---प्रायोजक---

---***---

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका संपर्क : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी यहाँ [लिंक] देखें.

गोवर्धन यादव का आलेख - लोकगीत : एक मीमांसा

साझा करें:

लोकगीत --------------------एक मीमांसा लोकगीत वस्तुतः एक शब्द है,लेकिन अपने में दो भावों को समेटे हुए है, लोक और गीत. दोनो एक दूसरे में सं...

लोकगीत

--------------------एक मीमांसा

लोकगीत वस्तुतः एक शब्द है,लेकिन अपने में दो भावों को समेटे हुए है, लोक और गीत. दोनो एक दूसरे में संश्लिष्ट....एक दूसरे में संपूरक. लोकगीत पर चर्चा करने से पहले हम लोक और गीत पर भी संक्षिप्त में चर्चा करते चलें, तो उत्तम होगा.

लोक शब्द संस्कृत के “लोकधर्ने” धातु में ‘घञ्’ प्रत्यय लगाकर बना है, जिसका अर्थ है-देखने वाला. साधारण जन के अर्थ में इस शब्द का प्रयोग ऋग्वेद में अनेक स्थानों पर हुआ है.

डा. हजारीप्रसाद द्विवेदीजी ने “लोक” शब्द का अर्थ जनपद या ग्राम से न लेकर नगरों व गांव में फ़ैली उस समूची जनता से लिया है परिष्कृत रुचिसंपन्न तथा सुसंस्कृत समझे जाने वाले लोगों की अपेक्षा अधिक सरल और अकृत्रिम जीवन की अभ्यस्त होती है.

डा. वासुदेवशरण अग्रवाल के शब्दों में “लोक हमारे जीवन का महासमुद्र है, जिसमें भूत, भविष्य और वर्तमान संचित है. आर्वाचीन मानव के लिए लोक सर्वोच्च प्रजापति है.

उपरोक्त कथन के अनुसार लोक विश्वव्यापी है. इसे छॊटा करके नही देखा जा सकता. तभी तो हमारे यहाँ लोकरंग, लोकजीवन, लोकप्रसंग, लोकसंस्कृति,, लोककला, लोककथा, लोकगाथा, लोकगीत, लोकधारणा, लोकसाहित्य, लोकतत्व, लोकसाहित्य, लोकजागरण, लोकरा,,लोकराग, लोकमूल्य, लोकचित्र, लोकावस्था, लोककथाएं, लोकचित्त, लोकनाटक,लोकसमुदाय,आदि विस्तार लेते हुए दिखाई देता है.

डॉ० कुंजबिहारी दास ने लोकगीतों की परिभाषा देते हुए कहा है, ‘‘लोकसंगीत उन लोगों के जीवन की अनायास प्रवाहात्मक अभिव्यक्ति है, जो सुसंस्कृत तथा सुसभ्य प्रभावों से बाहर कम या अधिक आदिम अवस्था में निवास करते हैं। यह साहित्य प्रायः मौखिक होता है और परम्परागत रूप से चला आ रहा है।’’

“युगतेवर” पत्रिका के संपादक श्री कमलनयन पांडॆय लोकगीत विधा को लेकर कहते हैं—“लोकगीत” मानवीय वृत्तियों का अक्षय भंडार है. लोक संस्कृति का अमरकोष है. चरणबद्ध मानव-विकास का सजग साक्षी है. सामूहिकता का सहज गान है. करुणा का लहलहाता महासागर है. मानवीय-संवेगों का दस्तावेज है. इतिहासवेत्ता मानव-विकास की कहानी के किसी कोने को दर्ज करने से चूक सकता है, पर “लोक” की पारखी नजर से कुछ भी नहीं चूकता. इसीलिए मेरा मानना है कि परम्परा की पडताल का सबसे बडा धरातल हमारे “लोकगीत” हैं, जिसमें हर कालखण्ड, हर भूखण्ड के मानव-समुदाय की सांस-सांस टांकी गई है. रेशा-रेशा उपस्थित है. मन के कोने-अंतरे के भाव-प्रभाव दर्ज हैं. सचेत इतिहासवेत्ताओं का मानना है कि इतिहास का यथार्थ लेखन सिर्फ़ गजेटियरों और रियासतों के दस्तावेजों को आधार मानकर नहीं लिखा जा सकता. यथार्थ इतिहास के लिए हमें लोक-सृजन की विविध विधाओं को भी आधार बनाना पडॆगा.

उपरोक्त विद्वानों के मतों के आधार पर कहा जा सकता है “लोकगीत” लोक के गीत हैं,जिन्हें कोई एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरा लोक समाज अपनाता है. सामान्यतः लोक में प्रचलित, लोक द्वारा रचित एवं लोक के लिए लिखे गए गीतों कॊ लोकगीत कहा जा सकता है. लोकगीतों का रचनाकार अपने व्यक्तित्व को लोक को समर्पित कर देता है. इनमें शास्त्रीय नियमों की विशेष परवाह न करके सामान्य लोकव्यवहार के उपयोग में लाने के लिए मानव अपने आनन्द की तरंग में जो छन्दोबद्ध वाणी सहज उद्भूत करता है, वही लोकगीत है.

लोकगीत को तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभक्त किया जा सकता है- लोक में प्रचलित गीत(२) लोक-रचित गीत-(३) लोक-विषयक गीत. यहाँ यह बात स्मरण में जरुर रखी जानी चाहिए कि लोकगीत भारत की सभी भाषाओं मे लिखे गए है. जिन्हें आज भी गाया जाता है. इनमे से कई लोकगीत या तो विस्मृत कर दिए गए, या फ़िर इस बदलते परिवेश में जिन्हें गाना, शान के विरुद्ध माना जाने लगा है और उन्हें तिरस्कृत किया जा रहा है जबकि इस अनमोल खजाने को संरक्षित करने की जरुरत है.. इन्हीं बातों को लेकर देवेन्द्र सत्यार्थी ने उन्नीस बरस की अवस्था में कालेज की पढाई को अधबीच में छॊडा और घर से निकल पडॆ.. इस घुम्मकड विद्वान ने गांवों की धूलभरी पगडंडियों पर भटकते हुए, धरती के भीतर से फ़ूटे किस्म-किस्म के रंगों और भाव-भूमियों के लोकगीतों को देखा,महसूस किया और उन्हें अपनी कापी में उतार लिया. जब भी उन्हें कोई अच्छा सा लोकगीत सुनने को मिलता,लेकिन उसका अर्थ समझ में नहीं आता, या फ़िर भाषा की कठिनाई महसूस करते तो पूछ-पूछ कर उसका अर्थ भी लिख लिया करते थे. इस तरह उन्होंने काल-कवलित होते लोकगीतों का संरक्षण किया. जब भी लोकगीतों की बात होगी, इस महामना को विस्मृत नहीं किया जा सकता, क्योंकि वे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने लोकगीतों के संरक्षण के लिए पहला कदम बढाया था.

कजरी, सोहर, चैती संस्कारगीत, पर्वगीत,ऋतुगीत, आदि लोकगीतों की प्रसिद्ध शैलियाँ मानी गई है. इनके अलावा संस्कार गीत= (बालक-बालिका के जन्मोत्सव, मुण्डन,जनेऊ, विवाह आदि अवसरों पर गाए जाने वाले गीत)गाथागीत- (विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित विविध लोकगाथाओं पर आधारित गीत. इसमें आल्हा, ठोला, भरथरी, नरसी भगत, घन्नैया को शामिल किया जा सकता है)

पर्वतीत=(राज्य के विशेष पर्वों एवं त्योहारों पर गाए जाने वाले गीत) को भी शामिल किया जा सकता है.ऋतुगीत=(कजरी, बारहमासा, चैता,हिंडोला आदि)

.कजरी= हमारे यहाँ वर्षा ऋतु का अपना विशिष्ट स्थान है. आषाढ से लेकर भादों तक प्रकृति के लहराते हरित अंचल की छटा एक ओर हमें मंत्रमुग्ध कर देती है, वहीं दूसरी ओर हमारे अंतर्मन में एक संगीतमय दुदगुदी पैदा कर एक सुखद व्यथा को भी उत्पन्न करती है और यही सुखद पीडा जन्म देती है संगीत को. वर्षा की रिमझिम फ़ुहारों के साथ कजरी के बोल सर्वत्र गूँज उठते हैं माटी की सोंधी सुगंध के साथ. झूले पर पेंगें मारती यौवनाएं हो या घर की गृहनियां हर किसी के अंतर्मन से कजरी के बोल फ़ूट पडते हैं. बूढा हो या फ़िर जवान हर कोई कजरी की लय अमें खोकर रह जाता है.होंठ थिरक उठते है और बोल स्वतः फ़ूट पडते हैं- कइसे खेले जयबू सावन में कजरिया, बदरिया घिरी आईस सजनी

वर्तमान हिन्दीभाषी क्षेत्र प्राचीन भारत का “मध्य देश” है इस क्षेत्र में बोली जाने वाली बोलियों को भाषा वैज्ञानिकों ने चार भागों में विभक्त किया है.”पश्चिमी हिन्दी” जिसके अंतरगत खडी बोली,ब्रज,कन्नौजी, राजस्थानी तथा बुंदेलखडी भाषाएं आती है. अवधी, बघेली, तथा छत्तीसगढी मध्य की भाषाएं हैं और इसके पूर्व में बिहारी भाषा समुदाय की भोजपुरी, मैथिली,तथा मगही है. उत्तर में कुमाऊँनी,भाषा है जो नैनीताल, अल्मोडा,टेहरी-गढवाल, पिथौरागढ,चमौली,तथा उत्तर काशी में बोली जाती है. बोलियों में भी अनेक उपबोलियां हैं,जिनमें लोकगीत गाए जाते हैं.

लोकगीत चाहे जहाँ के हों वे प्राचीन परम्पराओं, रीतिरिवाजों एवं धार्मिक तथा सामाजिक जीवन को अपने में समेटे हुए हैं.इनमें भाषा अथवा बोली की अनेकताएं भले ही हों पर भावों की एकता एवं उसे व्यक्त करने तथा पात्रों का चयन लगभग एक जैसा ही होता है.

डोगरी लोकगीत= चन्न म्हाडा चढेया ते बैरिया दे ओहले बैर पटाओ म्हाडा चन्न मुहा बोले मिलना जरुर मेरी जान ( मेरा चांद बेर के दराख्त की ओट में चढा है. दरख्त कटवा दो ताकि मेरा चांद मुंह से बोल सके.मेरी जान मिलना तो जरुर है)

पंजाबी लोकगीत=निक्की निक्की बूँदी निक्कियाँ मीं वे वरें वे वीरा नदियाँ किनारे घोडी घारु चरे वे वीरा दादी सुहागण बूहे ढोल धरे वे वीरा भूआ सुहागण सोहणें नाऊ धरे(दूल्हे का घोडी पर सवार होकर विवाह रचाने जाते समय गाया जाता है)

कश्मीर=आव बहार वलो बुलबुलो/सोन वलो बरवों शादी/द्राव कठकोश ग्रोअज पान छलो/जरा छलनय वन्दकिय दादी/बुजू न्येन्द्रि बुनि छासुलो(वसंतकालीन पर्व पर गाए जाने वाला लोकगीत)

(२) पोशपोजाये वेल हे वोत/कर्मपम्पोश सोन लबिमन्ज आवा/स्वर्गच पूजाये वेल है वोत( वर्षागीत)

ब्रज लोकगीत= भतइया आयौ आंगन में बैठॊ दिल खोल/हुहर लायो अशरफ़ी लायौ रुपया लायौ भौत/सास हमारी यों उठ बोली देखौ थैलीखोल/ खोटे तौ नाय ओहो रे नकली तो नाय...(आंगन में )हरवा लायो निकलस लायो, चूडी लायौ मोल/जिठनी हमारी यों उठ बोली, देखो डिब्बा खोल/नकली तो नांय फो रे,पालिश तो नांय(आंगन में)

भीलों का भारथ=ए गाडु सोरीन ऊपो रयो (२)/गाडु सोरीन ऊपो रयो हो....रा....झी/गुरु भेंमा रे पांडवन साआआर नोखें(२)/ए सारनो पूळो रे नोखवा लागा हो....रा...झी

हरियाणा=नाच-नाच मेरा दामण पाट्या/ हे री ताई तूं के और सिमा देगी/मैं तेरे घर नाचण आई

मराठी(राम जन्म का प्रसंग)=सात समिंद्राचं पानी/दसरथाच्या रांजनी/रामराय झाले तान्हे/कौसल्या बाळंतिनी

(२) सीता स्वयंबर का प्रसंग=शिवाच धनुष्य/सीतेनं केलं घोडं/रावणं आळा पुढं/देवाला पडलं कोड/रावनानं कोधंड/उचललं घाई घाई/रामाची सीता नार/याळा मिळायची नाही.

निमाडी लोकगीत =संजा बाई, संजा बाई सांझ हुई/जाओ संझा ! थारा घर जा/थारी माय मारेगी, कूटेगी, चांद गयो गुजरात/ हिरणी उगेगी,डुबेगी, हथनी का बडा-बडा दांत/थारी बईण डरेगी, कांपगी, कुतरा भुकड गली म S/ थारी माय दचदेगी, पटकेगी.(२) राखो राखो रे पाणी, बोलो असी वाणी/जे कामS मिसरी घुली,वाणी मिसरी वाली

बुदेली लोकगीत= गिर्री पे डॊरी डार मोरी गुंइयाँ/ डार नोरी गुइयां डराव मोरी गुइयां/गिर्री पे डोरी त्रबहिं नीकी लागै/सोनन के घडेलना होय मोरी गुइयां.(प्रसव बाद कुएं पर पानी भरने जाते समय गाए जाने वाला गीत)

मिथिला (नागपूजा के समय) =पुरैनिक पत्ता, झिलमिल लत्ता/नागदह नागदह पसरल पुरनि/जल उतपन मेल पांचो बहिन/पांचों बहिन पांचों कुमारि/छोट देवी विषहरि बड उतफ़ालि

छत्तीसगढी लोकगीत=देखो फ़ुलगे चंदैनी गोंदा फ़ुलगे/एखर रुप रंग हा जिव मां,मिसरी साही घुरगे/एक फ़ूल मय तुमला देथंव/बबा ददा औ भाई/नानुक बाबू नोनी दुलौरिन/बहिनी अउ मोर दाई/ तुंहर दरस ला पाके, हमर सबके भाग हा खुलगे.(२) लउडी के चक लउडी भइया, लउडी म बांधे फ़ुँदरवा/हम तो जाथंन गोवर्धन खुंदाय बर,माता-पिता के दुलरवा.

बस्तर का लोकगीत=देवी गंगा, देवी गंगा, लहर तुरंगा/ हमरों भोजली रानी के आठॊ अंग है (अहो देवी गंगा) पानी बिन बिजली, पवन बिन बारी/ सेवा बिन भोजली के हरषे हो रानी.

भोजपुरी=राति अँधियरिया, बाटी सूनि मोर सेजरिया/मोरे दिलवा में उठेला तूफ़ान/बोलैले सियार कुचकुचवा बहरवाँ/ रेउवाँ चिल्लात बाटॆं तालके किरनवाँ (२)धीरे बहा मोरी हे माता टँवसिया/लेइकै मोरी अँखियन के आँसू/जइसे मोरी माता फ़ुलवन के बहवावा/वैसे मोरे दिल के जलनिया मिटावा.

राजस्थान के लोकगीत=गाम गाम खेजडी नै गामेगाम गोगो/घोट पीवो अंतर छाल कालो हणे नी बोगो.

खेजडी=शमी वृक्ष/ घोट=पीसकर/कालो-सर्प/हणे=डसता है/बोगो=दो ओर मुंह वाला.

(२)समरुं माता शारदा, गवरी पुत्र गणेश/मणिधर फ़णिधर गरलधर पन्नगनाथ महेश/करुं प्रार्थना प्रेम थी, सफ़ल करो मुझ काज....(३) जय जयकार करई जोड/ऊभी मैदिनी ओळाओळ/करे परिकम्मा देवे धोक/चढे नालेर,लगावे भोग...(३) गौर ऎ गणगौर माता, खोल ऎ किवाडी/बाहर ठाडी, थारी,पूजन वारी..

मेवाती(राज)=बन्ना है बन्नी को बडो चाव/चल दियो सिखर दुपहरी में/बन्ना जूता लायो सईं साज/ मोजा लायो दुपहरी में/बन्ना है, बन्नी को बडॊ चाव

कन्नौज=सुमिर सरसुती जगदम्बा को,औ गनपति के चरन मनाई/धरती माता तुमको ध्यावों, कीरती, सबसे बडी तुम्हार/कीरति ध्यावों उन वीरन की, पलटै प्रबल काल की चाल/धारैं लौंटें तरवारनि की,उनके झुकैं न ऊँचे भाल/अरि पन्नग पर पन्नगारि जस, तूटैं परे पराये काज/ पानी राखैं जनमभूमि का, राखैं

जनम भूमि की लाज

डोगरी= नूं पुच्छदी ऎ सस्सू कोला/बाहर सपाई कीया रौहन्दे न/भंगा पुट्टे सथुरा पान्दे/सूंक सुट्टी सैई रौहन्दे न (बहू सास से पूछती है मां, बाहार सिपाही कैसे रहते हैं. सास कहती है, भांग के पौधे उखाडकार बिस्तर बिछाते हैं और निश्वास लेकार सो जाते हैं.)

आदिवासी चकमा समुदाय का गीत=छोरा छोरी बील हावा जोर/हादो पान खिलक हील हावो(नदी-नाले और ताल-तलाइये भर जाने से जैसे मछलियां खुशी से नाच उठती है.मेरी सजनी ! वैसे ही तेरे हाथों से पान खा कर मेरा दिल नाचने लगता है.)

ओडिया लोकगीत=रंज हेइचि कि सज करुच मो माआमाने/रुष बसिचि कि बोध करुच मो माआमाने/कानिपणतरे बांधि रखिल मो माआमाने/एबे सबु स्स्स्पेह पासोरि देय मो माआमाने(आज तो कोई उत्सव नहीं है कि तुम मेरा सिंगार्कर रही हो, न मैं रूठी हूँ कि तुम मुझे मना रही हो. मुझे आंचल में छिपाकार रखती थी, अब सारा प्यार भूल गई हो.( वर आने से पहले कन्या स्नान करते समय मां से कह रही है.)

अरुणाचल=(नृत्य करते समय गाए जाने वाला लोकगीत)=पचि दोव से अने दने दोह/दुगो दोह से अने दने दोह/पचि साव से अने दने दोह/दुगो दोह अने धने दोह

असम (मजदूर का गीत) कोट मारा जेमन तेमन/पाता तोला टान/हाय यदुराम/फ़ाकि दिया आनिलि आसाम/चाहेब बले काम काम/बाबू बैले धररे आन/चार्दार बले लिबे पिठेर चाम/रे निठुर श्याम/फ़ांकि दिया आनिलि आसाम

बिलासपुर=(छ.ग.) जइसन जेकर दाई ददा, तेकर तइसन लइका/जयसन जेकर घर कुरिया, तइसन जेकर घर कुरिया,/तयसन तेकर फ़इरका (कोरबा)=जेकर जसन दाई ददा, तेकर तसन लइका/जेकर जसन घर दुवार, तेकर तसन फ़इरका.(रायगढ)=जेकर जैसेन घर दुवार, तेकर तैसन फ़इरका/ जेकर जैसन दाई-ददा, तेकर तैसन लइका.

 

गोवर्धन यादव

103,कावेरीनगर,छिन्दवाडा(म.प्र.)

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर

---प्रायोजक---

---***---

---प्रायोजक---

---***---

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1$h=100

प्रायोजक

--***--

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधा/विषय पर क्लिक/टच कर पढ़ें : ~

|* कहानी * |

| * उपन्यास *|

| * हास्य-व्यंग्य * |

| * कविता  *|

| * आलेख * |

| * लोककथा * |

| * लघुकथा * |

| * ग़ज़ल  *|

| * संस्मरण * |

| * साहित्य समाचार * |

| * कला जगत  *|

| * पाक कला * |

| * हास-परिहास * |

| * नाटक * |

| * बाल कथा * |

| * विज्ञान कथा * |

* समीक्षा * |

---***---



---प्रायोजक---

---***---

|आपको ये रचनाएँ भी पसंद आएंगी-_$type=three$count=6$src=random$page=1$va=0$au=0$h=110$d=0

प्रायोजक

----****----

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4039,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,338,ईबुक,193,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,262,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,112,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2999,कहानी,2253,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,540,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,31,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,96,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,345,बाल कलम,25,बाल दिवस,4,बालकथा,67,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,16,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,28,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,242,लघुकथा,1248,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,326,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,68,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2005,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,707,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,793,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,17,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,83,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,204,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,77,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: गोवर्धन यादव का आलेख - लोकगीत : एक मीमांसा
गोवर्धन यादव का आलेख - लोकगीत : एक मीमांसा
http://lh6.ggpht.com/-hgOh6Yh1NXc/T-l7rRwrIeI/AAAAAAAAMrU/wM9HztlRh7U/clip_image002%25255B3%25255D.png?imgmax=200
http://lh6.ggpht.com/-hgOh6Yh1NXc/T-l7rRwrIeI/AAAAAAAAMrU/wM9HztlRh7U/s72-c/clip_image002%25255B3%25255D.png?imgmax=200
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2014/11/blog-post_13.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2014/11/blog-post_13.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय SEARCH सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ