अशोक गौतम का व्यंग्य : कौन जातक कितना खाऊ!

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मेष राशि वाले ज्यादा खाऊ हैं कि वृष राशि वाले? या फिर खाने-पीने का ठेका तुला राशि वालों के पास ही है? सिंह राशि वाले कर्क राशि वालों से र...

मेष राशि वाले ज्यादा खाऊ हैं कि वृष राशि वाले? या फिर खाने-पीने का ठेका तुला राशि वालों के पास ही है? सिंह राशि वाले कर्क राशि वालों से रिश्वत लेने के मामले में कितने आगे हैं या कितने पीछे? पड़ताल कर रहे हैं अशोक गौतम.

देश में सबके खा खाकर पेट फट जाएं। पर पेट फिर भी न भरे। शहर की पाश कालोनी में सबके दस-दस फ्लैट हों, अपने जन्‍म दिन पर बंदे होटल में कालगर्ल्‍ज की कमर में बांहें डाले ठुमके पर ठुमके लगाते अपनी डिस्‍क स्‍लिप करवा दें,पकड़े जाएं तो अखबारों की बिक्री चार गुणा बढ़ाएं। घर में पत्‍नी इंतजार करती मर जाए, और वे प्रेमिका की बांहों में मोक्ष तलाश करते रहें। सुबह उठें तो पता चले कि वे नरक में चार इंच और भी गहरे चले गए हैं। पद का सदुपयोग करने वालों की मेरी तरह ही हजारों ख्‍वाइशें होती हैं। खिलाने वालों की मजबूरी! इसलिए अगर मैं आपको खाने वालों की नेचर बता आपकी दिक्‍कतें कम कर दूं तो कैसा रहे? है न घुप्‍प अंधेरे में रोशनी की किरण! खाने वाले की नेचर पता चल जाने पर आपको खिलाने में इतना आनंद आएगा कि जितना पहले कभी नहीं आया होगा। खाने वाले के साथ-साथ खिलाने वाला भी प्रसन्‍न हो तो इस धरती पर स्‍वर्ग उतर आए। वैसे भी यहां कौन किसका खाता है, कौन किसको खिलाता है? ये तो सब पिछले जन्‍म के लेन-देन होते हैं। वे खिलाकर कर्ज मुक्‍त होते हैं और हम खाकर उन्‍हें कर्जमुक्‍त कर ही देते हैं। तो आपके लिए प्रस्‍तुत है राशि के हिसाब से खाऊ जातकों का ज्‍योतिषीय विश्‍लेषण--

मेष :- इस राशि के जातक खाने पीने के बहुत शौकीन होते हैं। वे दफ्तर के काम के प्रति कम, खाने पीने के प्रति ज्‍यादा रूचि रखते हैं। नर सेवा तभी करते हैं नगद जब इनकी टेबुल पर विराजमान हो। कई तो खाने के बाद भी महीनों फाइल दबा उस पर पदियाते रहते हैं। ये फंसे हुए को नींबू की तरह निचोड़ने में माहिर होते हैं, पर प्‍यार से। ये उनका ही काम करते हैं जो इनको खिला खिलाकर कब्‍जी कर देते हैं।

वृष :-इस राशि के जातक अपनी कुर्सी से लगभग गायब रहते हैं। ये झूठे नम्‍बर वन होते हैं। रिश्‍वत लेकर आपका काम कर दें,इनसे कम ही उम्‍मीद रखें। ये हर समय किसी न किसी मुर्गी को फंसाने के जुगाड़ में लगे रहते हैं। चेहरे-मुहरे से शरीफ लगते हैं,पर मन के बहुत काले होते हैं।

मिथुन :-ये सच्‍चे- पक्‍के जातक होते हैं रिश्‍वत के मामले में। इसलिए ये हरदम अपनी तरह के रिश्‍वत देने वाले की खोज में रहते हैं। ढोल की पोल खुलने से ये बहुत डरते हैं। रिश्‍वत में मिले पैसे ये घर नहीं ले जाते, प्रेमिकाओं पर लुटाते हैं। घर में पत्‍नी सिदूंर के लिए भी तरसती रहे तो तरसती रहे।

कर्क :-रिश्‍वत लेने के मामले में इस राशि के जातकों का कोई मुकाबला नहीं। लेने के मामले में ये स्‍टेट फारवर्ड होते हैं। ये रिश्‍वत देने वाले की जेब पर हमेशा नजर गड़ाए रहते हैं। रिश्‍वत के चक्‍कर में ये अपना सबकुछ दांव पर लगाए होते हैं। ये हरदम रिश्‍वत देने वालों की ताक में रहते हैं। ये जातक रिश्‍वत के मामले में बडे. संवेदनशील होते हैं। इस राशि के जातक कई बार रिश्‍वत देने वाले की खूबसूरती पर भी फिदा हो जाते हैं।

सिंह :- इस राशि के जातक दलाली,कमीशन के लिए पूरी तरह समर्पित होते हैं। किससे कितनी रिश्‍वत ली,ये बगल वाले को भी हवा नहीं लगने देते। रिश्‍वत के मामले में ये रिश्‍तों को भी नजरअंदाज कर देते हैं। रिश्‍वत देने के लिए ये आपको किसी हद तक भी मजबूर कर सकते हैं। रिश्‍वत के लिए ये अपना करिअर भी दांव पर लगा सकते हैं।

कन्‍या :- इन जातकों को पटाने में थोड़ा वक्‍त लगता है। पर, पट जरूर जाते हैं। अगर पट जाएं तो भ्रष्‍टाचार कंट्रोल विभाग इनके ठेंगे पर। उसे भी संजीदगी से हिस्‍सा देते हैं। ये बहुधा खाकर दूध दे देते हैं। अगर इनको आपका रिश्‍वत देने का ढंग पसंद आ जाए तो ये आपको फोन कर भी तंग कर सकते हैं। शुरू में इन्‍हें रिश्‍वत सभंल कर दें। कई बार इस राशि के जातक दिखावे के लिए रिश्‍वत लेते वक्‍त उग्र भी हो जाते हैं। पर इसे अन्‍यथा लें।

तुलाः- इस राशि के जातक रिश्‍वत को अतिरिक्‍त कमाई का साधन मानते हैं। इन्‍हें हमेशा ऐसे रिश्‍वत देने वालों की तलाश रहती है जो इन्‍हें इनकी उम्‍मीद से ज्‍यादा रिश्‍वत दें। नीले रंग की ओर ये जातक बहुत जल्‍दी आकर्षित होते हैं। ये जातक भगवान के आगे स्‍वर्ग के लिए नहीं, हमेशा रिश्‍वत के लिए गिड़गिड़ाते हैं। ये रिश्‍वत और रिश्‍वत देने वाले दोनों बेहतर ढूंढते हैं। ये जातक नौकरी से ज्‍यादा महत्‍व रिश्‍वत को देते हैं।

वृश्‍चिक :- इस राशि के जातक बेहद लालची होते हैं। रिश्‍वत और अवैध संबंध दोनों के मामले में। हर बात पर रिश्‍वतखोरों को गालियां देते हैं। ये बड़े व्‍यसनी भी होते हैं और उन व्‍यसनों की पूर्ति केवल और केवल रिश्‍वत से करते हैं। इन्‍हें रिश्‍वत और रिश्‍वत देने वाला दोनों भारी-भरकम चाहिए। मध्‍यमवर्गीय रिश्‍वत देने वालों पर ये मूतते भी नहीं। ईमानदारी से इनका छत्‍तीस का आंकड़ा होता है।

धनु :- इस राशि के जातकों का रिश्‍वत लेने का ढंग किसी पहेली से कम नहीं होता। पता ही नहीं चलता कि इस राशि का जातक क्‍या चाहता है। अतः इस राशि के जातक को रिश्‍वत देते हुए हमेशा दुविधा की स्‍थिति बनी रहती है। ये विश्‍वास पात्र भी नहीं होते। रिश्‍वत सीधे न ले बिचौलियों के थ्रू लेना पसंद करते हैं। इनके कई पत्‍नियां होती हैं। ये रिश्‍वतखोरी के मामले में अंतर्मुखी होते हैं।

मकर :- इस राशि के जातकों को बिन रिश्‍वत लिए काम करने में बड़ी घुटन होती है। रिश्‍वत के मामले में ये बड़े वफादार होते हैं। इन्‍हें हरदम ये चिंता रहती है कि इनकी सीट से होने वाला काम कोई दूसरी सीट से न करवा ले। ये अमूमन अपनी सीट पर ही बैठे मिलते हैं। इन्‍हें रिश्‍वत लेना तो बखूबी आता है पर रिश्‍वत का पैसा ठीक जगह लगाना नहीं आता। रिश्‍वत लेते हुए कई बार ये अपने को बहुत सुरक्षित फील करते हैं,पर ये सुरक्षित होते नहीं।

कुंभ :-इस राशि के जातक रिश्‍वत के मामले में उथले नहीं होते। इन्‍हें पता होता है कि भेड़ आज नहीं तो कल मुंडेगी तो उनकी ही कैंची से। ये रिश्‍वत देने वाले से ये भी नहीं चाहते कि वह उसकी पगड़ी बाहर न उछाले। रिश्‍वत के मामले में ये बहुत चुस्‍त होते हैं। इन्‍हें थोड़ा अपने को समझने का वक्‍त दें। अपने पर विश्‍वास करने का मौका दें। डांट वरी, लेकर आपका काम जरूर करेंगे।

मीन :- इस जातक में अनेकों ऐसी छिपी खूबियां होती हैं जो रिश्‍वत देने वालों को इनकी ओर सहज ही आकर्षित करती हैं। रिश्‍वत देने वाला इस राशि के जातकों को बहुत पसंद करता है। ये जातक किसी से रिश्‍वत बाद में लेते हैं,आत्‍मीय रिश्‍ता पहले बनाते हैं। रिश्‍वत लेते हुए ये दिखावे के लिए पल भर को पानी-पानी भी हो जाते हैं। हो सकता है आपसे रिश्‍वत ले ये रिश्‍वत के पैसे लौटाने का नाटक भी करें। फिर विवशता जाहिर कर वे पैसे मुस्‍कराते हुए अपनी जेब में डाल लें। इनसे काम निकालने के लिए इनकी पत्‍नी के कुत्‍ते से भी पे्रम किया जा सकता है।

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अशोक गौतम

गौतम निवास, अपर सेरी रोड,नजदीक वाटर टैंक

सोलन, 173212 हि0प्र0

ईमेल: a_gautamindia@rediffmail.com

नाम

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पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi 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