---प्रायोजक---

---***---

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ खोज कर पढ़ें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

पुस्तक समीक्षा – चिनार के पंजे

साझा करें:

चिनार के पंजे. (कहानीकार =श्री दीपक बुदकी ) चिनार का नाम लेते ही जम्मु-कश्मीर की हसीन वादियों का दृष्य आखॊं के सामने थिरकने लगता है. ऊँची...

clip_image002 clip_image004 clip_image006

चिनार के पंजे. (कहानीकार =श्री दीपक बुदकी )

चिनार का नाम लेते ही जम्मु-कश्मीर की हसीन वादियों का दृष्य आखॊं के सामने थिरकने लगता है. ऊँची-नीची पहाडियाँ, पहाडियों के बीच इठलाती-बलखाती बहती झेलम, डल झील, डल झील में तैरती नौकाएँ-सैलानी, देवदार तथा चिनार के छतनार पेड, गुलमर्ग, सोनमर्ग,पहलगाम, सोनमर्ग, पत्निटाप, और अमरनाथ और भी न जाने कितने ही सुहावने मंजरों की याद ताजा हो आती है. कश्मीर के स्वादिष्ट अखरोट की याद आते ही मुँह में रसप्लावित होने लगता है. फ़िर पश्मिना-शाल शरीर को गर्माने लगती है. क्या नहीं है इस जन्नत सी वादियों में ? धरती पर यदि कहीं स्वर्ग है तो यहीं पर है-यहीं पर है. दुर्भाग्यशाली हैं वे लोग जो इस धरती पर पसरे स्वर्ग के दर्शनलाभ नहीं उठा पाए.

कहते हैं कि कश्यप ॠषि के नाम पर “कश्मीर” का नाम संस्करण हुआ. प्रख्यात कवि राजतरंगिनी ( 1148-1150 ई) में इस बात को उल्लेखित किया है. इसी धरती पर उगा एक छतनार पेड है, जो अपनी शीतल छाँव और सुगन्धित फ़ूलों के लिए हर घर की शान और पहचान बना हुआ है, जिसका नाम “चिनार’ है, इसका वैज्ञानिक नाम पापुलस (POPULUS) है, आज संकट के दौर से गुजर रहा है. आतंकवादियों से निपटने के लिए इस पेड की अंधाधुंद कटाई की जा रही है. सन 1989 से अब तक तीस हजार पेड बेरहमी से काट डाले गए. करीब बारह हजार से ज्यादा पेड सूख गए. देखते ही देखते सारा दृष्य बदल गया और आज स्वर्ग सी इस वसुन्धरा की वादियों में बारुद की गंध भर चुकी है और इसकी धरती गोलियों की गडगडाहट से जब तब कांप-कांप उठती है.

इसी कश्मीर की हसीन वादियों में जन्में श्री दीपक बुदकी (आई.पी.एस.) सेवानिवृत्त, मेम्बर पोस्टल सर्विसिज बोर्ड, नई दिल्ली ) का कहानी संग्रह “चिनार के पंजे “सन 2005 में उर्दू में प्रकाशित हुआ जिसे चन्द्रमुखी प्रकाशन, नई दिल्ली ने सन 2011 में हिन्दी में प्रकाशित किया. आपके अब तक “अधूरे चेहरे” उर्दू तथा हिन्दी में क्रमशः 1999 तथा 2005, चिनार के पंजे( 2005-2011) , जेबरा क्रासिंग पर खडा आदमी (2007), उर्दू आलोचना “असरी तहरीरें(2006) तथा असरी श’अर (2008) में प्रकाशित हुए . आपने कश्मीर समस्या का उद्भव एवं अनुच्छॆद 370-एन.डी.सी. को प्रस्तुत किया गया शोध-प्रबन्ध प्रकाशित हो चुका है. आपको अनेकानेक संस्थाओं ने सम्मानीत-पुरस्कृत किया है.

आपका एक कहानी संग्रह “अधूरे चेहरे” बाबद समीक्षा आलेख लिखने के लिए मुझे. श्री कृष्णकुमार यादवजी, तत्कालीन डायरेक्टर पोस्टल सर्विसेस कानपुर के सौजन्य से यह प्राप्त हुआ. इसी क्रम में आपका दूसरा कहानी संग्रह “चिनार के पंजे” भी मुझे श्री कृष्णकुमार यादवजी के मार्फ़त ही प्राप्त हुआ, जो वर्तमान में अलाहबाद में पदस्थ हैं. चिनार के पंजे में उन्नीस कहानियाँ हैं, जिसमें कश्मीर के वर्तमान हालातों पर लिखी गईं कहानियाँ – मुखबिर, एक निहत्थे मकान का रेप, चिनार के पंजे, व्यूग, सफ़ेद क्रास, टक शाप, वफ़ादार कुत्ता तथा विभिन्न परिवेशों पर लिखी गई अन्य कहानियों का अनूठा संग्रह है.

अम्मा कहानी एक बेबस-बेसहारा महिला के इर्दगिर्द घूमती कहानी है जो अपने उदर-पोषण के लिए शराब बेचती है.. मुखबिर कहानी में एक ऎसे दंपत्ति “नीलकण्ठ और अरुंधती ”की करुण दास्तां है, जिसका लडका वीरु अमेरिका में बस गया है. वह अपने माता-पिता से बार-बार आग्रह करता है कि वे उसके पास आ जाए. लेकिन मातृभूमि के प्रेम के मोहपाश में जकडॆ युगल जाने का मन नहीं बना पाते. आतंकवादियों ने उनके मकान को चिन्हित कर दिया है ताकि उनका सफ़ाया किया जा सके. निशान देखकर अरणी घबरा उठती है और आशंका-कुशंका के चलते घास के तिनके तो तोडकर और उस पर थूककर फ़डकती आँख पर चिपका लेती है. लेखक ने यहाँ एक टोटके को प्रयुक्त किया है जो अक्सर. अनिष्ट को टालने के लिए सामान्यतया कई जगह प्रयोग में लाया जाता है. आखिरकार यह केवल मन को समझाने का आसान तरीका भर होता है. आखिर वही होता है जिसकी आशंका मन को मथे डाल रही थी. एक रात आतंकियों ने उन दोनो को भून डाला. कहानीकार ने इस युगल को पहले ही मृत घोषित कर दिया. मेरे मतानुसार उनके जिंदा रहते हुए आतंकी उन्हें घेरते और फ़िर फ़ायरिंग करते, इस दृश्य़ को और पुरजोर तरीके से लिखा जा सकता था. खैर. अखबारों में खबर प्रकाशित होती है-“हब्बाकदल में मुजाहिदियों ने नीलकण्ठ और अरुंधति नाम के दो मुखबीरों को हलाक कर दिया. उन पर संदेह था कि वे फ़ौज की गुप्तचर एजेंसी के लिए काम कर रहे थे” कहानी कमजोरी के बावजूद भी असरकारक बनी है. मोची पिपला” कहानी में खैरातीलाल चमढेवाली की कहानी है, जो गरीबी से ऊपर उठते हुए अमीर फ़िर एक प्रभावशाली नेता बन जाता है. उसकी लडकी पारो उर्फ़ पार्वती अपने सजातीय लडके से प्यार करती है. शादी भी तय होजाती है, लेकिन नेता बने खैरातीलाल को उस लडके से नफ़रत हो जाती है और वह कई जुल्म ढाता हुआ उसके घर को आग के हवाले कर देता है. ”एक निहत्थे मकान का रेप” में आतंकियों के डर से मकानमालिक घर के कुंदे में ताला डालकर भाग निकलता है. देखते ही देखते आसपास-पडौस के लोग खिडकी, दरवाजे निकाल कर ले जाते है. बाद में उसमें आग लगा दी जाती है. ताला वहीं जमीन में दब जाता है. क्रिकेट खेलते बच्चे जब अपना स्टंप गाडने की कोशिश करते हैं, तो वह धंस नहीं पाता. हल्की खुदाई के बाद सोने जैसी चमक दीखती है. अतं में पता चलता है कि वह चमकदार वस्तु ताला है. इस कहानी में कश्मीरी शब्द “अडस” को प्रयोग में लाया है, जिसका अर्थ बराबर का हिस्सेदार होना बतलाया गया है. मांगे का उजाला” एक मिलिट्री आफ़िसर की पत्नि को अस्पताल में बच्चा पैदा होता है. बच्चा बदलने की घटना घटती है. अस्पताल में कार्यरत नर्स मीनाक्षी उस अफ़सर के प्रति आसक्त होती है, उस नर्स की शादी तय हो जाती है, बावजूद इसके वह उस अफ़सर से अपने लिए एक बच्चा चाहती है. अपने प्रयास में वह सफ़ल होती है और बच्चे को अपनी माँ को सौंपकर विदेश अपने पति के पास चली जाती है. चिनार के पंजे” कहानी में चिनार के पत्ते के माध्यम से कहानीकार ने कश्मीर के परिवेश को, उसके दर्द को, उसकी पीडा को अभिव्यक्ति दी है. “उम्मीद जिन्दगी की अफ़ीम है”,” जो एक बार अपनी मिट्टी से उखड जाता है, दुबारा जड नहीं पकडता. मुसिबतों को सहने के लिए साहस ही पर्याप्त नहीं होता, शक्ति और साधन भी तो होने चाहिए”, “आशाएं जिन्दा है, वे भी जिन्दा रहने के लिए नए-नए रस्ते ढूंढ लेंगे”, “फ़िर रह जाते हैं फ़ासिल, जो जीवाश्म और पुरावशेष........नस्लों को घसीटते हुए चले जा रहे हैं”, “आखिर कब तक हम यूं ही अपने आप से डरते, भागते और छिपते फ़िरेंगे?” जैसे शब्दावलियाँ इस कहानी को जीवन्त और धारदार बनाती है. कहानी व्यूग- व्यूग एक कश्मीरी शब्द है, जिसका अर्थ है “रंगोली” बेलबुटे के लिए “क्रूल ”शब्द है जिसका प्रयोग कहानीकार ने किया है. यह सराहनीय प्रयोग है. इससे नए शब्दों से परिचय होता है और पाठक की शब्द संपदा बढती है. “प्रेम में कायरों के लिए कोई स्थान नहीं होता, मगर हम दोनो ही डरपोक थे” ,ईश्वर ने मूसा को कोहेतूर पर अपने दर्शन दिए थे”,जैसे वाक्य इस कहानी को धार देते लगते हैं. कहानी सफ़ेद क्रास, टकशाप, वफ़ादार कुत्ता कहानियाँ कश्मीर की व्यथा-कथा, आतंकियों से दहशत पर लिखी गईं मार्मिक कहानियाँ हैं. कहानी मूक-अमूक, प्रतिवाद और आओ कुछ और लिखें भी अच्छी कहानियाँ बन पडी हैं.

कहानीकार ने अपनी कहानियों के माध्यम से कश्मीर के लोगों की रोजमर्रा की कशमकश, उसमें बिंधी इच्छाएँ, शंकाएँ-कुशंकाएँ, विस्मृतियाँ, विडम्बनाएँ, आतंक, दमन, उत्पीडन, भूख और मृत्यु के बीच जीवन जीने की लालसाओं को गुंफ़ित किया है, और अप्रत्यक्षरुप से यह प्रश्न उठाया है कि जो कुछ भी हमारे चारों ओर निर्लज्जतापूर्वक जो नंगा नाच हो रहा है, क्या उसकी कोई सीमा भी है अथवा नहीं, या यह निरन्तर चलता ही रहेगा? इन मार्मिक दृष्यों से गुजरते हुए मुझे नागार्जुनजी याद आते हैं. इन्ही वेदनाओं से आक्रान्त होकर शायद उन्होंने लिखा था;-

एक- एक पग बिंधा हुआ है दिशा शूल से, डर लगता है बलिवेदी के लाल फ़ूल से* क्रियाहीन चिन्तन का यह कैसा चमत्कार है, दस प्रतिशत आलोक और बस अन्धकार है..

कहानी संग्रह “चिनार के पंजे” की सारी कहानियाँ, कहानीकार के आत्म का पारदर्शी प्रतिरुप है. छल-छद्म और दिखावेपन के बुनावटॊं से दूर, लाभ-लोभ वाली आज की खुदगर्ज दुनियाँ में एक सरल-सहज-निर्मल प्रस्तुति के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ-बधाइयाँ, इस आशा के साथ कि आने वाले समय में उनके नए संग्रह से परिचित होने का सुअवसर प्राप्त होगा.

 

प्रस्तुति -

गोवर्धन यादव

103, कावेरीनगर,छिन्दवाडा(म.प्र.) 480001

(सेवानिवृत्त पोस्ट्मास्टर(H.S.G.1)

संयोजक राष्ट्रभाषा प्रचार समिति

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर

---प्रायोजक---

---***---

---प्रायोजक---

---***---

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1$height=75

---प्रायोजक---

---***---

|कथा-कहानी_$type=complex$meta=1$count=6$page=1$va=1$au=0$com=0$src=random$rm=1

---प्रायोजक---

---***---

|हास्य-व्यंग्य_$type=complex$count=6$src=random$page=1$va=1$au=0

---प्रायोजक---

---***---

|काव्य-जगत_$type=complex$au=0$count=6$page=1$com=0$va=1$src=random

---प्रायोजक---

---***---

|उपन्यास_$type=list$au=0$count=6$page=1$com=0$va=1$src=random$height=85

---प्रायोजक---

---***---

|लोककथा_$type=complex$au=0$count=6$page=1$com=0$va=1$src=random

|संस्मरण_$type=list$au=0$count=6$page=1$va=1$com=0$s=200$src=random$height=85

---प्रायोजक---

---***---

|लघुकथा_$type=complex$count=6$page=1$va=1$au=0$com=0$src=random

---प्रायोजक---

---***---

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच कर पढ़ें : ~

|* कहानी * |

| * उपन्यास *|

| * हास्य-व्यंग्य * |

| * कविता  *|

| * आलेख * |

| * लोककथा * |

| * लघुकथा * |

| * ग़ज़ल  *|

| * संस्मरण * |

| * साहित्य समाचार * |

| * कला जगत  *|

| * पाक कला * |

| * हास-परिहास * |

| * नाटक * |

| * बाल कथा * |

| * विज्ञान कथा * |

* समीक्षा * |

---***---



---प्रायोजक---

---***---

|आपके लिए विशेष चयनित-_$type=complex$count=10$src=random$page=1$va=0$au=0

प्रायोजक

----****----

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3993,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,338,ईबुक,193,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,110,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2966,कहानी,2228,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,529,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,94,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,339,बाल कलम,25,बाल दिवस,3,बालकथा,62,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,10,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,26,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,240,लघुकथा,1215,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,326,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1995,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,700,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,782,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,15,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,75,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,196,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,75,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: पुस्तक समीक्षा – चिनार के पंजे
पुस्तक समीक्षा – चिनार के पंजे
http://lh4.ggpht.com/-tQdtBUjYYGo/U095pAQAx7I/AAAAAAAAX_8/-XtCifb9_R4/clip_image002_thumb.jpg?imgmax=800
http://lh4.ggpht.com/-tQdtBUjYYGo/U095pAQAx7I/AAAAAAAAX_8/-XtCifb9_R4/s72-c/clip_image002_thumb.jpg?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2014/04/blog-post_17.html
https://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2014/04/blog-post_17.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ