सैकड़ा भर चटपटे चुटकुले

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हँसी की गारंटी. ठहाका लगने - लगाने की गारंटी - राजेश गुप्ता द्वारा संकलन व अनुवाद : राजेश गुप्ता rajesh02 AT gmail.com 1 . एक छोटी ...

हँसी की गारंटी.


ठहाका लगने - लगाने की गारंटी - राजेश गुप्ता द्वारा


संकलन व अनुवाद : राजेश गुप्ता rajesh02 AT gmail.com


1 .

एक छोटी लड़की और एक छोटा लड़का खेल रहे थे। लड़की लड़के के पास पहुंची और बोली‚ "टॉमी‚ ‘घर' का खेल खेलोगे ?"

उसने कहा ‚"हां ‚क्यों नहीं। तुम मुझसे क्या करवाना चाहती हो?"

लड़की ने जवाब दिया ‚" मैं चाहती हूं तुम अपनी भावनाएं व्यक्त करो।"

"भावनाएं व्यक्त करूं ! "‚ परेशान से टॉमी ने कहा ‚"मुझे पता नहीं इसका क्या मतलब होता है।"

लड़की व्यंग्य से मुस्कुरायी और बोली‚ "बिल्कुल सही। तुम ‘पति' बन सकते हो।"

2 .

व्यवसायिक स्कूल से ताज़ा निकले एक नवयुवक ने एकाउंटेंट की ज़रूरत के विज्ञापन का जवाब दिया। अब उसका साक्षात्कार एक परेशान सा व्यक्ति ले रहा था‚ जो खुद का शुरू किया हुआ व्यापार चला रहा था।

"मुझे ऐसा आदमी चाहिए जिसके पास एकाउंटिंग की डिग्री हो।" उस आदमी ने कहा। "लेकिन असल में मुझे ऐसा कोई चाहिए जो मेरे लिए चिन्ता करे।"

"मैं समझा नहीं।" नवयुवक बोला।

"मैं बहुत सारी चीज़ों की चिन्ता करता हूं।" आदमी ने कहा। "पर में पैसों के बारे में चिन्ता नहीं करना चाहता। तुम्हारा काम होगा‚ मेरी धन संबंधी सारी चिन्ताओं को मुझसे दूर रखना।"

"समझा" नवयुवक बोला। "और इस नौकरी में मेरा वेतन क्या होगा?"

"शुरूआत में मैं तुम्हें अस्सी हज़ार दूंगा।"

"अस्सी हज़ार!" नवयुवक ने चकित होकर कहा "इतने छोटे व्यापार से आप इतनी बड़ी राशि कैसे दे पाएंगे?"

"यह"‚ आदमी ने कहा "तुम्हारी पहली चिन्ता है।"

3 .

पुरूष महिलाओं से क्यों नहीं जीत सकते

अगर आप बहुत काम करते हैं‚ आपके पास उसके लिए समय ही नहीं है।

अगर आप अधिक काम नहीं करते‚ आप किसी काम के नहीं।

अगर वो उबाऊ एक ही तरह के काम वाली नौकरी कर रही है कम वेतन में‚ तो यह शोषण है।

अगर आप इस तरह की नौकरी कर रहे हैं‚ तो आपको यहां से तशरीफ ले जानी चाहिए और कहीं और बेहतर नौकरी ढूंढ़नी चाहिए।

अगर आप की पदोन्निति उससे पहले होती है‚ यह पक्षपात है।

अगर उसे आपसे पहले नौकरी मिलती है‚ तो यह समान अवसर है।

अगर आप रोते हैं‚ आप कमज़ोर हैं।

अगर आप नहीं रोते‚ आप असंवेदनशील हैं।

अगर आप उससे पूछे बिना कोई निर्णय लेते हैं‚ तो आप उसे कोई महत्व नहीं देते

अगर वो कोई निर्णय लेती है आपसे पूछे बिना‚ तो यह नारी की स्वतंत्रता है।

अगर आप अपने बदन का ख्याल रखते हैं‚ आप फालतू हैं

अगर आप नहीं रखते‚ आप ढीले किस्म के आदमी हैं।

अगर आप उसके लिए फूल खरीदते है‚ आप जरूर कुछ चाहते हैं।

अगर आप नहीं खरीदते‚ आप लापरवाह हैं‚उसका ध्यान नहीं रखते।

अगर आप अपनी उपलब्धियों पर गर्व करते है‚ आप अहंवादी हैं।

अगर आप ऐसा नहीं करते‚ आप महत्वाकांक्षी नहीं हैं।

अगर उसे सिरदर्द है‚ वो थक गयी है।

अगर अपके सिर में दर्द है‚ आप उसे अब प्यार नहीं करते और ज़रूर किसी और के साथ चक्कर चला रहे हैं।

4 .

एक अंधेरी रात में‚ एक छोटे शहर के बाहर स्थानीय रासायनिक संयंत्र में आग लग गयी। बहुत जल्दी आग चारों तरफ फैल गयी और दूर दूर के अग्निशामक विभागों में खतरे की घंटी बजने लगी।एक घंटे तक आग से जूझने के बाद कम्पनी का अध्यक्ष अग्नि दल प्रमुख के पास पहुंचा और उससे कहा‚"हमारे सभी गुप्त फार्मूले संयंत्र के बीच में एक वॉल्ट में बंद हैं। उन्हें बचाना ही है। मैं 50000 रू . दूंगा‚ उस इंजिन कंपनी को जो उसे बचा कर लाएगी।"

जैसे ही अग्निदल प्रमुख ने यह सुना उसने सभी व्यक्तियों को बचाव कार्य में और तेजी लाने का आदेश दिया। दो घंटे बीत जाने के बाद संयंत्र के अध्यक्ष ने राशि बढ़ाकर 1 लाख कर दी। तभी दूर एक लंबा सायरन सुनायी दिया और एक और अग्निशामक ट्रक नजर में आया। यह एक स्थानीय अग्निशामक दल था‚ जिसमें सभी व्यक्ति 65 साल से अधिक उम्र के थे।

सब को हैरत में डालते हुए वो छोटा सा दल सीधे संयंत्र के अन्दर घुस गया और ठीक बीच में पहुंच गया। दूर से बाकी लोगों ने देखा कि उन वृद्‌ध व्यक्तियों ने अपने उपकरण निकाले और आग बुझाने के प्रयास में इस तेजी और फुर्ती से जुट गये जैसा कि उन्होंने आज तक नहीं देखा था।

एक घण्टे की जबरदस्त मेहनत के बाद उन स्वयंसेवकों ने आग पर काबू पा लिया और गुप्त फार्मूलों को बचाने में सफल हो गये। खुश होकर संयंत्र अध्यक्ष ने घोषणा की कि उसने इनाम की राशि को दुगुना यानी 2 लाख कर दिया है और खुद व्यक्तिगत रूप से उसने हर स्वयंसेवक को धन्यवाद दिया। सभी को धन्यवाद देने के बाद उसने बचाव दल से पूछा कि इस धन से उनका क्या करने का इरादा है।

ट्रक के चालक सीथे उसकी आंखों में झांककर कहा‚"सबसे पहला काम तो इन ब्रेकों को ठीक कराना है।"

5।

एक किसान पास के शराबखाने में बैठा शराब पिए जा रहा था। एक व्यक्ति उसके पास आया और उसने पूछा‚ "अरे‚ इतने सुहावने दिन तुम यहां बैठे शराब क्यों पी रहे हो?"

किसान : कुछ बातें ऐसी होती हैं जो समझायी नहीं जा सकतीं।

व्यक्ति : ऐसी भी क्या बात हो गयी?

किसान : असल में आज मैं अपनी गाय के पास बैठ कर दूध दुह रहा था। बाल्टी भरने ही वाली थी कि गाय ने अपनी बायीं टांग उठायी और बाल्टी में मार दी।

व्यक्ति : यह कोई बहुत बुरी बात तो नहीं है।

किसान : कुछ बातें ऐसी होती हैं जो समझायी नहीं जा सकतीं।

व्यक्ति : तो फिर क्या हुआ?

किसान : मैंने उसकी बायीं टांग पकड़ी और बायें खंबे से बांध दी।

व्यक्ति : अच्छा फिर?

किसान : फिर में बैठ कर दुबारा उसे दुहने लगा। जैसे ही मेरी बाल्टी भरने वाली थी कि गाय ने अपनी दायीं टांग उठायी और बाल्टी में मार दी।

व्यक्ति : फिर से?

किसान : कुछ बातें ऐसी होती हैं जो समझायी नहीं जा सकतीं।

व्यक्ति : अच्छा फिर तुमने क्या किया?

किसान : इस बार मैंने उसकी दायीं टांग पकड़ी और दायें खंबे से बांध दी।

व्यक्ति : अच्छा उसके बाद?

किसान : फिर से मैंने बैठकर दुहना शुरू कर दिया। फिर से जब बाल्टी भरने वाली थी कि बेवकूफ गाय ने अपनी पूंछ मार कर बाल्टी लुढ़का दी।

व्यक्ति : हूं ऊं ऊं।

किसान : कुछ बातें ऐसी होती हैं जो समझायी नहीं जा सकतीं।

व्यक्ति : फिर तुमने क्या किया?

किसान : फिर क्या। मेरे पास और रस्सी नहीं थी इसलिए मैंने अपनी बेल्ट निकाली आर उससे गाय की पूंछ को पटरे से बांध दिया। उसी समय मेरा पैण्ट नीचे सरक गया और मेरी बीवी वहां आ पहुंची। कुछ बातें ऐसी होती हैं जो समझायी नहीं जा सकतीं।

6।

एक आदमी दो काली आंखों और गर्दन पर ढेर सारे निशान लिए हुए एमर्जेन्सी कक्ष में घुसा।

डॉक्टर ने पूछा कि क्या हुआ।

"असल में ऐसा हुआ"‚ आदमी ने कहा " मैं अपनी बीवी के साथ गोल्फ खेल रहा था कि उसकी गेंद गौशाला में चली गयी। मैं गेंद ढूंढ़ने अंदर गया और जब मैं चारों तरफ देख रहा था कि मेरा ध्यान गया‚ कि एक गाय के पिछले हिस्से में कुछ उभरा हुआ है। और सचमुच जब मैंने पूंछ उठायी मेरी बीवी की गेंद वहीं थी।"

"फिर ?" डॉक्टर ने पूछा।

"और फिर मुझसे एक गलती हो गयी। मैंने गाय की पूंछ उठायी और चिल्लाया‚ ‘यह तो तुम्हारे जैसी जान पड़ती है !' "।

7 .

एक नवयुवक अपनी नयी प्रेमिका ‚ जिसके साथ उसे ज्यादा दिन नहीं हुए थे ‚ के जन्मदिन पर एक उपहार खरीदना चाहता था। काफी सोचने के बाद उसने निश्चय किया कि एक जोड़ी जनाने दस्तानों के साथ कुछ प्यार भरा पैगाम ‚ जो कि अधिक व्यक्तिगत न हो ‚ सही रहेगा।

प्रेमिका की छोटी बहन के साथ वो दुकान गया और एक जोड़ी दस्ताने खरीद लिए। बहन ने एक जोड़ी अंडरवियर खरीदे।

लपेटते समय क्लर्क की गलती से बहन के हाथ में दस्ताने आ गए और लड़के के पास अंडरवियर। बिना जांच किए लड़के ने पैकेट बंद किया और अपनी प्रेमिका के पास भेज दिया ‚इस संदेश के साथ। "इन्हें मैंने तुम्हारे लिए इसलिए चुना है क्योंकि मेंने ध्यान दिया है कि तुम्हें इनको पहनने की आदत नहीं है ‚ खासकर जब हम शाम को बाहर जाते हैं। अगर तुम्हारी बहन के लिए नहीं होते तो मैं बड़ी साइज के ‚ जिनमें बटन होते हैं ‚ लेता मगर वो छोटे साइज के पहनती है जिनको उतारने में आसानी रहती है। ये हल्के रंग के हैं ‚ मगर वो औरत जिससे मैंने इन्हें खरीदा है उसने मुझे गहरे रंग के भी दिखाए थे ‚ जिन्हें वो तीन महीनों से पहन रही थी और वो फिर भी गंदे नहीं लग रहे थे। मैंने तुम्हारे वाले उस पर पहना कर देखे जिनमें वो सचमुच अच्छी लग रही थी। मेरी ख्वाहिश थी कि पहली बार मैं खुद तम्हें पहनाने के लिए वहां होता क्यों कि इसमें संदेह नहीं कि इससे पहले कि मुझे देखने का मौका मिले कई और हाथ उस पर लग चुके होंगे। जब इन्हें उतारो तो कुछ देर इन्हें बाहर हवा में रखना क्योंकि पहनने के बाद थोड़े गीले तो हो ही जाएंगे। जरा सोचो कि आने वाले साल में कितनी बार मैं इन्हें चूमूंगा। प्यार के साथ।

पुनश्च : नये फैशन के हिसाब से इन्हें इन्हें इस तरह नीचे मोड़कर रखना कि थोड़ा हिस्सा दिखता रहे।

8।

एक हवाई जहाज उड़ान भर रहा था। ऊपर आरामदेह स्थिति में पहुंचने के बाद कप्तान घोषणा करने के लिए इंटरकॉम पर आया। "देवियों और सज्जनों‚ मैं आपका कप्तान बोल रहा हूं। अविराम‚ नई दिल्ली से मुंबई‚उड़ान क्रमांक 293 में आपका स्वागत है। आगे मौसम साफ और अच्छा है और इसलिए हमारी यह यात्रा आरामदेह और सुखद होगी। अब आप पीछे टिक कर बैठ जाएं और आराम करें। ओह माइ गॉड!

चुप्पी।

कप्तान वापस इंटरकॉम पर आया और बोला‚ "देवियों और सज्जनों‚ मुझे खेद है कि मैंने आपको डरा दिया। असल मैं जब बोल रहा था तब उड़ान सहायक मेरे लिए एक कप कॉफी लाया और उसने मेेरे ऊपर वो गरम कॉफी गिरा दी। आप लोग मेरे पैंट के सामने का हिस्सा देख सकते हैं।

एक यात्री बोला‚ " यह तो कुछ नहीं है। उसे मेरे पैंट का पिछला हिस्सा देखना चाहिए!"

9।

एक विवाहित व्यक्ति अपने पाप स्वीकार करने गया और उसने पादरी से कहा ‚"मेरा एक औरत से संबंध हुआ था ‚ लगभग"।

पादरी ने कहा ‚" ‘लगभग' से तुम्हारा क्या मतलब है?"

आदमी ने कहा ‚"असल में हमने कपड़े उतार दिए थे और एक दूसरे को सहलाया भी। मगर उसके बाद मैं रूक गया।"

पादरी ने जवाब दिया ‚"एक दूसरे को सहलाना भी अंदर डालने के बराबर ही है। अब तुम उस औरत के पास मत जाना। अब पांच बार मरियम की प्रार्थना करो और 50 रू . दान पेटी में डालो।"

आदमी वहां से हटा और जाकर प्रार्थना की फिर वो दान पेटी के पास पहुंचा। वह कुछ पल रूका और जाने लगा। पादरी जो सब कुछ देख रहा था ‚ तुरंत उसके पास दौड़ कर आया और बोला‚ "मैं देख रहा था। तुमने कोई पैसे पेटी में नहीं डाले हैं!"

उस व्यक्ति ने जवाब दिया ‚"असल में फादर मैंने नोट को पेटी पर सहलाया था और आपने कहा था न कि सहलाना भी अंदर डालने के बराबर ही है।"

10 .

एक आदमी ने अपने डॉक्टर को बताया कि अब वह घर में वो सब काम नहीं कर पाता जो वो पहले किया करता था। जब सभी परीक्षण पूरे हो गए तो वो बोला‚ " डॉक्टर‚ मैं सह सकता हूं। आप मुझे सरल भाषा में बताइए कि बात क्या है?"

"सरल भाषा में कहा जाए"‚ डॉक्टर ने जवाब दिया‚ "तो तुम केवल आलसी हो।"

"ठीक है"‚ आदमी ने कहा‚ "अब मुझे कोई डॉक्टरी नाम बताइए जो मैं अपनी बीवी को बता सकूं।"

11।

पुरूष और स्त्री

सफलता

एक सफल पुरूष वह है जो उससे अधिक कमाता है‚ जितना कि उसकी बीवी खर्च करती है।

एक सफल औरत वह है जो ऐसा पुरूष पा सके।

आर्थिक कुशलता

एक पुरूष दो रूपये देता है‚ एक रूपये की उस चीज के लिए जिसकी उसे जरूरत है।

एक औरत एक रूपया देती है‚ दो रूपयों की उस चीज के लिए जिसकी उसे कोई जरूरत नहीं।

खुशी

एक पुरूष के साथ खुश रहने के लिए जरूरी है कि उसे बहुत समझा जाय और थोड़ा प्यार किया जाय।

एक औरत के साथ खुश रहने के लिए जरूरी है कि उसे बहुत प्यार किया जाय और उसे समझने की बिलकुल कोशिश न की जाय।

वैवाहिक आशा

एक औरत शादी करती है एक पुरूष से‚ इस उम्मीद पर कि वो बदल जाएगा मगर वो नहीं बदलता।

एक पुरूष शादी करती है एक औरत से‚ इस उम्मीद पर कि वो नहीं बदलेगी मगर वो बदल जाती है।

शादी और भविष्य

एक औरत भविष्य की चिन्ता करती है जब तक कि वो एक पति नहीं पा लेती।

एक पुरूष भविष्य की चिन्ता तब तक नहीं करता जब तक कि वो एक बीवी नहीं पा लेता।

यादें

एक औरत उस आदमी की याद करती है जो उससे शादी करना चाहता था।

एक पुरूष उस औरत की याद करता है जिससे उसने शादी नहीं की।

औरत को समझना

केवल दो वक्तों में एक आदमी औरत को नहीं समझ पाता ; शादी के पहले और शादी के बाद।

औरत की पसंद

केवल दो बातों से कोई अपनी बीवी को खुश रखा सकता है।

पहला‚ यह कि उसे समझने दिया जाय कि वो अपनी मर्जी से जीती है।

और दूसरा‚ उसे उसकी मर्जी से जीने दिया जाय।

गलतियां

एक विवाहित व्यक्ति को अपनी गलतियां भुला देनी चाहिए। कोई फायदा नहीं कि एक ही चीज को दो लोग याद रखें।

लड़ाई

एक बहस में आखिरी शब्द हमेशा औरत की तरफ से होते हैं।

उसके बाद आदमी का कुछ भी कहना एक नयी बहस की शरूआत होती है।

12।

दो लड़के एक क्लीिनिक में बैठे हुए थे। उनमें से एक रो रहा था और आंसू उसके चेहरे को भिगा रहे थे।

दूसरे लड़के ने पूछा ‚"तुम क्यों रो रहे हो?"

पहले लड़के ने जवाब दिया ‚"मैं यहां खून जांच कराने आया था!"

दूसरे ने पूछा ‚"तो! तुम रो क्यों रहे हो! क्या तुम्हें डर लग रहा है?"

पहले ने कहा ‚"नहीं। ऐसा नहीं है। खून की जांच करते समय उन्होंने मेरी उंगली काट दी।"

इतना सुनना था कि दूसरे लड़के ने रोना शुरू कर दिया।

पहला लड़का चकित हुआ और दूसरे से पूछा ‚"अब तुम क्यों रो रहे हो?"

तब दूसरा लड़का बोला ‚"मैं यहां पेशाब की जांच करवाने आया हूं।"

13.

अंतर आप में और आपके बास में

Ÿ जब आप अधिक समय लेते हैं‚ आप धीमे हैं

जब आपके बास अधिक समय लेते हैं‚ वो काम पूरी तरह से करते हैं

Ÿ जब आप कुछ नही कर पाते‚ आप आलसी हैं

जब आपके बास कुछ नहीं कर पाते‚ वो बहुत व्यस्त हैं

Ÿ जब आप कोई गलती करते है‚ आप बेवकूफ हैं

जब आपके बस गलती करते है‚ वो इंसान ही तो हैं

Ÿ जब आप बिना बताये कुछ करते हैं‚ आप अपनी सीमा से बाहर जा रहे हैं

जब आपके बास ऐसा करते हैं‚ वो कुछ नया करने की कोशिश में हैं

Ÿ जब आप किसी बात का मुद्‌दा बनाते हैं‚ आप अड़ियल टट्टू हैं

जब आपके बास ऐसा करते हैं‚ वो दृढ़ हैं

Ÿ जब आप किसी शिष्टाचार का ख्याल नहीं रखते‚ तो यह जंगलीपन है

जब आपके बास ऐसा नहीं करते‚ वो तो स्वाभाविक होने की कोशिश है

Ÿ जब आप अपने बास को खुश करते हैं‚ वो मक्खन लगाना है

जब आपके बास अपने बास को खुश करते हैं‚ वो सहकारिता है

Ÿ जब आप दफ्तर में नहीं होते‚ जरूर आप इधर उधर घूम रहे होंगे

जब आपके बास दफ्तर में नहीं हैं‚ जरूर वो किसी काम से बाहर होंगे

Ÿ जब आप एक दिन बीमारी के कारण नहीं आते‚ आप हमेशा बीमार ही रहते हैं

जब आपके बास बीमारी के कारण नहीं आते‚ जरूर वो बहुत बीमार होंगे

Ÿ जब आप छुट्टी मांगते हैं‚ जरूर आप किसी साक्षात्काार के लिए जा रहे होंगे

जब आपके बास छुट्टी पर जाते हैं‚ वो इसलिए कि ज्यादा काम से थक गये हैं।

14.

"डॉक्टर"‚ कोच पर लेटे हुए नवयुवक ने कहा ‚"आपको मेरी मदद करनी होगी। रोज रात को मैं एक भयानक सपना देखता हूं। मैं बिस्तर पर लेटा हुआ हूं कि अचानक पांच औरतें आती हैं और मेरे कपड़े फाड़ना शुरू कर देती हैं।"

मनोचिकित्सक ने सर हिलाया ‚"तो तुम क्या करते हो?"

"मैं उन्हें दूर धकेलता हूं।"

"समझा। तुम मुझसे क्या चाहते हो?"

रोगी ने विनती की ‚"मेरे हाथ तोड़ दीजिए।"

15.

एक किसान अपनी मुर्गियों के लिए एक अच्छा मुर्गा चाहता था। इसलिए तलाश मे वो बाज़ार पहुंचा। उसे उम्मीद थी कि उसे एक खास मुर्गा मिल जाएगा‚ ऐसा जो अकेला ही सभी मुर्गियों के लिए काफी हो और जब उसने दुकानदार को यह बताया तो उसने जवाब दिया : "मेरे पास आपके लिए एक ऐसा ही मुर्गा है ‚ रैण्डी ‚ जो कि उन सभी मुर्गों से‚ जो कि आपने देखे होंगे सबसे अधिक उतेजक और पुष्ट है।"

किसान उसे ले कर वापस अपने फार्म पर आया। कुक्कुट घर में खुला छोड़ने से पहले उसने रैण्डी से कहा‚ " रैण्डी मुझे भरोसा है कि तुम अपना काम अच्छी तरह करोगे।" और उसने उसे मुर्गियों के दड़बे में छोड़ दिया।

रैण्डी जैसा लगता था वैसा ही तेजी के साथ हर मुर्गी पर चढकर बिजली की तरह अपना काम किया। जब उसने हर मुर्गी के साथ अपना काम खत्म कर लिया तब वहाँ बहुत शोर था और ढेर सारे पंख उड़ रहे थे। पर रैण्डी यहीं नहीं रूका। वह अस्तबल में घुस गया और हर घोड़े के ऊपर चढ़ा एक के बाद एक और उसी तूफानी रफ्तार से। फिर उसने सुअर के दड़बे में घुस कर भी वही किया। किसान ‚ जो अविश्वास से यह सब देख रहा था चिल्लाया‚ " रूको रैण्डी। तुम खुद को मार डालोगे"। मगर रैण्डी नहीं रूका और वो अपना काम करता रहा फार्म के हर जानवर के साथ।

अगली सुबह किसान ने पाया कि रैण्डी जमीन पर पड़ा हुआ है। उसकी टांगे हवा में थीं‚ आंखें उल्टी हों गयीं थीं‚ और जीभ बहर निकली हुई थी। एक चील उसके पास मंडरा रही थी

किसान रैण्डी के पास पहुंचा और बोला‚ "बेचारा.! देखो तुमने क्या किया। तुमने अपने आप को मार डाला। मैने तुम्हे पहले ही चेताया था"।

"श्श्श्श्श्श"‚ रैण्डी फुसफुसाया : वो चील पास आ रही है।"

16.

एक पुरूष में मुझे क्या चाहिए - वास्तविक सूची

1। सुन्दर

2। मधुर

3। आर्थिक रूप से सफल

4। अच्छा श्रोता

5। चतुर

6। सुघढ़ बदन का

7। ढंग से कपड़े पहनने वाला

8। छोटी छोटी बातों को भी महत्व देने वाला

9। वैचारिक रूप से चकित करने वाला

10।एक कल्पनाशील रोमांटिक प्रेमी

एक पुरूष में मुझे क्या चाहिए - सुधारी हुई सूची

1। अधिक कुरूप नहीं

2। लोगों के सामने ढंग से रहे

3। काम पर रहे

4। मेरे न बोलने पर भी सिर न हिलाए

5। चुटकुलों की मुख्य बातें याद रखे

6। ऐसा बदन हो कि फर्नीचर वगैरह जमा सके

7। आमतौर पर मैचिंग करने वाले मोजे और धुले अंडरविअर पहने

8। थोड़ी बहुत ढंग से खरीदारी कर सके

9। टॉयलेट की सीट को नीचे करना याद रखे

10।हर सप्ताह दाढ़ी बनाये।

17।

बातें जो मेरी मां ने सिखायीं

मेरी मां ने मुझे सिखाया तर्क

"अगर तुम झूले से गिर कर अपनी टांग तोड़ लोगे तो मेरे साथ बाजार नहीं जा पाओगे।"

मेरी मां ने मुझे सिखायी चिकित्सा

"अगर तुम अपनी आंखे तिरछी रखना बंद नहीं करोगे तो वो वैसी ही हो जाएंगी हमेशा के लिए।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया आगे के लिए सोचना

"अगर तुम परीक्षा पास नहीं करोगे तो तुम कभी अच्छी नौकरी नहीं पा सकोगे।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया अतीन्द्रिय क्षमता

"स्वेटर डाल कर रखो। तुम सोचते हो कि मुझे पता नहीं है कि तुम्हें सर्दी हो गयी है।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया चुनौतियों से सामना करना

"क्या सोच रहे थे। जब मैं पूछूं तब जवाब दिया करो। बाद में मुझसे मत पूछना।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया विनोद

"अगर लान की घास काटने में पैर कट जाए तो मेरे पास मत आना दौड़ते हुए।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया बड़े होना

"अगर तुम सब्जियां नहीं खाओगे तो तुम कभी बड़े नहीं होगे।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया सेक्स

"तुम क्या सोचते हो‚ तुम आसमान से गिरे हो।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया अनुवांशिकता

"तुम बिलकुल अपने बाप की तरह हो।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया उम्र की समझ

"जब तुम मेरी उम्र के हो जाओगे तब तुम समझोगे।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया आशा करना

"जरा इंतजार करो जब तक तुम्हारे पापा घर नहीं आ जाते।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया लेना

" तुम उसे तब पाओगे जब हम घर पहुंचेंगे।"

मेरी मां ने मुझे सिखाया न्याय

"एक दिन तुम्हारे भी बच्चे होंगे और मुझे उम्मीद है कि वो तुम्हारे जैसे ही होंगे। तब तुम्हे पता चलेगा कि कैसा लगता है।"

18.

कई महीनों से श्रीमती पिट्‌जेल अपने पति को अपने साथ श्रीमती फ्रेडा के घर चलने के लिए मना रही थीं। "मिल्टी ‚ उसे सचमुच कोई शक्ति प्राप्त है। वो परलोक से आत्माओं को बुलाकर बातें करती है। हम सब उनसे बातें कर सकते हैं। पिछले हफ्ते मैंने अपने मां से बातें कीं। मिल्टी‚ केवल 200 रू . में तुम अपने दादाजी से बात कर सकते हो‚ जिनकी तुम हमेशा याद करते हो।

मिल्टन पिट्‌जेल इस बार मना नहीं कर सके। और अगली बार मिल्टी फ्रेडा के घर पहुंचे और हरे रंग की मेज पर रंगीन रोशनी के नीचे बैठ गए ‚ दोनों तरफ बैठे आदमियों के हाथों में अपने हाथ थमाकर। सभी लोग बड़बड़ा रहे थे‚ "ओम ओम टंका टोम"। फ्रेडा की आंखे हवा में खो गयीं और फिर एक कांच की गेंद पर घूमने लगीं । "मेरे माध्यम‚ वास्त्री"‚ उसने पुकारा‚ "आओ। तुम्हारे साथ कौन है? श्रीमान पिट्‌जेल? मिल्टन पिट्‌जेल के दादा?"।मिल्टन ने थूक निगला और कहा‚ "दादाजी!"। "आह मिल्टी बेटा"‚ एक महीन आवाज़ उभरी। "हां हां मैं आपका मिल्टी हूं। आप परलोक में खुश तो हैं?" "मिल्टी बेटे‚ मैं मजे में हूँ। तुम्हारी दुआओं से हम हँसते हैं‚ गाते हैं। हम भगवान के चमकते चेहरे को भी देखते हैं।" मिल्टन ने लगभग दर्जन भर सवाल और पूछे और उन्हें हर एक का जवाब मिला। आखिर में‚ "बस मिल्टी बेटे। अब मुझे जाना है। देवदूत बुला रहे हैं। बस एक और सवाल का जवाब मैं दे सकता हूं। पूछो ‚ पूछो।"

"दादाजी"‚ मिल्टन ने आह भरी‚ " आपने हिन्दी बोलना कब सीखी?"

19.

जिन्दगी पर सोचने का एक और नज़रिया

एक बार मेंने एक व्यक्ति से झूठ बोला। इस पर उसने यह कहा :-

मेरे बारे में लिए गये उसके सारे निर्णय उन शब्दों पर टिके थे जो कि मैंने उससे कहे थे। तब से मैं सच ही बोलता हूं।

एक बार मुझे मिले हुए एक उपहार से मैं खुश नहीं हुआ क्योंकि यह वैसा नहीं था जो मैं चाहता था। देने वाले ने मेरी आंखों में निराशा देखी और यह कहा :-

उसने सबसे मूल्यवान उपहारों में से इसे इसलिए चुना क्योंकि उसे लगा कि यह चीज मेरे पास होनी चाहिए। तब से हर उपहार पाकर मैं बहुत खुश होता हूं।

एक आदमी ने मुझे एक राज बताया जिसे मैंने चुपके से अपने दूसरे दोस्त को सुना दिया। अपना राज दूसरे के मुंह से सुने जाने पर उसने मुझसे कहा :-

उसका मुझे राज बताने का कारण यह था कि उसे मुझ पर भरोसा था मेरे दोस्त पर नहीं। तब से मैं किसी के विश्वास को कभी हल्की तरह से नहीं लेता।

एक बार मेंने अपनी एक दोस्त को एक उपहार दिया और वो चीख पड़ी। मैंने कहा कि यह एक मामूली उपहार है जो मैं ला पाया। उसने कहा ऐसा मेरे उपहार के कारण नहीं हुआ बल्कि इसलिए कि मैंने उसके बारे में सोचा। तब से मैं अक्सर उपहार दिया करता हूं।

एक बार मैंने एक आदमी को अपने सभी सपनों के बारे में बताया।

वो मुस्कुराया और हंसा भी फिर उसने पूछा कि क्या कभी मैंने उन्हें पूरा करने की कोई योजना बनायी है।

तब से मैंने अपने दिन अलग ढंग से बिताने शुरू किए।

20.

रविवार की एक साफ‚ सुन्दर सुबह को छोटे से गांव के सभी लोग अपने पास के गिरजाघर में पहुंचे। प्रार्थना शुरू होने के पहले लोग अपनी बेंचों पर बैठ कर अपनी ज़िन्दगी‚ अपने परिवार वगैरह के बारे में बातें कर रहे थे। अचानक‚ मंच पर शैतान प्रकट हो गया। सभी लोगों ने चिल्लाना और एक दूसरे को धकेलते हुए भागना शुरू कर दिया‚ ताकि वे जल्दी से जल्दी शैतान से दूर हो सकें।

जल्दी ही सभी लोगों ने चर्च खाली कर दिया‚ सिवाय एक आदमी के जो शांति से अपनी बेंच पर बैठा रहा‚ मानों वह शैतान की उपस्थिति से बिल्कुल अनजान हो। यह देखकर शैतान थोड़ा संशय में पड़ गया।

वह आदमी के पास चलकर आया और पूछा‚ "ऐ! तुम्हें पता नहीं मैं कौन हूँ?"

आदमी ने कहा ‚"बिल्कुल पता है।"

शैतान बोला‚ "तो तुम्हें मुझसे कोई डर नहीं ?"

आदमी ने कहा‚ "नहीं‚ बिल्कुल नहीं।"

शैतान थोड़ा परेशान हुआ बोला‚ "तुम मुझसे डर क्यों नहीं लगता?"

"असल में‚ मैें 25 सालों से तुम्हारी बहन से शादी करके उसके साथ रह रहा हूं।"

21।

एक बचाव का वकील एक पुलिस ऑफिसर से सवाल जवाब कर रहा था और ज़िरह कुछ ऐसे हुई :

प्र : ऑफिसर क्या आपने मेरे मुवक्किल को घटना स्थल पर भागते हुए देखा?

उ : नहीं‚ मगर यह उस आदमी के विवरण से मिलता है जो वहां से कुछ दूरी पर था।

प्र : वह विवरण किसने दिया?

उ : उस ऑफिसर ने जिसने घटना स्थल का जायजा लिया।

प्र : एक साथ के ऑफिसर ने यह विवरण दिया! क्या आपको अपने साथ के ऑफिसरों पर विश्वास है?

उ : बिलकुल। अपनी जान की तरह।

प्र : जान की तरह! मैं एक सवाल पूछना चाहूंगा क्या पुलिस स्टेशन में एक लॉकर रूम है जहां हर दिन के काम के ल्िए तैयार होने से पहले आप लोग कपड़े बदलते हैं?

उ : जी हां ऐसा है।

प्र : और क्या उस कमरे में एक लॉकर भी है?

उ : जी हां।

प्र : और क्या उस लॉकर में ताला भी लगाया जाता है?

उ : जी हां।

प्र : अब ऑफिसर ऐसा क्यों है कि जब आप अपने साथी आफिसरों पर अपनी जान की तरह विश्वास करते हैं तो उस कमरे के लॉकर में ताला लगाते हैं जो कि सभी ऑफिसरों के लिए है?

उ : वो ऐसा है कि हमारा ऑफिस न्यायालय परिसर में ही है और कभी कभी बचाव पक्ष के वकील भी वहां आ जाया करते हैं।

22।

यह एक महिला की कहानी है जो सलाहकार ( कंसलटेण्ट) थी। उसने जो भी काम किया था उससे फायदा ही उठाया था। एक दिन सड़क पर चलते हुए एक बस ने उसे बुरी तरह टक्कर मार दी और वह मर गयी। जब उसकी आत्मा स्वर्ग पहुंची तो उसने पाया कि दरवाजे पर स्वयं यमराज खड़े थे। यमराज ने कहा "स्वर्ग में तुम्हारा स्वागत है। लेकिन अन्दर घुसने के पहले मैं बताना चाहूंगा कि हमारे सामने एक समस्या खड़ी हो गयी है। तुम्हें अजीब लगेगा मगर अभी तक हमारे पास कोई कंसलटेण्ट नहीं आया है और हम समझ नहीं पा रहे हैं कि तुम्हारा क्या किया जाय।"

"कोई बात नहीं‚ मुझे अन्दर तो आने दीजिए।" उसने कहा।

"मैं भी ऐसा ही चाहता हूं मगर मेरे पास ऊपर से आदेश हैं कि तुम्हें एक दिन स्वर्ग और एक दिन नरक में बिताने दिया जाय और फिर तुम कोई भी जगह चुन सकती हो अपने बाकी समय के लिए।"

"असल में मैंने पक्का कर लिया है कि मैं स्वर्ग में ही रहना चाहूंगी।"

"नहीं; हम नियम से चलते हैं" यह कहकर यमराज ने उसे एक विमान में चढ़ा दिया जो उसे नीचे नरक में ले गया।

वहां पहुंचने पर उसने अपने आपको एक शानदार से हरे गोल्फ के मैदान में पाया। दूर उसके दोस्त और साथ के दूसरे कंसल्टेण्ट खड़े थे जिनके साथ उसने काम किया था। वो सब शानदार कपड़े पहने हुए उसकी अगवानी में खड़े थे। वे सब दौड़ कर आए और उससे पुराने दिनों की बातें करने लगे।

उन लोगेाें ने मिलकर देर तक गोल्फ खेला और फिर शानदार खाना खाया।

कंसल्टेण्ट को पता ही नहीं चला कि समय कैसे गुजर गया और उसको बुलावा आ गया। सबसे विदा ले कर वह वापस विमान में बैठी। विमान ऊपर उडा. और फिर से उसने अपने आपको दरवाजे पर पाया जहां यमराज उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे।

"अब तुम्हें एक दिन स्वर्ग में बिताना है।"

उसके बाद कंसल्टेण्ट ने एक दिन स्वर्ग में बिताया बादलों पर घूमते फिरते और गाते हुए। इस बार भी उसका समय अच्छा गुजरा और इससे पहले कि उसे पता चले कि 24 घण्टे बीत चुके हैं यमरााज ने उसे बुलवा लिया।

"अब तुमने एक दिन नरक में और एक दिन स्वर्ग में बिता लिया है। अब तुम किसी एक को चुन सकती हो।"

कंसल्टेण्ट ने एक पल सोचा और कहा "मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं ऐसा कहूंगी; मेरा मतलब स्वर्ग बहुत अच्छा है पर मेरे ख्याल से मेरा समय नरक में अच्छी तरह बीता।"

तब यमराज ने उसे विमान में बैठा कर नीचे नरक में भेज दिया।

जब वह वहां पहुंची तब उसने अपने आपको एक बहुत गंदे स्थान में पाया जहां हर तरफ कचड़े और गन्दगी का ढेर लगा हुआ था। उसने अपने दोस्तों को देखा जो चीथड़े पहने हुए थे और गन्दगी उठाकर बोरों में भर रहे थे।

तभी शैतान वहां आया।

्‌"मुझे समझ में नहीं आ रहा है"‚ कंसल्टेण्ट ने कहा‚ "कल मैं यहां थी और यहां एक शानदार गोल्फ का मैदान था। हमने गोल्फ खेला शानदार खाना खाया और नाच गा कर अच्छा समय बिताया। और आज यहां कचड़े का ढेर है और मेरे सभी दोस्त बड़ी बेकार स्थिति में हैं।"

शैतान ने उसे देखा और मुस्कराया‚ "ऐसा इसलिए है क्योंकि कल हम तुम्हें भर्ती कर रहे थे और आज तुम स्टाफ हो।"

23।

एक लूथेरियन मंत्री कार चलाते हुए न्यु यॉर्क पहुंचा। रास्ते में तेज रफ्तार की वजह से उसे रोक लिया गया। पुलिस ऑफिसर ने उसके साँस में शराब की बदबू महसूस की और एक वाइन की बोतल कार के फर्श पर पड़ी देखी। तब उसने पूछा "सर‚ आप पी रहे थे?"

मंत्री ने कहा‚ "केवल पानी।"

ऑफिसर ने कहा‚ "तब मुझे शराब की गंध क्यों आ रही है?"

तब मंत्री ने नीचे झुककर बोतल को देखा और बोला‚ "हे भगवान। उसने फिर कर दिखाया!"

24।

एक आय्रिश व्यक्ति रात भर शराबखाने में पीता रहा। बैरे ने आ कर कहा कि बार बंद होने वाला है। तब वह आय्रिश व्यक्ति चलने के लिए खड़ा हुआ और मुँह के बल गिर पड़ा। उसने एक बार फिर खड़े होने की कोशिश की मगर वही परिणाम निकला। तो वह सरकते हुए बाहर निकला थोड़ी देर बाहर रूका‚ इस उम्मीद में कि उसका नशा थोड़ा कम हो जाय।

बाहर उसने फिर से खड़े होने की कोशिश की पर फिर गिर पड़ा‚ सीधे मुंह के बल। तब उसने 4 मकान के बाद अपने मकान तक सरक कर जाने का सोचा और जब वह पहुंचा तब दरवाजे पर उसने एक बार फिर कोशिश की मगर इस बार भी वही नतीजा निकला।

थक कर उसने हिम्मत छोड़ दी और रेंगते हुए ही अपने बेडरूम तक पहुंचा। पलंग के पास पहुंचने पर उसने एक बार फिर कोशिश की और इस बार वह अपने आप को ऊपर खींचने में सफल हो गया मगर तुरंत ही बिस्तर पर गिर पड़ा और तकिये से सिर लगाते ही बेखबर सो गया।

अगली सुबह जब वह जगा तब उसने अपनी बीवी को पास में खड़े चिल्लाते हुए पाया।

"तो तुम फिर पीने के लिए बाहर गये थे?"

"ऐसा तुम कैसे कह रही हो?" अपने चेहरे पर भोलापन लाते हुए उसने पूछा।

"शराबघर से फोन आया था‚ तुम अपनी व्हील चेयर फिर वहां छोड़ आए हो।"

25।

एक औरत अपने पति के साथ डॉक्टर के पास पहुंची। पति कीे जाँच करने के बाद डॉक्टर ने पत्नी को अकेले में बुलाया। उसने कहा‚ "आपके पति एक बहुत खतरनाक बीमारी से पीड़ित हैं और उसके साथ ही अधिक मानसिक तनाव से भी। अगर आप वो नहीं करेंगी जो मैं कह रहा हूं तो आपके पति की मौत निश्चित है। हर सुबह उनहें पौष्टिक नाश्ता बनाकर दीजिए। स्वभाव को मधुर रखिए और पक्की कोशिश कीजिए कि वो हमेशा अच्छे मूड में रहें। दोपहर को भी उन्हें एक पौष्टिक खाना दीजिए और रात को तो खासतौर से उनके ल्िए अच्छा खाना पकाइए।उनके ऊपर काम का बोझ न डालें क्योंकि शायद दिन भर वो कठिनाई से दिन गुज़ारते हैं। अपनी समस्याओं को उन्हें मत बताइए क्योंकि उससे उनका तनाव और बढ़ेगा। और सबसे जरूरी बात ये कि हफ्ते में कई बार उनके साथ हमबिस्तर हों और उन्हें पूरा आनन्द देने की कोशिश करें। अगर आप ऐसा करीब 1 साल करेंगी तो मुझे उम्मीद है कि आपके पति बिलकुल अच्छे हो जाएंगे।"

वापस रास्ते में पति ने पत्नी से पूछा‚ "डॉक्टर ने तुमसे क्या कहा।"

उसने जवाब दिया‚ "उसने कहा तुम मरने वाले हो।"

26।

पिता : "आज रात जब तुम अपनी मां से मिलने जाओगी तब उन्हें यह लिफाफा दे देना और कहना चूंकि अब तुम 18 की हो गयी हो यह मेरा आखिरी चेक है‚ जो तुम्हारे लिए मैं भेजता था। फिर वहां रूकना और उनका चेहरे का रंग देखना।"

पुत्री : "ठीक है।"

-- बाद में --

पुत्री : "मम्मी‚ पापा ने यह चेक तुम्हें देने को कहा है। उन्होंने कहा कि मैं तुम्हें बता दूं कि चूंकि अब मैं 18 की हो गयी हूँ ये उनका आखिरी चेक है‚मेरे पालन पोषण के लिए। फिर उन्होंने मुझे रूक कर आपके चेहरे का रंग देखने को कहा।"

मां : "अगली बार जब तुम उनसे मिलो‚ उनसे कहना कि 18 साल के बाद मैंने यह तय किया कि उन्हें बता दूं कि वो तुम्हारे पिता नहीं हैं। फिर वहां रूक कर उनके चेहरे का रंग देखना।"

27।

मार्टिन को अभी अभी बिलकुल नया ड्रायविंग लाइसेंस मिला। परिवार के सभी लोग तैयार हो कर कार में बैठ गये जिसमें उसे सब को पहली बार घुमाने ले जाना था। डैडी जी ने तुरंत पीछे को रूख किया और नये ड्रायवर के ठीक पीछे बैठ गये।

"मैं समझ गया‚ आप उन नज़ारों का मजा लेने के लिए पीछे बैठे हैं जो आप आगे बैठ कर मुझे सिखााने के कारण ठीक से नहीं देख पाए।" उमंग भरे नवयुवक ने कहा।

"नहीं"‚ डैडी जी का जवाब आया‚ "मैं पीछे बैठकर तुम्हारी सीट पर लातें मारूंगा जैसा कि तुम सालों से मेरे साथ करते आ रहे हो।"

28।

नदी के किनारे पहुंचने के बाद मछली पकड़ने गये आदमी को मालूम पड़ा कि वो मछलियों के लिए चारा लाना तो भूल ही गया।तभी उसने एक छोटे से सांप को वहां से गुजरते देखा जाेे अपने मुंह में एक कीड़ा पकड़े हुआ था। आदमी ने सांप को पकड़ा और उसके मुंह से वह कीड़ा छीन लिया। लेकिन यह सोचकर कि बेचारे सांप के पास खाने को कुछ नहीं है उसे थोड़ा बुरा लगा और उसने फिर से सांप को पकड़ा और उसके मुंह में थोड़ी बीयर टपका दी। फिर वो मछली पकड़ने में जुट गया।

करीब एक घण्टे बाद आदमी को लगा कि कोई उसका पैण्ट हल्के से खींच रहा है। नीचे देखने पर उसने उसी सांप को पाया जो मुंह में तीन कीड़े पकड़े हुआ था।

29।

एक 54 वर्षीय एकाउंटेण्ट ने एक शाम एक पत्र अपनी पत्नी के नाम छोड़ा जिसमें लिखा था : प्रिय पत्नी (जैसा कि वो उसे बुलाया करता था)‚ मैं 54 का हूं और जब तुम यह पत्र पढ़ रही होगी‚ मैं अपनी जवान और सुन्दर 18 साल की सेक्रेटरी के साथ ग्रांड होटल में होऊंगा।

जब वह होटल में पहुंचा उसे एक पत्र मिला जिसमें लिखा था : प्रिय पति (जैसा कि वो उसे बुलाया करती थी)‚ मैं भी 54 की ही हूं और जब तुम यह पत्र पढ़ रहे होगे मैं एक नौजवान और खूबसूरत 18 साल के लड़के के साथ होऊंगी। चूंकि तुम एक एकाउंटेण्ट हो तुम्हें यह जानकर अच्छा लगेगा कि 54 में 18 बहुत ज्यादा बार जा सकता है‚ 18 में 54 के मुकाबले।

30।

एक प्रोफेसर अपने कमरे में बैठा हुआ था कि एक आकर्षक और उत्तेजक सी दिखने वाली लड़की ने उसका दरवाजा खटखटाया।

"कहिए‚ मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूं।"‚ उसने पूछा।

लड़की ने कहा‚ "मैं आपकी क्लास में अपने ग्रेड के बारे में कुछ बातें करना चाहती हूं।"

"आओ बैठो।"‚ प्रोफेसर ने कहा।

"क्या ऐसा कुछ है जो मैं आपकी क्लास में ‘अ' ग्रेड लाने के लिए कर सकती हूँ?"

"'कुछ' से तुम्हारा क्या मतलब है?"‚ उसने पूछा।

लड़की बोली‚ "कुछ भी।"

कुछ भी !

लड़की ने कहा‚ "मेरा मतलब है‚ ‘कुछ भी'।"

प्रोफेसर अपनी कुर्सी से उठा‚ लड़की के पास आकर बैठ गया और उसके कान में फुसफुसाया‚ "क्या तुम पढ़ोगी?"

31।

एक औरत अपनी सहेली से बातें कर रही थी‚ "यह मैं ही हूँ ‚ जिसने अपने पति को लखपति बनाया।"

"अच्छा; और तुमसे शादी करने के पहले वो क्या थे?" सहेली ने पूछा।

औरत ने जवाब दिया‚ "करोड़पति!"

32।

एक आदमी और एक सुन्दर औरत एक शानदार रेस्तरां में साथ में खाना खा रहे थे। उनके बैरे‚ जो दूसरी मेज पर ऑर्डर ले रहा था . ने अचानक ध्यान दिया कि साथ वाला आदमी धीरे धीरे कुर्सी से मेज के नीचे सरक रहा है और वह औरत कोई ध्यान ही नहीं दे रही है। बैरे ने देखा कि वह आदमी कुर्सी से खिसक कर पूरी तरह मेज के अन्दर गायब हो गया। इसके बावजूद वह औरत शांति और बिना किसी परेशानी के खाना खाती रही‚ इस बात से बिलकुल अनजान कि उसके साथ खाने वाला आदमी गायब हो गया है। जब बैरा दूसरी मेज का ऑर्डर ले चुका तो वह औरत की मेज पर आया और बोला‚ "माफ कीजिएगा‚ पर मुझे लगता है कि आपके पति अभी मेज के नीचे घुस गये हैं।"

औरत ने शांत भाव से उसकी ओर देखा और दृढ़ता से कहा‚ "नहीं ऐसा नहीं है। मेरे पति तो अभी अभी दरवाजे से अन्दर घुसे हैं।"

33।

एक कॉलेज के छात्र ने अपनी ‘डेट' को उसके घर से साथ में लिया। लड़की को एक शानदार रेस्तरां में ले गया जिसके लिए उसने एक एक पैसा इकट्‌ठा किया था। लड़की के हर महंगी चीज का आर्डर देते जाने पर लड़के को धक्का सा लगा। सूप‚ शैम्पेन‚ आइसक्रीम‚ सभी चीजें।

आखिरकार वह पूछ ही बैठा‚ "तुम्हारी मां घर पर तुम्हें इसी तरह खिलाती हैं।"

"नहीं" उसने कहा "मगर मेरी मां मुझे बिस्तर पर ले जाने की नहीं सोचती।"

34।

एक पति और पत्नी ने ध्यान दिया कि उनके बच्चे का लिंग बहुत ही छोटा है। इसलिए वे उसे डॉक्टर के पास ले कर गए। उन्होंने अपनी चिन्ता डॉक्टर को बतायी। डॉक्टर ने कहा कि बच्चे को खूब सारे टोस्ट खिलाए जाएं। अगली सुबह पत्नी जल्दी उठी और ढेर सारे टोस्ट तैयार किये।

जब बच्चा नाश्ते के लिए आया तब मां ने कहा‚ "ऊपर के दो टोस्ट तुम ले लो। बाकी तुम्हारे पापा के लिए हैं।"

35।

पीट और लैरै को एक दूसरे से मिले और देखे कई साल बीत गये थे। इस बार उस अंतराल को भरने के लिए उन दोनों ने खूब देर तक बातें की‚. अपनी पुरानी जिंदगी को याद करते हुए। आखिर में पीट ने लैरी को अपने नये फ्लैट में आने का आमंत्रण दिया। "मैं अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता हूं और मैं बहुत खुश होऊंगा अगर तुम वहां आओ।"

"क्यों नहीं। तुम रहते कहां हो?"

"यह रहा मेरा पता। और वहां मकान के पीछे कार खड़ी करने की काफी जगह है। कार खड़ी करके तुम घूम कर मुख्य दरवाजे पर आना‚ और पैर से धकेल कर उसे खोलना‚ लिफ्ट तक आना‚ बायीं कुहनी से बटन दबाकर दरवाजा खोलकर अंदर घुसना।छठवीं मंज़िल पर पहुंचने के बाद हाल में घुसना और दरवाजे पर मेरा नाम देखकर दायीं कुहनी से घण्टी बजा देना। मैं तुरंत दरवाजा खोल दूंगा।"

"बहुत अच्छे। पर यह बताओ कि ये लात मारकर दरवाजा खोलना‚ दायीं और बायीं कुहनी से बटन दबाना‚ ये क्या गोरखधंधा है?"

"सीधी बात है‚ तुम खाली हाथ तो आओगे नहीं!"

36।

जई मेरी बेवकूफ बीवी है। एक बार उसने पूछा : एडी क्या तुम्हें जलने की गंध आ रही है। मैंने कहा नहीं। मैं संगीत सुन रहा था। गुस्सा हो कर वो बोली : जब तक तुम आवाज़ कम नहीं करोगे तो कैसे महसूस कर पाओगे।

37।

एक औरत डॉक्टर के पास गयी। उसने कहा "डॉक्टर मैं कुछ हफ्ते बहामा में बिता कर लौटी हूं और मौसम इतना अच्छा था कि दिन में मैं ज़्यादातर समय रेत पर पड़े पड़े ही बिताती थी। मगर एक अजीब सी बात मेरे साथ हुई। जब भी कोई सुन्दर सा नौजवान मेरे पास से गुज़रता था मैं पैरों की उंगलियों के बीच अजीब सी सनसनाहट सी महसूस करती थी।"

दॉक्टर ने इसे असामान्य समझ कर उसका मुआयना किया। उसने पूछा कि क्या यह सनसनी सभी उंगलियों के बीच में होती है। उसने जवाब दिया "नहीं केवल दोनों अंगूठों के बीच में।"

38।

एक दिन एक आदमी काम के बजाय घर पर था और हर जगह दर्द महसूस कर रहा था। अगले दिन वह डॉक्टर के पास गया यह जांच कराने के लिए कि ये सब क्या है। अन्दर घुसने पर डॉक्टर ने उसकी परेशानी पूछी तब वह बोला : "हर बार मेरा शरीर छूने से दर्द उठता है। जब मैं चेहरे को हाथ को और पैरों को छूता हूं तो हमेशा दर्द होता है।" डॉक्टर ने उसका एक्सरे लिया और वापस आकर बोला "तुम्हारे साथ कोई समस्या नहीं है सिवाय इसके कि तुम्हारी उंगली टूटी हुई है।"

39।

एक छोटी सी लड़की अपने पापा की गोद में बैठी थी। कुछ देर तक अपने पापा को देखते रहने के बाद उसने पूछा "पापा क्या आपसे किसी ने कहा है कि आप दुनिया के सबसे शानदार और होशियार आदमी हैं।" उसके पिता ने गर्व से भरकर कहा "नहीं तो बेटा क्यों"। "तब फिर आपके मन में ऐसा ख्याल कैसे आया।" लड़की ने पूछा।

40।

तीन बेवकूफ आदमी एक नदी के किनारे बैठे थे। अचानक उन्होंने पाया कि एक बच्चा पानी में डूब रहा है। एक ने कहा कि एक बच्चा पानी में डूब रहा है और हम यहां चुपचाप बैठे हैं। दूसरे ने हामी भरी और बोला बिल्कुल सही कहा। हम लोगों को खड़ा हो जाना चाहिये।

41।

एक युवक स्वर्ग के दरवाजे पर पहुंचा और प्रवेश की प्रतीक्षा करने लगा। चित्रगुप्त एक बड़ी सी किताब के पन्ने उलट कर युवक का नाम खोजने की कोशिश कर रहे थे। कई मिनटों के बाद उन्होंने किताब बन्द की और भौंहें सिकोड़ीं फिर कहा "मुझे खेद है मगर तुम्हारा नाम इस किताब में नहीं है।"

"यह जानकारी कितनी नयी है" उसने पूछा।

"हर दस मिनट में यह बदलती रहती है।" चित्रगुप्त ने जवाब दिया "लेकिन तुमने यह क्यों पूछा।"

"मैं क्षमा चाहता हूं मगर मैं थोड़ा जिद्दी किस्म का हूं। जब तक मेरी मृत्यु बिलकुल ही करीब नहीं आ गयी थी मैंने भगवान को याद नहीं किया था इसलिए शायद अभी तक मेरा नाम इसमें नहीं आया होगा।"

"शायद ऐसा ही होगा" चित्रगुप्त बोले। "खैर जब तक तुम्हारी जानकारी इस में नहीं आ जाती क्या तुम अपनी जिंदगी में किया कोई सचमुच अच्छा काम बता सकते हो।"

युवक ने एक पल सोचा फिर कहा " एक बार जब मैं अपनी गाड़ी से जा रहा था मैंने देखा कि कई सारे बदमाश एक बेचारी लड़की को परेशान कर रहे थे।मैंने गाड़ी थोड़ी धीमी की और सचमुच में करीब 20 गुण्डे उस बेचारी लड़की को तंग कर रहे थे। गुस्से से मैं गाड़ी से उतरा लोहे की एक छड़ उठायी और सीधे उनके सरदार के पास पहुंचा। वह एक विशालकाय व्यक्ति था करीब 6 फुट 4 इंच का काफी हट्टा कट्टा। वह चमड़े की जैकेट पहना हुआ था और एक कान से नाक तक की एक चेन पहने हुआ था। जैसे ही मैं सरदार के पास पहुंचा बाकी लोग मेरे चारों ओर घेरा बनाकर कर खड़े हो गये और मुझसे कहा कि मैं वहां से चले जाऊं वरना अगली बारी मेरी होगी।

"लेकिन मैंने सरदार की चेन खींची और लोहे की छड़ उसके सिर पर दे मारी। फिर मैं चारों तरफ घूम कर बाकियों से चिल्लाकर बोला ‘इस बेचारी मासूम लड़की को छोड़ दो। तुम वहशी पागल जानवर। यहां से चले जाओ वरना मैं तुम्हें बहुत बुरा सबक सिखाउंगा।

चित्रगुप्त पूरी तरह प्रभावित हो कर बोले "बहुत अच्छे। यह कब हुआ था।"

"करीब पांच मिनट पहले।"

42।

एक युवक ने बार के अन्दर घुसने पर एक सुन्दर युवती को देखा। एक घण्टे की कोशिश के बाद आखिर उसने हिम्मत जुटायी और उसके पास जाकर धीरे से बोला "अगर आप बुरा न मानें तो क्या मैं आपके साथ थोड़ी देर बातें कर सकता हूं।"

वह युवती जोर से चीखी "नहीं मैं तुम्हारे साथ सोने वाली नहीं हूं।"

बार में सभी लोग उसकी तरफ देखने लगे। घबराकर लड़का चुपचाप आकर अपनी जगह आकर बैठ गया।

कुछ मिनटों बाद युवती उसके पाास चल कर आयी और माफी मांगी। फिर उसकी ओर देखकर मुरकरायी और बोली "मैं माफी चाहती हूं मैंने आपको परेशान कर दिया। असल में मैं मनोविज्ञान की छात्रा हूं और आजकल मैं यह अध्ययन कर रही हूं कि ऐसी परिस्थितियों में लोगों की प्रतिक्रिया क्या होती है।"

इतना सुनने पर लड़का अपनी पूरी ताकत से चिल्लाया "500 रू .। मैं तुम्हें 200 भी नहीं दूंगा।"

43।

एक चेक (चेकोस्लोवाकिया) आदमी की आंखो की परेशानी जब ज्यादा बढ़ गयी तो वह प्राग में एक डॉक्टर के पास पहुंचा। डॉक्टर ने उसे सामने चार्ट दिखााया जिस पर ये अक्षर लिखे हुए थे CVKPNWXSCZ।

"क्या तुम इसे पढ़ सकते हो" डॉक्टर ने पूछा।

"पढ़ सकता हूं " उसने जवाब दिया "अरे मैं इसकी बहन से फ्लर्ट करता था।"

44।

कमरा गर्भवती औरतों और उनके पतियों से भरा हुआ था और कक्षा बड़े अच्छे ढंग से चल रही थी। निर्देशक महिलाओं को सांस लेने का सही ढंग बता रहा था अैर साथ ही उसने पुरूषों को इन हालातों की ज़रूरी बातों के बारे में बताया। फिर निर्देशक ने कहा "महिलाओं के लिए शारीरिक अभ्यास करना अच्छा है। खासकर पैदल चलना तो काफी लाभदायक है। और सज्जनों आपको अधिक परेशानी नहीं होनी चाहिए अगर समय निकाल कर अपनी पत्नियों के साथ घूमने जाया करें।" कमरे में चुप्पी सी छा गयी। आखिरकार एक आदमी ने अपना हाथ ऊपर उठाया।

"कहिए " निर्देशक ने पूछा।

"क्या यह ठीक रहेगा अगर वो चलते समय गोल्फ बैग उठा कर चलें।"

45।

एक औरत परेशान सी थी यह सोचकर कि उसके पति का किसी और के साथ चक्कर चल रहा है। वह हथियारों की दुकान पर गयी और एक पिस्तौल खरीदी। दूसरे दिन जब वह घर पहुंची तो उसने अपने पति को एक सुन्दर औरत के साथ हमबिस्तर पाया। उसने पिस्तौल निकाली और अपने सिर से लगा लिया। पति तुरंत बिस्तर से उतरकर माफी मांग कर उसे मनाने की कोशिश करने लगा कि वो खुद को गोली न मारे। हिस्टीरियाई अंदाज में वह पति पर चिल्लायी "चुप .... अगली बारी तुम्हारी है।"

46।

एक सेनापति अपने सिपाहियों के साथ दिन भर की भारी लड़ाई के बाद अपने किले में वापस आया।

"हम कितने फायदे में हैं" राजा ने पूछा।

"महाराज" सेनापति ने उत्तर दिया "मैंने पश्चिम की तरफ के आपके दुश्मनों के शहर जला दिए और आपकी ओर से खूब लूट पाट की।"

"क्या " राजा चिल्लाया "पश्चिम की ओर तो हमारे कोई दुश्मन नहीं हैं।"

"ओह " सेनापति थोड़ा घबराया फिर बोला "लेकिन अब हैं .... ।"

47.

सर्वेक्षण में भाग लेने वाली एक महिला से यह पूछा गया कि कंडोम के बारे में उसकी क्या राय है। उसने जवाब दिया "यह इस बात पर निर्भर करता है कि .... उसके अन्दर मेरे लिए क्या है।"

48।

बहुत पहले , जब समुद्री जहाजों का जमाना था , एक जहाज के कप्तान और उसके साथी खतरे में पड़ गये क्योंकि उनका सामना समुद्री डाकुओं के जहाज से होने वाला था। जब जहाज के लोग भयभीत होने लगे तब कप्तान अपने पास के साथी से चिल्लाकर बोला ,"मेरी लाल कमीज लाओ ! " वह तुरंत दौड़कर गया और कप्तान की लाल कमीज लेकर आया। कप्तान ने उसे पहना और अपने साथियों का लड़ाई के लिए नेतृत्व करने लगा। हालांकि कुछ लोग मारे गये पर डाकुओं को भगा दिया गया। रात में सभी लोग डेक पर बैठ कर लड़ाई के बारे में बातें कर रहे थे कि एक आदमी ने कप्तान की तरफ देखा और पूछा, "आपने लड़ाई के पहले अपनी लाल कमीज क्यों मंगायी थी ?"

कप्तान ने खास अंदाज से उसकी ओर देखा और कहा ,"अगर मैं लड़ाई में जख्मी हो जता तो लाल कमीज में खून नही दिखता और तब तुम लोग बिना डरे उनसे मुकाबला जारी रखते।"

वह आदमी चुप बैठ गया , अपने कप्तान की हिम्मत की दाद देते हुए। अगली सुबह किसी ने चिल्लाकर बताया कि इस बार डाकुओं के दो जहाज आ गये हैं। जहाज के लोग भयभीत होने लगे मगर कप्तान हमेशा की तरह शांत रहा और बोला ,"मेरी लाल कमीज लाओ ! " एक बार फिर लड़ाई छिड़ गयी और इस बार भी कप्तान और उसके साथी डाकुओं को भगाने में सफल हो गये हालांकि इस बार कुछ ज्यादा हानि हुई। मगर कुछ समय बाद में फिर एक आदमी चिल्लाया कि फिर से समुद्री डाकू आ रहे हैं , इस बात दस जहाजों में। सब आदमी चुप हो कर कप्तान की तरफ देखने लग गये , उसके हमेशा के आदेश की प्रतीक्षा में।

हमेशा की तरह शांत रहते हुए कप्तान बोला , "मेरा भूरा पैण्ट ले कर आओ ! "

49।

एक आदमी ने एक सुन्दर औरत से शादी की और शादी के बाद उसने यह नियम बताये :

"मैं घर पर रहूंगा जब मेरी इच्छा होगी , अगर मेरी इच्छा होगी तो , और जिस समय मेरी इच्छा होगी और इस मामले में तुमसे कुछ सुनना नहीं चाहता। मैं अपने दोस्तों के साथ शिकार पर जाऊंगा , मछली पकड़ने जाऊंगा , ताश खेलूंगा , शराब पिऊंगा और मैं नहीं चाहता कि तुम इन सब बातों को ले कर कोई लफड़ा करो। तुम्हें मेरे लिए खाना समय से बनाकर तैयार रखना है भले ही मैं यहां रहूं या न रहूं। ये मेरे नियम हैं। तुम्हें कुछ कहना है"

उसकी नयी बीवी बोली , "नहीं मुझे इनसे कोई परेशानी नहीं। बस एक बात समझ लो हर रात सात बजे मैं हमबिस्तर होऊंगी भले तुम रहो या न रहो।"

50।

एक आदमी बहुत परेशान था। उसका व्यापार ठप्प हो गया था और वो गहरे आर्थिक संकट में था। वह इतना निराश हो गया कि उसने भगवान से मदद मांगने की सोची। उसने प्रार्थना करना शुरू की। "भगवान कृपया मेरी मदद करो।मेरा व्यापार ठप्प हो गया है और अगर मुझे पैसे नहीं मिलेंगे तो मैं अपना मकान भी खो बैठूंगा। दया कर के मेरी लॉटरी लगा दो।" लॉटरी की रात आयी और कोई और जीत गया। उसने फिर प्रार्थना की "भगवान कृपया मेरी लॉटरी लगा दो। मेरा व्यापार मेरा मकान सब चला गया है और अगर मुझे पैसे नहीं मिले तो मेरी गाड़ी भी चली जाएगी।" लॉटरी की रात आयी और इस बार भी उस आदमी का भाग्य नहीं चमका। एक बार फिर उसने प्रार्थना की "मेरे भगवान तुम मुझे क्यों भूल गये हो। मैं अपना व्यापार अपना मकान अपनी गाड़ी खो बैठा हूं। मेरे बीवी बच्चों को भूखे मरने की नौबत आ गयी है। मैं हमेशा तो तुमसे मदद नहीं मांगता और मैं तुम्हारा शुरू से अच्छा भक्त रहा हूं। बस एक बार दया कर के मुझे लॉटरी में जिता दो ताकि मैं अपनी जिन्दगी फिर से ढर्रे पर ला सकूं।" अचानक एक तेज प्रकाश छा गया मानों स्वर्ग के दरवाजे खुल गये हों और उस आदमी ने स्वयं भगवान की आवाज सुनी :

"मैं तुम्हें लॉटरी में जिता दूंगा। तुम टिकट तो खरीदो।"

51।

एक औरत क्या कहती है :

"यह घर कितना अस्त व्यस्त पड़ा है। तुम्हारा सामान फर्श पर बिखरा हुआ है। आओ मैं और तुम इसे साफ करते हैं और तुम्हारे पास एक भी कपड़ा नहीं होगा अगर तुम अभी तुरंत इन्हें धोने नहीं डालोगे।"

एक पुरूष क्या सुनता है :

ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला आओ

ब्ला मैं और तुम

ब्ला ब्ला ब्ला फर्श पर

ब्ला ब्ला ब्ला एक भी कपड़ा नहीं

ब्ला ब्ला ब्ला ब्ला अभी तुरंत।

52।

बेनी: "पता है , मेरे दादाजी को मालूम था कि वो किस साल किस दिन मरने वाले हैं। और वह बिलकुल वही साल था। और यही नहीं उन्हें यह भी पता था कि वो उस दिन किस समय मरने वाले हैं। और वो बिलकुल सही थे।"

लुई : अच्छा ! यह तो अविश्वसनीय है। उन्हें यह सब कैसे मालूम था।"

बेनी: "एक जज ने उन्हें बताया था।"

53।

एक सफल व्यापारी सप्ताहांत में ज्ुआ खेलने वेगास गया। वो अपना कोट तक हार गया और उसके पास वापसी के टिकट के अलावा कुछ भी नहीं बचा। अगर वो हवाई अड्‌डे पर पहुंच जाता तो वो अपने घर पहुंच सकता था। कैसीनो के बाहर निकलने पर उसने एक टैक्सी खड़ी देखी। वह अन्दर बैठा और अपनी हालत ड्राइवर को बतायी। उसने उससे वादा किया कि वो जाते ही घर से पैसे भेज देगा। उसने अपना क्रेडिट कार्ड नम्बर अपना लाइसेंस नं . अपना पता भी देना चाहा मगर कोई फायदा नहीं हुआ। ड्राइवर ने उससे कहा "अगर तुम्हारे पास पंद्रह डॉलर नहीं हैं तो मेरी टैक्सी से तुरंत बाहर निकलो और भाड़ में जाओ।" हार कर व्यापारी किसी तरह हवाई अड्‌डे पर पहुंचा और किसी तरह वह समय पर पहुंचा कि जहाज पकड़ सके।

एक साल बाद फिर वह व्यापारी वेगास आया और इस बार वह बहुत जीता। वह बहुत खुश था और खुशी में मगन कैसीनो से बाहर निकला चारों तरफ देखा ताकि टैक्सी पकड़ कर हवाई अड्‌डे जा सके। बाहर उसने पाया कि टैक्सियों की एक लंबी लाइन लगी है और आखिरी में वही टैक्सी ड्राइवर था जिसने पिछले साल उसकी मदद करने से साफ इन्कार कर दिया था। व्यापारी ने एक पल सोचा कि उससे कैसे बदला लिया जाय और उसे एक तरकीब सूझी। व्यापारी पहली टैक्सी में बैठा और उसने पूछा "हवाई अड्‌डे के कितने लोगे।" "पंद्रह डॉलर।" जवाब मिला। "और मेरे साथ हमबिस्तर होने के कितने लोगे।" "क्या। बाहर निकल मेरी टैक्सी से बदमाश कहीं का।" व्यापारी लाइन में हर टैक्सी ड्राइवर से यही सवाल किया और हर बार वही नतीजा उसे गालियों के साथ बाहर निकाल दिया गया। आखिरकार वह पुराने ड्राइवर की टैक्सी तक पहुंचा। अन्दर बैठाकर उसने पूछा "हवाई अड्‌डे के कितने"। ड्राइवर ने जवाब दिया "पंद्रह डॉलर"। व्यापारी ने कहा "ठीक है" और चलने को कहा। जब टैक्सी आगे बढ़ी तब व्यापारी ने हर ड्राइवर को एक बड़ी सी मुस्कान चेहरे पर ला कर अंगूठा ऊपर कर के अपने सफल होने का संकेत दिया।

54।

एक छोटे शहर में जहां ज़्यादा सनसनीखेज खबरें नही बनती थीं वहां के स्थानीय रेडियो स्टेशन ने शहर के सबसे वृद्‌ध व्यक्ति का साक्षात्कार प्रसारित करना तय किया जिसने कुछ दिनों पहले 110 साल पूरे किये थे।

"आप 110 के होने पर कैसा महसूस करते हैं।"

"बहुत अच्छा। मैं बहुत अच्छा महसूस करता हूं।"

"और अब जब आप 110 पार कर चुके हैं क्या आपकी कोई भविष्य के लिए योजना है।"

"सच पूछा जाय तो है। मैं अपनी बीवी से तलाक लेने वाला हूं।"

"तलाक। इस उम्र में। ऐसी कौन सी बात हो गयी जिससे आप अब तलाक लेने वाले हैं।"

"असल में हम दोनों की कभी अच्छी नहीं बनी। केवल अपने बच्चों की खातिर हम साथ रह रहे थे। और अब वो सब मर चुके हैं।"

55।

एक पुलिस इंस्पेक्टर ने एक भयानक सड़क दुर्घटनास्धल पर पहुंचने पर पाया कि दुर्घटना ग्रस्त व्यक्तियों में एक काफी घायल होने के बावजूद अपने पैरों पर खड़ा था और अपनी कार के नुकसान का जायजा लेते हुए आगे पीछे घूम रहा था। "हे भगवान ! देखो मेरी कार को , यह तो बरबाद हो गयी है। बायां हिस्सा तो पूरा उड़ गया है। हे भगवान ! मेरी सुन्दर कार, मेरी नयी प्यारी नयी कार ! "

उसकी बुरी हालत देखकर इंस्पेक्टर ने उसे शांत करने की नाकाम कोशिशें कीं "आप शांत हो जाइए। आप बुरी तरह घायल हैं, आपको लेट जाना चाहिए।"

पर कोई फायदा नहीं। वो घायल आदमी कार की दशा पर चिन्ता करते हुए चहलकदमी करता रहा। "हे भगवान, मेरी कार ! हाय मेरी कार ! कोई कुछ करो ! "

आखिरकार इंस्पेक्टर ने उस आदमी के कंधों को पकड़ा और उस पर चिल्लाया "देखो ! भूल जाओ इस कार को। इसे देखो ! तुम्हारा बायां हाथ पूरी तरह उड़ गया है ! "

वह एक पल जैसे होश में आया और नीचे अपने खून से लथपथ कंधे को देखा और फिर चिल्लाया : "हे भगवान, मेरी घड़ी ! मेरी नयी घड़ी ! प्लीज़ कोई मेरी नयी घड़ी ढ़ूंढ़ो ! "

56।

एक आदमी किसी काम के सिलसिले में लॉस वेगास गया और वहां उसने वहां के वेश्याघर में जाने का विचार किया। पहले वेश्याघर में पहुंचने पर उसने मैडम से पूछा ,"क्या यह यूनियन हाउस यानी साझे का वेश्याघर है ?"

"नहीं यह ऐसा नहीं है।"

"अच्छा , अगर मैं 100 रू . दूंगा तो लड़की को कितने मिलेंगे ?"

"लड़की को 20 रू . मिलेंगे और हमारे पास 80 रू . आयेंगे।" जवाब मिला।

इस तरह की ग़लत बात को बर्दाश्त न कर पाने के कारण वह तुरंत से निकलकर दूसरे बेहतर वेश्याघर की तलाश में जुट गया।

उसकी खोज कुछ देर चलती रही। अंतत: वह एक जगह पहुंचा जहां की मैडम ने कहा ,"हां यह एक यूनियन हाउस है ?"

"अच्छा अगर मैं 100 रू . दूंगा तो लड़की को कितने मिलेंगे ?"

"लड़की को 80 रू . मिलेंगे और हमारे पास 20 रू . आयेंगे।"

"ये हुई न ढंग की बात ",उसने कहा। उसने कमरे में चारों तरफ निगाह दौड़ायी फिर एक बहुत सुन्दर लड़की की ओर इशारा करते हुए बोला "रात के लिए मैं इसे चाहता हूं।"

"ज़रूर चाहते होंगे," मैडम कोने में एक मोटी 50 साल की तरफ देखते हुए बोली ,"मगर ईथेल यहां सीनियर है।"

57।

एक आदमी और औरत एक होटल में मिले और साथ में उनकी अच्छी गुज़र रही थी कि आदमी ने पूछा ,"मैं एक काल्पनिक सवाल पूछना चाहता हूं। अगर मैं अपने साथ सोने के लिए एक लाख रू . का प्रस्ताव रखूं तो क्या तुम मेरा प्रस्ताव स्वीकार करोगी ?" औरत ने कहा ,"मेरे ख्याल से मैं कर लूंगी।" "अच्छा तब अगर मैं पांच रू . का प्रस्ताव रखूं तो ?" आदमी ने पूछा। "क्या ! तुम पागल तो नहीं हो ? तुमने मुझे किस तरह की औरत समझ रखा है ?" औरत नाराज़ होकर बोली। "देखो हम लोग यह पहले ही निश्चित कर चुके हैं, नहीं क्या ? अब हमें केवल पैसों पर मोल भाव करना है।"

58।

एक आदमी ने काम से अपने घर पर फोन लगाया। एक अपरिचित औरत ने फोन उठाया। आदमी ने पूछा : "कौन ?"

"मैं यहां की नौकरानी हूं।" औरत ने जवाब दिया।

"हमारे यहां तो कोई नौकरानी नहीं है।"

"आज सुबह ही इस घर की मालकिन ने मुझे काम पर रखा है।"

"अच्छा। मैं उसका पति बोल रहा हूं। वो कहां है ?"

"वो तो ऊपर किसी आदमी के साथ बेडरूम में हैं जिसे मैं उनका पति समझ रही थी।"

आदमी आग बबूला हो गया। उसने नौकरानी से कहा "सुनो तुम 50000 रू . कमाना चाहोगी ?"

"मुझे क्या करना होगा ?"

"मैं चाहता हूं कि तुम मेरी मेज़ की दराज से पिस्तौल ले कर उन दोनों को गोली मार दो।

नौकरानी ने फोन नीचे रख दिया। आदमी ने उसके कदमों की आहट सुनी और फिर गोली चलने की दो आवाज़ें।

नौकरानी वापस आकर फोन पर पूछा "उनकी लाश को क्या करूं ?"

"उन्हें स्वीमिंग पूल में फेंक दो।"

"कौन सा स्वीमिंग पूल ?"

"ऐं क्या यह 8324821 है ?"

59।

एक व्यक्ति शादी करने के बाद अपनी नई बीवी के साथ अपने गांव जा रहा था। वह अपने खच्चर को खींच रहा था जिस पर सामान लदा हुआ था। अचानक खच्चर आदमी को झटका देते हुए रूक गया। आदमी ने खच्चर को एक बेंत मारी और बोला "यह पहली बार है"। बीवी ने कुछ नहीं कहा और दोनों लोग चलते रहे। कुछ देर बाद खच्चर फिर अचानक रूक गया। व्यक्ति ने फिर एक बेंत मारी और कहा "यह दूसरी बार है"। इस बार भी बाीवी ने कुछ नहीं कहा। कुछ देर बाद खच्चर फिर से अड़ गया। इस बार आदमी ने बंदूक निकाली और खच्चर को गोली मार दी और बोला "यह तीसरी बार "। इस बार बीवी से नहीं रहा गया और पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया। आदमी उसकी ओर मुड़ा और बोला "यह पहली बार है"।

60।

एक आदमी जब काम के बाद अपने घर पहुंचा तो उसने पूरे घर को तितर बितर सा पाया। बच्चे रात वाले कपड़ों में ही बाहर धूल और गंदगी

में खेल रहे थे। खाने के बर्तन खाली पड़े थे और हर जगह गंदगी फैली हुई थी। जब वो अन्दर गया तो उसने वहां उसने चीजों को और अस्त व्यस्त पाया। मेज पर खाने के बर्तन पड़े हुए थे कुत्ते का खाना फर्श पर बिखरा हुआ था मेज के नीचे एक गिलास टूटा पड़ा था और पिछले दरवाजे पर धूल का एक ढेर पड़ा हुआ था। बच्चें के कमरे में खिलौने और कपड़े बिखरे पड़े थे और लैंप जमीन पर गिरा पड़ा था।

उसने ऊपर वाले कमरे की ओर रूख किया अपन्ी बीवी को देखने के लिए। वह चिन्तित था कि कहीं वो बीमार तो नहीं या उसके साथ कुछ हो तो नहीं गया। उसने बीवी को अपने कमरे में पाया जो रात वालों कपड़ों में ही थी और कोई किताब पढ़ रही थी। उसे देखकर बीवी मुस्कुरायी और पूछा कि उसका दिन कैसा रहा। कुछ न समझ पाते हुए उसने बीवी को देखा और पूछा "यहां आज क्या हुआ"।

वह फिर मुस्कुरायी और जवाब में बोली "तुम्हें याद है रोज काम से आने के बाद तुम मुझसे पूछते थे कि मैंने दिन भर क्या किया।"

"हां" उसने कहा।

बीवी ने कहा "तो मैंने आज कुछ नहीं किया"।

61।

मैं कार चला रहा था कि मैंने एक जगह लिखा पाया कि यहां पार्क करने की सोचिए भी नहीं। इसलिए मैने बिना ज़रा भी सोचे कार पार्क कर दी।

62।

लालू यादव कार से एक छोटे गांव से गुज़र रहे थे कि अचानक एक सुअर का बच्चा कार के नीचे आ गया और तुरंत मर गया। लालू जी थोड़े दुखी हो गये और ड्राइवर से कहा कि वो गांव जाकर सुअर के मालिक का पता करे ताकि उसे नुकसान की भरपााई कर सकें। ड्राइवर गया और करीब दो घण्टे बाद वापस आया। उसके हाथों में पैसों से भरा एक थैला था। लालू जी जानना चाहते थे कि क्या बात हुई।

ड्राइवर ने उन्हें बताया "हम जब गांव में पहुंचा तो देखा कि कुछ लोग पेड़ के नीचे बैठे हैं। जब उम उनको बताया कि क्या हुआ है तब सारे लोग जमा हो गये। हमको लगा कि आज तो हमारी पिटाई होगी पर हम देखा कि सारे लोग पैसा जमा कर रहे हैं। हम सोचा कि ये सारा पैसा वो जानवर के मालिक के लिए है। पर उन लोगों ने सारा पैसा हमें दे दिया।"

लालू जी बोले "ससुर के नाती ठीक ठीक बताओ। तुम उनको क्या बोला था।"

ड्राइवर ने जवाब दिया "हम कहा कि हम लालू यादव का ड्राइवर हूं और हम सुअर का बच्चा को मार दिया हूं।"

63।

एक डिपार्टमेंट स्टोर के वस्त्र विभाग में घूमते हुए एक सुन्दर लड़की ने पूछा "मैं यह कपड़ा अपनी नयी ड्रेस के ल्िए खरीदना चहती हूं। इसकी कितनी कीमत है।"

"एक मीटर का केवल एक चुम्बन" सेल्समैन ने मुस्कुराते हुए कहा।

‘ये सही है" लड़की ने जवाब दिया। "मैं पांच मीटर लूंगी।"

बड़ी आशाओं के साथ जो उसके चेहरे पर साफ दिख रही थीं सेल्समैन ने जल्दी जल्दी नापकर काटा और लपेट कर अपने हाथ में पकड़े रखा। लडकी ने पैकेट झपटा और मुस्कुराते हुए एक वृद्‌ध व्यक्ति की ओर इशारा करती हुई बोली "बिल दादाजी अदा करेंगे।"

64।

जॉन ने एक ‘मौन साधनागृह' में प्रवेश लिया। मुख्य पादरी ने कहा "यह मौन साधनागृह है। जब तक तुम चाहो तुम्हारा यहां स्वागत है पर तुम्हें तब तक नहीं बोलना है जब तक मैं तुम्हें न कहूं।

जॉन ने वहां एक साल बितााया। तब मुख्य पादरी ने उसे बुलाया और कहा "जॉन तुम्हें यहां एक साल पूरा हो चुका है। तुम दो शब्द बोल सकते हो।"

जॉन बोला "सख्त बिस्तर"।

"मुझे सुनकर दुख हुआ" पादरी ने कहा "हम तुम्हें अच्छा बिस्तर देंगे।"

अगले साल मुख्य पादरी ने फिर जॉन को बुलाया।

"तुम दो शब्द और कह सकते हो जॉन।"

"ठण्डा खाना" जॉन ने कहा और पादरी ने उसे बेहतर खाने का आश्वासन दिया।

तीसरे साल की समाप्ति पर पादरी ने जॉन को बुलाकर कहा। "आज तुम दो शब्द कह सकते हो।"

"मैं जाऊंगा" जॉन ने कहा।

"यह शायद सबसे अच्छा होगा।" पादरी बोला। "यहां आने के बाद शिकायत करने के अलावा तुमने कुछ नहीं किया है।"

65।

एक आदमी संकरी ढलान वाली पहाड़ी सडक पर कार चला रहा था। उसी सड़क पर सामने से एक औरत भी कार से आ रही थी। जब दोनों पास पहुंचे तो औरत खिड़की से मुंह निकाल कर चिल्लायी "सुअर"। आदमी तुरन्त अपनी खिड़की से बाहर झुका और जवाब दिया "कुतिया"। और दोनों अपनी राह चले गये। जैसे ही आदमी अगले मोड़ पर मुड़ा वो सड़क के बीचों बीच एक सुअर से जा टकराया।

66।

एक सेल्समैन अपनी बीवी से तलाक के मुकदमे में अदालत में पेश था। वकील ने पूछा "कृपया बताइये कि आपको पहली बार कब अपनी पत्नी की वफादारी पर संदेह हुआ।

"असल में मैं हफ्ते में ज़्यादातर बाहर ही रहता हूं। इसलिए स्वाभाविक है कि जब मैं घर पर रहता हूं तो अपनी पत्नी की ओर काफी ध्यान देता हूं।" "एक रविवार को" उसने कहना ज़ारी रखा "जब मैं उसके साथ बड़े ज़ोर शोर से हमबिस्तर था तब बगल के मकान की वृद्‌ध औरत दीवार को थपथपाते हुए चिल्लायी ‘क्या तुम छुट्टी के दिन भी ये सब बन्द नहीं रख सकते।'"

67।

एक नयी शिक्षिका मनेविज्ञाान की कक्षा ले रही थी। उसने यह कहते हुए पढाने की शुरूआत की "जो भी अपने आपको बेवकूफ समझते हैं वो खड़े हो जाएं।" कुछ पलों बाद छोटा जॉनी खड़ा हो गया। शिक्षिका ने पूछा "तुम समझते हो कि तुम बेवकूफ हो।"

"नहीं मैडम। पर आप अकेले खड़ी अच्छी नहीं लगतीं।"

68।

एक व्यक्ति सड़क पार कर रहा था कि एक कार ने उसे टक्कर मार दी। सर पर लगी जोरदार चोट की वजह से होश में आने के पहले उसके दो दिन कोमा की स्थिति में गुज़रे। जब उसने आंखे खोलीं तो उसने अपनी बीवी को अपने पास पाया। उसने अपनी बीवी का हाथ अपने हाथ में लिया और बोला: "तुम हमेशा मेरे पास रही हो। जब मैं कॉलेज में था मैं कई बार फेल हुआ। तुम हमेशा मेरे पास थी मुझे फिर कोशिश करने को प्रोत्साहित करती रही।" उसकी बीवी ने उसके हाथों को हल्के से दबाया और उसने अपनी बात के चालू रखा। "जब मैं किसी भी अच्छी नौकरी के लिए गया और उसे पाने में असफल रहा तो तुम मेरे पास थी और अखबार से मेरे लिए विज्ञापन काट कर रखती थी। तब मैंने उस छोटी सी कंपनी में काम करना शुरू कर दिया। और किसी तरह एक बड़ा काम पाने में सफल रहा। पर एक छोटी सी ग़लती के कारण उसे गंवा बैठा।उस समय भी मेरे बगल में थी। आखिरकार कुछ समय तक बेरोज़गार रहने के बाद मैंने दूसरी नौकरी ढूंढ़ी। मगर उसमें मेरे कड़ी मेहनत के बाद भी पदोन्नति के कोई अवसर नहीं दिखे। और इस प्रकार तब से ले कर आज तक मैं उसी पद पर हूं और तुम मेरे साथ थी।

ये सब सुनते हुए पत्नी की आखें भर आयीं। "और जब मेरा एक्सीडेंट हुआ और जब मुझे होश में आया तो तुम फिर मरे पास थी। इस बारे में तुम से कुछ कहना चाहता हूं। पत्नी भावुक होकर सिसकते हुए बिस्तर पर झ्कुकर पति से लिपट गयी। पति बोला "मेरे खयाल से वास्तव में तुम ही मेरे दुर्भाग्य को ले कर आती हो।"

69।

Ÿ क्या तुम मुझे प्यार करते हो।

हां बिलकुल।

तो फिर मेरे कान में कुछ कहो जो खट्‌टा मीठा सा हो।

आम संतरा चॉकलेट।

Ÿ तुम्हारे चेहरे पर ये खरोंचें कैसी हैं।

मेरी प्रेमिका ने फूलों से ऐसा किया है।

ओ कितना रोमांटिक है।

नहीं उसने मेरे मुंह पर कांटों वाले गुलाबों का गुच्छा दे मारा।

Ÿ मैं जैक जितना अमीर नहीं हूं न ही मेरे पास रसेल जैसा बंगला है और न ही मेरे पास मार्टिन की तरह बी एम डब्लू है। लेकिन मैं तुमसे प्यार करता हूं और तुमसे शादी करना चाहता हूं।

मैं भी तुमसे प्यार करती हूं लेकिन ये तुमने मार्टिन के बारे में क्या बताया।

Ÿ क्या तुम मेरे जैसे लड़के के साथ खुश रह सकोगी।

शायद। अगर तुम मेरे आसपास ज़्यादा नहीं रहोगे।

Ÿ वह एक बहुत अच्छी ‘चिड़िया' है।

ज़रूर होगी अगर वो तुम्हारे जैसे कीड़े के साथ बाहर घूमती है।

Ÿ मेरा प्रेमी कहता है कि मैं सुन्दर हूं।

वो कहते हैं न कि प्यार अन्धा होता है।

Ÿ मैं शादी के लिए आपकी बेटी का हाथ मांगने आया हूं।

तुम्हें उसका बाकी हिस्सा भी लेना होगा वरना बात यहीं खत्म।

Ÿ मेरा भाई अपनी बीवी को दूसरी बार देखते ही उसके प्यार में फंस गया।

पहली बार में उसे मालूम नहीं था कि वो कितनी अमीर थी।

Ÿ वो सगाई की अंगूठी ग़लत उंगली में पहनती है।

शायद वो सोचती है कि उसकी ग़लत आदमी से सगाई हो गई है।

Ÿ उसका सुन्दर लड़कियों की तरफ बहुत झुकाव है।

हां मगर वो उसे दूर धकेलती रहती हैं।

Ÿ क्या उसने सचमुच तुम्हारे दादाजी की दौलत देखकर शादी की।

वो मना करता है। उसका कहना है कि वो मुझ से ही शादी करता चाहे ‘कोई' भी मेरे लिए दौलत छोड़ कर जाता।

Ÿ काश कि तुम टी वी पर आते।

तुम्हें अच्छा लगता अगर मैं टी वी स्टार होता।

नहीं। लेकिन तब मैं टी वी बन्द कर सकती।

Ÿ मेरा प्रेमी बहुत होशियार है। उसका दिमाग़ दो के बराबर है।

वो तुम्हारे लिए बिलकुल सही जान पड़ता है।

Ÿ मैं तुम्हें नहीं छोड़ सकता।

क्या तुम मुझे इतना प्यार करते हो।

नहीं ऐसी बात नहीं। तुम मेरे पांव पर खड़ी हो।

Ÿ मेरी बहन एक ऐसे व्यक्ति से शादी करना चाहती थी जो इतना समझदार हो जो ढेर सारे पैसे कमा सके पर इतना बेवकूफ हो कि उस पर खर्च कर सके।

Ÿ जब मैं बड़ा हो जाऊंगा तब मैं अपने बगल में रहने वाले लड़के से शादी कर लूंगी।

क्यों।

मुझे सड़क पार करने की अनुमति नहीं है।

Ÿ तुम क्यों चाहते हो कि तुम्हें समुद्र में दफनाया जाये।

ताकि मेरी बीवी मेरी कब््रा पर न नाच सके।

Ÿ तुमने ध्यान दिया आजकल के जमाने में कितनी ही लड़कियां हैं जो शादी नहीं करना चाहतीं।

नहीं। तुम्हें कैसे मालूम।

मैं सबसे पूछ चुका हूं।

70।

एक महिला एक जनकल्याण कार्यालय में सहायता के लिए गयी। एक कर्मचारी ने उसे बैठने के लिए कहा और फिर कुछ सवाल पूछने शुरू किये।

कर्मचारी : आपके कितने बच्चे हैं ?

महिला : दस।

कर्मचारी : दस ? उनके क्या नाम हैं ?

महिला : उनके नाम हैं टॉम, टॉम, टॉम, टॉम, टॉम, टॉम, टॉम, टॉम, टॉम और टॉम।

कर्मचारी : आपका मतलब है कि उन सभी का एक ही नाम है।

महिला : हां,क्यों ?

कर्मचारी : ये अजीब बात है। अगर वो सभी बाहर खेल रहे हों और आप को उन्हें अन्दर बुलाना हो तो आप क्या कहती हैं।

महिला : मैं कहती हूं "टॉम चलो अन्दर आ जाओ" और वो सब अन्दर आ जाते हैं।

कर्मचारी : और अगर उन्हें खाने के लिए बुलाना हो तो क्या कहती हैं ?

महिला :मैं कहती हूं "टॉम चलो खाने का समय हो गया है" और वो सब खाने आ जाते हैं।

कर्मचारी : और अगर आपको उनमें से किसी एक को ही बुलाना हो किसी काम के लिए तो ?

महिला : ओह ये तो बिलकुल सरल है। मैं ‘टॉम' के साथ उनका सरनेम भी जोड़ देती हूं।

71।

एक पर्यटक पालतू जानवरों की दुकान में घुसकर रखे हुए जानवरों को देखने लगा। इसी दौरान एक दूसरा ग्राहक अंदर आया और दुकानदार से बोला "मुझे एक ‘सी' बन्दर चाहिए। दुकानदार ने सिर हिलाया और एक तरफ रखे पिंजड़े से एक बन्दर निकाला और एक पट्टा लगाकर उसे ग्राहक के हवाले किया और कहा कि इसके 5000 रू . हुए।

ग्राहक ने पैसे दिये और बंदर को लेकर चला गया। चकित पर्यटक दुकानदार के पास गया और पूछा "वो बन्दर बहुत ही मंहगा था। आम बन्दर तो कुछ सौ रूपयों में आ जाते हैं। उसकी कीमत इतनी अधिक क्यों थी।"

दुकानदार ने जवाब दिया "अरे वो बन्दर ‘सी' में प्रोग्राम लिख सकता है। बहुत तेज़ी से और बिना ग़लती के। अपनी कीमत के बिलकुल लायक।"

पर्यटक ने एक और पिंजड़े के बन्दर को देखकर कहा कि "यह तो उससे भी ज़्यादा मंहगा है। 10000 रू .। यह क्या करता है।"

"यह। यह तो ‘सी प्लस प्लस' बंदर है। यह ‘ऑब्जेक्ट ओरियेण्टेड प्रोग्रामिंग' जानता है। ‘विज़ुअल सी' और थोड़ी ‘जावा' भी। सभी अच्छी चीज़ें।"

पर्यटक ने कुछ देर इधर उधर देखा और उसने एक पािंजड़े में तीसरे बन्दर को पाया। उसके गले में लटकी पर्ची में उसकी कीमत 50000 लिखी थी। उसने दुकानदार से पूछा "इसकी कीमत तो बहुत ही ज़्यादा है। ये ऐसा क्या करता है।"

दुकानदार ने जवाब दिया "इसे तो मैंने कुछ करते नहीं देखा। मगर यह कहता है कि यह ‘प्रोजेक्ट मैनेजर' है"।

72।

"क्या यह उचित है कि एक आदमी दूसरे की ग़लतियों का फायदा उठाये" एक व्यक्ति ने पादरी से पूछा।

"बिलकुल नहीं" धर्मोपदेशक का उत्तर था।

"आप पूरी तरह से यह मानते हैं"

"हां बिलकुल। पूरी तरह से।"

"ठीक है। इस स्धिति में मेरे विचार से आप को एतराज नहीं होगा अगर आप मेरे वो रूपये वापस कर दें जो मैंने पिछले साल अपनी शादी करवाने के बाद आपको दिये थे।"

73।

कॉलेज में पढने वाला एक लड़का जो पिज़्ज़ा की घर पहुंच सेवा में काम करता था लैरी जॉनसन के घर पहुंचा। उसने उन्हें पिज़्ज़ा दिया। पिज़्ज़ा लेने के बाद लैरी ने पूछा "सामान्य रूप से इसकी क्या टिप मिलती है।"

लड़के ने कहा " वैसे तो ये मेरी पहला चक्कर है परंतु दूसरे लड़के कह रहे थे कि अगर मैं आपसे एक चवन्नी भी ले सका तााे ये बहुत बड़ी बात होगी।"

‘ऐसा क्या" थोड़े ग़ुस्से से लैरी ने कहा "केवल यह दिखाने के लिए कि वो लोग कितने ग़लत हैं मैं तुम्हें दस रू . देता हूं।"

"धन्यवाद" लड़के ने कहा।" मैं इसे अपने कॉलेज के फण्ड में दूंगा।"

"तुम क्या पढ़ रहे हो।" लैरी ने पूछा।

लड़का मुस्कराया और बोला "प्रायोगिक मनोविज्ञान।"र्र्र्र्र्र्र्र्र्

74।

एक जूनियर एक्ज़ीक्यूटिव अपनी बीवी से अपने दर्द और कष्ट की शिकायत कर रहा था। दोनों में से कोई भी उसकी शिकायत का कारण नहीं ढूंढ़ पाये। एक रात काम से लौटने के बाद उसने अपनी बीवी को बताया "मैंने आखिरकार पता लगा ही लिया कि मैं क्यों इतना बुरा महसूस कर रहा था। दो हफ्ते पहले हमारे ऑफिस में अत्यधिक नवीनतम ढंग का फर्नीचर आया है। और आज ही मुझे पता चला कि मैं कूड़ेदान पर बैठ कर काम कर रहा था।"

75.

एक व्यक्ति एक बार के सामने के दरवाज़े से अन्दर घुसा। स्पष्ट रूप से वो पिये हुए था और वह लड़खड़ाते कदमों से चलकर अन्दर आया और स्टूल पर बैठते हुए एक और ‘ड्रिंक' की मांग की। बार वाले ने विनम्रतापूर्वक उससे कहा कि चूंकि वो पहले से ही काफी पिये हुए लग रहा है उसे और शराब नहीं दी जा सकती और अगर वो चाहे तो उसके लिए टैक्सी मंगा देगा।

शराबी थोड़ा चकित सा हुआ और फिर धीरे से बड़बडाता हुआ स्टूल से उतरा और सामने के दरवाज़े से बाहर निकल गया।कुछ देर बाद वही शराबी ‘बगल' वाले दरवाज़े से अन्दर घुसा और काउन्टर पर पहुंचकर चिल्लाते हुए एक पैग की मांग की। बार वाला उसके पास आया और फिर से विनम्रतापूर्वक पर दृढ़ता से उसे उसकी हालत के कारण शराब देने से मना किया और फिर से टैक्सी मंगा देने की पेशकश दुहरायी। शराबी ने बारवाले को एक पल गुस्से देखा और फिर उसे गालियां देते हुए बगल वाले दरवाज़े से बाहर निकल गया।

कुछ देर बाद वही शराबी ‘पीछे' के दरवाज़े से अन्दर घुसा। स्टूल पर धंसते हुए अपने आप को संभाला और एक ‘ड्रिंक' का आर्डर दिया। बार वाला उसके पास आकर ज़ोर देकर उसे फिर से याद दिलाया कि वो निश्चित रूप से काफी पिये हुए है उसे शराब नहीं मिलेगी और या तो टैक्सी या पुलिस को उसके लिए तुरन्त बुलाया जायेगा।

भौंचक्के से शराबी ने निराशा भरे गु.स्से से बारवाले को देखा और चीखा "यााार . . .। तुम कितने बार में काम करते हो।"

76.

तनाव मुक्तक 1 :

पति : तुम हमेशा मेरी तस्वीर अपने बैग में रखकर अपने ऑफिस ले जाती हो। क्यों।

पत्नी : जब भी कोई समस्या या परेशानी होती है चाहे वो कितनी भी बड़ी न हो मैं तुम्हारी तस्वीर की ओर देखती हूं और समस्या दूर होती नज़र आती है।

पति : देखा। मैं तुम्हारे लिए कितना करामाती सा हूं।

पत्नी : हां। मैं तुम्हारी तस्वीर देखती हूं और खुद से कहती हूं "दूसरी कौन सी समस्या इससे बड़ी हो सकती है।

तनाव मुक्तक 2 :

लड़की : मै तुमसे शादी करने के बाद तुम्हारे सारी चिन्तााएं और दुख बाँटूंगी और तुम्हारे बोझ को हल्का करना चाहूंगी।

लड़काा : प्रिय यह तुम्हारी अच्छी सोच है। परन्तु मेरे पास कोई चिन्ताएं या दुख नहीं हैं।

लड़की : वो इसलिए कि अभी हमारी शादी नहीं हुई है ना।

तनाव मुक्तक 3 :

बेटा : मम्मी ‚ आज सुबह जब मैं पापा के साथ बस में था तब उन्होंने मुझसे एक औरत को मेरी जगह देने को कहा।

मम्मी : बहुत अच्छे। तुमने अच्छा काम किया।

बेटा : मगर मम्मी ‚ मैं पापा की गोद में बैठा था।

तनाव मुक्तक 4 :

एक नवविवाहित व्यक्ति ने अपनी पत्नी से पूछा ‚ "तुम मुझ से तब भी शादी करती अगर मेरे पिता इतनी धन - दौलत छोड़कर न गये होते।"

"प्रिय"‚ पत्नी ने मधुरता से जवाब दिया‚ "मैं तुमसे ही शादी करती बिना इसकी परवाह किये कि ‘कौन' तुम्हारे लिए जागीर छोड़कर गया।"

तनाव मुक्तक 5 :

शादी के लिए लड़के को देख कर आने के बाद लड़की से उसकी सहेली ने पूछा "उससे मुलाकात कैसी रही ?"

"न बताने लायक !"‚ उसने जवाब दिया। "वह 1932 रोल्स रायस मॉडल में आया था।"

"वाह ! वो तो बहुत ही मँहगी कार है। इसमें ऐसी बुरी बात कौन सी थी।"

"वो उसका असली मालिक था।"

77.

शिक्षिका : चलो उस व्यस्त चींटी का उदाहरण लेते हैं। वह हर समय अपने काम में व्यस्त रहती थी ‚ पूरे दिन काम करती थी और प्रतिदिन काम करती थी। फिर क्या हुआ।

छोटू : किसी के पैरों तले कुचली गयी।

78।

एक बार शहर से बाहर जंगल में शराब पार्टी आयेजित की गयी। अचानक तेज़ बारिश और तूफान आ गया। दो नौजवान दौड़े और करीब दस मिनट तक भागने के बाद अपनी कार तक पहुंचे और तब तक बारिश भी रुक गयी। वो कार में बैठे ‚ उसे स्टार्ट करके आगे की ओर रुख किया। वो हँसी मज़ाक करने लगे और तब भी शराब पी रहे थे।

अचानक एक बूढ़े आदमी का चेहरा खिड़की के बाहर प्रकट हुआ‚ और वो धीरे धीरे खिड़की थपथपाने लगा। खिड़की के पास वाला व्यक्ति चीखा ‚ "अरे। मेरी खिड़की की तरफ देखो। एक बूढ़े आदमी का चेहरा।" ( क्या वह भूत था ? )

बूढ़े आदमी ने थपथपाना चालू रखा‚ तब ड्राइवर ने कहा‚ "खिड़की थोड़ी खोलकर पूछो कि वो चाहता क्या है।" तब दूसरे व्यक्ति ने खिड़की के काँच को सरका कर और अपनी हिम्मत बटोरकर पूछा‚ "तुम्हें क्या चाहिए ?"

बूढ़े व्यक्ति ने नरमी से जवाब दिया ‚ "क्या तुम्हारे पास कोई सिगरेट है ?"

डरे हुए आदमी ने ड्राइवर से कहा ‚ "वो एक सिगरेट चाहता है।"

"उसे एक सिगरेट दे दो ! जल्दी!! "

उसने सिगरेट के पैकेट में से किसी तरह एक सिगरेट निकाली और बाहर वाले व्यक्ति के हवाले किया और खिड़की बन्द करते हुए ड्राइवर से चिल्ला कर बोला ‚ "तेज़ चलाओ !!!"

80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के बाद वो थोड़े शांत हुए और फिर से हँसना शुरु किया और खिड़की वाले आदमी ने पूछाा ‚ "तुम क्या सोचते हो उस बारे में?"

ड्राइवर ने कहा ‚ "मुझे नहीं पता। ऐसा कैसे हो सकता था ? मैं बहुत तेज़ चला रहा था।"

और फिर से एकाएक एक खटखट हुई ‚ फिर से वही व्यक्ति बाहर था।

"ओह ‚ वो फिर आ गया।" यात्री चिल्लाया।

"देखो वो क्या चाहता है।" ड्राइवर ने चिल्लाकर जवाब दिया।

फिर से काँच थोड़ा खिसकाकर उसने काँपते हुए पूछा ‚ "क्या है ?"

"क्या तुम्हारे पास लाइटर है ?" उस आदमी ने शांति से पूछा।

ड्राइवर ने खिड़की के बाहर लाइटर फेंका और अब वे 100 किमी प्रति घण्टे की रफ्तार पर थे फिर भी शराब पीनी नहीं छोड़ी थी। कोशिश में थे कि वो भूल जाएं जो उन्होंने अभी अभी देखा है कि फिर से एक और खटखट हुई।

"ओ भगवान। वो फिर से आ गया।"

यात्री ने खिड़की खोली और अत्यधिक भयभीत होकर चीखा ‚ "तुम्हें क्या चाहिए ?"

उस आदमी ने जवाब दिया ‚ "तुम्हें कीचड़ से गाड़ी निकालने में कोई मदद चाहिए ?"

79।

एक रात एक पार्टी के बाद जॉन और जेसिका अपने घर के रास्ते पर थे कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ऑफिसर ने कहा कि उसे इसलिए रोका गया है क्योंकि उसके कार की पिछली लाइट खराब है। जॉन ने कहा ‚ "मुझे खेद है ऑफिसर। पर मैंने ध्यान ही नहीं दिया ‚ मैं इसे तुरंत ठीक कराउंगा।"

तुरन्त जेसिका ने कहा ‚ "मुझे मालूम था ऐसा होगा जब मैंने दो दिन पहले तुमसे लाइट ठीक करवाने को कहा था।"

तब ऑफिसर ने जॉन का लाइसेंस माँगा और उसे देखने के बाद कहा कि उसके लाइसेंस की अवधि समप्त हो गयी है।

फिर से जॉन ने माफी माँगी और कहा कि उसे पता नहीं था इस बारे में और अगली सुबह पहला काम वो यही करेगा।

जेसिका बोली ‚ "मैंने तुम्हें एक हफ्ते पहले ही बताया था कि परिवहन विभाग ने तुम्हें पत्र भेजा है कि तुम्हारा लाइसेंस समाप्त हो चुका है।"

इस समय तक जॉन थोड़ा ग़ुस्से में आ गया था कि उसकी बीवी पुलिस के सामने उसकी बातों का विरोध कर रही है और वो थोड़ा चिल्लाकर बोला‚ "जेसिका तुम थोड़ी देर चुप रहोगी!"

ऑफिसर जेसिका की ओर झुका और पूछा‚ "क्या आपके पति आपसे हमेशा इसी तरह बात करते हैं ?"

जेसिका ने जवाब दिया‚ "केवल जब वो पिये होते हैं।"

80.

एक आदमी ‘बार' में आया और एक गिलास शराब मंगायी। फिर उसने अपने कमीज़ की जेब से एक तस्वीर निकाली और एक और गिलास का आर्डर दिया। उसे खत्म करने के बाद उसने फिर जेब से तस्वीर निकाल कर देखी और एक और ऑर्डर दिया।

बारवाले ने उत्सुकतापूर्वक पूछा‚ "हर गिलास के बाद तुम अपनी जेब में देखते हो। क्यों ?"

आदमी ने जवाब दिया ‚ "मेरी जेब में मेरी बीवी की तस्वीर है। जब वो अच्छी दिखनी शुरू हो जायेग्ी तब मैं घर चला जाउंगा।"

81.

------------------------

एक पुरानी बात जो हम सभी ने सुनी है इस तरह से है :

"अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

अगर वह वापस आती है‚ वो तुम्हारी है‚

अगर नहीं आती‚ वो कभी तुम्हारी थी ही नहीं . . . . "

यहाँ यह बात नये अंदाज़ में प्रस्तुत है :

निराशावादी :

अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

अगर वह कभी वापस आती है‚ वो तुम्हारी है‚

अगर नहीं आती‚ जैसा सोचा था वो कभी तुम्हारी थी ही नहीं।

आशावादी

अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

चिन्ता मत करो‚ वह ज़रूर वापस आयेगी।

शक्की

अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

अगर वह किसी तरह वापस आ जाती है‚ तो पूछो ‘क्यों'।

जल्दबाज़

अगर तुम किसी स्ो प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

अगर वह जल्दी वापस नहीं आती है‚

उसे भूल जाओ।

धैर्यवान

अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

अगर वह वापस नहीं आती‚

तो इंतज़ार करते रहो जब तक वह वापस नहीं आ जाती।

मस्तमौला

अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

अगर वह वापस आती है‚

तो उसे छोड़ दो‚ फिर से।

पशु-अधिकार आंदोलनकारी

अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

वास्तव में हर प्राणी को स्वतंत्र रहने का अधिकार है।

वकील

अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

विवह स्वतंत्रता के अनुच्छेद 13 अ के दूसरे संशोधन के धारा 1अ स्पष्ट कहता है . . . .

सांख्यिकीविद

अगर तुम किसी से प्यार करते हो‚

उसे मुक्त छोड़ दो . . . .

अगर वह तुमसे प्यार करती है तो उसके आने की प्रायिकता 1 है

अगर नहीं ‚ तो तुम्हारा सम्बन्ध असंभावित ही था।

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82।

एक स्थानीय क्रिकेट के खेल के दौरान कप्तान अपने एक आदमी से बातें कर रहा था। "देखो ये 100 रू . हैं। जाओ और एक नयी गेंद या कुछ खरीद कर लाओ। ऐसा कुछ जो हमारे जीतने में मदद करे।

खेल शुरू हुआ और कप्तान ने पाया कि वही पुरानी गेंद इस्तेमाल की जा रही है।

उसने उस आदमी को बुलाया। "तुमने 100 रू . का क्या किया ?"

"आपने कहा था न ऐसा कुछ जिससे हमें जीतने में मदद मिले।"

‘हाँ।'

"मैंने वो रू . अंपायर को दे दिये।"

=========

83.

एक वृद्‌ध पादरी अपनी अंतिम साँसें गिन रहा था। उसने अपने डॉक्टर और वकील को अपने घर बुलवाया जो चर्च के सदस्य भी थे। जब वो पहुंचे तो उन्हें पादरी के कमरे में ले जाया गया।

अन्दर घुसने पर पादरी ने हाथ के इशारे से उन्हें अपने बिस्तर पर बैठने को कहा एक को अपनी एक तरफ और दूसरे को अपनी दूसरी ओर।

पादरी ने उनके हाथों को अपने हाथों में लिया और एक नि:श्वास छोड़ने के बाद हल्की मुस्कान के साथ छत पर नज़रें जमा दीं। डॉक्टर और वकील दोनों को यह बात अन्दर तक छू गयी और वे बड़ा अच्छा महसूस कर रहे थे कि अपने आखिरी वक्.त में पादरी उनका साथ चाहता है।

वे कुछ उलझन में भी थे; कभी पादरी ने उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं दिया था कि वो उन दोनों को खासतौर से पसंद करता है। दोनों को अपनी लालच‚ ईर्ष्या से जुड़ी कई पुरानी घटनाएँ भी याद आयीं जिसने उन्हें थोड़ा बेचैन सा कर दिया।

अंतत: डॉक्टर ने कहा‚ "फादर‚ आपने हमें क्यों बुलवाया है?"

पादरी ने अपनी ताकत बटोरी और कमज़ोर सी आवाज़ में कहा‚ "जीसस की मृत्यु दो चोरों के बीच हुई थी . . . और मैं भी उसी तरह जाना चाहता हूँ।"

84.

आप सभी ने देव आनन्द की बेहद सफल और मशहूर फिल्म ‘गाइड' ज़रूर देखी होगी।

इस फिल्म में एक लोकप्रिय गाना है ‘गाता रहे मेरा दिल'। इस गाने में वहीदा रहमान एक गुलाबी साड़ी पहनती है और पूरे गाने के दौरान वो केवल यही साड़ी पहनती है।

अब‚ जब हम देखते हैं कि अभिनेत्रियाँ एक गाने में हर एक लय के बाद कपड़े बदलती हैं ‚ सवाल यह उठता है कि वहीदा रहमान क्यों अपनी साड़ी पूरे गाने में नहीं बदलती।

जवाब बिलकुल सीधा सा है और उसके ल्िए माथापच्ची करने की ज़रूरत नहीं है।

जवाब गाने के पहले अंतरे में है। देव आनन्द यह पंक्ति गाते हैं "ओ मेरे हमराही‚ मेरी बाँह थामे चलना‚ बदले दुनिया ‘सारी' (साड़ी) तुम न बदलना।"

अब इसके बाद किसी स्पष्टीकरण की कोई ज़रूरत ही नहीं रह जाती।

85।

एक बेवकूफ किस्म का लड़का एक दिन सड़क पर जा रहा था कि उसका दोस्त‚ जो उसी की तरह था‚ एक नयी चमचमाती साइकिल पर आता दिखा।

पहला लड़का चकित सा रह गया और पूछा‚ "इतनी शानदार साइकिल तुम्हें कहाँ से मिली?"

दूसरे ने जवाब दिया‚ "कल मैं यूं ही अपने ख्यालों में गुम चला जा रहा था कि एक सुन्दर लड़की इस साइकिल पर मेरे पास आयी।उसने साइकिल ज़मीन पर फेंकी और अपने सारे कपड़े उतार दिये और बोली‚ ‘तुम्हें जो चाहिए वो ले सकते हो।'"

दूसरे नें सहमति में सिर हिलाया और बोला‚ "सही चीज़ चुनी‚ कपड़े शायद तुम्हें नहीं बनते।"

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86।

एक रात एक वैम्पाायर चमगादड़ ( जिसके बारे में कहा जाता है कि वो खून पीते हैं ) ताज़े खून से नहाया हुआ आया और अपने आपको गुफा की छत पर लटका लिया ताकि कुछ देर सो सके।

जल्दी ही दूसरे चमगादड़ों ने खून की गंध महसूस की और उससे इस बात पर लड़ना शुरू कर दिया कि उसे ये कहां से मिला।

उसने उन्हें जाने को कहा क्योंकि वो कुछ देर सोना चाहता था मगर वो यह जानने के लिए अड़े रहे जब तक कि उसने हार नहीं मान ली।

"ठीक है। मेरे पीछे आओ।" उसने कहा और गुफा के बाहर निकला अपने पीछे सैकड़ों चमगादड़ों के झुण्ड के साथ।

एक घाटी के बाद एक नदी को उन्होंने पार किया और फिर वे एक जंगल में घुस गये।

आखिरकार वह धीरे हुआ और बाकी दूसरे चमगादड़ उत्तेजित होकर उसके आसपास मँडराने लगे।

"अब. तुम लोगों को वह पेड़ दिख रहा है?" ‚ उसने पूछा।

"हाँ‚हाँ‚हाँ!" सभी चमगादड़ बेकाबू से होकर चिल्लाये।

"बहुत अच्छे"‚ पहला चमगादड़ बोला "क्योंकि मुझे नहीं दिखा था।"

87.।

पाँच ‘सयाने' और एक सामान्य आदमी पर्वतारोहण के लिए गये। काफी ऊपर जाने के बाद अचानक वो फिसल गये और एक खाई में गिरने लगे। बीच में एक पेड़ मिला और सब उसे पकड़ कर लटक गये।

उनके बोझ से धीरे धीरे उस पेड़ की जड़ जमीन से बाहर आने लगी। उन्हें आभास हुआ कि अगर एक व्यक्ति कम हो तो यहा पेड़ उखड़ेगा नहीं और बाकी सभी का बोझ सँभाल लेगा।

उन्होंने आपस में निश्चय किया कि कोई एक अपनी मर्जी से दूसरों की खातिर उस पेड़ को छोड़ देगा। एक लंबे मौन के बाद सामान्य व्यक्ति ने कहा‚ "ठीक है। मैं जाता हूँ ताकि आप सब लोग ज़िन्दा रहें।"

पाँच ‘सयाने' इस बात से इतने प्रभावित हुए कि सभी ने इस बात पर तालियाँ बजा दीं।

88।

एक आयरिश‚ डब्लिन के एक बार में गया और शराब के तीन गिलासों का आर्डर दिया फिर एक कोने में बैठकर प्रत्येक गिलास से एक एक घूँट पीने लगा। जब वो खत्म कर चुका तब उसने फिर से तीन गिलासों का आर्डर दिया।बारवाले ने पूछा "आपको मालूम है कि अगर आप एक के बाद एक गिलास पियेंगे तो वो अधिक अच्छी लगेगी क्योंकि कुछ देर बाद बाहर रहने से उसका प्रभाव थोड़ा कम सा हो जाता है।"

आयरिश व्यक्ति ने उत्तर दिया‚ "ऐसा है कि मेरे दो भाई हैं। एक अमेरिका में और एक आस्ट्रेलिया में और मैं यहाँ डब्लिन में। जब हम अलग हुए थे तो हमने वादा किया था कि हम इस तरह से पियेंगे ताकि हम उस दिन की याद कर सकें जब हमने साथ बैठकर पी थी। बारवाले ने स्वीकार किया कि यह अच्छी बात है और चला गया।

फिर वो व्यक्ति उस बार का नियमित ग्राहक बन गया और हमेशा उसी तरह से पिया करता था‚ तीन गिलासों का आर्डर देना और फिर एक एक गिलास से घूँट पीना। एक दिन वह आया और उसने केवल् दो ही गिलासों का आर्डर दिया। बाकी सभी उसके जानने वालों ने इस बात पर ध्यान दिया और चुप से हो गये।जब उसने दूसरे दौर पर पहुँचा तब बार वाले ने कहा‚"मैं आपके दूख में बाधा डालना नहीं चाहता लेकिन मुझे आपके इस बड़ी क्षति के लिए हमदर्दी है। आयृश एक पल कुछ संशय में पड़ा फिर अचानक उसकी आँखों में एक चमक सी आयी और वो हँसा। "अरे नहीं"‚ वह बोला‚ "सब कुछ सही है। असल में मैंने शराब पीना छोड़ दिया है।"

89।

एक बार मेरे भाई‚ पीटर‚ ने मिनेसोटा विश्वविद्यालय के एक सेमिनार में भाग लिया। वहाँ उसके एक दोस्त‚ जो कला का विद्यार्थी था‚ ने उससे पूछा कि क्या वो अपनी कक्षा में दिखाने के लिए उसकी तस्वीर बना सकता है।पीटर राजी हो गया और उस विद्यार्थी ने उसकी तस्वीर बनायी और निरीक्षण के लिए कक्षा में जमा कर दी। मगर उसे केवल ‘सी-' ग्रेड ही मिला।

वो अपने प्रोफेसर के पास गया और पूछा कि उसे इतना खराब ग्रेड क्यों दिया गया।

निर्देशक ने बताया कि चित्र में अंगों का अनुपात सही नहीं है। "सिर कितना बड़ा है‚" प्रोफेसर ने स्पष्टीकरण दिया। "कंधे बहुत चौड़े हैं और पैर तो बहुत ही बड़े हैं।"

अगले दिन वो लड़का पीटर को अपने प्रोफेसर से मिलवाने लाया। उसने एक बार मेरे भाई की ओर देखा और बोला‚ "ठीक है‚ ‘ए -'।"

90.

एक पति पत्नी एक पार्टी में अपने मित्रों के साथ बातें कर रहे थे कि सफल विवाह के लिए सलाहों पर बात निकली। "ओह‚ हमें उसकी कभी ज़रूरत नहीं पड़ती। मेरे और मेरे पति के बीच बड़ा अच्छा सामंजस्य है‚" पत्नी ने कहा। "वो अपने कॉलेज में वाक्‌ कला में प्रवीण थे और मैं अभिनय कला में। वो सचमुच अच्छा बोलते हैं और मैं सुनने का अभिनय करती हूँ।"

91।

एक विश्व प्रसिद्ध चित्रकार‚ जो अपने सफलता के शिखर पर थी‚ की आँखों की रोशनी कम होने लगी। चिंतित होकर कि कहीं उसकी ज़िंदगी चित्रकार के रूप में खत्म न हो जाये‚ वो विश्व के सबसे बेहतरीन नेत्र विशेषज्ञ के पास गयी। कई हफ्तों के उपचार और शल्य चिकित्सा के बाद उसकी आँखों की रोशनी बरकरार रखने में कामयाबी मिली।

चित्रकार इतनी कृतज्ञ सी हुई कि उसने अपनी कृतज्ञता दिखाने के लिए डॉक्टर के चिकित्सालय को अपने चित्रों से दुबारा रँगने का निश्चय किया। इस कार्य में एक दीवार पर एक बड़ी सी आँख का चित्र भी शामिल था। यह सब समाप्त होने के बाद उसने पत्रकारों को बुलाया और अपने इस नवीनतम कार्य का अनावरण किया।

इस प्रेस सभा के दौरान एक पत्रकार ने दीवार पर उस बड़ी आँख पर ध्यान दिया और डॉक्टर से पूछा‚ "अपने ऑफिस की नयी रूपरेखा को पहली बार देखकर आपको कैसा लगा था‚ खासकर दीवार पर उस बड़ी सी आँख को देखकर।"

इस पर डॉक्टर ने जवाब दिया‚ "मैंने खुद से कहा‚ ‘भगवान का शुक्र है मैं स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं हूँ।'"

92.

एक दिन एक पुष्प विशेषज्ञ बाल कटवाने के लिए गया। बाल कटवाने के बाद उसने नाई को पैसे देने चाहे मगर नाई ने कहा‚ "मुझे खेद है‚ मैं आपसे ये पैसे नहीं ले सकता; मैं यह समाज सेवा के रूप में कर रहा हूँ।"

पुष्प विशेषज्ञ खुश होकर चला गया। अगली सुबह जब नाई अपनी दुकान खोलने आया तो उसने दरवाज़े पर एक गुलदस्ता और एक धन्यवाद पत्र पड़ा हुआ पाया।

एक डॉक्टर उसके यहाँ बाल कटवाने आया और कटवाने के बाद जब वह पैसे देने लगा तो नाई ने कहा‚ "मुझे खेद है‚ मैं आपसे ये पैसे नहीं ले सकता; मैं यह समाज सेवा के रूप में कर रहा हूँ।"

डॉक्टर खुश होकर चला गया। अगली सुबह जब नाई अपनी दुकान खोलने आया तो उसने दरवाज़े पर विटामिन की गोलियों का एक पैकेट और एक धन्यवाद पत्र पड़ा हुआ पाया।

एक भारतीय सॉफ्टवेअर इंजीनियर भी वहाँ बाल कटवाने गया और जब वह पैसे देने लगा तो नाई ने कहा‚ "मुझे खेद है‚ मैं आपसे ये पैसे नहीं ले सकता; मैं यह समाज सेवा के रूप में कर रहा हूँ।"

अगली सुबह जब नाई दुकान खोलने पहुँचा तो पता है उसने क्या पाया - एक दर्जन भारतीय सॉफ्टवेअर इंजीनियर मुफ्त में बाल कटवाने के लिए वहाँ इंतज़ार कर रहे हैं।

93।

एक व्यक्ति अपने दोस्त के घर गया और उसे अपने कुत्ते के साथ शतरंज खेलते देखकर चकित रह गया। उसने कुछ पल के लिए खेल देखा। "मैं अपनी आँखों पर विश्वास नहीं कर पा रहा हूँ।" उसने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा। "अभी तक मैंने जितने भी कुत्ते देखे हैं‚ उनमें यह सबसे ज़्यादा होशियार कुत्ता है।"

"ना‚ ये बहुत होशियार नहीं है"‚ दोस्त ने जवाब दिया‚ "मैं 5 में से 3 बार इसे हरा चुका हूँ।"

94।

एक बैरा ग्राहक के आर्डर के मुताबिक उस के लिए 'स्टीक' ले कर आया मगर बैरे का अगूँठा माँस के टुकड़े पर था।

"तुम पागल हो क्या?" ग्राहक चिल्लाया। "तुमने मेरे खाने में अपना अँगूठा डाल रखा है!"

"क्या!"‚ बैरे ने जवाब दिया‚ "आप चाहते हैं कि यह फिर से फर्श पर गिर जाये?"

95।

जेल बनाम काम ( दफ्तर ) ‚ एक तुलना . . . . . .

Ÿ जेल में आप ज़्यादातर वक्त 8×10 के कमरे में गुज़ारते हैं

काम पर आप ज़्यादातर समय 6×8 के केबिन में बिताते हैं।

Ÿ जेल में आपको तीन वक्त का खाना मिलता है।

काम पर आपको केवल एक खाने की छुट्टी मिलती है और उसके लिए भी आपको पैसे देने पड़ते हैं।

Ÿ जेल में आपके अच्छे व्यवहार के लिए आपको कुछ समय की छूट मिलती है।

काम पर अच्छे व्यवहार का बदला और काम मिल जाना होता है।

Ÿ जेल में आप टी वी देख सकते हैं या खेल सकते हैं।

काम पर ऐसा करना आपको नौकरी से निकाल सकता है।

Ÿ जेल में एक गार्ड आपके लिए दरवाज़ा खोलता और बन्द करता है।

काम पर आपको अपना परिचय पत्र ले जाना ज़रूरी होता है और स्वयं दरवाज़ा खोलना बन्द करना पड़ता है।

Ÿ जेल में आपको रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने की छूट रहती है।

काम पर आप अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से बातें भी नहीं कर सकते।

Ÿ जेल में वार्डन होते हैं जो लोगों को परेशान किया करते हैं।

काम पर हम उन्हें मैनेजर कहते हैं।

96.

एक दोपहर‚ एक अमीर वकील जो अपनी शान्दार कार में जा रहा था कि उसने दो आदमियों को सड़क के किनारे घास खाते देखा। उसने ड्राइवर को रुकने का आदेश दिया और मुआयना करने के लिए बाहर निकला।

"तुम लोग घास क्यों खा रहे हो?"‚ उसने एक आदमी से पूछा।

"हमारे पास खाने तक के लिए पैसे नहीं हैं।"‚ उस गरीब आदमी ने जवाब दिया।

"ओह‚ तो मेरे साथ चलो।"

"मगर मेरे साथ मेरी बीवी और दो बच्चे भी हैं।"

"उनको भी साथ ले लो। और तुम भी मेरे साथ चलो!"‚ उसने दूसरे व्यक्ति से कहा।

"मगर मेरे साथ मेरी बीवी और छ: बच्चे हैं।" दूसरे आदमी ने कहा।

"ठीक है‚ उन्हें भी साथ ले लो।"

वे सब कार में बैठ गये। रास्ते में एक व्यक्ति बोला‚ "साहब‚ आप कितने दयालु हैं। हम सब को साथ ले चलने के ल्िए बहुत बहुत धन्यवाद।"

वकील ने जवाब दिया‚ "कोई बात नहीं है। मेरे घर की घास दो फुट ऊँची है।"

97.

दृश्य : मुम्बई की लोकल ट्रेन।

मैं अँधेरी से चर्चगेट जाता हँू काम के लिए। मैंने अपना अखबार पढ़कर खत्म कर लिया था और उसे अपने साथियों के लिए बचाकर ले जाना चाहता था। आप लोकल ट्रेन में अखबार कैसे बचाएंगे? उस पर बैठ जाइए। एक नया यात्री चढ़ा‚ मेरे नीचे के अखबार को देखा और बेहद बेवकूफी भरा सवाल किया‚ "क्या आप यह अखबार पढ़ रहे हैं?" मैं खड़ा हुआ‚ पन्ना पलटा कर फिर उस पर बैठ गया और जवाब दिया‚ "हाँ"।

98।

दो बेवकूफ मज़दूर आपस में बातें कर रहे थे। डेक ने कहा‚ "पीट‚ अपना बॉस इतने अधिक पैसे क्यों पाता है जब कि हमें केवल 50 रु . एक दिन के मिलते हैं।"

पीट ने कहा‚ "मुझे नहीं पता‚ तुम खुद जाकर पूछ क्यों नहीं लेते।" तो डेक गया और उसने बॉस से पूछा। बॉस ने कहा‚ "एक कारण है जिसके कारण मैं अधिक पैसे पाता हूँ‚ वो है बेवकूफी।"

डेक ने पूछा‚ "कैसी बेवकूफी?" बॉस ने कहा‚ "ठीक है‚ मैं अपना हाथ इस दीवार पर रखता हूँ। और मैं चाहता हूँ कि तुम जितनी ज़ोर से हो सके इस पर मारो।"

डेक ने कहा‚ "ठीक है‚ मगर दर्द होगा।" वो पीछे हटा और ज़ोरदार वार किया और बॉस ने अपना हाथ हटा लिया। डेक बोला‚ "ओह‚ बहुत ज़ोर से लग गयी।"

बॉस ने कहा कि अब वो जाकर अपने दोस्त को बताये।

तब डेक वापस आया और बोला‚ "एक कारण है जिसकी वजह से बॉस को हमसे अधिक पैसे मिलते हैं‚ वो है बेवकूफी।"

पीट ने पूछा‚ "कैसी बेवकूफी?"

डेक बोला‚ "ठीक है मैं अपना हाथ अपने सिर पर रखता हूँ और मैं चाहता हूं कि तुम जितनी ज़ोर से हो सके अपने फावड़े से इस पर वार करो।"

99।

अच्छा - बुरा - उससे बुरा

अच्छा : आपके पति और आप इस बात पर सहमत हो गये है कि अब और बच्चे नहीं।

बुरा : आपको गर्भ निरोधक गोलियाँ नहीं मिलतीं।

उससे बुरा : वो आपकी बेटी के पास हैं।

अच्छा : आपका लड़का अपने कमरे में खूब पढ़ाई करता है।

बुरा : आपको वहाँ ढेर सारी गंदी तस्वीरें मिलती हैं।

उससे बुरा : उन तस्वीरों में आप मौजूद हैं।

अच्छा : आपका बेटा जवान हो रहा है।

बुरा : वो पड़ोस की औरत से चक्कर चला रहा है।

उससे बुरा : और आप भी।

अच्छा : आपकी बीवी आपसे बात नहीैं करती।

बुरा : वो आपसे तलाक चाहती है।

उससे बुरा : वो वकील है।

100।

डॉक्टर : मेरे पास एक खराब खबर है और एक बहुत खराब खबर।

मरीज़ : ठीक है मुझे पहले खराब खबर बताइये।

डॉक्टर : आपके परीक्षण के नतीज़े आ गये हैं। उनके अनुसार आप केवल 24 घण्टे और ज़िन्दा रह पााएँगे।

मरीज़ : 24 घण्टे! ये तो भयानक है! इससे बुरी बात और क्या हो सकती है? खैर‚ उससे भी खराब खबर क्या है?

डॉक्टर : मैं यह बताने के लिए आपको कल से ढूँढ़ रहा हूँ।

(यदि आपको हँसी आई हो तो, नहीं आई हो तो और यदि आगे के और सौ चुटकुले पढ़ना चाहते हों तो टिप्पियाएँ जरूर)

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फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi 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