---प्रायोजक---

---***---

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

आर के भंवर के चार व्यंग्य

साझा करें:

व्यंग्य -आर.के.भंवर धब्बा ' कहीं जाने के लिए तैयार होते समय जब हम शीशे में चेहरे पर काला धब्बा देखते है तो शीशा साफ नहीं करते ह...

व्यंग्य

-आर.के.भंवर

धब्बा

' कहीं जाने के लिए तैयार होते समय जब हम शीशे में चेहरे पर काला धब्बा देखते है तो शीशा साफ नहीं करते है, बल्कि चेहरे से धब्बा हटाते है। ' प्रबंधन के नये प्रकटे गुरू का यह प्रवचन होनहार मैनेजरों के वास्ते एक पंचतारा होटल के अप्सराई सुख में चल रहा था।

उधर संपूर्ण चेहरे पर धब्बों का एकक्षत्र साम्राज्य शोभायमान करने वाले मंचों के अलंकरण, उद्धाटन और शिलान्यास करने में सिध्दहस्त वंचित पार्टी के अध्यक्ष वंचित नारायण सिध्दोपाय का इन्हीं होनहारों की कार्यशाला में कहना था कि दरअसल अब ऐसे आईनों के उत्पाद पर पूरी तरह से पाबंदी लगा देनी चाहिए। आईनों को वही दिखाना चाहिए जैसा समय, माहौल और चुनौतियां बोले। यदि चेहरे पर धब्बे है और उन्हें आईना दिखा रहा है तो यह अप्रिय सत्य है और आप तो जानते ही है कि शास्त्रों में यह पहले से ही कहा गया है कि सत्यं ब्रूयात, प्रियं ब्रूयात, अप्रिय सत्यं न ब्रूयात .... । चेहरे पर धब्बे अप्रिय सत्य है।

एक मैनेजर : सर, क्या इस तरह के आईनों का उत्पाद किया जायेगा ..

हां .... हां क्यों नहीं, अब मुझे ही इसकी जरूरत है।

------

तू-तू : मैं-मैं

यह आलेख कुल साढ़े दस शब्दों का है। वैसे ही लोगों के पास समय की कमी है, ऊपर से पन्नों में गुदे हुए लेख, आलेख पढ़ने के लिए किसके पास वक्त ? तथापि जिनके पास कम समय है, वे लोग इसे पढ़ने का साहस कर सकते है।

प्रेम

परिणय

परिणाम

ढाई शब्द

चार शब्द

चार शब्द

(तू, तू-ही-तू, तू)

(मैं, मैं-ही-मैं, मैं)

( तू-तू : मैं-मैं )

कुल साढ़े दस शब्द

------

पापी पेट

कई दिनों से पेट में भूख सुलग रही थी। भिखारी था, सो कई दिनों पेट में डालने के लिए नही मिला था । बड़ी देर से एक होटल के सामने वह कुछ पाने की मुराद में बैठा था। सामने मुर्गे की टांग को चूस रहे और शराब के पैग के साथ एक आदमी सामने बैठे इस मनुष्य से बिल्कुल बेखबर था।

भिखारी से रहा न गया, चिल्लाया - हे भगवान यदि पेट की भूख तू मिटा नही सकता तो ये पापी पेट किस वास्ते दिया है ?

शराबी की तन्द्रा टूटी - सुन स्साले, उसने पेट बेल्ट बांधने के वास्ते दिया है। बोल, बेल्ट है न तेरे पास ?

--------

ओफ्फ ! ये फ़ाइलें ...

निश्चित रूप से आजादी के बाद इस देश में फाइलों की फसल अथाह हुई। हर क्षेत्र में फाइलें दौड़ी। फ़ाइले बढ़ी। प्रगति के अनगिनत सोपानों को छूने में इन फ़ाइलों का योगदान किसी से छुपा नही है। कभी कभी फ़ाइले ढाल होती है जो साहब की तलवार रूपी नजर को अपने पर सह लेती है। मजाल भला कि ढाल टूटे, तलवार की धार भले ही मुड़ जाये।

सरकारी महकमे में यदि आप की फ़ाइल कम्पलीट है तो काम का पूरा होना मत समझिये। ये तो पहला चरण है। फ़ाइल कम्पलीट होती है, बड़े बाबू की मेज पर इठला के जाती है। और बड़े बाबू जब उस पर चिरैया बिठा दे तो ऊपर जाती है। अमूमन व्यवस्था में ये मान कर चला जाता है कि छोटा और बड़ा बाबू फ़ाइल पर लिख पढ़ कर दस्तखत बना दे तो फ़ाइल ऊपर से होकर आ ही जाती है, बशर्ते उस फ़ाइल पर भिन्न भिन्न मत न निरूपित किये गये हो।

फ़ाइल का बनना, सजना, संवरना और निकलना ये ऐसे विषय है जो पढ़ाई के दौरान बिहारी की नायिका के श्रृंगार वर्णन की याद दिला देती है। स्थानान्तरण के मसले में फ़ाइलें काला जादू का तेवर लिये होती है। काला जादू में गायब लड़की की तरह ये कब गायब हो जाये और शो खतम होने से पहले कब मिल जाये, इसे समझना मुश्किल है। कहीं कहीं तो फ़ाइलें गंडा-ताबीज बंधवा कर बढ़ती है। सगुन कराकर बढ़ती है। 786 और ओम लिखा कर चलती है। जैसी जिसकी श्रध्दा। शार्टकट में कहें तो ये फ़ाइले एनर्जी पाकर चलती है। फ़ाइलों का गायब होना अपशकुन माना जाता है। इससे बड़े धत्कर्म हो जाते है। मसलन गायब फ़ाइल के धारक बाबू की शामत। बड़े बाबू और अफसर द्वारा उसे ब्लैकमेल करने के नायाब रास्तों का अचानक खुल जाना। ये ऐसे लिख लाये, वरना वो गायब वाली फ़ाइल ....।

दरअसल फ़ाइले नित्य और शाश्वत होती है और फ़ाइल धारक नश्वर। फ़ाइल धारक तो कोई हो सकता है पर फ़ाइलें वहीं रहेगी। फ़ाइलों के चलते रहने से देश चलता है और ये रूक गई तो देश का क्या होगा, उसके विकास का क्या होगा, इसलिये कोई सरकार आये वह फ़ाइलों को अपने नजरिये या एजेंडा के मुताबिक तेजी, मध्दिम या धीमी गति से चलवाने में भरोसा रखती है। संविधान संशोधन हो या पानी विवाद, पोटा कानून का हटना हो या दागियों का मसला, अनुपम खेर को हटाना हो या शर्मिला बी की तैनाती, राज्यपालों की विदाई हो या रेलवे पर कुल्हणों का चलन .... इन सबके वास्ते फ़ाइले ही तो दौड़ी होंगी। फ़ाइलें गंभीर मुद्दों पर जब भी तेजी से दौड़ती है तो आर-पार का परिणाम लेकर लौटती है। ये सत्ताा पलटने में भूमिका रखती है। देश के वृहत्तर विकास में फ़ाइलों का योगदान शोध का विषय हो सकता है। विश्वविद्यालयी छात्र इस ओर ध्यान दे तो सरकार के अनेक विभाग व उनके बाबुओं का सहयोग मिल सकता है।

फ़ाइलें अपने संवाहकों में भेद नही करती है, वह बाबू हो सकता है, अफसर भी हो सकता है। पर फ़ाइलों का अनुराग बाबुओं से और बाबुओं का अनुराग फ़ाइलों से सर्वविदित है। और हो क्यों न ... उनका पोषण व पल्लवन तो वहीं करता है। फ़ाइलें लिखें हुए कागजों के आधार पर बनती है और निर्णय के लिए चलती है। जैसे कोई अर्जी आई आला अफसर ने आख्या मांगी। आख्या बनकर जब उसके सान्निध्य में आती है तो अर्जी वाला नही रहता है और अर्जी वाला अपने काम के विषय में उससे पूछने जाता है तो वह आख्या नही रहती है। अफसर देख लेंगे के सिवाय क्या कहेगा ? अनायास ऊपर से फ़ाइलों का मांगना, फ़ाइलों का दबाना या उनको छिपाना - ये सभी रहस्य है। हर कड़क अफसर अपने मातहत से जब ये कहता है - ये देखों तुम्हारी फ़ाइल मंगवा ली है, तुमने क्या क्या काले सफेद किये है ? सब कुछ है इसमें, बस इतने में ही अगले के प्राण हलक में अटक गये। कभी कभी कचहरी की तारीख की तरह फ़ाइलों पर परिणाम आने का सिलसिला अंतहीन है। जिन फ़ाइलों में 'कुछ' होता है तो वह दौड़ जाती है जिनमें 'कुछ' नही तो वे सुस्ता सुस्ता कर चलती है। अब तो सरकारी महकमे का एक सच उभर कर आया है - ऐसे थोड़े ही फ़ाइले बढ़ती है, वह बढ़वाई जाती है इसके लिए उसके धारक को 'बढ़वाई' दी जाती है। वह अपना मीटर आन करके सीट पर बैठता है।

आंकड़ों का संजाल समेटे फ़ाइलों का सहोदर सफेदा होता है। ये तीन को पोत कर चार बनाने का एक जरूरी घोल है। छाया की तरह अनुसरण करता है ये। तरक्कीपसंद समाज के लोग फ़ाइलों के बारे में ज्ञान बढ़ाकर महिमामंडित होते है। पर उनकी महिमा स्वयं के लिए तो मंडित और अन्य के लिए तनाव परोसने के लिए होती है। बचने का रास्ता यही है कि व्यक्ति अपने अंदर की फ़ाइल खोल ले और उस पर अपने जीवन के उतार चढ़ाव को मन की आंखों से लिखता रहे तो बाहर की फ़ाइल बाहर ही रह जाती है। पर करे कौन ? किसे बाहर से फुरसत ? इसीलिये ये फ़ाइलें .....ऊफ् और ओफ्फो है। इनका चलना और रूकना कभी खुशी और कभी गम जैसा ही है।

----------------

संपर्क:

सूर्य सदन, सी-501/सी, इंदिरा नगर, लखनऊ,

e-mail : ram_kishans@rediffmail.com

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर: 1
रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

---प्रायोजक---

---***---

---प्रायोजक---

---***---

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1$h=100

प्रायोजक

--***--

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच कर पढ़ें : ~

|* कहानी * |

| * उपन्यास *|

| * हास्य-व्यंग्य * |

| * कविता  *|

| * आलेख * |

| * लोककथा * |

| * लघुकथा * |

| * ग़ज़ल  *|

| * संस्मरण * |

| * साहित्य समाचार * |

| * कला जगत  *|

| * पाक कला * |

| * हास-परिहास * |

| * नाटक * |

| * बाल कथा * |

| * विज्ञान कथा * |

* समीक्षा * |

---***---



---प्रायोजक---

---***---

|आपको ये रचनाएँ भी पसंद आएंगी-_$type=three$count=6$src=random$page=1$va=0$au=0$h=110$d=0

प्रायोजक

----****----

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4039,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,338,ईबुक,193,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,112,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2999,कहानी,2253,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,540,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,96,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,345,बाल कलम,25,बाल दिवस,4,बालकथा,67,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,16,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,28,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,242,लघुकथा,1248,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,326,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2005,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,707,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,793,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,17,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,83,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,204,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,77,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: आर के भंवर के चार व्यंग्य
आर के भंवर के चार व्यंग्य
http://lh4.google.com/raviratlami/R3OnDQCLtgI/AAAAAAAACYA/poAOH2Spf48/r k bhanwar1 (WinCE)_thumb[2]
http://lh4.google.com/raviratlami/R3OnDQCLtgI/AAAAAAAACYA/poAOH2Spf48/s72-c/r k bhanwar1 (WinCE)_thumb[2]
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2008/03/blog-post_1083.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2008/03/blog-post_1083.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ