---प्रायोजक---

---***---

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

शौकत थानवी का व्यंग्य: नेता

साझा करें:

व्यंग्य नेता - शौकत थानवी डॉक्टर अंसारी के व्याख्यान का सबसे अधिक प्रभाव भाई मकसूद पर हुआ कि हम लोग हाय-हाय करते रह गए और वह तीर की...

व्यंग्य

नेता

- शौकत थानवी

डॉक्टर अंसारी के व्याख्यान का सबसे अधिक प्रभाव भाई मकसूद पर हुआ कि हम लोग हाय-हाय करते रह गए और वह तीर की तरह मंच पर पहुँचकर टोपी, शेरवानी, कुर्ता आधि उतार-उतार कर फेंकने लगे और एक खद्दर की धोती बांधकर पाजामा फी तुरंत उतारकर फेंक दिया, क्योंकि वह भी विदेशी कपड़े का बना हुआ था. इसके पश्चात् उन्होंने एक विशेष भाव के कारण बड़ा प्रभावशाली लेक्चर दिया था जिसका केवल यह अंश हमको अब भी स्मरण है:

‘मैं केवल कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए एक आदर्श बना हूँ. वह मुझको देखकर शिक्षा ग्रहण करें और स्वदेशी की उन्नति में अपने कर्तव्यों पर विचार करें.'

अब हर समय भाई मकसूद खद्दर प्रचार करते. विशेष रूप से हमसे नाराज थे कि उनके बार-बार कहने के पश्चात् भी हम खद्दर नहीं पहनते थे. कुछ भी हो किंतु वह अब एक राष्ट्रीय मनुष्य बन गए थे और हमारे अनुमति के अनुसार तो उन्हें कांग्रेस का सभापति होना चाहिए था और वास्तव में यह उनका बलिदान था कि वह अपने होते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉक्टर अंसारी और श्रीमती सरोजनी नायडू आदि को सभापति होता हुआ देखते थे और चुप थे.

उनकी इस राष्ट्रीय-निमग्नता की यह दशा थी कि सवेरे आँख खुलते ही इन्कलाब जिंदाबाद का नारा लगाते थे और आवश्यकताओं से निपटने के पश्चात् तुरंत ही चर्खा लेकर बैठ जाते थे और इस स्वदेशी तपस्या में दोपहर कर देते थे. फिर कॉलेज जाते थे और वहाँ पढ़ने के स्थान पर स्वदेशी प्रचार करते थे.

एक दिन जब हम पुस्तक लेकर बैठे तो उन्होंने चर्खा चलाते हुए कहा, ‘क्या पढ़ रहे हो?'

हमने कहा, ‘हाँ, फिर'

विषैली हँसी के साथ कहा, ‘कुछ नहीं, किंतु मैं यह पूछता हूँ कि इस व्यर्थ शिक्षा का क्या फल हुआ?'

मैं इस सागर की भांति विशाल विवाद के विषय को गागर में भरकर कहा, ‘परीक्षा का समय निकट है.'

कहने लगे, ‘मान लिया कि आप परीक्षा में सफल भी हो गए तो क्या कीजिएगा.'

मैंने कहा, ‘डिप्टी कलेक्टरी और इसके पश्चात् अपने न्यायालय में तुमको फौजदारी के अपराध में छः मास की कड़ी सज़ा और सौ रुपया दंड अथवा सौ रुपए न देने के रूप में तीन महीने की और अधिक जेल करूंगा.'

कहने लगे, ‘तुमको अपने इन शब्दों पर लज्जा से डूब मरना चाहिए तथा मुझको गर्व करना चाहिए कि मैं अपनी जननी की सेवा में जेल जाऊंगा तथा देश एवं राष्ट्र के लिए दुःख सहूंगा.'

मैंने कहा, ‘तो मेरी समझ में नहीं आता कि आप कॉलेज में क्यों समय नष्ट कर रहे हैं. गांधी जी के आश्रम जाकर चर्खा चलाइए अन्यथा ताड़ी की दुकान पर धरना देकर जेल जाइए ठाठ के साथ.'

कहने लगे, ‘सच कहते हो पर मैं अपने माता-पिता को अभी तक नहीं मना सका हूँ और विश्वास रखो कि जिस दिन उनको समझाने में सफल हो गया उसी दिन मैदान में आकर तुमको दिखा दूंगा कि स्वतंत्रता के प्रेमी दुःखों को खेल समझते हैं.'

मैंने विनती करते हुए कहा, ‘तो कम-से-कम उस समय तक तो मुझको भी स्वतंत्रता से पढ़ लेने दो. मेरे माता पिता तो मुझको घर से निकाल देंगे.'

कहने लगे, ‘नहीं तो तुमको पढ़ने से नहीं रोकता.'

यह कहकर वह चरखा चलाने में लगे और मैंने पढ़ना प्रारंभ किया. अभी एक पृष्ठ भी न पढ़ा होगा कि आपने गाना प्रारंभ कर दिया-

चर्खा कातो तो बेड़ा पार

हां गोइयाँ ... चर्खा'

मैंने पुस्तक तो उठाकर एक ओर फेंक दी और यह सोचकर कि अभी दूसरे कमरे में रहने का प्रबंध करूंगा स्वयं बाहर निकल आया. सारे विद्यार्थी पुस्तकें चाटने में लगे हुए थे और मैं था कि शरण ढूंढता हुआ इधर-उधर मारा-मारा फिर रहा था. ऐसा बहुमूल्य समय और मैं... जी करता था कि इसको गोली मारकर फांसी पर चढ़ जाउँ. हमें कौन अपने कमरे में जगह देता और कौन भाई मकसूद के संग रहने पर राज़ी होता.

सारांश यह कि हमें जगह न मिली किंतु शाहिद ने केवल इतना ही कहा कि वह भाई मकसूद को समझाएंगे पर समझाने गए तो स्वयं विपत्ति में घिर गए. उन्होंने कहा-

‘यह क्या बेहूदगी है.'

उत्तर में भाई मकसूद ने अपनी प्रारंभ कर दी, ‘यह तो सब कुछ बेहूदगी है किंतु आपको लज्जा आनी चाहिए. आप विलायती कपड़ा पहन कर अपने देश को दासता की शृंखला में जकड़ रहे हैं.'

शाहिद ने कहा, ‘भाई मैं तो विलायती नहीं, देशी कपड़ा पहने हूँ'

कहने लगे, ‘यह कुछ नहीं, हाथ का कता और हाथ का बुना हुआ कपड़ा होना चाहिए.' शाहिद के मुँह से निकल गया, ‘यह तुम्हारा कट्टरपन है.'

इसके उत्तर में भाई मकसूद ने वह धुँआधार लेक्चर दिया कि आस-पास के कमरों से सारे लड़के निकलकर हमारे कमरे में इकट्ठे हो गए और उनको देखकर भाई मकसूद ने और भी भावपूर्ण लेक्चर दिया. सबको यह तय करना पडा कि आज ही दोपहर के पश्चात् छात्रावास में एक सभा की जाए जिसमें भाई मकसूद स्वदेशी के प्रचार पर व्याख्यान दें. कुछ हिचर-मिचर करने के पश्चात् भाई मकसूद भी इस पर तैयार हो गए.

निश्चित समय पर जब सारे लड़के जमा हो गए तो भाई मकसूद को बुलाया गया जो अपने मोटे से खद्दर के कपड़ों में चप्पलें पहने हुए श्रीमान् या नेता बल्कि महात्मा बने हुए पहुँचे और सबने खड़े होकर ‘मौलाना मकसूद जिंदाबाद', ‘महात्मा मकसूद की जय', ‘वंदेमातरम्', ‘इंकलाब जिंदाबाद', ‘टूडी बच्चा हाय हाय' के गगनभेदी नारों से आपका स्वागत किया और सबको प्रणाम करते हुए मंच पर पहुँच गए. मुझे सभापति बनाया गया भाई मकसूद को तथा मुझे मकसूद ने एक हार पहनाया और फिर नारे लगाए गए. जब लोग कुछ शांत हुए तो आपने गला साफ करके कहा:

श्रीमान् सभापति एवं प्रिय मित्रो!

इससे पहले कि मैं स्वदेशी के विषय पर कहूँ, मुझको आपको धन्यवाद देना चाहिए कि आपने मुझ जैसे अयोग्य मनुष्य का यह आदर किया. मुझे आशा है कि आपके भीतर वह स्पिरिट जल्दी ही उत्पन्न हो जाएगी जो आपको राष्ट्र तथा देख के लिए उपयोगी बना सके और आप देश की सेवा के लिए मैदान में आएंगे. रह गया मैं, तो मेरा तो लक्ष्य यही है:

शोल-ए-आह से एक आग लगाना है मुझे

खुद भी जलता हूँ कफस को भी जलाना है मुझे.

किंतु मैं आप लोगों से भी यही कहता हूँ कि:

खेतों को दे लो पानी अब बह रही है गंगा

कुछ कर लो नौजवानो, उठती जवानियां हैं.

आप नवयुवक हैं. देश का भविष्य आपके हाथ में है. आप ही देश को दासता की शृंखला से छुड़ाएंगे. मैं जानता हूँ कि आप विद्यार्थी हैं अतः मैं यह नहीं चाहता कि आप नमक बनाएँ, जेल चले जाएँ. मैं चाहता हूँ कि आप विदेशी वस्तुओं को त्याग दें. और उनके स्थान पर स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें और इस प्रकार अपने देशी उद्योग धंधों को उन्नति दें.

दर्शक दीर्घा में से एक चिल्लाया - ‘किंतु क्या आप जानते हैं कि यदि आप विलायती कपड़ा न पहने तो आपको ज्ञान है क्या हो, विलायती कारखाने टूट जाए, विलायती मजदूर जो हमारे विश्व कुटुम्ब के भाई हैं, मर जाएँ, इंगलैंड में प्रलय मच जाए, सरकार भूखों मर जाए, पार्लियामेंट के मेंबर कौड़ी-कौड़ी मांगते फिरें और न जाने क्या-क्या हो जाए...'

इसी बीच में होस्टल के वार्डन साहब ने आकर सारा मजा किरकिरा कर दिया. न जाने क्या होता वह तो वार्डन साहब कुछ समझ ही न सके.

हमारे विचारानुसार अब इसके बताने की आवश्यकता ही नहीं कि भाई मकसूद परीक्षा में बैठकर फेल हुए और हमको अपने ऊपर अचंभा है कि क्योंकर प्रमोशन कर सके. भाई मकसूद ने अपनी शिक्षा चर्खे की भेंट चढ़ा दी और निष्ठुर आकाश ने उनको हमसे छीन कर छुड़ा दिया:

खाक ऐसी जिंदगी पर हम कहीं और तुम कहीं'

(कुछ अरसे बाद की खबर : भाई मकसूद कबीना मंत्री हो गए हैं और हम उनके प्रोटोकॉल अफसर यानी कि उनके आने जाने का हिसाब रखने वाले सरकारी सेवक डिपुटी कलेक्टर हैं.)

साभार: श्रीमती जी, व्यंग्य संकलन, लेखक शौकत थानवी, जनवाणी प्रकाशन, 30/22 ए, गली नं 9, विश्वास नगर शाहदरा दिल्ली 110032.

Tag ,,,

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर: 1
  1. बेनामी7:12 am

    गहरा व्यंग्य है.


    मुझको आपको धन्यवाद देना चाहिए कि आपने मुझ जैसे अयोग्य मनुष्य का यह आदर किया.


    --यह तो आज के लिये मुझ पर फिट हो रहा है. :) :)

    जवाब देंहटाएं
रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

---प्रायोजक---

---***---

---प्रायोजक---

---***---

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1$h=100

प्रायोजक

--***--

|कथा-कहानी_$type=blogging$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$h=100$d=0

---प्रायोजक---

---***---

|हास्य-व्यंग्य_$type=three$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$h=100$d=0

---प्रायोजक---

---***---

|काव्य-जगत_$type=complex$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$h=100$d=0

---प्रायोजक---

---***---

|आलेख_$type=two$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$h=100$d=0$d=0

---प्रायोजक---

---***---

|संस्मरण_$type=complex$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$h=100$d=0

---प्रायोजक---

---***---

|लघुकथा_$type=blogging$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$h=100$d=0

---प्रायोजक---

---***---

|उपन्यास_$type=list$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$h=100$d=0

---प्रायोजक---

---***---

|लोककथा_$type=complex$au=0$label=1$count=7$page=1$com=0$va=0$rm=1$src=random$h=100$d=0

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच कर पढ़ें : ~

|* कहानी * |

| * उपन्यास *|

| * हास्य-व्यंग्य * |

| * कविता  *|

| * आलेख * |

| * लोककथा * |

| * लघुकथा * |

| * ग़ज़ल  *|

| * संस्मरण * |

| * साहित्य समाचार * |

| * कला जगत  *|

| * पाक कला * |

| * हास-परिहास * |

| * नाटक * |

| * बाल कथा * |

| * विज्ञान कथा * |

* समीक्षा * |

---***---



---प्रायोजक---

---***---

|आपको ये रचनाएँ भी पसंद आएंगी-_$type=three$count=6$src=random$page=1$va=0$au=0$h=110$d=0

प्रायोजक

----****----

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4062,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,338,ईबुक,193,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,112,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3026,कहानी,2266,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,542,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,99,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,346,बाल कलम,25,बाल दिवस,4,बालकथा,68,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,16,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,28,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,244,लघुकथा,1255,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,327,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2009,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,711,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,798,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,17,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,89,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,209,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,77,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: शौकत थानवी का व्यंग्य: नेता
शौकत थानवी का व्यंग्य: नेता
http://photos1.blogger.com/x/blogger/4284/450/400/466193/Artist08.jpg
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2007/01/blog-post.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2007/01/blog-post.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ