रचनाकार में खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

गेरुआ - कविता संग्रह : विद्यानंद कुमार

SHARE:

  कविताओं की पुस्तक ☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺   मदालसा क्यों रोदन करता हैं पुत्र ? तन मन ये तेरा हैं कुत्र । रुह तेरा अविनाशी निर्मल , नित...

image

  कविताओं की पुस्तक
☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
  मदालसा
क्यों रोदन करता हैं पुत्र ?
तन मन ये तेरा हैं कुत्र ।
रुह तेरा अविनाशी निर्मल ,
नित्य निरंजन वीर तू उज्जवल ।

आँखों से जो देख रहा तू ,
सारे - के - सारे हैं आँसू  ।
मिली अभी ये नाम की डोरी ,
तुझे सुनाती मेरी लोरी ।

माँ देती क्या ऐसी शिक्षा ?
मुक्ति लाभ क्या माँ की इच्छा ?
ऐसा भी एक हुआ अतीत ,
मातृ मदालसा का वह गीत ।

बार - बार तन पाता आत्मा ,
इसी जन्म मैं तेरी माँ ।
माता-पिता हैं वही तेरा सब ,
तुझपर मम अधिकार हैं कब ।

अलस त्याग तू बन ब्रह्मज्ञ ,
बना दो अपना जीवन यज्ञ ।
शुद्ध आत्मा तू नहीं रोदन ,
भूल न जाना मेरा स्वरण ।

आज खुशी के अश्रुधार ,
मुक्त तुम्हारा हैं संसार ।
पुत्र धरा तेरा परिवार ,
प्राप्त करो जीवन का सार ।

☺☺☺☺☺☺☺
     गेरुआ
दुग्ध फलों के नित सेवन से ,
तोंद हैं आते काले धन से ।
भिक्षा करके हर दरबारे ,
बीड़ी गांजा सेवन सारे ।

नंगे रहना महावीर को ,
न देता परिचायक ।
छान लो चाहे जितना नीड़ को ,
सूक्ष्मजीव तो हैं हर हद तक ।

मुफ्त में जाते रेलों में ,
वसन गेरुआ धारी ।
दौड़ जनों की अलबेलों में ,
चोले करते भारी ।

जिनके हस्त पाद में बल हैं ,
वे भी भिक्षा को अपनाते ।
आलसियों का मार्ग सरल हैं ,
द्वेष दर्प को भूल न पाते ।

भगवा का कुछ हैं आशय ,
सत्य राह में स्वयं विलय ।
योद्धा और धर्मज्ञ भी ,
करता जो बलिदान कभी ।
     
☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
तीन शब्द
जिससे तुमने ब्याह रचाया ,
आज ये कैसा दिन आया ।
तीन शब्द में सब कुछ टूटा ,
कैसा तुम्हारा प्रेम अनूठा ।

अब नन्हों को पाले कौन ?
तीन शब्द में तुम जो मौन ।
घर - घर जाकर भोजन माँगे ,
या फिर सतीत्व सीमा लाँघे !

या बच्चों को जहर खिलाकर ,
बाँध ले रस्सा कंठ लगाकर ।
दिवस-दिवस आँसु पीने से ,
अच्छा है मरना जीने से ।

मन उन्नत वह भी मानव है ,
प्रेम दया उनमें भी सब है ।
क्रय की हुई नहीं वह दासा ,
या फिर नहीं हैं खेल तमाशा ।

तीन शब्द में नहीं चुकेगा ,
मानवता न आज्ञा देगा ।
खुदा करेगा क्या स्वीकार ?
जीना उनका भी अधिकार ।

☺☺☺☺☺☺☺☺
         केनो ऐमोन कोरो
संसारे माया जाले ,
केनो फेसे जाई गो बंधु ।
केनो बंधु ,केनो ऐमोन ,
कोरेछो मोरे सन ।

चाई आमि बाचिते ,
तुमि केनो कोरो ऐमोन ।
की तुमि चाओ रे ,
बेचे गेछे कुन धन ।

सुनिते पारो तुमि ,
देखिते पारो तुमि ।
ताओ केनो फेसे जाई ,
जगत् केनो मोने पाई ।

केनो तोके भालो बासि ,
माया छूटे जाए ना ।
केनो फाँसि केनो बंधु ,
आमार ऐईटी प्रश्न टा ।

केनो बासो अन्तरे ,
छाड़ितेओ  पारि कोई  ।
आसो ना आर एई घोरे ,
केनो चोखेे....ना लोई ।

केनो कोरो आमार संगे ,
जाईते ना चाई ऐबार ।
जाबो कोथाए तोके छाड़े ,
घूरे आसिबो आबार |

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
     सुन लो मुझे भी
तुम बिन जैसे प्रभु तड़पता ,
दर्शन को हूँ आहें भरता ।
वैसे तू भी मेरे बिन ,
नहीं तड़पता होकर हीन ।

धूप-छाँव में जैसे भक्त ,
तुझको रखता है अपनाए ।
जैसे तुझको देता रक्त ,
तू देता क्या अपनी साएँ ।

सदा ही तो तू चुप रहता है ,
उत्तर तू क्यों न कहता हैं ।
आकर क्यों नहीं करता बातें ,
तुझे कभी तो सुन नहीं पाते ।

लोग तुझे दिन रात बुलाते ,
सांझ सुबह तुझको ही गाते ।
अगर तू सबको सुनता है ,
मुझको क्यों नहीं चुनता हैं ?

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
      कैसी नारी तुम ?
नारी होकर भी नारी का ,
कैसे दर्द समझ न पाओ ?
तौर नहीं मालूम साड़ी का ,
कैसे हत्या कर जाओ ?

माता-पिता का सात्विक प्यार ,
ब्याही कन्या समझ रही थी ।
ऐसा भी होता संसार ,
अब तक भान नहीं थी ।

माता-पिता के तीखे मुख को ,
अब तक नहीं सुनी थी ।
सहसा उसने आई दुख को ,
घर में नहीं भुनी थी ।

कैसे तेल छिड़कती हो !
कैसे दाहन करती हो !
क्यों नहीं माता होती सास ?
जिंदी अंत को होती लाश ।

नारी होकर नारी को ,
कैसे करती हो शोषण ?
तेरी बेटी जैसी ही तो ,
मानव कैसे दूँ संज्ञन ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
      नोट बंदी
कुछ हैं स्वार्थी लोग ,
परेशान हैं नोट बंद से।
बता रहे जनता का रोग ,
चोट लगी हैं नोट द्वन्द्व से ।

लंबे चौड़े उनके भाषण ,
चिंतित हैं डूबेगा धन ।
जैसे कपोत झपट हैं जाते ,
श्वान के मुख से निकल न पाते ।

लाखों कड़ोरो जनता को ,
खोया अपना मान मिलेगा ।
काले धन के गुप्त पता को ,
नहीं कहीं स्थान मिलेगा ।

अपने ऊँचे राज कली से ,
करते हैं बकवास ।
पूँजीवाद की झुकी डली से ,
व्यर्थ हुए बोड़ी के ताश ।

ह्रदय सरसता आँखें नम ,
जैसे धुल गए सारे गम ।
निष्ठा से आँसू हैं छलकते ,
देख प्रेम में जन-जन रंगते ।

गाँव-गाँव हैं खुशी में आज ,
मेहनत के सिर होगा ताज ।
अंत हुआ झूठों का दिन ,
भोर खिला हैं नव रंगीन ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
       कौन हो तुम ?
तुम कौन हो ? अनजाना या पहचाना ,
इस मानव जीवन में अब तक नहीं तुम्हें हूँ जाना ।
मेरे पग-पग में परछाईं बनकर ,
क्यों देते हो अपना कर ।

सबने तो ठुकराया हैं ,
तू क्यों मुझको करता प्यार ।
सच या तू भी माया हैं ,
या अपने लिए तू रहा हैं ताड़ |

तेरा मुझसे क्या नाता हैं ?
सखा-प्रेमिका या भ्राता हैं ।
देर न लगती होते ओझल ,
क्यों ऐसा करते हो छल ?

न की हैं मुहब्बत ,
न मदद को लिखा खत ।
फिर कौन तुम ? क्या पहचान तेरी ,
बँधाते ढ़ाढ़स दुख पर मेरी |

मित्र जैसे हो कोई अपने ,
जैसे बार-बार हूँ देखा मैंने ।
तुम हँसे सम्मुख हो अनेकों दफा ,
शायद मैं ही बन गया बेवफा ।

सुनसान मैदानों में पुकारुँ तुझे जोरों से ,
पुकारुँ तुझे लाँघ चुप्पी की छोड़ो से |
और जब थक-हार बैठ जाऊँ ,
नैन खोलूँ तुझे मुस्कुराता पाऊँ ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
        एक दिन पेये जाबो
जब सोबाए घूमे पोड़े ,
आसो तुमि मोनेर घोरे ।
सहज हाँसी मुखे साज ,
छाड़े आसो सबटी काज ।

तुमि प्रेम कोरो कोतो ,
केयो दिते पारे न जोतो ।
सुखे-दुखे सोबे कालेर ,
तुमि साथी माया जालेर ।

जेखन पाई चेतन हारा ,
तेखन तुमि आलोर धारा ।
नूतन थेके तुमि नूतन ,
तुमार काछे सब पुरातन ।

प्रभु जानते पारबो कि ना ?
ऐ जीवनेर जे साधना ।
डेगे-डेगे लाज डर ,
कोखन धरा कोखन शिखर ।

किन्तु तुमि आछो जानि ,
मिथ्था न जे तोके मानि ।
एक दिवसे पाबो तोके ,
पेये जाबो ढाल लोके ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺

       प्रतिकार
रोक न देना ये प्रतिकार ,
चाहे आए कितनी बाधा ।
बुरका नहीं बनो अंगार ,
सत्य वहाँ जहाँ नेक इरादा ।

तेरे उठती एक कदम से ,
मानवता को मिलेगा प्राण ।
जाग उठेगी लाखों गुलामी ,
वसुंधरा में होगा प्राण ।

मिटेगा शोषण वर्षों का ,
तेरे ईस प्रतिकार से ।
न्याय नहीं हैं तीन तलाक ,
उखाड़ दो आधार से |

प्रश्न उठेंगे , झुकना नहीं ,
रण भी होंगे रुकना नहीं ।
जीवन चाहे चल जाए ,
फिर भी न निर्बलता आए ।

पीछे पड़ेगे लोग तुम्हारे ,
हो भी सकता हैं बलिदान ।
फिर भी आगे बढ़ते जाना ,
तुझको ही ये धरा बनाना |
☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
        नारी मुक्ति
जिन आँखों में आँसु हैं ,
उनमें दहका दो शोले ।
तोड़ दो सारे बेड़ी बंधन ,
मुक्त गगन का कण-कण बोले ।

डरो नहीं तुम चलो निरंतर ,
ध्वंस करो अब सारे रीति ।
एक हैं सारे नर का न्याय ,
एक दो मानवता की गीति ।

आज तुम्हारी मुक्ति की ,
बिगुल बजी हैं चारों ओर ।
अभी चाहिए और बुलंदी ,
बस आने ही वाला भोर ।

अंधकार से पूरित धरा को ,
मिलेगा एक उज्जवल प्रकाश ।
छटेंगे बादल होगा एक दिन ,
फिर न होगा कोई दास ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
      तलाक
क्या तुम्हें मेरी आसुँए दिखाई न देती ?
बंद द्वार में रोती छिपकर ।
क्यों पिता क्यों ? आखिर जन्म क्यों लेती ?
अश्रु बहाऊँ बस जीवनभर ।

मैं चीख चीख कर रह जाती हूँ ,
वह तीन बार कहता हैं तलाक ।
मैं गहरे सदमे को पाती हूँ ,
क्या ईश्वर मैं हूँ कोई चाक ।
 
 
      प्रभु तुम न बिसरो
विकल हूँ ईश्वर कहाँ को जाऊँ ,
प्रकाश करो पथ कैसे पाऊँ ।
तुझको ढूँढू किन गलियों में ,
किन डलियों में किन कलियों में ।

प्यासु हूंँ पाने को अनंत ,
मिलकर तुझमें होऊँ अंत ।
धरती बड़ी है कहाँ को भटकूँ ,
या फिर अपना मस्तक पटकूँ ।

भूल हुई क्या तुम्हीं बताओ ?
फिर क्यों मन में न आओ ?
जीवन अब तो लगता विष ,
अच्छा होता कटता शीश ।

सागर जैसे जल से खाली ,
जैसे पत्तों बिन हैं डाली ।
सूख गया रौशन से थल ,
ताप से बंजर मरूस्थल ।

तूफाँ आया है जीवन में ,
आशा फिर भी रिक्त गगन में ।
भोर के होने की आशा में ,
जिंदा हूँ इस विश्वासा में ।


      देखना
क्या तुमने देखा है कभी ?
पुष्प मचलते डाल पर ।
आए फिर तूफान तभी ,
कुछ झोकों में जाए झड़ |

हाथापाई में आखिर तरुवर ,
खो देता कुछ पत्ते टहनी ।
मुड़ जाता है पेड़ से धड़ ,
जो देता था छाँव घनी |

दिनों बाद टूटा वह डाल ,
फिर बन जाता है विकराल  ।
तम शक्ति का आज बवंडर ,
फैल रहा है जाकर घर-घर ।

मर नहीं सकती मानवता ,
चाहे कितना हो अन्याय ।
ध्वंस हुआ तब दानवता ,
धरा में जब भी हुआ न न्याय ।

तुम देखना बनेंगी मशाल ,
मानवता की चिन्गारी ।
लद जाएंगी फल से डाल ,
आए तूफाँ या हिम भारी ।


        स्वर्गेच्छा
स्वर्ग कहाँ ?  हैं ईच्छा दर्शन ,
सुना हैं होता सुधा का वर्षण ।
दूध की नदियाँ बहती हैं ,
उदर क्षुधा न सहती हैं ।

परमेश्वर की ऐसी नगरी ,
होता न अन्याय ।
न चिंता है धन गगरी ,
न चिंता है आय ।

नरकलोक में दी जाती है ,
कर्मों की सजा बेरहमी से ।
अग्नि सागर तन पाती है ,
जीवन जाती बिनु नमी से ।

डर लगता है परमेश्वर ,
कैसा होगा न्याय का वह दिन ।
पाप किया बहुतेरे ईश्वर ,
पर तेरा हूँ अंग अभिन्न ।

मन में तेरी भीनी खुशबू  ,
पाकर पाया हूँ सुरलोक ।
खुशी में धुल गए गम के आँसू ,
नहीं हैं चिंता नहीं हैं शोक ।

स्वर्ग नहीं हैं नर्क नहीं ,
देखा हूँ न लोक कोई ।
आँसू खुशी सब मन में कहीं ,
मन के ही हैं सारे बोई ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
         कालिमा
एक ही क्षण में ही लाखों की ,
जलती हैं फुलझड़ियाँ ?
घुटन हैं एक साँस में भी ,
जलती पटाखों की लड़ियाँ |

कुछ बच्चे भूखे भी हैं ,
और कमी पोषण की |
नैन धँसी मुरझाई सी हैं ,
नहींं अर्थ हैं कहीं वसन की |

गंध पटाखों की सब ओर ,
जीना मुश्किल सुनकर शोर ।
बलि भी होंगी , नहीं भूलना ,
नभ में धुँधला धुँआ घना ।

कहीं पुस्तकें नहीं हस्त में ,
नहीं औषधि कहीं बिना धन ।
मरते हैं कहीं वीर गश्त में ,
शोषित होता कहीं हैं बचपन ।

जो पैसे जलते हैं गगन में ,
होगा रक्षण कहीं प्राण में ।
वितरित हो हरि रुपी जन में ,
सार्थक होगा देना दान में ।

☺☺☺☺☺☺☺☺
       पूँजीवाद
यदि धरा सबका अधिकार ,
तो पूँजीपति क्यों राज करें ।
जब सबके पिता हैं सृष्टिकार ,
फिर एक पुत्र भूखा क्यों तड़पे ।

कहाँ कमी हैं मुझे बताओ ?
धन दानी को समझ न पाओ ।
दान नहीं तुम लो अधिकार ,
पट्ट बाँध छीना आधार ।

बीघा एक में जीते हो तुम ,
वह बीघा हजारों के व्यापारी ।
पूँजीवाद का श्वेत कुसुम ,
आज भी आँखें बँधी तुम्हारी ।

मीठी मीठी जहर घोलकर ,
शोषण करता पूँजीवाद ।
खून चूसता जोंक-सा धरकर ,
बिन बाँधे कर पाद ।

नहीं मिटीं हैं अभी गुलामी ,
अभी अनेकों हैं बंधन ।
अभी अनेकों गुमनामी ,
अभी नहीं आजाद हुआ जन ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺   
       मानवता
चार अक्षरों की मानवता ,
ढूँढ़ रही दर दर में पता ।
छालें होकर लहूलुहान ,
बचा रही मुश्किल में प्राण ।

वह रो रोकर व्यथित होती ,
ध्वंस देख वह अश्रु पोंछती ।
जगजननी तू मेरी माँ ।
फिर भी तू देती है पनाह ।

आसूँ को मैं देख तुम्हारे ,
पोंछ भी नहीं पाता हूँ ।
भीख माँग रही द्वारे द्वारे ,
देख तुझे दुख आता हूँ ।

तेरे ही प्यारे संतान ,
तुझपर ही ताने कृपाण ।
सुधाधार तन से बरसाकर ,
गतित किया था जीवन निर्झर ।

उसकी आँखें जल बिन रंगी ,
छाती चीरता मानव जंगी ।
पर कुछ लोग हैं सींच रहे ,
जिन उर में बस प्यार बहे |

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
       दुख जाल
कुछ बच्चे है भूखे तेरे ,
कुछ बच्चों का नहीं है नाथ ।
कुछ के जीवन है अँधेरे ,
कोई ढूँढ रहा है साथ ।

कला बेचकर जीवन चलता ,
राहों में कोई जीवन पलता ।
कोई जीवन से लड़ता ,
आतंकों के कोई डरता |

अस्थि के पंजर सा चेहरा ,
पोषण का शिकार ।
छुपा हुआ एक गम का सेहरा ,
सुखी नहीं तेरा परिवार ।

खोकर सारी आशा आखिर ,
करता खुद की घात ।
लहू का ऐसा रंग अबीर ,
हो रण में बरसात |

एक नहीं हैं लाखों करोड़ों ,
तेरे संतानों का सवाल ,
दुख ही दुख क्यों जीवन मोड़ो ?
छूटे कैसे दुख का जाल ?  

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
     जगजननी
हाथों में तू लिए कटारी ,
चमक प्रेम की मुखमंडल में ।
आदिशक्ति तम संहारी  ,
बसी हुई चिर अंतरतल में ।

जगतपालिनी शक्तिजीवनी ,
स्नेहधारिनी जगजननी ।
हर सृष्टि की तू माता ,
संतानों को पालन दाता ।

प्रेम का निर्झर धोता मम ,
ध्वनि की ऊर्जा में नम ।
पवित्रता से नहलाकर ,
अश्रु पोंछती कंठ लगाकर ।

मेरा मस्तक तुझको अर्पण ,
मुझको दो भक्ति का धन ।
हर जीवन में तुझको पाऊँ ,
मन से भी न दुख पहुँचाऊँ ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
     एक होओ
नहीं लेखनी रुके तुम्हारी ,
अंग अंग में ऊर्जा भर दो ।
पर्वत को भी कर दो वारि ,
रोती मानवता को अमर दो ।

पीसता जाता आज समाज ,
नीतिवानों को दो ताज ।
देख न्याय में काली छाया ,
क्या मन में राग नहीं आया ?

नहीं मुझे कुछ तुझसे लेना ,
नहीं चाहिए यश औ नाम ।
मानवता को ऊर्जा देना ,
ईसीलिए करता हूँ काम ।

दुनिया सपनों की झूठी ,
वास्तव क्या है ? उसे खँगालो ।
आज भी रीति नहीं है टूटी ,
ढ़ोंग दिखावा को न पालो ।

अंगारें आँखों में लेकर ,
मरो नहीं जीवन को देकर ।
रणभूमि का रण है प्यारा ,
नहीं सुहाता डर का मारा ।

धरती का निर्माण करो ,
सारे ऊर्जा मिलकर ।
क्रांति का एक रूप धरो ,
भाग खड़ा हो तम हिलकर |

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
       स्वीकार सुमन लो
तेरे आँचल में जीना , तेरे आँचल में मरना ।
तुझसा कोई हुआ कभी न , तू है तो न है डरना ।

चुपके चुपके से आकर ,
प्रेम का जल बरसाकर ।
धोते हो अपमान ह्रदय का ,
कली खिलाते प्रेम उदय का।

नहीं चाह कोई हो अपमानित ,
नहीं चाह हो मस्तक नीत ।
प्रसिद्धि रण तोड़ दिया हूँ ,
खुलकर दो पल साँस लिया हूँ

सब है परमपिता तू मेरा ,
दिवस-निशा-दोपहर-सवेरा ।
शौर्य शक्ति  मेरा कब ?
कला प्रतिभा  तेरा सब ।

स्वार्थमयी था प्रेम हमारा ,
पाने आया तेरा द्वारा ।
लेने आया आज तुझे ,
जाना तेरे साथ मुझे ।

मादकता के रंगों में ,
घुल जाता जब अंगों में ।
निकल नहीं मैं पाता हूँ,
निज दुख प्रभु बताता हूँ ।

क्या माँगू क्या न माँगू ,
कैसे रंजन सीमा लाँघू ।
कौन सा तुझसे माँगू वर ?
नहीं जानता हूँ ईश्वर ।

कितनी बार बोला हूँ तुझको ,
लिए चलो तेरे संग मुझको ।
हार चुका हूँ कहकहकर ,
स्वीकार सुमन लो परमेश्वर ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺                                                    
पग - पग में तू
मेरे हर एक पग में तू   रह ,
कार्य करूँ होकर न विरह |
जनम जनम हो तेरा नाम ,
आ माटी पर फिर करू काम |

कैसे पाया तेरा नाम ,
कोई अपने लगते जैसे |
जीवन में आया था शाम,
दूर की कोशिश थी अपनों से |

मैं अनजाना था तुमसे ,
दुख भी न कहता था किसी से |
दुख को चुराया , पता न पाया |
मुक्त हुआ व्याधि से काया |

भय संशय था तुझको लेकर ,
दूर हुआ सब खुद को देकर |
अहं मेरा तुझमें खोया हूँ,
ह्रदय सुमन दिल में बोया हूँ |

कभी काँटो में फूल खिलाया ,
कभी विष में ही तुझको पाया |
कभी लगता जीवन है सुन्दर ,
कभी जीवन से लगता है डर |

भीड़ में अकेला हो तुम्हारी याद पाता ,
प्रेम की तान मेैं तुम्हीं को सुनाता |
तुम्हारे बिना नहीं है आधार ,
जीने का नहीं मेरा सार |

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
        खाई
एक तरफ रकमें हैं मोटी ,
एक तरफ दुर्लभ हैं रोटी ।
एक तरफ कमरें हैं खाली ,
एक तरफ सड़कें ही टाली ।

एक तरफ कालाबाजारी ,
एक तरफ दिन रात पसीना ।
एक तरफ बंग्ला और गाड़ी ,
एक तरफ कुपोषित सीना ।

एक तरफ मँहगें विद्यालय ,
एक तरफ मजदूरी बाल ।
एक तरफ धन है संचय ,
एक तरफ निर्धन हैँ हाल।

खोलो अपनी आँखें अब ,
सबकी धरती सबका रब ।
रूप खाई का है विकराल ,
ऊँच नीच क्यों ? मेरा सवाल ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
    GOD LOVES EVERYONE.
        बैठा हूँ न्याय को
प्रभु तुम्हारे नाम को लेकर ,
काट रहे आपस में सर ।
वर्ण रुप में कलियाँ नव है ,
पर मानव तो मानव है ।

तू हरता है सबका मन ,
पर मानव करता है शासन ।
खेल रहे हैं रक्त की होली ,
निकली दानवता की टोली ।

ईश्क तुम्हारा कण - कण से ,
पशु खग सबके जीवन से ।
प्राणी के तू अर्पण से ,
खुश होता क्या तू मन से ?

न्याय को तेरे दर पर आया ,
हैँ पुत्री के अधिकार में छाया ।
करते अत्याचार हैं नर ,
जीती हैं वस्त्रों के अंदर ।

ऊँच नीच और जाति - पाति ,
अश्रु हैं माता की छाती ।
प्रेम का उजड़ा है सागर ,
लाल हैं पाखंडों का कर ।

तुझको प्रेम मैं करता हूँ ,
दिल से तुझपर मरता हूँ ।
बैठा लिए न्याय का आस ,
तोड़ न देना ये विश्वास |

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
      तुम्हारी गुलामी
कब तक रखोगे पर्दे पर ,
देकर धर्म का नाम ।
एक दिन वह खो देगी डर ,
होगे तुम बदनाम ।

कोशिश कर लो लाखों बार ,
तलवारों को कर लो धार ।
चाहो तो हत्या भी कर दो ,
जिएगी वह खुलकर संसार ।

सत्य जहाँ फिर  कैसा डरना ,
उठों बेटियों लो आजादी ।
न्याय नहीं प्रतिकार ही करना ,
शोषित हो अंत से आदि ।

तू संतान है ईश्वर की ,
पिता तुम्हारा है परमेश्वर ,
सुनो तुम्हारे अंदर की ,
क्या प्रेम में वो करता है अंतर ?

शोषित होकर पिसती रही ,
अर्सो अर्सो से ।
चुप होकर कुछ भीं न कही ,
वर्षों वर्षों से ।

पति को है परमेश्वर माना ,
उसने  दिया जहर का खाना ।
जली आग में दान की खातिर ,
फाँसी पर लटकाया सिर ।

नहीं साधना चुप्पी अब ,
संग तुम्हारे पल पल रब ।
जुल्म सहना  बहुत हुआ ,
नहीं कोई तुम हो जुआ ।

☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺☺
   तुम्हारे अधिकार
तुम्हें तुम्हारे हक के खातिर ,
आना होगा रण में ।
तोड़ना होगा ये जंजीर ,
जीओगी कब तक लांछन में ?

देखो एक संसार खुला है ,
गूँज रही तेरी किलकारी ।
आजादी अब रहा बुला है ,
परदे पर न हैं नारी ।

बादल न हैं दूर गगन में ,
सूरज निकल रहा मुस्काता ।
फैलती नव किरणों के वन में ,
राह नहीं अँधेरा पाता ।

छिन्न-भिन्न कर दो जंजीर ,
बाँधों न बुरके पर सिर ।
एक दफा स्थिति विचारो ,
अबतक तुमने क्या कुछ हारो ?

उसने शोषण किया तुम्हारा ,
फिर भी क्यों चुप रहती हो ?
जन्म सिद्ध अधिकार को मारा ,
फिर भी क्यों न कुछ कहती हो ?

COMMENTS

BLOGGER

विज्ञापन

----
.... विज्ञापन ....

-----****-----

|नई रचनाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$count=6$page=1$va=0$au=0

विज्ञापन --**--

|कथा-कहानी_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts$s=200

|हास्य-व्यंग्य_$type=blogging$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

-- विज्ञापन --

---

|लोककथाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|लघुकथाएँ_$type=list$au=0$count=5$com=0$page=1$src=random-posts

|काव्य जगत_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

-- विज्ञापन --

---

|बच्चों के लिए रचनाएँ_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$count=6$page=1$src=random-posts

|विविधा_$type=complex$tbg=rainbow$au=0$va=0$count=6$page=1$src=random-posts

 आलेख कविता कहानी व्यंग्य 14 सितम्बर 14 september 15 अगस्त 2 अक्टूबर अक्तूबर अंजनी श्रीवास्तव अंजली काजल अंजली देशपांडे अंबिकादत्त व्यास अखिलेश कुमार भारती अखिलेश सोनी अग्रसेन अजय अरूण अजय वर्मा अजित वडनेरकर अजीत प्रियदर्शी अजीत भारती अनंत वडघणे अनन्त आलोक अनमोल विचार अनामिका अनामी शरण बबल अनिमेष कुमार गुप्ता अनिल कुमार पारा अनिल जनविजय अनुज कुमार आचार्य अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ अनुज खरे अनुपम मिश्र अनूप शुक्ल अपर्णा शर्मा अभिमन्यु अभिषेक ओझा अभिषेक कुमार अम्बर अभिषेक मिश्र अमरपाल सिंह आयुष्कर अमरलाल हिंगोराणी अमित शर्मा अमित शुक्ल अमिय बिन्दु अमृता प्रीतम अरविन्द कुमार खेड़े अरूण देव अरूण माहेश्वरी अर्चना चतुर्वेदी अर्चना वर्मा अर्जुन सिंह नेगी अविनाश त्रिपाठी अशोक गौतम अशोक जैन पोरवाल अशोक शुक्ल अश्विनी कुमार आलोक आई बी अरोड़ा आकांक्षा यादव आचार्य बलवन्त आचार्य शिवपूजन सहाय आजादी आदित्य प्रचंडिया आनंद टहलरामाणी आनन्द किरण आर. के. नारायण आरकॉम आरती आरिफा एविस आलेख आलोक कुमार आलोक कुमार सातपुते आशीष कुमार त्रिवेदी आशीष श्रीवास्तव आशुतोष आशुतोष शुक्ल इंदु संचेतना इन्दिरा वासवाणी इन्द्रमणि उपाध्याय इन्द्रेश कुमार इलाहाबाद ई-बुक ईबुक ईश्वरचन्द्र उपन्यास उपासना उपासना बेहार उमाशंकर सिंह परमार उमेश चन्द्र सिरसवारी उमेशचन्द्र सिरसवारी उषा छाबड़ा उषा रानी ऋतुराज सिंह कौल ऋषभचरण जैन एम. एम. चन्द्रा एस. एम. चन्द्रा कथासरित्सागर कर्ण कला जगत कलावंती सिंह कल्पना कुलश्रेष्ठ कवि कविता कहानी कहानी संग्रह काजल कुमार कान्हा कामिनी कामायनी कार्टून काशीनाथ सिंह किताबी कोना किरन सिंह किशोरी लाल गोस्वामी कुंवर प्रेमिल कुबेर कुमार करन मस्ताना कुसुमलता सिंह कृश्न चन्दर कृष्ण कृष्ण कुमार यादव कृष्ण खटवाणी कृष्ण जन्माष्टमी के. पी. सक्सेना केदारनाथ सिंह कैलाश मंडलोई कैलाश वानखेड़े कैशलेस कैस जौनपुरी क़ैस जौनपुरी कौशल किशोर श्रीवास्तव खिमन मूलाणी गंगा प्रसाद श्रीवास्तव गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर ग़ज़लें गजानंद प्रसाद देवांगन गजेन्द्र नामदेव गणि राजेन्द्र विजय गणेश चतुर्थी गणेश सिंह गांधी जयंती गिरधारी राम गीत गीता दुबे गीता सिंह गुंजन शर्मा गुडविन मसीह गुनो सामताणी गुरदयाल सिंह गोरख प्रभाकर काकडे गोवर्धन यादव गोविन्द वल्लभ पंत गोविन्द सेन चंद्रकला त्रिपाठी चंद्रलेखा चतुष्पदी चन्द्रकिशोर जायसवाल चन्द्रकुमार जैन चाँद पत्रिका चिकित्सा शिविर चुटकुला ज़कीया ज़ुबैरी जगदीप सिंह दाँगी जयचन्द प्रजापति कक्कूजी जयश्री जाजू जयश्री राय जया जादवानी जवाहरलाल कौल जसबीर चावला जावेद अनीस जीवंत प्रसारण जीवनी जीशान हैदर जैदी जुगलबंदी जुनैद अंसारी जैक लंडन ज्ञान चतुर्वेदी ज्योति अग्रवाल टेकचंद ठाकुर प्रसाद सिंह तकनीक तक्षक तनूजा चौधरी तरुण भटनागर तरूण कु सोनी तन्वीर ताराशंकर बंद्योपाध्याय तीर्थ चांदवाणी तुलसीराम तेजेन्द्र शर्मा तेवर तेवरी त्रिलोचन दामोदर दत्त दीक्षित दिनेश बैस दिलबाग सिंह विर्क दिलीप भाटिया दिविक रमेश दीपक आचार्य दुर्गाष्टमी देवी नागरानी देवेन्द्र कुमार मिश्रा देवेन्द्र पाठक महरूम दोहे धर्मेन्द्र निर्मल धर्मेन्द्र राजमंगल नइमत गुलची नजीर नज़ीर अकबराबादी नन्दलाल भारती नरेंद्र शुक्ल नरेन्द्र कुमार आर्य नरेन्द्र कोहली नरेन्‍द्रकुमार मेहता नलिनी मिश्र नवदुर्गा नवरात्रि नागार्जुन नाटक नामवर सिंह निबंध नियम निर्मल गुप्ता नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ नीरज खरे नीलम महेंद्र नीला प्रसाद पंकज प्रखर पंकज मित्र पंकज शुक्ला पंकज सुबीर परसाई परसाईं परिहास पल्लव पल्लवी त्रिवेदी पवन तिवारी पाक कला पाठकीय पालगुम्मि पद्मराजू पुनर्वसु जोशी पूजा उपाध्याय पोपटी हीरानंदाणी पौराणिक प्रज्ञा प्रताप सहगल प्रतिभा प्रतिभा सक्सेना प्रदीप कुमार प्रदीप कुमार दाश दीपक प्रदीप कुमार साह प्रदोष मिश्र प्रभात दुबे प्रभु चौधरी प्रमिला भारती प्रमोद कुमार तिवारी प्रमोद भार्गव प्रमोद यादव प्रवीण कुमार झा प्रांजल धर प्राची प्रियंवद प्रियदर्शन प्रेम कहानी प्रेम दिवस प्रेम मंगल फिक्र तौंसवी फ्लेनरी ऑक्नर बंग महिला बंसी खूबचंदाणी बकर पुराण बजरंग बिहारी तिवारी बरसाने लाल चतुर्वेदी बलबीर दत्त बलराज सिंह सिद्धू बलूची बसंत त्रिपाठी बातचीत बाल कथा बाल कलम बाल दिवस बालकथा बालकृष्ण भट्ट बालगीत बृज मोहन बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष बेढब बनारसी बैचलर्स किचन बॉब डिलेन भरत त्रिवेदी भागवत रावत भारत कालरा भारत भूषण अग्रवाल भारत यायावर भावना राय भावना शुक्ल भीष्म साहनी भूतनाथ भूपेन्द्र कुमार दवे मंजरी शुक्ला मंजीत ठाकुर मंजूर एहतेशाम मंतव्य मथुरा प्रसाद नवीन मदन सोनी मधु त्रिवेदी मधु संधु मधुर नज्मी मधुरा प्रसाद नवीन मधुरिमा प्रसाद मधुरेश मनीष कुमार सिंह मनोज कुमार मनोज कुमार झा मनोज कुमार पांडेय मनोज कुमार श्रीवास्तव मनोज दास ममता सिंह मयंक चतुर्वेदी महापर्व छठ महाभारत महावीर प्रसाद द्विवेदी महाशिवरात्रि महेंद्र भटनागर महेन्द्र देवांगन माटी महेश कटारे महेश कुमार गोंड हीवेट महेश सिंह महेश हीवेट मानसून मार्कण्डेय मिलन चौरसिया मिलन मिलान कुन्देरा मिशेल फूको मिश्रीमल जैन तरंगित मीनू पामर मुकेश वर्मा मुक्तिबोध मुर्दहिया मृदुला गर्ग मेराज फैज़ाबादी मैक्सिम गोर्की मैथिली शरण गुप्त मोतीलाल जोतवाणी मोहन कल्पना मोहन वर्मा यशवंत कोठारी यशोधरा विरोदय यात्रा संस्मरण योग योग दिवस योगासन योगेन्द्र प्रताप मौर्य योगेश अग्रवाल रक्षा बंधन रच रचना समय रजनीश कांत रत्ना राय रमेश उपाध्याय रमेश राज रमेशराज रवि रतलामी रवींद्र नाथ ठाकुर रवीन्द्र अग्निहोत्री रवीन्द्र नाथ त्यागी रवीन्द्र संगीत रवीन्द्र सहाय वर्मा रसोई रांगेय राघव राकेश अचल राकेश दुबे राकेश बिहारी राकेश भ्रमर राकेश मिश्र राजकुमार कुम्भज राजन कुमार राजशेखर चौबे राजीव रंजन उपाध्याय राजेन्द्र कुमार राजेन्द्र विजय राजेश कुमार राजेश गोसाईं राजेश जोशी राधा कृष्ण राधाकृष्ण राधेश्याम द्विवेदी राम कृष्ण खुराना राम शिव मूर्ति यादव रामचंद्र शुक्ल रामचन्द्र शुक्ल रामचरन गुप्त रामवृक्ष सिंह रावण राहुल कुमार राहुल सिंह रिंकी मिश्रा रिचर्ड फाइनमेन रिलायंस इन्फोकाम रीटा शहाणी रेंसमवेयर रेणु कुमारी रेवती रमण शर्मा रोहित रुसिया लक्ष्मी यादव लक्ष्मीकांत मुकुल लक्ष्मीकांत वैष्णव लखमी खिलाणी लघु कथा लघुकथा लतीफ घोंघी ललित ग ललित गर्ग ललित निबंध ललित साहू जख्मी ललिता भाटिया लाल पुष्प लावण्या दीपक शाह लीलाधर मंडलोई लू सुन लूट लोक लोककथा लोकतंत्र का दर्द लोकमित्र लोकेन्द्र सिंह विकास कुमार विजय केसरी विजय शिंदे विज्ञान कथा विद्यानंद कुमार विनय भारत विनीत कुमार विनीता शुक्ला विनोद कुमार दवे विनोद तिवारी विनोद मल्ल विभा खरे विमल चन्द्राकर विमल सिंह विरल पटेल विविध विविधा विवेक प्रियदर्शी विवेक रंजन श्रीवास्तव विवेक सक्सेना विवेकानंद विवेकानन्द विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक विश्वनाथ प्रसाद तिवारी विष्णु नागर विष्णु प्रभाकर वीणा भाटिया वीरेन्द्र सरल वेणीशंकर पटेल ब्रज वेलेंटाइन वेलेंटाइन डे वैभव सिंह व्यंग्य व्यंग्य के बहाने व्यंग्य जुगलबंदी व्यथित हृदय शंकर पाटील शगुन अग्रवाल शबनम शर्मा शब्द संधान शम्भूनाथ शरद कोकास शशांक मिश्र भारती शशिकांत सिंह शहीद भगतसिंह शामिख़ फ़राज़ शारदा नरेन्द्र मेहता शालिनी तिवारी शालिनी मुखरैया शिक्षक दिवस शिवकुमार कश्यप शिवप्रसाद कमल शिवरात्रि शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी शीला नरेन्द्र त्रिवेदी शुभम श्री शुभ्रता मिश्रा शेखर मलिक शेषनाथ प्रसाद शैलेन्द्र सरस्वती शैलेश त्रिपाठी शौचालय श्याम गुप्त श्याम सखा श्याम श्याम सुशील श्रीनाथ सिंह श्रीमती तारा सिंह श्रीमद्भगवद्गीता श्रृंगी श्वेता अरोड़ा संजय दुबे संजय सक्सेना संजीव संजीव ठाकुर संद मदर टेरेसा संदीप तोमर संपादकीय संस्मरण संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन सतीश कुमार त्रिपाठी सपना महेश सपना मांगलिक समीक्षा सरिता पन्थी सविता मिश्रा साइबर अपराध साइबर क्राइम साक्षात्कार सागर यादव जख्मी सार्थक देवांगन सालिम मियाँ साहित्य समाचार साहित्यिक गतिविधियाँ साहित्यिक बगिया सिंहासन बत्तीसी सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध सीताराम गुप्ता सीताराम साहू सीमा असीम सक्सेना सीमा शाहजी सुगन आहूजा सुचिंता कुमारी सुधा गुप्ता अमृता सुधा गोयल नवीन सुधेंदु पटेल सुनीता काम्बोज सुनील जाधव सुभाष चंदर सुभाष चन्द्र कुशवाहा सुभाष नीरव सुभाष लखोटिया सुमन सुमन गौड़ सुरभि बेहेरा सुरेन्द्र चौधरी सुरेन्द्र वर्मा सुरेश चन्द्र सुरेश चन्द्र दास सुविचार सुशांत सुप्रिय सुशील कुमार शर्मा सुशील यादव सुशील शर्मा सुषमा गुप्ता सुषमा श्रीवास्तव सूरज प्रकाश सूर्य बाला सूर्यकांत मिश्रा सूर्यकुमार पांडेय सेल्फी सौमित्र सौरभ मालवीय स्नेहमयी चौधरी स्वच्छ भारत स्वतंत्रता दिवस स्वराज सेनानी हबीब तनवीर हरि भटनागर हरि हिमथाणी हरिकांत जेठवाणी हरिवंश राय बच्चन हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन हरिशंकर परसाई हरीश कुमार हरीश गोयल हरीश नवल हरीश भादानी हरीश सम्यक हरे प्रकाश उपाध्याय हाइकु हाइगा हास-परिहास हास्य हास्य-व्यंग्य हिंदी दिवस विशेष हुस्न तबस्सुम 'निहाँ' biography dohe hindi divas hindi sahitya indian art kavita review satire shatak tevari undefined
नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3789,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,326,ईबुक,182,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2744,कहानी,2067,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,484,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,129,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,87,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,309,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,326,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,48,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,8,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,16,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,224,लघुकथा,806,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,306,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,57,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1880,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,637,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,676,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,52,साहित्यिक गतिविधियाँ,181,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,51,हास्य-व्यंग्य,52,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: गेरुआ - कविता संग्रह : विद्यानंद कुमार
गेरुआ - कविता संग्रह : विद्यानंद कुमार
https://lh3.googleusercontent.com/-cJDnq2CsqFA/WE0PuAy5OWI/AAAAAAAAxfI/iexJ_cOBhPk/image_thumb%25255B6%25255D.png?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-cJDnq2CsqFA/WE0PuAy5OWI/AAAAAAAAxfI/iexJ_cOBhPk/s72-c/image_thumb%25255B6%25255D.png?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2016/12/blog-post_70.html
https://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2016/12/blog-post_70.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ