प्राची - अगस्त 2016 / काव्य जगत

SHARE:

कविता डॉ . अनीता कपूर अब अब तुम्हारे झूठे आश्वासन मेरे घर के आंगन में फूल नहीं खिला सकते चांद नहीं उगा सकते मेरे घर की दीवार की ईंट ...

कविता

डॉ. अनीता कपूर

अब

अब

तुम्हारे झूठे आश्वासन

मेरे घर के आंगन में फूल नहीं खिला सकते

चांद नहीं उगा सकते

मेरे घर की दीवार की ईंट भी नहीं बन सकते

अब

तुम्हारे वो सपने

मुझे सतरंगी इंद्रधनुष नहीं दिखा सकते

जिसका न शुरू मालूम है न कोई अंत

अब

तुम मुझे कांच के बुत की तरह

अपने अंदर सजाकर तोड़ नहीं सकते

मैंने तुम्हारे अंदर के अंधेरों को

सूंघ लिया है

टटोल लिया है

उस सच को भी

अपनी सार्थकता को

अपने निजत्व को भी

जान लिया है अपने अर्थों को भी

मुझे पता है अब तुम नहीं लौटोगे

मुझे इस रूप में नहीं सहोगे

तुम्हें तो आदत है

सदियों से चीर हरण करने की

अग्नि परीक्षा लेते रहने की

खूंटे से बंधी मेमनी अब मैं नहीं

बहुत दिखा दिया तुमने

और देख लिया मैंने

मेरे हिस्से के सूरज को

अपनी हथेलियों की ओट से

छुपाए रखा तुमने

मैं तुम्हारे अहं के लाक्षागृह में

खंडित इतिहास की कोई मूर्ति नहीं हूं

नहीं चाहिए मुझे अपनी आंखों पर

तुम्हारा चश्मा

अब मैं अपना कोई छोर तुम्हें नहीं पकड़ाऊंगी

मैंने भी अब

सीख लिया है

शिव के धनुष को तोड़ना

संपर्क : anitakapoor.us@gmail.com

----.

 

जीवन क्या है ?

डॉ. सुधा ओम ढींगरा

प्रसून है या कांटा?

हंगामा है कि सन्नाटा?

उल्लास है या आभास?

संघर्ष है या उत्कर्ष?

कोई नहीं जानता

वस्तुतः

जीवन का रंग, रूप, आयु और भेद क्या है?

इसमें अस्थि, मज्जा, रक्त या स्वेद क्या है?

बस...

एक चाह के लिये हजारों कष्टों से गुजरना

और लाखों पड़ाव पार करना

शायद

प्रकृति का नियम यही है

हंसी खुशी चलते रहना

सांसों की डोरी खींचना

और, अन्ततः

मृत्यु का निमंत्रण स्वीकार करना

Email: ceddlt@yahoo.com

---.

 

 

दो गजलें

रशीद कैसरानी

यूं तो इक बज्म-ए-सदा1 हमने सजायी पहरों.

कान बजते रहे, आवाज न आई पहरों.

लम्हे भर के लिए बरसी तिरी यादों की घटा,

हमने भीगी हुई चिलमन2 न उठायी पहरों.

वो तो फिर गैर था गैरों से शिकायत क्या हो,

नब्ज अपनी भी मिरे हाथ न आयी पहरों.

आंख झपकी तो रवां थी वो हवा के रुख पर,

हमने जो रेत की दीवार बनायी पहरों.

लौट कर आये न भटके हुए राही दिल में,

आग इस दश्त में हमने तो जलायी पहरों.

1. ध्वनि की सभा, 2 चिक

----.

 

राशिद मुफ्ती

जो कर्ज मुझपे है वो बोझ उतारता जाऊं.

कोई सुने न सुने मैं पुकारता जाऊं.

जो मेरे पास है अपने लिए बचा रक्खूं,

जो मेरे पास नहीं तुझपे वारता जाऊं.

कदम-कदम पे नये लोग सामने आएं,

कदम-कदम पे नये रूप धारता जाऊं.

कहीं बने न अना1 मेरी राह में दीवार,

ये तौक2 अपने गले से उतारता जाऊं.

मुकाबला तो करूं राशिद अपने दुश्मन से,

ये और बात है जीतूं कि हारता जाऊं.

1. अहम, 2. हंसली

 

दोहे

पावस के अनुबंध

अशोक ‘अंजुम’

शब्द-शब्द बूंदें गिरें, यत्र-तत्र सर्वत्र.

बादल टाइप कर रहे, फिर पावस के पत्र.

बूढ़े हुए जवान फिर, देखा ऐसा हाल.

सावन में गदरा गए, फिर पोखर, फिर ताल.

नदिया बौराने लगी, छोड़ पुराने छोर.

मन में रख दुर्भावना, चली गांव की ओर.

मौसम से कुछ यूं हुए, पावस के अनुबंध.

गली-गली में बिछ गई, सोंधी-सोंधी गंध.

छनन-छनन-छन कर रही, आंगन वाली टीन.

बूंदें कत्थक कर रहीं, दिवस हो गए तीन.

दुखिया की छत कर रही, टप-टप, टप-टप रोज.

पखवाड़े से हो रही, कोलतार की खोज.

पावस का अद्भुत असर, देखा हमने मित्र.

चित्रकार ने रंग दिए, हरे-हरे सब चित्र.

बूंदों की अठखेलियां, प्रिये करें बेचैन.

मन में बादल याद के, बरसा करते नैन.

पल में बादल घिर गये, पल में तपती धूप.

नेताओं जैसा लगे, मौसम का ये रूप.

छम-छम बूंदें नाचतीं, बादल छेड़ें साज.

हरियाली रचने लगी, महाकाव्य फिर आज.

नदिया को यूं भा गई, बस्ती, मानव-गंध.

इस बारिश में एक दिन, तोड़ दिए तटबंध.

डरे-डरे से लोग हैं, चीख-पुकारें शोर.

इस बारिश में हो गई, नदियां आदमखोर.

नदिया फैली गर्व से, पाकर नीर अपार.

किसकी शामत आयगी, पता नहीं इस बार.

 

सम्पर्कः सम्पादक ‘अभिनव प्रयास’,

गली-2, चन्द्रविहार कॉलोनी (नगला डालचंद),

क्वारसी बाईपास, अलीगढ़-202201 (उ.प्र.)

मोः 9258779744, 9358218907

----------

 

गीत

---.

कृपाशंकर शर्मा ‘अचूक’

जीवन की झोली में खुशियां भरनी हैं हर पल की.

आज हमारा तो अपना है, फिर क्यों चिंता कल की.

घूम-घूम कर खुशियां बांटीं, बस मिल सांझ सकारे,

दीखे कोई नहीं पराया, मन से सभी दुलारे.

होंठों पर मुस्कानें दीखें, उनके हल्की-हल्की,

आज हमारा तो अपना है, फिर क्यों चिंता कल की.

कर्मक्षेत्र अद्भुत है अपना, संकल्पित हों सारे,

अब तक रहे अधूरे सपने, इन पर खूब विचारे.

सीमा, समय छोड़कर आगे गति होगी हलचल की,

आज हमारा तो अपना है, फिर क्यों चिंता कल की.

साथ हमारे हो जाएगा, समय ‘अचूक’ सुहाना,

आशाओं के दीप जलाओ, गीत सुरीले गाना.

हरियाली हर तरफ बिखेरे, हालत जो मरुथल की,

आज हमारा तो अपना है, फिर क्यों चिंता कल की.

 

सम्पर्कः 38-उ, विजया नगर, करतारपुरा,

जयपुर-30200श् (राजस्थान)

मो. 9983811506

---------

 

दो कविताएं

------.

तेजेन्द्र शर्मा

दरख्तों के साये तले

दरख्तों के साये तले

करता हूं इंतजार

सूखे पत्तों के खड़कने का

बहुत दिन हो गये

उनको गये

घर बाबुल के.

रास्ता शायद यही रहा होगा

पेड़ों की शाखों

और पत्तियों में

उनके जिस्म की खुशबू

बस कर रह गई है.

पत्ते तब भी परेशान थे

पत्ते आज भी परेशान हैं

उनके कदमों से

लिपट कर, खड़कने को

बेचैन हैं.

मगर सुना है

कि रूहों के चलने से

आवाज नहीं होती.

 

सुबह का अखबार

सुबह का अखबार

दोपहर से शाम तक

रद्दी बन जाता है.

और फिर एक दिन

वो रद्दी का ढेर

आवाज लगा कर

कहता है,

कि मुझे उठाओ

और बेच आओ!

तुम्हारी याद की इंतहा

ये है

कि हीरे से कांच तक

सोने से पीतल तक

और रद्दी से अनमोल तक

हर शै से जुड़ी है

तेरी याद.

मुझे याद है मेरी आदत

मेरे साथ है मेरी आदत

रद्दी के ढेर को उठाना

बैठक के कोने में रखना

और भूल जाना-

तुम्हारा उलाहना,

तुम्हारा डांटना.

रद्दी का ढेर आज भी है

बैठक का कोना आज भी है

मेरा भूलना आज भी है

मगर कहां गया

तुम्हारा उलाहना,

तुम्हारा डांटना,

तुम्हारा प्यार,

तुम स्वयं!

 

ahanikar@gmail.com

kathauk@gmail.com

-----

 

कविता

-------------.

पर्यावरण

प्रेम बिहारी शुक्ल

वायु प्रदूषित जल है दूषित, हम खोएं सुन्दर वन उपवन

कैसा हमें फितूर चढ़ा है,, आज बने हम अपने दुश्मन

खेत हटा कर महल बनाएं, पेड़ कटा कर लकड़ी लाएं

उनसे हम आगार सजाएं, त्यागी हमने पुष्प लताएं

कूड़ा करकट और प्रदूषण, जगह जगह हम डाल रहे हैं

खुद अपने ही बच्चों को हम, जहर पिला कर पाल रहे हैं

जहर हवा में, जहर दवा में, अब पानी भी जहरीला है

सांसों में अब जहर घुला है, हर तन मन गांठ गंठीला है

भाई मेरे कुछ तो सोचें, इतना जग में जहर न घोलें

अपने ही खुद पांव न काटें, जागें अपनी आंखें खोलें

मां समान है मान प्रकृति का, ना इस पर पाषाण उगाएं

नदियों में दूषण ना डालें, हरियाली धरती पर लाएं

आओ मिल कर शपथ उठाएं, कहीं प्रदूषण ना फैलाएं

जन्म-दिवस, शादी हर अवसर, सबसे पहले पेड़ लगाएं

संपर्कः सी-501, चित्रकूट अपार्टमेंट्स

प्लाट-9, सेक्टर-22, द्वारका, नई दिल्ली-110077

मो. 09711860519

--------.

 

दोहे

----------------.

साधू संगति कीजिये

मनोज कुमार शुक्ल ‘मनोज’

जीवन की गाड़ी सदा, नेक राह ले जायं.

गलत राह पर जब चले, जीवन भर पछतायं.

साधू संगति कीजिये, तन मन सब सध जायं.

कभी न संकट आ सकें, जीवन भर मुस्कायं.

मान और सम्मान का, रखें सदा ही ध्यान.

शांति और सुख साथ में, मिले जगत में मान.

जो विवेक से काम लें, नहीं फंसेंगे आप.

मुश्किल के हर दौर में, दूर भगें सन्ताप.

संकट जब भी आ पड़े, कभी न विचलित होंय.

धीरज साहस साथ रख, आपा कभी न खोय.

मन में यदि ऊर्जा रहे, जीवन सुखमय होय.

थके हुये मन का नहीं, संगी साथी कोय.

जीना तो सब चाहते, जीने का हो ढंग.

अनपढ़ होकर जो जिये, वह जीवन बेढंग.

उत्साहित मन ही सदा, घर को रखे निहाल.

बिगड़े कारज सब बनें, सभी रहें खुशहाल.

रखो याद मन में सदा, स्वाभिमान का पाठ.

जीवन में तब देखना, बदलेंगे सब ठाठ.

सम्पर्कः 58, आशीष दीप,

उत्तर मिलौनी गंज,

जबलपुर (म.प्र.)

---.

 

मोहिनी मिश्रा की दो कविताएं

1

‘शब्द’

वो-

बेहद बृहत

विराटतत्व विराट

तेजपुंज हैं,

वो -

‘ब्रह्म’ ही है,

तो इसका

अपव्यय करना

कभी भी

ज्ञानी का लक्षण

नहीं हो सकता है!

2

मन की डायरी में

उभरे कुछ शब्द

होंठों के द्वार से

निकल बोले मुस्कुराते

‘‘तुम्हारी याद आ रही बड़ी जोर से’’

अप्रत्याशित आशा

जिसका जन्म ही न

हो पाया हो

सहज अंदाज में डूबा पल

खिलखिलाया और बोला

खैर-नवाजिश में

हुई कमी में अपनी

जरूरत बताइए

सजदे में हजूर

हम अब भी

वही हैं आपके!!

सम्पर्कः द्वारा श्री महेश मिश्रा, ए-202, एरिस अपार्टमेंट, एरिस लिओ सैगिटेरियस ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, जन कल्याण नगर, मलाड (प.), मुंबई-400095

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: प्राची - अगस्त 2016 / काव्य जगत
प्राची - अगस्त 2016 / काव्य जगत
https://lh3.googleusercontent.com/-nsDrwP0p4Ms/V71IoOfc-YI/AAAAAAAAvp8/cfDWRueQXNI/image_thumb%25255B2%25255D.png?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-nsDrwP0p4Ms/V71IoOfc-YI/AAAAAAAAvp8/cfDWRueQXNI/s72-c/image_thumb%25255B2%25255D.png?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2016/08/2016_25.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2016/08/2016_25.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content