रचनाकार.ऑर्ग की विशाल लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

महेंद्र भटनागर की कविता : वर्षांत पर

कविता

 

वर्षांत पर

-महेन्द्र भटनागर

mahendra bhatnagar

''प्रिय भाई.

बधाई !

नव-वर्ष

सफल भाग्यशाली हो ,

अत्यधिक सुख दे,

अमित सम्पन्नता दे,

विपुल यश दे!''

 

मित्रों की

सहज या औपचारिक

ये अनेकानेक मंगल कामनाएँ

और सुंदर भावनाएँ

वर्ष-भर छलती रहीं

सौभाग्य को दलती कुचलती रहीं !

 

सुख को तरसता ही रहा,

सम्पन्नता पाने कलपता ही रहा,

यश के लिए उत्सुक तड़पता ही रहा,

रस की

छलकती मधुर कनक-कटोरियों को

मन ललकता ही रहा!

 

नव वर्ष का

जैसा किया था आगमन-उत्सव ,

नहीं वैसी बिदाई !

क्या कहें कुछ और

प्रिय भाई!

----------

संपर्क:

११० बलवन्तनगर, गाँधी रोड, ग्वालियर  ४७४ ००२ (म.प्र.)

फ़ोन : ०७५१-४०९२९०८

0 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.