विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका -  नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.
रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -

पिछले अंक

कृष्ण कुमार यादव की पुस्तक समीक्षा : संस्‍कारों को सहेजती डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु की कविताएँ

साझा करें:

डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु जी बाल मन के चितेरे हैं। बच्‍चों के लिए लिखी उनकी कविताओं में जहाँ मनोरंजक तत्‍व मौजूद हैं वहीं शिक्षा और संस्‍कार भी।...

shikshaprad bal kavitayen (WinCE)

डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु जी बाल मन के चितेरे हैं। बच्‍चों के लिए लिखी उनकी कविताओं में जहाँ मनोरंजक तत्‍व मौजूद हैं वहीं शिक्षा और संस्‍कार भी। सुयश प्रकाशन, दिल्‍ली द्वारा सद्यःप्रकाशित उनकी पुस्‍तक ‘‘शिक्षाप्रद बाल कविताएँ‘‘ इसी कड़ी को आगे बढ़ाती हैं। बाल मन की विभिन्‍न अनुभूतियों को समेटती 63 बाल कविताओं का यह संकलन ऐसे समय में आया है जब समाजशास्‍त्री यह प्रश्‍न उठाने लगे हैं कि बाल-साहित्‍य के नाम पर बच्‍चों को अधकचरा ज्ञान परोसा जा रहा है। ऐसे में डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु की यह कृति अंधेरे में प्रकाश की किरण भी दिखाती है और बाल-साहित्‍य को उसके समग्र भाव से प्रस्‍फुटित करती है।

प्रस्‍तुत कृति का आरम्‍भ ‘गणेश वंदना‘ से आरंभ कर डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु संस्‍कारों की भाव-भूमि तैयार करते नजर आते हैं- आदिपूज्‍य जय गणेश/सृष्‍टि-दृष्‍टि धारी/प्रथम पूज्‍य जय गणेश/शरण मैं तुम्‍हारी। ‘कहलाएं अच्‍छी संतान‘ बाल-कविता में माँ सरस्‍वती से वरदान मांगता बच्‍चा इसी भाव-भूमि को उर्वर करता है। ‘श्रम की महिमा‘ अनंत है। यह जीवन की सार्थकता को उजागर करती है। महापुरूषों ने भी श्रम की आराधना पर जोर दिया है, फिर डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु इसे गीतों में क्‍यों न सजाते- परिश्रम की बूँदों में/गंगा का पानी है/भागीरथ के श्रम की/बेरोक रवानी है। समाज में श्रम साधक के साथ-साथ ऐसे लोगों की भी बहुतायत है जो इसकी आड़ में अपना उल्‍लू सीधा करते नजर आते हैं। ‘ट्रैक्‍टर‘ कविता की पंक्‍तियाँ देखें- ट्रैक्‍टर लेकर खेत जोतने/पहुँचा चतुर सियार/कहा बैल ने बँधे पेट पर/लात न मारो यार। डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु इसे यहीं नहीं छोड़ते बल्‍कि ‘इनसे तुम सावधान रहना‘ बता कर बच्‍चों को सचेत भी करते हैं- इनसे सावधान तुम रहना/तुम में हैं ऐसे भी बच्‍चे/अपने को प्रहलाद बताते/बिना किए व्रत पूजा संयम।

‘माँ‘ बच्‍चे की प्रथम शिक्षक होती है। बच्‍चों के लालन-पोषण हेतु वह बहुत कुछ सहती है, तभी तो वह देवी कहलाती है- मेरी माँ है अन्‍नपूर्णा/जब वह मुझे खिलाती है/मेरी माँ है देवि शारदा/सब कुछ मुझे सिखाती है। इस माँ से परे एक ऐसी भी माँ है जो सभी को समभाव से देखती है और सभी का पोषण करती है। ‘तन से ज्‍यादा वतन‘ की सीख देते हुए डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु के देश प्रेम भरे स्‍वर अनुगुंजित होते हैं- देश हमारा माँ जैसा ही मीठा है, तो उस देश भारत माता की ‘जय हो‘ की हुंकार भरते हुए बच्‍चों के सामने एक आदर्श भी प्रस्‍तुत करते हैं- वीर जवानों की जय हो/भारत माता की जय हो/जो कि सत्‍य के लिए लड़े/जो कि न्‍याय के लिए अड़े।

बाल-मन निश्‍छल एवं कोमल होता है। प्रकृति से बाल-मन का लगाव जग जाहिर है। सतत्‌ विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति बच्‍चों को सचेत करने में डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु कविताओं का भरपूर उपयोग करते हैं। ‘पानी राजा‘ की पंक्‍तियाँ गौरतलब हैं- राजा ने उपहार दिए/फसलों पर उपकार किए/पानी राजा दानी है/सारी धरती धानी है। ‘पानी-पानी‘ में भी कुछ ऐसे ही भाव गुंफित हुए हैं। कल-कल बहता पानी एक संदेश भी देता है- कहाँ सुबह है, शाम है/बहना मेरा काम है/बस आराम हराम है/जीवन मेरा नाम है (निश्‍चय)। हरियाली का नेता, व्‍योम-कविता, झूलो, परिचय, अहा, किस्‍में, परिवर्तन, सुनो, निःस्‍वार्थी जैसी तमाम कविताएं प्रकृति के निःस्‍वार्थ एवं कल्‍याणकारी गुण को उभारती हुई एक संदेश देती हैं- बादल ने कब पूछा धरती से/जाति तुम्‍हारी क्‍या है पानी दूँ (निःस्‍वार्थी)। इन पंक्‍तियों के बहाने बाल-मन के चितेरे डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु आज के समाज में पनप रहे जाति, धर्म, क्षेत्र पर आधारित भेदभाव एवं विषमताओं पर भी उंगली उठाते हैं।

डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु ने जीवन का एक लम्‍बा पड़ाव पार करते हुए जीवन और समाज को बहुत नजदीक से देखा है। वे नहीं चाहते कि बच्‍चों में किसी भी प्रकार के दुर्गुण अथवा कमजोरियाँ आएं। उनकी लेखनी इन सब के प्रति सतत्‌ प्रयत्‍नशील है। वे बच्‍चों को इतना मजबूत बनाना चाहते हैं कि वे भविष्‍य की दीवार अपने सुदृढ़ कंधों पर उठा सकें। कभी वे किसान बनोके बहाने श्रम का गीत गाते हैं तो कभी बच्‍चों के दिल के दर्द को यूँ बांँटते हैं- हमें सिखाया गया, नकल करना बेहतर/रिश्‍वत की तरकीबों से हर सीख मिली/टूटे पुल दुर्घटनाओं अतंकों के/बिन माँगी अनचाही जबरन भीख मिली (भविष्‍य)। बच्‍चों की तरफ से वे बड़ों पर सवाल भी उठाते हैं- शिक्षा देना है आसान/किन्‍तु कौन देता है ध्‍यान (इनसे जान बचाना मुश्‍किल)। खिड़की खोलो, कश्‍मीर बचायेंगे, मत बहकाओ, ताकत कूतें, अशोक के श्‍ोर, स्‍वर जागें, करते उन्‍हें प्रणाम, स्‍वाधीनता, क्‍या होगा, चिंतन जैसी तमाम कविताओं में बाल मन को दूषित करती विसंगतियों को उठाते हुए और इनके प्रति सचेत करते हुए कोमल भाव गुंजायमान हैं। रक्‍तदान जैसे पवित्र कार्य के प्रति बच्‍चों को प्रवृत करती कुछ पंक्‍तियाँ हैं- स्‍वर्णदान से श्रेष्‍ठ दान है/रक्‍तदान दो रक्‍तदान दो/खुदगर्जी की ओछी सीमा लाँघो/सब अपने हैं इन्‍हें रक्‍त से बाँधो (रक्‍तदान दो)।

वर्तमान दौर टेक्‍नालोजी का है, पर कोई भी टेक्‍नालोजी मानव का स्‍थान नहीं ले सकती। टेक्‍नालोजी की अपनी सीमायें हैं और इन सीमाओं से परे हम उनसे आशा भी नहीं सकते। कम्‍प्‍यूटर 21वीं सदी का सबसे बड़ा आविष्‍कार है, पर अपनी बाल-कविताओं में डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु उसे भी चौंका देते हैं- मैंने पूछा ओ कम्‍प्‍यूटर/क्‍या खेती कर सकते?/वह बोला यह बहुत असंभव/रोबो सिर्फ उचकते (कम्‍प्‍यूटर)। मोबाइल पर ‘मिस काल‘ भी उनकी नजरों से ओझल नही है- मैंने सोचा बिना खर्च पर/कर लूँ बातें सारी/मैंने थी मिस काल मिलाई/वह बोला था ‘सॉरी‘। बच्‍चे जहाँ नई टेक्‍नालोजी को गले लगा रहे हैं, वहीं बुजुर्गों को अभी भी ये समझ में नहीं आते हैं- विज्ञान के चमत्‍कार/रेल मोटर कार/मुझे बहुत भाते हैं/बूढ़ों को बेकार (अपनी-अपनी पसन्‍द)।

बच्‍चों की अपनी दुनिया है और उसमें तमाम ऐसी चीजें हैं जो बचपन को जीवंतता देती हैं। सीढ़ी-सीढ़ी चढ़ेंगे, टॉमी की दुम, कहा आम ने, आया बुखार, रानी बिटिया बिटिया रानी, मौज-मजे, स्‍कूल की बस, टाफी, घोड़े से, छुई छुअव्‍वल, बिदाई गीत, झूलो, अच्‍छी बिटिया, चिरौटा और चिड़िया इत्‍यादि कविताओं में ये भाव अनुपम रूप में प्रतिबिम्‍बित होते हैं।

डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु कृत ‘‘शिक्षाप्रद बाल-कविताएँ‘‘ सरस शब्‍दों में सहज भाव से तमाम शिक्षाप्रद बातें कहती है। डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु बच्‍चों को सीमाओं में अनावश्‍यक बाँधने के नहीं बल्‍कि उनके विकास हेतु उन्‍हें मुक्‍त गगन में विचरण के हिमायती हैं- खिड़की खोलो, मुझे झाँकने दो/समय एक रथ है, हाँकने दो। ऐसी ही तमाम बाल-कविताओं से आच्‍छादित यह अनुपम कृति बाल मन को उनकी असली भाव-भूमि पर जाकर परखती है, चेताती है और कुछ नया करने को सिखाती है। बाल-साहित्‍य माने कुछ भी लिख देना नहीं बल्‍कि इसे स्‍वस्‍थ मनोरंजन का साधन होने के साथ-साथ वैज्ञानिक संपृक्‍त और मानवीय मूल्‍यों व चरित्र निर्माण का उन्‍नयन करने वाला होना चाहिए। बाल मन और उससे जुड़े विविध पक्षो की अनुपम झांकी को समेटे डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु की यह अनुपम कृति इस दृष्‍टि को सामने रखने में सफल दिखती है।

समालोच्‍य कृति- शिक्षाप्रद बाल कविताएँ

कवि- डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु

प्रकाशक- सुयश प्रकाशन, मध्‍यम तल, 1376, कश्‍मीरी गेट, दिल्‍ली-110006

पृष्‍ठ- 80, मूल्‍य- 125 रुपये, प्रथम संस्‍करण- 2008

समीक्षक- कृष्‍ण कुमार यादव, भारतीय डाक सेवा, वरिष्‍ठ डाक अधीक्षक, कानपुर मण्‍डल, कानपुर-208001

--------

k k yadav

समीक्षक जीवन-वृत्‍त

नाम ः कृष्‍ण कुमार यादव

जन्‍म ः 10 अगस्‍त 1977, तहबरपुर, आजमगढ़ (उ0 प्र0)

शिक्षा ः एम00 (राजनीति शास्‍त्र), इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय

विधा ः कविता, कहानी, लेख, लघुकथा, व्‍यंग्‍य एवं बाल कविताएं।

प्रकाशन ः देश की प्राय अधिकतर प्रतिष्‍ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का नियमित प्रकाशन। एक दर्जन से अधिक स्‍तरीय काव्‍य संकलनों में रचनाओं का प्रकाशन। इण्‍टरनेट पर विभिन्‍न वेब पत्रिकाओं में रचनाओं की प्रस्‍तुति।

प्रसारण ः आकाशवाणी लखनऊ से कविताओं का प्रसारण।

कृतियाँ ः अभिलाषा (काव्‍य संग्रह-2005), अभिव्‍यक्‍तियों के बहाने (निबन्‍ध संग्रह-2006), इण्‍डिया पोस्‍ट- 150 ग्‍लोरियस इयर्स (अंगे्रजी-2006), अनुभूतियाँ और विमर्श (निबन्‍ध संग्रह-2007), क्रान्‍ति यज्ञ ः 1857-1947 की गााथा (2007)। बाल कविताओं व कहानियों का संकलन प्रकाशन हेतु प्रेस में।

सम्‍मान ः विभिन्‍न प्रतिष्‍ठित साहित्‍यिक संस्‍थानों द्वारा सोहनलाल द्विवेदी सम्‍मान, कविवर मैथिलीशरण गुप्‍त सम्‍मान, महाकवि श्‍ोक्‍सपियर अन्‍तर्राष्‍ट्रीय सम्‍मान, काव्‍य गौरव, राष्‍ट्रभाषा आचार्य, साहित्‍य मनीषी सम्‍मान, साहित्‍यगौरव, काव्‍य मर्मज्ञ, अभिव्‍यक्‍ति सम्‍मान, साहित्‍य सेवा सम्‍मान, साहित्‍य श्री, साहित्‍य विद्यावाचस्‍पति, देवभूमि साहित्‍य रत्‍न, ब्रज गौरव, सरस्‍वती पुत्र और भारती-रत्‍न से अलंकृत। बाल साहित्‍य में योगदान हेतु भारतीय बाल कल्‍याण संस्‍थान द्वारा सम्‍मानित।

विशेष ः व्‍यक्‍तित्‍व-कृतित्‍व पर एक पुस्‍तक ‘‘बढ़ते चरण शिखर की ओर रू कृष्‍ण कुमार यादव‘‘ शीघ्र प्रकाश्‍य। सुप्रसिद्ध बाल साहित्‍यकार डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु द्वारा सम्‍पादित बाल साहित्‍य समीक्षा'(सितम्‍बर 2007) एवं इलाहाबाद से प्रकाशित गुफ्‍तगू‘ (मार्च 2008) द्वारा व्‍यक्‍तित्‍व-कृतित्‍व पर विश्‍ोषांक प्रकाशित।

अभिरूचियाँ ः रचनात्‍मक लेखन व अध्‍ययन, चिंतन, नेट-सर्फिंग, फिलेटली, पर्यटन, सामाजिक व साहित्‍यिक कार्यों में रचनात्‍मक भागीदारी, बौद्धिक चर्चाओ में भाग लेना।

सम्‍प्रति/सम्‍पर्क ः कृष्‍ण कुमार यादव, भारतीय डाक सेवा, वरिष्‍ठ डाक अधीक्षक, कानपुर मण्‍डल, कानपुर-208001 ई-मेलः kkyadav.y@rediffmail.com

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर

---प्रायोजक---

---***---

---प्रायोजक---

---***---

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1$h=100

प्रायोजक

--***--

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच कर पढ़ें : ~

|* कहानी * || * उपन्यास *|| * हास्य-व्यंग्य * || * कविता  *|| * आलेख * || * लोककथा * || * लघुकथा * || * ग़ज़ल  *|| * संस्मरण * || * साहित्य समाचार * || * कला जगत  *|| * पाक कला * || * हास-परिहास * || * नाटक * || * बाल कथा * || * विज्ञान कथा * |* समीक्षा * |

---***---



---प्रायोजक---

---***---

|आपको ये रचनाएँ भी पसंद आएंगी-_$type=three$count=6$src=random$page=1$va=0$au=0$h=110$d=0

प्रायोजक

----****----

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4084,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,341,ईबुक,196,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,112,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3039,कहानी,2273,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,542,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,103,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,346,बाल कलम,25,बाल दिवस,4,बालकथा,68,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,16,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,29,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,245,लघुकथा,1266,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,19,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,327,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2011,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,712,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,800,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,18,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,89,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,209,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,77,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: कृष्ण कुमार यादव की पुस्तक समीक्षा : संस्‍कारों को सहेजती डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु की कविताएँ
कृष्ण कुमार यादव की पुस्तक समीक्षा : संस्‍कारों को सहेजती डॉ0 राष्‍ट्रबन्‍धु की कविताएँ
http://lh4.ggpht.com/_t-eJZb6SGWU/SQyPhgFdk9I/AAAAAAAAFLs/oRZNzTE0ip4/shikshaprad%20bal%20kavitayen%20%28WinCE%29_thumb.jpg?imgmax=800
http://lh4.ggpht.com/_t-eJZb6SGWU/SQyPhgFdk9I/AAAAAAAAFLs/oRZNzTE0ip4/s72-c/shikshaprad%20bal%20kavitayen%20%28WinCE%29_thumb.jpg?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2008/11/0.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2008/11/0.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ