा निकल गया तो वह उठकर
चिल्लाने लगे।
शर्मा जी की पत्नी (पति से)- ‘इसमें इतना चिल्लाने की क्या बात है?‘
शर्मा जी (पत्नी से)- ‘आज तो चूहा गुजरा है। कल हाथी, घोड़े, बैल, मोटर
सभी गुजरेगे। इस तरह तो मेरा पेट आम रास्ता बन जाएगा।‘


चुटकुला # 0662
पति-पत्नी शॉपिंग के लिए बाजार गये तो पत्नी बोली- कितनी अजीब सी
बात है कि मेरे पास साड़ी का बार्डर है पर साड़ी नहीं, शीशी है पर सैट
नहीं, अंगूठी है पर नेकलेस नहीं।
यह सुनकर शांत स्वभाव से पति महोदय ने कहा- मेरा भी यही हाल है।
मेरे पास पर्स है पर पैसे नहीं।

चुटकुला # 0663

पत्नी (पति से)- ‘वह कौन सी चीज है जो औरतों को पसंद नहीं पर मर्दो
को पसंद है?
पति (पत्नी से)- ‘खामोशी।'
* * *
तेज-तर्रार पत्नी ने पति से पूछा- यदि तुम साड़ी पहनकर घर में रहो तो
क्या होगा?
दब्बू पति का जवाब था- कुछ भी नहीं।
पत्नी ने आंखे तरेर कर पूछा- क्यों?
पतिदेव ने जरा धीरे से कहा- क्योंकि मैं घर के कपड़े और बर्तन आज भी
धोता हूं और तब भी धोऊंगा।

चुटकुला # 0664

पति (पत्नी से)- पिछले एक घंटे से चाय का इंतजार कर रहा हूं। इतनी देर
तक तुम बालकनी में क्या कर रही थी?
पत्नी (पति से)- पड़ोस वाली मिसेज शर्मा से बातें कर रही थी।
पति (पत्नी से)- इतनी देर तक जब बात करनी थी तो उन्हें घर ही क्यों
नहीं बुला लिया?
पत्नी (पति से)- मैंने उनसे कहा था, पर वह बोली मेरे पास समय नहीं है।

चुटकुला # 0665
पत्नी (पति से)- इस बस के कन्डक्टर ने मेरी बेइज्जती की है।
पति (पत्नी से)- भला वह कैसे?
पत्नी (पति से)- जब मैं बस से उतरी तो कंडक्टर ने कहा, तीन सवारियां
इस सीट पर आ जाए।

चुटकुला # 0666

पत्नी ने अपने पिता को घर आया देख पति से पूछा, क्यों जी मेरे पिताजी
अचानक घर कैसे आ गए कही आपने तो नहीं बुलाया।
पति (पत्नी से)- नहीं।
पत्नी (पति से)- तो फिर क्यों आए है?
पति (पत्नी से)- मैंने कुछ दिन पहले आपके घर जो पत्र लिखकर डाला था,
उसे पढ़वाने के लिए क्योंकि मेरी लिखाई मेरे अलावा कोई नहीं पढ़
सकता।

चुटकुला # 0667

पत्नी (पति से)- प्रिय कुछ साल पहले तुमने कहा था कि तुम स्वर्ग में मे
ेरे बिना रहने के बजाय मेरे साथ नरक में रहना पसंद करोगे।
पति (पत्नी से)- बदकिस्मती से मेरी यह इच्छा पूरी हो गई है।

चुटकुला # 0668

एक व्यक्ति थाने आया और थाना इंचार्ज से बोला- जी, मेरी लड़ाकू बीवी
एक साल पहले कही गुम हो गई थी। उसी की रिपोर्ट लिखानी है।
एक साल पहले? और आप अब रिपोर्ट लिखा रहे है? थाना इंचार्ज ने
आश्चर्यचकित होकर पूछा।
‘जी, वास्तव में मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि मैं इतना भाग्यवान
भी हो सकता हूं।‘ व्यक्ति ने जवाब दिया।

चुटकुला # 0669

पत्नी (पति से)- ‘आप बहुत देर से घर आए हो।‘
पति ने भी पत्नी पर इल्जाम लगाते हुए कहा, ‘और तुम इतनी रात तक
जाग कर क्या कर रही हो।
पत्नी (पति से)- मैं पांच घंटे से आपके इंतजार में जाग रही थी।
पति (पत्नी से)- और मैं पांच घंटे से इसी इंतजार में बाहर खड़ा था कि
तुम सो जाओ तो मैं अंदर आऊं।

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चुटकुला # 0670

पत्नी ने अपने पति से शिकायती अंदाज में कहा, ‘आप नींद में बहुत बोलते
है, कई बार तो मेरी नींद ही खुल जाती है........‘
‘तो क्या मैं नींद में भी न बोलूं, तुम्हारी ही सुनता रहूं।‘

चुटकुला # 0671

पत्नी (पति के हाथ से एक पैकेट छीनते हुए)- ‘अच्छा तो तुम इस पैकेट
में सोने की चीज लाए हो। जरा देखूं तो तुम मेरे लिए क्या बनवा कर
लाए हो?‘
पति (झल्लाकर)- ‘अरे भाग्यवान। इसमें सोने की गोलियां है। सोने के
जेवर नहीं।‘

चुटकुला # 0672

राकेश खाना खाते वक्त अचानक रुक गया और अपनी पत्नी से पूछने लगा,
‘आज का खाना क्या तुम्हारी मां ने बनाया है?‘
पत्नी खुश होकर बोली, ‘हां, खाना बड़ा स्वाद बना है ना?‘
राकेश (पत्नी से)- ‘नहीं रोज खाने में काले बाल मिलते थे लेकिन आज
सफेद मिल रहे है।‘

चुटकुला # 0673

पति (पत्नी से)- ‘अभी मीना की शादी की क्या जल्दी है? बहुत समय पड़ा
है। जब तक कोई अच्छा लड़का न मिले तब तक हमें बाट देखनी चाहिए।'
पत्नी (पति से)- ‘बाट भी कब तक देखी जा सकती है? जब मैं शीला की
उम्र की थी तो मेरे घरवालों ने ही अच्छा लड़का मिलने का इंतजार कहां
किया था?'


चुटकुला # 0674
पति (गुस्से से)- मैं पूछना चाहता हूं कि इस घर में मेरा हुक्म चलता है
या तुम्हारा?
पत्नी (पति से)- यह बात न ही पूछे तो अच्छा है क्योंकि इसका जवाब
सुन कर आपको कोई खास खुशी नहीं मिलेगी।

एक साहब नशे में चूर रात को तीन बजे घर पहुंचे। घर पहुंचते ही वे
देखते है कि उनकी पत्नी किसी दूसरे आदमी के साथ बैठी बातें कर रही है।
वे कुछ बोलते उससे पहले ही पत्नी उन पर बरस पड़ी। ‘कहां थे अब तक?
ये कोई घर आने का समय है? आवारागर्द कही के ।'
पति (पत्नी से)- ‘लेकिन तुम्हारे साथ ये आदमी कौन है?'
पत्नी (पति से)- ‘चुप रहो, टॉपिक बदलने की कोशिश मत करो।'

चुटकुला # 0675

अपनी नवविवहिता पत्नी से पति ने पूछा- शादी से पहले कितने आदमियों
से तुम्हारी दोस्ती थी?
पत्नी की खामोशी देखकर पति ने फिर पूछा- क्या उत्तर नहीं दोगी।
मैं अभी गिन ही रही हूं- पत्नी ने जवाब दिया।

चुटकुला # 0676

आपके शो-केस में जो साड़ी टंगी है, क्या आप इसे मेरे लिए निकाल सकते
है? एक युवक ने दुकानदार से कहा।
दुकानदार- ‘क्यों नहीं, मैं अभी निकलवाकर आपके लिए पैक करवा देता
हूं।'
युवक - ‘जी, पैक करवाने के लिए नहीं, मैं तो वहां से निकलवाने के लिए
कह रहा था। दरअसल जब भी हम यहां से गुजरते है मेरी पत्नी उस साड़ी
को खरीदने की जिद करने लगती है।'


चुटकुला # 0677
मंजीत ने मोहिनी को पुरानी बातें याद दिलाते हुए कहा, ‘तुम तो कहा
करती थी कि शादी के बाद तुम मेरे जीवन में हरियाली ला दोगी।'
मोहिनी - अरे, ‘वही तो कर रही हूं।' ये जो ढेर सारे गमले मैं लाई हूं, वे
सब हरियाली के लिए ही तो है।


चुटकुला # 0678
एक सज्जन ने अपने मित्र से पूछा- बताओ, शादी के बाद चैन की नींद
कौन सोता है- पति य पत्नी?
मित्र - दोनो। फर्क सिर्फ इतना सा है कि पत्नी घर में सोती है और पति
ऑफिस में।


चुटकुला # 0679
ज्योतिषी ने एक खूबसूरत युवती का हाथ देखकर कहा- तुम्हारी शादी एक
ऐसे युवक से होगी, जो सुंदर तो होगा ही साथ ही, पैसे वाला भी होगा।
यह सुनकर युवती खुश होकर बोली- अब यह भी बता दीजिए कि मैं अपने
वर्तमान पति से छुटकारा कैसे पा सकती हूं।


चुटकुला # 0680
एक लेखक की शादी हो गई। पत्नी थी संपादक। कुछ समय बाद पत्नी
मायके चली गई। लेखक ने पत्नी को पत्र लिखा और साथ में टिकट लगा
लिफाफा भी भेज दिया। लेखक का एक मित्र यह सब देख रहा था। उसने
पूछा- ‘पत्र के साथ यह लिफाफा क्यों भेजा है?'
लेखक महोदय बोले- ‘आप नहीं जानते, पत्र के साथ टिकट लगा लिफाफा
न लगा हो, तो संपादक जवाब नहीं देते।'


चुटकुला # 0681
पति (अपनी नवविवाहिता पत्नी से)- प्रिय जरा अपना चंद्रमा रूपी चेहरा तो
दिखाओ।
चेहरा देखते ही पति आग बबूला हो गया और गुस्से से बोला- अरे तुम्हारे
चेहरे पर तो काले धब्बे और गड्डे है। तुम्हारे मां-बाप ने हमें धोखा दिया
है।
पत्नी (पति से)- डियर, नई खोजे चंद्रमा का यही रूप सामने लाई है।


चुटकुला # 0682
मृत पति की कब्र पर पत्नी ने संगमरमर का पत्थर लगवाया और उस पर
खुदवाया- ‘शांति से सोओ।'
परंतु दो दिन बाद जब वसीयत खुली तो पत्नी को पता चला कि पति
उसके नाम कुछ नहीं छोड़ गया है। तब वह कब्रिस्तान गयी और पत्थर
पर आगे खुदवाया- ‘जब तक मैं नहीं आती।'


चुटकुला # 0683
हेमा (राकेश से)- शादी से पहले तो तुम कहा करते थे कि मैं तुम्हारे लिए
आसमान के तारे तक तोड़ कर ला दूंगा, अब लाकर क्यों नहीं देते?
राकेश (हेमा से)- अब आसमान के तारे तोड़ कर कैसे ला सकता हूं? शादी
के बाद सारे तारे गर्दिश में जो चले गए है।

पत्नी (ताना मारते हुए)- ‘मैं यदि न होती तो आपकी यह फटी कमीज
कौन सिलता?'
पति (पत्नी)- ‘तब इसकी जरूरत ही नहीं पड़ती। मैं ढेर सारी कमीजें
सिलवा लेता।'


चुटकुला # 0684
पत्नी (पति से)- मैं तुमसे जो भी कहती हूं, तुम एक कान से सुनकर दूसरे
कान से निकाल देते हो।
पति (पत्नी से)- किंतु मैं जो तुमसे कहता हूं वो तुम दोनो कानो से
सुनकर मुंह से निकाल देती हो।

चुटकुला # 0685

पति (पत्नी से)- ‘तुम हमेशा मुझे बेकार की चीजे खरीदने का ताना देती
हो। मैंने ऐसी क्या चीज खरीदी है, जो बेकार है?'
पत्नी (पति से)- ‘पिछले साल आग बुझाने का सिलेंडर लाए थे वो अभी
तक बेकार ही तो पड़ा है।'


चुटकुला # 0686
पति-पत्नी चाय की चुस्कियों के साथ अखबार पढ़ रहे थे। पत्नी को एक
चटपटी खबर दिखी तो उसने पति से कहा, ‘देखो खबर छपी है कि एक
अस्सी साल के कुंवारे बूढ़े ने शादी कर ली।'
पति ठंडी सांस भरते हुए बोला, ‘बेचारे ने लगभग पूरी जिंदगी समझदारी
दिखाई पर बुढ़ापे में बेवकूफी कर ही दी।'


चुटकुला # 0687
पत्नी (शर्माते हुए)- सुनो जी! तुम्हें मुझमें सबसे ज्यादा क्या अच्छा लगता
है? मेरा खूबसूरत चेहरा या मेरी अक्लमंदी।
पति (पत्नी को देखते हुए)- मुझे तो तुम्हारी मजाक करने की आदत
ज्यादा अच्छी लगती है।


चुटकुला # 0688
झगड़े के आखिर में पत्नी ने थककर कहा, ‘मैं कितनी बड़ी मूर्ख थी कि
मैंने तुमसे शादी की।'
पति ने शांत भाव से कहा, ‘हां! पर मैं तुम्हारे प्यार में इतना पागल था
कि यह भी न देख पाया।'

चुटकुला # 0689

पत्नी मर रही थी। उसने पति को अपने पास बुलाया और भर्राए स्वर में
बोली- प्राणनाथ, मैं जा रही हूं। मैंने ही आपके सेफ से दस हजार रूपये
चुराये थे। मैं आपके दोस्त से छुप-छुपकर मिला करती थी। मैंने ही आपके
काले धन की सूचना इनकम टैक्स विभाग को दी थी। मैंने ही......।
पति (प्यार से)- छोड़ो डार्र्लिंग, अब बीती बातों को बिसार दो। जो हो
गया सो हो गया। वैसे, मैंने ही तुम्हें जहर दिया है जिसकी वजह से तुम
मर रही हो।

चुटकुला # 0690

पति - ‘ऐसे जीवन से तो अच्छा है कि मैं मर जाऊं प्रभु, तू मुझे उठा
ले।'
पत्नी - ‘भगवान इनसे पहले मुझे उठा ले।'
पति - ‘प्रभु, तू इसकी सुन, मैं अपनी अर्जी वापस लेता हूं।'


चुटकुला # 0691
पत्नी ने पति से शिकायत की- ‘आप नींद में बहुत बोलते है।'
पति (पत्नी से)- ‘तो क्या तुम चाहती हो कि मैं नींद में भी तुम्हारी ही
सुनता रहूं।'


चुटकुला # 0692
राकेश (मनोवैज्ञानिक से)- ‘कोई ऐसा उपाय बताइए कि मेरा और मेरी
पत्नी की आपस में कहां सुनी न हो।'
मनोवैज्ञानिक (राकेश)- ‘इसका सबसे अच्छा उपाय यह है कि आपकी बीवी
जो कहती रहे आप उसे सुनते रहिए।

नवविवाहिता ने अपने पति से पूछा- आपने पड़ोसियों से यह क्यों कहा कि
मेरे अच्छा खाना बनाने की वजह से ही आपने मुझसे शादी की, मुझे तो
ठीक से चाय बनानी भी नहीं आती है।
‘प्रिय, कोई न कोई वजह तो बतानी ही थी न।' पति महोदय गंभीर होकर
बोले।


चुटकुला # 0693
एक कुएं के बारे में मशहूर था कि उसमें एक सिक्का डालने से मन की
मुराद पूरी होती है। पति-पत्नी भी उस कुएं पर जा पहुंचे। सबसे पहले पति
ने एक सिक्का डाला और कुएं में झांककर कुछ बुदबुदाया।
फिर पत्नी सिक्का डालकर ज्यों ही झुकी, संतुलन बिगड़ने के कारण कुएं में
जा गिरी। पति शांत स्वर में बोला, ‘हे भगवान, ऐसी मान्यताओं पर मुझे
तो विश्वास ही नहीं था, पर अब करना पड़ रहा है।'


चुटकुला # 0694
ज्योतिषी ने खूबसूरत रमा का हाथ देखकर कहा- तुम्हारी शादी एक ऐसे
युवक से होगी, जो सुंदर तो होगा ही साथ ही, पैसे वाला भी होगा।
यह सुनकर रमा खुश होकर बोली- अब यह भी बता दीजिए कि मैं अपने
वर्तमान पति से छुटकारा कैसे पा सकती हूं।


चुटकुला # 0695
अब तो मुझे पक्का यकीन हो गया है कि आपको मुझसे पहले जैसी
मोहब्बत नहीं रही। पत्नी ने पति से शिकवा किया।
पति (पत्नी से)- ‘तुम्हें यह गलतफहमी कैसे हुई?'
पत्नी (पति से)- ‘गलतफहमी नहीं असलियत है। पहले जब आप खाना
खाने बैठते थे तो खुद कम खाते थे और मुझे ज्यादा खिलाते थे लेकिन
अब.....'
पति (पत्नी से)- ‘बात दरअसल यह है कि अब तुम पहले जैसा बे-स्वाद
खाना नहीं बनाती।'


चुटकुला # 0696
पत्नी (वकील पति से)- तुम इतने सालों से वकालत कर रहे हो। मुझे
बताओ कि उम्रकैद से बड़ी सजा क्या होती है?
वकील पति (पत्नी से)- वही तो काट रहा हूं।


चुटकुला # 0697
पति ने अपनी नई-नवेली पत्नी से कहा- शादी से पहले मैं काफी
आवारागर्दी किया करता था। क्या तुम भी ऐसा ही करती थी?
‘अब बिना गुण मिले शादी थोड़े ही होती है।' पत्नी शरमाते हुए बोली।


चुटकुला # 0698
पति ने पत्नी को समझाते हुए कहा- ‘प्रिये! देखो, इस बार अपने जन्मदिन
पर सामान कम मंगवाना। महंगाई बहुत बढ़ गई है। इसलिए हमें अपने
खर्चो में कमी करनी चाहिए।'
पत्नी (पति से)- ‘आपने तो मेरे मुंह की बात छीन ली। मैं भी यही सोच
रही हूं कि इस बार जन्मदिन पर मोमबत्तियां कुछ कम मंगवाऊं।'


चुटकुला # 0699
पति (पत्नी से)- तुम इतनी अच्छी रोटियां नहीं बना सकती, जितनी अच्छी
मेरी मां बनाती थी।
पत्नी (पति से)- और तुम भी उतना अच्छा आटा नहीं गूंथ सकते, जितना
अच्छा मेरे पिताजी गूंथते थे।


चुटकुला # 0700
पत्नी (पति से)- सुनो जी, तुम मेरा नाम मत लिया करो, मुन्ना भी मुझे
नाम लेकर पुकारने लगा है।
पति (पत्नी से)- इसका मतलब, क्या मैं तुम्हें मम्मी कहकर पुकारूं?

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद 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पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi 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