विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका -  नाका। प्रकाशनार्थ रचनाएँ इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी इस पेज पर [लिंक] देखें.
रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -

पिछले अंक

हीरालाल प्रजापति की कहानी - प्रेरणा

साझा करें:

कहानी   प्रेरणा                                            [ डॉ.हीरालाल प्रजापति ] वह लड़की कभी भी मेरी मोहब्बत की तलबगार न थी क्योंकि न तो ...

image

कहानी  

प्रेरणा  

                                         [ डॉ.हीरालाल प्रजापति ]

वह लड़की कभी भी मेरी मोहब्बत की तलबगार न थी क्योंकि न तो मैं खूबसूरत ही था और न ही कोई अमीरजादा।

एक मामूली नौकरी करने उसके शहर में आया था। मेरे मकान मालिक की इकलौती व अत्यंत खूबसूरत लाड़ली बेटी थी वह।

मैं चौबीस का था और वह उन्नीस बीस के लगभग।

प्रारंभ से ही सहशिक्षा काल के दौरान मेरा अनेक लड़कियों से परिचय हुआ ,दोस्ती भी खूब हुई किन्तु मेरी बदसूरती और काली कलूटी रंगत ने मेरी मोहब्बत की लालसा को कभी पूरा न होने दिया। जिससे भी प्रेमाग्रह किया उसी ने आइना दिखाकर मेरी हँसी उड़कर रख दी और अंततः शनैः शनैः मोहब्बत और शादी के ख़याल दिल ही दिल में दम तोड़ने लगे।

अपने प्रेम निवेदनो को जिस तिस के द्वारा ठुकराए जाने के बावजूद भी कभी भी मुझमें कुछ कर गुजरने की प्रेरणा जाग्रत नहीं हुई। मैं चाहता था कोई तो कहे ''कुछ करके दिखाओ'' पर कभी ऐसा न हुआ ...और जैसे तैसे एम. ए. करके यहाँ नौकरी पर आ गया।

पहली ही बार उस सुंदरी को देखकर मोहब्बत प्राप्ति के मरे हुए विश्वास पुनः जीवित हो उठे फ़िर भी पिछली घटनाओं ने मेरे प्रेम निवेदन की हिम्मत पस्त कर रखी थी इसलिए यूँ ही एक तरफ़ा मोहब्बत की आग में जलते हुए एक वर्ष बीत गया। कुछ दिनों की छुट्टियों में घर आकर मुझे लगा कि उसके बग़ैर ज़िन्दगी संभव नहीं। छुट्टियाँ पूरी किये बग़ैर  ही लौट आया।

वह कभी कभार ही मेरे कमरे पर आया करती थी किन्तु मैं छिप छिपाकर रोज़ ही उसके नज़ारे खिड़की दरवाजों कि दरारों से कर लिया करता था . उसके पिताजी के साथ उसके घर पर ही अक्सर शाम को शतरंज की दो एक बाजियां हो जाती थीं जिसमे मैं सदैव हार जाता था और वह मजाक उड़ाती थी। खैर।

एक दिन चाय पान के दौरान उसने मुझे ''अच्छा'' कहा। मै इस ग़लत फहमी का शिकार हो गया कि हो न हो वह भी मुझे पसंद करती है बल्कि प्यार भी करती है और उस दिन के बाद से उसके मान सम्मान को मैं उसकी मोहब्बत का इज़हार समझने लगा। एक दिन बहुत हिम्मत जुटाकर एक लव लेटर उसे लिख ही डाला। बड़े ही सहज भाव से ''क्या है''कहकर उसने पत्र  ले लिया . एक सप्ताह तक कोई लिखित जवाब नहीं मिला . कई खत लिखे और वह अजीब सी रहस्यमयी मुस्कराहट के साथ उन्हें हर बार स्वीकारती रही ...किन्तु जवाब न दिया। जब असहनीय हो गया तब एक आखिरी ख़त में आत्महत्या की धमकी देकर हाँ या न में तुरंत जवाब माँगा . दुर्भाग्य से वह ख़त उसकी माँ द्वारा पकड़ा गया।

जिस वक़्त मैं बेईज्ज़त करके उसके घर से निकाला जा रहा था तब भी वह रहस्यमयी ढंग से मुस्कुरा रही थी और उसकी आँखों में व्यंग्य जैसा भाव देख कर मैं शर्म से धरती में गड़ गड़ जा रहा था।

फिर मुझसे उस शहर में नौकरी न हो सकी . अपने गाँव आ गया। आत्महत्या न कर सका था इसलिए बेमन से किसानी करने लगा .

ज़िन्दगी से बेज़ार होकर मर मर कर ज़िल्लत का जीवन काट रहा था। घर वाले मेरी हालत पर तरसते भी थे और बिगड़ते भी.

रात की तन्हाई में  मोहब्बत  का दर्द आज इतना  बढ़ा ; अपमान  की  कसक इतनी तीव्र उठी  कि उस लड़की को अपनी मौत का ज़िम्मेदार ठहराते हुए एक सुसाइड-नोट लिखा और मौत का आसन तरीका सोचने लगा।

सुबह उठकर बाज़ार से सल्फास ले आया .अपनी ज़िन्दगी कि शाम के स्वागत में खूब स्फूर्ति तथा प्रसन्नता से अपने आपको दिनचर्या में ढालकर मौत को निगलने ही जा रहा था कि दरवाज़े पर पोस्टमैन कि दस्तक हुई .उस लड़की का मेरे नाम एक रजिस्टर्ड पत्र आया था . झट पट खोलकर किसी अनजान सुप्रतीक्षित आशा से पढने लगा।लिखा था ......

     ''मुझे यकीन है आप आत्म हत्या नहीं कर सकते . आपके बारम्बार दयनीय व सच्चे प्रेमाग्रह ने और उस दिन की अपमान जनक घटना ने आपके जाने के बाद मुझे आपके प्रेम को स्वीकार करने पर विवश कर दिया है ,किन्तु एक ही शर्त पर मैं आपसे शादी का वायदा करती हूँ कि तीन साल के अन्दर अन्दर आप आई ए एस अफसर बनकर मेरा हाथ मांगने आयें किन्तु इस बीच आपके और मेरे बीच न कोई पत्र व्यवहार होगा और न मेल मिलाप। आप शूद्र हैं और मैं उच्च वर्ण ...किन्तु अपनी ज़िद से माँ बाप को मना लूंगी। अवधि याद रहे ......अधिकतम तीन साल . अनवरत प्रतीक्षारत ......... सिर्फ़ और सिर्फ़ आपकी.......अनन्य प्रेमिका ..........

साथ में उसका एक अत्यंत सुन्दर फुल साइज़ रंगीन फोटो भी था।

इस पत्र से मेरी ज़िन्दगी का रंग ढंग बदल गया। टूटे क़दम पंख बन गए। सब कुछ भूलकर प्राण पण से लोक सेवा परीक्षा की तैयारी में अनवरत रूप से जुड़ गया। प्रेरणा रंग लाईI तीसरा साल जाते जाते मैं कलेक्टर के पद हेतु चयनित हो गया। बड़ी उमंगों सहित उसके घर उसका हाथ मांगने अपने पिताजी के साथ पहुंचा।

ड्राइंग रूम में ही उसकी तस्वीर पर चढ़ी चन्दन की फूल माला ने मुझ पर तीव्र वज्राघात किया.मैं निष्प्राण सा हो गया। उसके पिता ने सुबकते हुए बताया कि ...मेरे जाने के सप्ताह भर बाद ही एक दुर्घटना में उसके दोनों पैर जाते रहे व फूल सा सुन्दर चेहरा मांस उधड़ जाने की वजह से कुरूप हो गया । हालत सम्हलने पर उसने मुझे वह पत्र लिखा जिसे खुद उसके पिता ने रजिस्ट्री द्वारा मुझे प्रेषित किया। कुछ ही रोज़ बाद अपनी विकलांगता और बदसूरती के बोध से आत्म प्रताड़ित होकर एक साथ नींद की कई गोलियां लीलकर सदा सदा के लिए सो गई।

एक कभी न भरने वाली कमी , एक कभी न मिटने वाली असहनीय तड़प लेकर मैं अपनी लाश को किसी तरह ढो लाया।

अब भी यही सोचता हूँ कि यदि वह जिंदा होती तो क्या उस ''बदसूरत'' (  जिसकी खूबसूरत तस्वीर को मैं ढाई साल तक शिद्दत से चूमता रहा ) से मैं ( बद्सूरत ) मोहब्बत कर पाता ?  यदि नहीं तो मुझे मोहब्बत के नाम पर ठेंगा दिखाने वाली सुंदरियों ने मेरे साथ कोई अन्याय नहीं  किया था न कि उस लड़की ने जिसको लव लेटर पकड़े जाने के बाद बेइज्ज़त होते वक़्त मैंने मन ही मन उसकी बर्बादी की असंख्य  बद्दुआएँ जाते जाते दे डाली थीं ...क्या वे ही तो उसे नहीं लग गईं ?इस अपराध बोध ने कि  '' मैं ही उसका कातिल हूँ '' प्रायश्चित्त स्वरुप आज तक मुझे विवाह नहीं करने दिया ..............और न आगे कभी करूँगा...................

==========

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर: 7
  1. agar mai aapki jagah hota to sabse pahle mai us ladki ko letter likh ke yah batata ki prajapati "shudra" nahi hote balki prajapati uchch varna ke hote hai.

    जवाब देंहटाएं
  2. yadi mai aapki jagah hota to sabse pahle us ladki ko usake letter ke answer mei letter likh ke yah batata ki prajapati "shudra" nahi hote prajapati "uchch varna" ke hote hai.

    जवाब देंहटाएं
  3. agar mai aapki jagah hota to sabse pahle mai us ladki ko letter likh ke yah batata ki prajapati "shudra" nahi hote balki prajapati uchch varna ke hote hai.

    जवाब देंहटाएं
रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

---प्रायोजक---

---***---

---प्रायोजक---

---***---

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1$h=100

प्रायोजक

--***--

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच कर पढ़ें : ~

|* कहानी * || * उपन्यास *|| * हास्य-व्यंग्य * || * कविता  *|| * आलेख * || * लोककथा * || * लघुकथा * || * ग़ज़ल  *|| * संस्मरण * || * साहित्य समाचार * || * कला जगत  *|| * पाक कला * || * हास-परिहास * || * नाटक * || * बाल कथा * || * विज्ञान कथा * |* समीक्षा * |

---***---



---प्रायोजक---

---***---

|आपको ये रचनाएँ भी पसंद आएंगी-_$type=three$count=6$src=random$page=1$va=0$au=0$h=110$d=0

प्रायोजक

----****----

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4095,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,341,ईबुक,196,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,112,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3061,कहानी,2275,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,542,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,110,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,346,बाल कलम,25,बाल दिवस,4,बालकथा,68,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,16,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,29,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,245,लघुकथा,1269,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,19,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,340,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2013,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,714,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,802,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,18,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,91,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,211,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: हीरालाल प्रजापति की कहानी - प्रेरणा
हीरालाल प्रजापति की कहानी - प्रेरणा
http://lh3.ggpht.com/-p3R_F2Ba9ks/T9glIGSqVPI/AAAAAAAAMlg/_cPxzTMojcc/image%25255B5%25255D.png?imgmax=800
http://lh3.ggpht.com/-p3R_F2Ba9ks/T9glIGSqVPI/AAAAAAAAMlg/_cPxzTMojcc/s72-c/image%25255B5%25255D.png?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2012/06/blog-post_13.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2012/06/blog-post_13.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ