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प्रमोद यादव के रेखाचित्र

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5 टिप्पणियाँ

  1. akhilesh Chandra Srivastava6:15 am

    Bhai badhiya rekha chitra hain u r genius

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत ही सुन्दर रेखाचित्र हैं। अभिव्यक्ति की विविधता एवं संप्रेषणीयता प्रशंसनीय है।

    ’सत्यप्रसन्न"

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  3. अच्छे रेखाचित्र हैं. प्रथम रेखाचित्र में नृत्य करती हुई महिलाओं के हाथ व पैरों के आभुषणों का जो अनगढ़ कलात्मकता सृजन किया गया है, काफी प्रभावित करता है. उकड़ूं बैठे शख्स , सादगी के साथ जुड़े सौंदर्य और निश्छल स्नेह को व्यक्त कर रहे हैं. दिल से बनाए रेखाचित्र वाकई ध्यान खींचते हैं.
    ऐसे ही एक चित्रकार और मूर्तिशिल्पकार संतोष जड़िया के रेखाचित्रों को हिन्दी लघुपत्रिका में देखा था.
    रचनाकार के माध्यम से रेखाचित्रों का अवलोकन और भी सुखद लगा. पीठ जोड़कर बैठी लड़कियों का रेखाचित्र तो संग्रह(सेव) करने योग्य है. संपादक व सृजनकार दोनों का दिल से धन्यवाद.

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  4. बहुत ही सुन्दर रेखाचित्र हैं

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