सपना मांगलिक की कविताएँ

SHARE:

  मात्र देह नहीं औरत नहीं एक हाड मांस की पुतली उसमे भी है प्राण बसे वो भी है उस परमात्मा की रचना है सजीव वो भी जाने हंसना रोना क्यों स...

 

मात्र देह नहीं औरत

नहीं एक हाड मांस की पुतली

उसमे भी है प्राण बसे

वो भी है उस परमात्मा की रचना

है सजीव वो भी जाने हंसना रोना

क्यों समझते हो उसे एक भोग्य वस्तु

लपलपाते हो जीभ उसकी सुकोमलता पे

एक इन्सान समझ करो उसकी इज्जत

क्यूंकि मात्र देह नहीं है औरत

उसके अन्दर भी है आत्मतत्व

बोध शोध करने हेतु मस्तिष्क

चाहतें करने का है उसे भी हक़

तुम्हारी तरह उसके पास भी तो है मन

सही गलत का फर्क करने हेतु दिमाग

कर्म करने के लिए मिले उसे भी तो दो हाथ

फिर क्यों छीनते हो उससे बराबरी का दर्जा

एक इंसान हो क्यों दूसरे को करते बेइज्जत

बात समझो, मात्र देह नहीं है औरत

उसके भीतर भी है तुम सम जान

मत कुचलो उसका अस्तित्व और स्वाभिमान

कमजोर नहीं वो है अदभुत एक शक्ति

लो उसकी सहनशीलता और ममता से प्रेरणा

मात्र औरत नहीं वो है तुम्हारी जन्मदात्री

दो सम्मान झुको उसके आगे हो नतमस्तक

क्यूँकी मात्र देह नहीं है औरत

000000000

 

जीवन एक रंगमंच

सबकी अपनी अलग एक कहानी

चाहे मुनिया हो या बूढी नानी

कहीं खुशी कहीं है रंज

ये जीवन है एक रंगमंच

कहीं स्वानों को बिस्कुट खिलाते

गरीब कहीं रोटी को बिलबिलाते

किसी का जीवन अमृत तुल्य

किसी का है दन्श

ये जीवन है एक रन्गमन्च

जनम के साथ ही उठता है परदा

म्रत्यु से पटाक्षेप उस नाट्यकथा का

आंसू और मुस्कान के साथ ही

पल-पल द्रश्य बदलता मंच

ये जीवन है एक रंगमंच

कभी शिकारी कभी शिकार का

कभी हरियाली कभी उजाड़ का

कलरव करते आजाद पक्षी का मन्चन

दिखाये कभी मोती चुगता हंस

ये जीवन है एक रन्गमन्च

सबके अलग किरदार यहां पर

अलग पहनावा अलग संबाद

परमात्मा के निर्देशन में हम सब

निभाते अपना अपना अभिनय अंश

ये जीवन है एक रंगमंच

000000000

 

इंसा

इंसा कहता तो है बहुत कुछ

मगर करने से डरता है

मांगता है रिहाई जिंदगी से

और रिहा होने से डरता है

रहता है हरदम ही घिरा सा

उलझनों की भी उलझनों में

संभालना चाहता तो है

मगर गिरने से डरता है

है ये अहसास उसे कि

क्या सही है और क्या गलत

दिल तो मानता है उसका

पर दिमाग से मुकरता है

 

0000000000

 

स्वंय हो

माना जीवन डगर अँधेरी

ना घबराना अंधेरों से मेरे बच्चे

टिमटिमाते जुगनू तुम स्वंय हो

माना मंजिल दूर बहुत है

ना घबराना तन्हाई से मेरे बच्चे

तुम ही राही कारवां तुम स्वंय हो

माना दुःख की छाएंगी घटायें

जीवन में क्षण –प्रतिक्षण

ना घबराना दुखों से मेरे बच्चे

सुख का ओजस्वी सूर्य तुम स्वंय हो

रखो याद बाद वसंत के पतझड़

आता अवश्य ही जीवन में

ना घबराना पतझड़ से मेरे बच्चे

खिलता-महकता उपवन तुम स्वंय हो

जीत –हार पहलू दो उन्नति सिक्के के

ना घबराना हार से मेरे बच्चे

जीत के आगामी कीर्ति स्तंभ

भी तुम स्वंय हो

ना दोष मडना गलती का अपनी

सुनो कभी दूजों के सर

शर्मिन्दा भी होना ना मेरे बच्चे

गलतियों के जिम्मेदार भी तुम स्वंय हो

और उनसे सीखा अनमोल सबक

मेरे बच्चे तुम स्वंय हो

 

000000000

 

वो वक्त कभी तो आएगा

कोहरे की गिरफ्त से निकलकर

कुछ पल के लिए आज़ाद हो जाएगा

बिखरा के सुनहरी किरणें सूरज

जग में उजियारा फैलायगा

वो वक्त कभी तो आएगा

सूखी धरती तपती रेतों पर

बदली को रहम तो आएगा

उमड़-घुमड़ फिर गरज गरजकर

बादल सावन बरसायेगा

वो वक्त कभी तो आएगा

अमावस की रात से बचकर

चाँद भी चांदनी विख्ररायेगा

भूल अन्धेरा पूर्णिमा के दिन

पूर्ण चाँद बन जाएगा

वो बक्त कभी तो आएगा

ऐसे ही एक हारा हुआ आशिक

कठिन प्रेम तपस्या करके

रूठी प्रेमिका को मनाएगा

प्रेम के ढाई आखर पढके

अपना नाम अमर कर जाएगा

वो वक्त कभी तो आएगा

जव निजहित भूलके जन-जन

राष्ट्रहित को धर्म बनाएगा

दूर होगा भ्रष्टाचार ओ आतंक तब

सही तौर पे देश आज़ाद हो जाएगा

वो वक्त कभी तो आएगा

वो वक्त कभी तो आएगा

 

000000000

 

सच्चे ईश्वर का निवास

तीर्थस्थानों पे जाकर क्या करना तुमको

वहां नहीं मिलेंगे चाहे कितना ढूंढो भगवान्

पूजा और आडम्बरों को भूल कर तुम

परहित सेवा का धर्म अब अपनाओ

पाप और पुण्य की अवधारणा बकवास है

मानव हो मानव से प्रेम करो ओ लोगो

प्रेम में ही सच्चे ईश्वर का निवास है

मानसिक रोगी और अपंगों ,बेसहारा की करो सेवा

हवस की शिकार युवतियां और लाचार बेवा

सहारा दो कांपते हाथों और अर्धविकसित अंगों को

मंदिर मस्जिद चर्च और गुरुद्वारा में प्रार्थना सेवा

तो बस एक दिखावा और बेहूदा लोकाचार है

मानव हो मानव से प्रेम करो ओ लोगो

प्रेम में ही सच्चे ईश्वर का निवास है

परसेवा में सुकून बहुत धर्म है ये सबसे बड़ा

फिर काहे को शांति तलाशे यहाँ वहां भटके क्यूँ फिरा

गरीबों और असहायों की सेवा में ईश्वर का आभास है

सक्षम हो तुम दूसरों को भी बनाओ सक्षम

कल्याण करो उनके कल्याण में ही तुम्हारा कल्याण है

मानव हो मानव से प्रेम करो ओ लोगो

प्रेम में ही सच्चे ईश्वर का निवास है

000000000

 

समय बड़ा बलवान

चलता ही रहता यह निरंतर

बिना किसी व्यवधान

जानकर भी इससे हम

क्यों रहते हैं अनजान

समय बड़ा बलवान रे भैया

समय बड़ा बलवान

कभी नवाजे बल से धन से

देता रुतबे का साज ओ सामान

धन में रमके इंसा भूले जब

खुद ही खुद की पहचान

दे पटकनी मिट्टी मिलाए तब

कर देता है यह हलकान

समय बड़ा बलवान रे भैया

समय बड़ा बलवान

समय से कोई बच ना पाया

पीछे भागे हरपल इसका साया

हो जाए कब कुछ का कुछ

पहेली अजब कोई बूझ ना पाया

कभी उदित कभी अस्त

भाग्य विधाता समय तटस्थ

 

परिवर्तन का पाठ पढाए ये “सपना”

रखे ना किसी संग जान पहचान

समय बड़ा बलवान रे भैया

समय बड़ा बलवान

0000000000

 

वक्त बदला है बदलने दो मुझे

थक चुकी हूँ देखकर रोज ही

आईने में बासी सूरत अपनी

ज़माने के हिसाब से ढलने दो मुझे

वक्त बदला है बदलने दो मुझे

कभी रिश्ते तो कभी धर्म

कभी नजाकत तो कभी शर्म

पहचानी गयी हूँ इन्ही से अब तक

हस्ती अपनी नयी गढ़ने दो मुझे

वक्त बदला है बदलने दो मुझे

कभी रस्मों की रूढियां कभी कसमों की बेडियाँ

बांधती रही पैरों में हमेशा ही दुनिया

झंझटों के मेले रास नहीं आते

पतली गली से अब निकलने दो मुझे

वक्त बदला है बदलने दो मुझे

आसमां की बांहे बुला रही हैं मुझे

चांदनी भी रस्ता दिखा रही है मुझे

खोल दो पिंजरा कि उड़ने दो मुझे

वक्त बदला है बदलने दो मुझे

000000000

 

मेरा सन्घर्ष

जलाती है ओस की बूदें मुझे

जब भी छूती हूँ उन्हे अगुलियों से

चकोर की भातिं ही जन्मों की प्यासी

रूह मेरी तड़पती बूदं भर नेह को

दूर तक फैला नफरत का मरुस्थल

प्यार का सागर पट चुका रेत से

आकर्षक दिखती स्वर्ण कणों सी

सुनहरी रेत के अंगारों से तपते

एक-एक कण से सुलगता छटपटाता

जिस्म गुजारिश करता बादलों से

सूरज हंसता बेबसी पे मेरी

बढा लेता आकार और भी ज्यादा

जाज्वल्यमान किसी विशाल पर्वत सा

डपटकर दूर जाने को कहता बादलों से

मैं निरीह बेहाल स्त्री रह जाती देखती

करते हुए मनमानी हर एक शय को

सूरज को बादलों को ओस औ मरुस्थल को

पर ना मानती हार करती हूँ संघर्ष जिन्दगी से

 

000000000

कभी पा सकोगे

विवाह के बंधन में कैद कर

डाल सिन्दूर मांग में ढेर भर

सबसे जुदा, महफ़िल में तन्हा करके

क्या सोचते हो इस तरह उसे

कभी पा सकोगे तुम

नहीं होती बेजुबां प्राणी एक नारी

रव ने उसे भी बख्शा जिस्म और जान

क्यूँ समझते हो उसे हाथ की पुतली

काबू कर भी लोगे जिस्म उसका

तो क्या मन से भी उसे

कभी पा सकोगे तुम

सपनों को तोड़ भावनाओं को रौंद

चाहे दिखाओ फिर कितनी ही चकाचौंध

मजबूर करो लाख उसे तुम

सिर्फ तुम्हें बस तुम्हें चाहने को

लेकिन हिमसम भावना शून्य मन में उसके

क्या प्यार का दिया कोई जला सकोगे

कभी पा सकोगे तुम

प्रेम का ना कोई नियम ना कोई हल

आपसी समझ विश्वास से होता ये सफल

जव्रण ना पा सकता कोई किसी से प्यार

करले चाहे फिर उसपे कितने ही अत्याचार

उसे विन जाने बिन समझे कर प्रताड़ित

क्या सोचते हो जीवन में इस तरह से

कभी पा सकोगे तुम

नहीं नहीं कभी नहीं कदापि नहीं

तन को गर पा लिया तो क्या

जतन करो कुछ भी मन से ना मुझे

कभी पा सकोगे तुम

 

000000000

 

साहित्‍य-परिचय
नाम    ः    सपना मांगलिक
जन्‍मतिथि    ः    17 फरवरी 1981
जन्‍मस्‍थान    ः    भरतपुर (राज0)
शिक्षा    ः    एम0ए0, बी0ए0एड0, डिप्‍लोमा इन एक्‍सपोर्ट मैनेजमेंट
        (राजस्‍थान यूनिवर्सिटी)
व्‍यवसाय    ः    फ्रीलांस जर्नलिस्‍ट, साहित्‍यकार, मंचीय कवि, स्‍मंभकार ब्‍लागर (जागरण             जंक्‍शन, सारा सच, मथुरा लाईव) उप संपादिका पीपुल्‍स मैगजीन (मेरठ),         उपसंपादिका आगमन (हापुड)
लेखन    ः    कविता, कहानी, व्‍यंग्‍य, गीत, लेख/आलेख, संस्‍मरण, समीक्षा, आदि।
सम्‍मान    ः    विभिन्‍न प्रादेशिक एवं राजकीय सम्‍मानों द्वारा सम्‍मानित।
प्रकाशन    ः    विभिन्‍न पत्र-पत्रिकाओं (प्रादेशिक-राष्‍ट्रीय) और साहित्‍यिक ग्रथों,             वार्षिकी, समाचार-पत्रों में रचनाएँ प्रकाशित।
प्रकाशित कृति    ः    प्रकाशित कृति - 13
        कल क्‍या होगा, बगावत, कमसिन बाला (काव्‍य), पापा कब आओगे, नौकी         बहू (कहानी संग्रह) सफलता रास्‍तों से मंजिल तक, ढाई अक्षर (ग्रन्‍थ             संग्रह), जज्‍वा ए दिल भाग 1, 2, व 3 (गजल संग्रह) टिम टिम तारे, द             जंगल ट्रीट, गुनगुनाते अक्षर (बाल साहित्‍य)
प्रकाशधीन (2)    ः    सही अंत (उपन्‍यास)
        धर्म (लघुकथा संकलन)

 

000000000

साहित्यकार /कवि/स्वतंत्र पत्रकार

सपना मांगलिक (आगरा)up 282005

Sapna8manglik@gmail.com

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: सपना मांगलिक की कविताएँ
सपना मांगलिक की कविताएँ
http://lh3.ggpht.com/-wY2PSbVyamk/VFyTgZGNhUI/AAAAAAAAbN0/VgalHpn-ErE/image_thumb.png?imgmax=200
http://lh3.ggpht.com/-wY2PSbVyamk/VFyTgZGNhUI/AAAAAAAAbN0/VgalHpn-ErE/s72-c/image_thumb.png?imgmax=200
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2014/11/blog-post_57.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2014/11/blog-post_57.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content