---प्रायोजक---

---***---

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

असगर वजाहत की लघुकथा श्रृंखला - लड़कियाँ

साझा करें:

लड़कियां (1) श्यामा की जली हुई लाश जब उसके पिता के घर पहुंची तो बड़ी भीड़ लग गई। इतनी भीड़ तो उसकी शादी में विदाई के समय भी नहीं लगी थी। श...

लड़कियां

(1)

श्यामा की जली हुई लाश जब उसके पिता के घर पहुंची तो बड़ी भीड़ लग गई। इतनी भीड़ तो उसकी शादी में विदाई के समय भी नहीं लगी थी। श्यामा की बहनों की हालते अजीब थी क्योंकि वे कुंवारी थी। श्यामा की मां लगातार रोये जा रही थी। रिश्तेदार उसे दिलासा भी क्या देते। श्यामा के पिता जली हुई श्यामा को देख रहे थे। उनकी आंखों से आंसू बहे चले जा रहे थे। श्यामा का पति और देवर पास खड़े थे। श्यामा के पति ने श्यामा के पिताजी से कहा-‘‘पापा, आप रोते क्यों हैं...श्यामा को विदा करते समय आपने ही तो कहा था कि बेटी तुम्हारी डोली इस घर से जा रही है, अब तुम्हारी ससुराल से तुम्हारी अर्थी ही निकले।’’ देवर बोला-चाचा जी श्यामा ने आपकी इच्छा जल्दी ही पूरी कर दी।’’

श्यामा के ससुर जी बोले-‘‘बेकार समय न बर्बाद करो। अब यहां तमाशा न लगाओ। चलो जल्दी क्रिया करम कर दिया जाए।’’

(2)

श्यामा की जली हुई लाश थाने पहुंची तो वहां पहले से ही दो नवविवाहित लड़कियों की जली हुई लाशें रखी थीं। थाने में शान्ति थी। पीपल के पत्ते हवा में खड़खड़ा रहे थे और जीप का इंजन लम्बी-लम्बी सांसें ले रहा था। दरोगा जी को खबर की गई तो वे पूजा इत्यादि करके बाहर निकले और श्यामा की जली लाश को देख कर बोले-‘‘यार ये लोग एक दिन में एक ही लड़की को जला कर मारा करें। एक दिन में तीन-तीन लड़कियों की जली लाशें आती हैं। कानूनी कार्यवाही भी ठीक से नहीं हो पाती।’’

सिपाही बोला-‘‘सरकार इससे तो अच्छा लोग हमारे गांव में करते हैं। लड़कियों को पैदा होते ही पानी में डूबो कर मार डालते हैं।’’ दरोगा बोले-‘‘ईश्वर सभी को सद्बुद्धि दे।’’

(3)

श्यामा की लाश अदालत पहुंची। जब सबके बयान हो गए तो श्यामा की जली लाश उठकर खड़ी हो गई और बोली-‘‘जज साहब, मेरा बयान दर्ज किया जाए।’’

श्यामा के पति का वकील बोला-‘‘मीलार्ड, ये हो ही नहीं सकता। जली हुई लड़की बयान कैसे दे सकती है!’’

पेशकार बोला -‘‘सरकार यह तो गैर कानूनी होगा।’’

क्लर्क बोला -‘‘हजूर, ऐसा होने लगा तो कानून-व्यवस्था का क्या होगा’

श्यामा ने कहा -‘‘मेरा बयान दर्ज किया जाए।’’

अदालत ने कहा -‘‘अदालत तुम्हारा बयान दर्ज नहीं कर सकती क्योंकि तुम जल कर मर चुकी हो।’’

श्यामा ने कहा -‘‘दूसरी लड़कियां तो जिंदा हैं।’’

अदालत ने कहा -‘‘ये तुम लड़कियों की बात कहां से निकल बैठी।’’

(4)

श्यामा की जली लाश जब अखबार के दफ्तर पहुंची तो नाइट शिफ्ट का एक सबएडीटर मेज पर सिर रखे सो रहा था। श्यामा ने उसका कन्धा पकड़ कर जगाया तो वह आंखें मलता हुआ उठकर बैठ गया। उसने श्यामा की तरफ देखा और उसे ‘आपका अपना शहर’ पन्ने के कोने में डाल दिया।

श्यामा ने कहा-‘‘अभी तीन साल पहले ही मेरी शादी हुई थी। मेरे पिता ने पूरा दहेज दिया था। लेकिन लालची ससुराल वालों ने मुझे दहेज के लालच और अपने लड़के की दूसरी शादी के लालच में मुझे जला कर मार डाला।’’

सब-एडीटर बोला-जानता हूं जानता हूं वही लिखा है...हम अख्बार वाले सब जानते हैं।’’

‘‘तो तुम मुझे पहले पन्ने पर क्यों नहीं डालते।’’श्यामा ने कहा। सब-एडीटर बोला-‘‘मैं तो बहुत चाहता हूं। तुम ही देख लो। पहले पन्ने पर जगह कहां है। लीड न्यूज लगी है, देश ने सौ अरब रुपये के हथियार खरीदे हैं। सेकेंड लीड है मंत्रिमंडल ने चांद पर राकेट भेजने का निर्णय लिया है। आठ आतंकवादी मारे गिराये गए हैं। और सुपर डुपर हुपर स्टार को हॉलीवुड की फिल्म में काम मिल गया है। बाकी पेज पर ‘फिटमफिट अंडरवियर’है।

‘‘कहीं कोने में मुझे भी लगा दो।’’श्यामा बोली।

‘‘लगा देता...पर नौकरी चली जाएगी।’’

(5)

श्यामा की जली लाश जब प्रधानमंत्री सचिवालय पहुंची तो हड़कम्प मच गया। सचिव-वचिव उठ-उठाकर भागने लगे। संतरी पहरेदार डर गए। उन्हें श्यामा की शक्ल अपनी लड़कियों से मिलती-जुलती लगी। इतने में विशेष सुरक्षा दस्ते वाले, छापामार युद्ध में दक्ष कमांडो आ गए और श्यामा की तरफ बन्दूकें, संगीनें तान कर खड़े हो गए।

पुलिस अधिकारी ने कहा-‘‘एक कदम भी आगे बढ़ाया तो गोलियों से छलनी कर दी जाओगी।’’

‘‘मैं प्रधानमंत्री से मिलना चाहती हूं।’’

‘‘प्रधानमंत्री क्या करेंगे...यह पुलिस केस है।’’

‘‘पुलिस क्या करेगी’

‘‘अदालत में मामला ले जाएगी।’’

‘‘अदालत क्या करेगी...वही जो मुझसे पहले जलाई गई लड़कियों के हत्यारों के साथ किया है...मैं तो प्रधानमंत्री से मिलकर रहूंगी।’’ श्यामा की जली लाश आगे बढ़ी।

और अधिक हड़कम्प मच गया। उच्चस्तरीय सचिवों की बैठक बुला ली गई और तय पाया कि श्यामा को प्रधानमंत्री के सामने पेश करने से पहलेगृहमंत्री, विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, समाज कल्याण मंत्री आदि को बुला लिया जाए। नहीं तो न जाने श्यामा प्रधानमंत्री से क्या पूछ ले कि जिसका उत्तर उनके पास न हो।

(6)

श्यामा की जली लाश जब बाजार से गुजर रही थी तो लोग अफसोस कर रहे थे।

‘‘यार बेचारी को जला कर मार डाला।’’

‘‘क्या करें यार...ये तो रोज का खेल हो गया है।’’

‘‘पर यार इस तरह...नब्बे परसेंट जली है।’’

‘‘अरे यार, इसके पापा को चाहिए था कि मारुति दे ही देता।’’

‘‘कहां से लाता--उसके पास तो स्कूटर भी नहीं है।’’

‘‘तो फिर लड़की पैदा ही क्यों की’’

‘‘इससे अच्छा था, एक मारुति पैदा कर देता।’’

(7)

श्यामा की जली लाश जब अपने स्कूल पहुंची तो लड़कियों ने उसे घेर लिया। न श्यामा कुछ बोली, न लड़कियां कुछ बोलीं। न श्यामा कुछ बोली, न लड़कियां कुछ बोलीं। न श्यामा कुछ बोली, न लड़कियां कुछ बोलीं। खामोशी बोलती रही

कुछ देर के बाद एक टीचर ने कहा-‘‘आठवीं में कितने अच्छे नम्बर आए थे इसके।’’

दूसरी टीचर ने कहा-‘‘दसवीं में इसके नम्बर अच्छे थे।’’

तीसरी ने कहा -आगे पढ़ती तो अच्छा कैरियर बनता।’’

श्यामा की लाश होंठों पर उंगलियां रख कर बोली-‘‘शी...शी...आदमी भी सुन रहे हैं।’’

(8)

श्यामा की जली लाश उन पंडित जी के घर पहुंची जिन्होंने उसके फेरे लगवाये थे पंडित जी श्यामा को पहचान गए। श्यामा ने कहा-‘‘पंडित जी, मुझे फिर से फेरे लगवा दो।’’

पंडित जी बोले-‘‘बेटी, अब तुम जल चुकी हो। तुमसे अब कौन शादी करेगा’

श्यामा बोली -‘‘पंडित जी, शादी वाले नहीं, उल्टे फेरे लगवा दो।’’

पंडित जी बोले-‘‘बेटी, तुम चाहती क्या हो’

श्यामा बोली- ‘‘तलाक।’’

पंडित जी ने कहा-‘‘अरे अब तुम जल चुकी हो। तुम्हें क्या फर्क पड़ेगा तलाक से।’’

श्यामा बोली -‘‘हां, आप ठीक कहते हैं उल्टे फेरों से न मुझ पर अन्तर पड़ेगा...न आप पर अन्तर पड़ेगा...न मेरे पति पर फर्क पड़ेगा...पर जिनके सीधे फेरे लगने वाले हैं उन पर अन्तर पड़ेगा।’’

(9)

श्यामा की जली लाश भगवान के घर पहुंची तो भगवान सृष्टि को चलाने का कठिन काम बड़ी सरलता से कर रहे थे। श्यामा ने भगवान से पूछा-‘‘सृष्टि के निर्माता आप ही हैं’भगवान छाती ठोक कर बोले-‘‘हां, मैं ही हूं।’’

‘‘संसार के सारे काम आपकी इच्छा से होते है।’’

‘‘हां मेरी इच्छा से होते हैं।’’

‘‘मुझे आपकी इच्छा से ही जला कर मार डाला गया था।’’

‘‘हां, तुम्हें मेरी इच्छा से जला कर मार डाला गया था।’’

‘‘मेरे पति के लिए आपने ऐसी इच्छा क्यों नहीं की थी’

‘‘पति परमेश्वर होते हैं। वे जलते नहीं, केवल जलाते हैं।’’

(10)

श्यामा की जली लाश मानव अधिकार समिति वाले के पास पहुंची तो वे सब उठकर खड़े हो गए। उन्होंने कहा-यह जघन्य अपराध है। हमने इस तरह के बीस हजार मामलों का पता लगा कर मुकद्दमें दायर कराए हैं। लेकिन आम तौर पर अपराधी बच निकलते हैं। लोगों में लोभ और लालच बहुत बढ़ गया है। धन के लिए वे कुछ भी कर सकते हैं। ये सब जानते हैं।’’

श्यामा बोली-‘‘इसलिए मैं खामोश हूं।’’

सदस्यों ने कहा-‘‘बोलो, श्यामा बोलो...जब तक तुम नहीं बोलोगी, हमारी आवाज कोई नहीं सुनेगा।’’

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर: 1
  1. कई श्यामाओं की अधजली लाशें सभी धर्मस्थलों,अस्पतालों,समाज के ठेकेदारों की चौखटों पर प्रतिदिन हाजरी दें रही हैं.लगता है सब अंधे बहरे गूँगे विवेकशून्य हो गये हैं.

    जवाब देंहटाएं
रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

---प्रायोजक---

---***---

---प्रायोजक---

---***---

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1$h=100

प्रायोजक

--***--

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच कर पढ़ें : ~

|* कहानी * |

| * उपन्यास *|

| * हास्य-व्यंग्य * |

| * कविता  *|

| * आलेख * |

| * लोककथा * |

| * लघुकथा * |

| * ग़ज़ल  *|

| * संस्मरण * |

| * साहित्य समाचार * |

| * कला जगत  *|

| * पाक कला * |

| * हास-परिहास * |

| * नाटक * |

| * बाल कथा * |

| * विज्ञान कथा * |

* समीक्षा * |

---***---



---प्रायोजक---

---***---

|आपको ये रचनाएँ भी पसंद आएंगी-_$type=three$count=6$src=random$page=1$va=0$au=0$h=110$d=0

प्रायोजक

----****----

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4040,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,338,ईबुक,193,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,112,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3005,कहानी,2255,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,541,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,96,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,345,बाल कलम,25,बाल दिवस,4,बालकथा,67,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,16,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,28,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,242,लघुकथा,1249,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,326,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2005,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,709,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,794,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,17,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,84,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,205,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,77,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: असगर वजाहत की लघुकथा श्रृंखला - लड़कियाँ
असगर वजाहत की लघुकथा श्रृंखला - लड़कियाँ
http://lh6.ggpht.com/-R3wdrNlh2B4/U1tOE-wD1FI/AAAAAAAAYHw/x0Mxp-7qk2k/asghar%252520wajahat_thumb.jpg?imgmax=800
http://lh6.ggpht.com/-R3wdrNlh2B4/U1tOE-wD1FI/AAAAAAAAYHw/x0Mxp-7qk2k/s72-c/asghar%252520wajahat_thumb.jpg?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2014/04/blog-post_6159.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2014/04/blog-post_6159.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ