रु. 25,000+ के  नाका लघुकथा पुरस्कार हेतु रचनाएँ आमंत्रित.

अधिक जानकारी के लिए यहाँ http://www.rachanakar.org/2018/10/2019.html देखें.

नीचे टैक्स्ट बॉक्स से रचनाएँ अथवा रचनाकार खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

अजन्मा कर्ज़दार : अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष कविताएँ / अमरपाल सिंह ‘ आयुष्कर ’

साझा करें:

  1- अजन्मा कर्ज़दार जान गयी हूँ माँ ! मरना नियति मेरी और मुझे मारना , तुम्हारी मजबूरी पर मैं नहीं चाहूंगी मेरी हत्या तुम्हे अभि...

 

1- अजन्मा कर्ज़दार

जान गयी हूँ माँ ! मरना नियति मेरी

और मुझे मारना , तुम्हारी मजबूरी

पर मैं नहीं चाहूंगी

मेरी हत्या तुम्हे अभिशप्त करे

नहीं ये भी चाहती माँ

तुम्हें होना पड़े

लगातार चौथी बार पदाक्रांत

बेटी हूँ, जानती हूँ, नहीं हूँ

तुम्हारे प्रत्यर्थ

पर हूँ आज इतनी समर्थ

तीन माह के जीवनदान के बदले

चुका सकती हूँ

ममत्व का क़र्ज़

अपने नन्हें कोमल हांथों से

करके अपना आत्मोसर्ग |

[ads-post]

 

2- परिनिर्णय

तुम्हारे पुरुषत्व की अहं -रेख पार कर सकूँ

इतना साहस है मुझमें

एक अज्ञात भय के साथ

परिवर्तन की

आकांक्षा भी है !

नकारात्मकता का संहार

सकारात्मकता की विजय

भ्रमित, आशंकित नेत्रों की

अग्नि परीक्षा में

जलूँगी भी नहीं ,

जानती हूँ !

जल कर राख हो जाने को ही सत्य की कसौटी

मानते कुछ लोग

सहज होता उनके लिए केवल उपभोग

इन्द्रियाँ कहाँ होतीं उनकी इतनी सबल ,

होता कहाँ इतना आत्मबल ?

पहचान संकट से गुजरते हुए लोग

पहचानने का दंभ भरते हैं

जानता हूँ कैसी है !

का तंज कसते हैं

चीरती रहती हूँ , भीड़ और सुनसान

लिये मुट्ठियों में भस्म मसान

प्रलय से फटी वसुंधरा में , समाऊँगी नहीं

जीवन सरिस सौन्दर्य , कहीं पाऊँगी नहीं

जानती हूँ

हर युग में हमारी जरुरत है तुम्हे

लौटूंगी बार –बार

बनके सर्जना का विस्तृत आगार

पर ये संकल्प शब्द

मेरे आर्द्र मन की व्यथा

नारीमन की विवशता नहीं

प्रकृति हूँ !

आत्मसात मुझमे

सृष्टि का नवनिर्माण .. 

पर जिस दिन !

तुम मेरे मर्म को

विवशता से तौलोगे

अस्तित्व को

पौरुष की लाठी से तोड़ोगे

तब मेरा परिनिर्णय होगा

अन्तर्निहित अग्निबल का वरण

जो मेरे मरण पर नहीं

संकल्प ,सबलता और सनातन अस्तित्व से अंकुरित होगा |

 

3-नारी

सदियों से माया ,ममता ,विश्वास रही मैं तुम्हारी

सृष्टि के प्रथमाक्षर से /जीवन के अंतिम क्षण तक

तुम सुन निहार सकते हो / दृढ़ मृदु पदचाप हमारी

मैंने बांहों मे अपनी, है देवों को भी पाला

पीडक हो या पातक हो /कब ममता ने है टाला

दारुण, अथाह ,दुःख सहकर / पालक हूँ बनी तुम्हारी

तुम ...........

जब शीतलता की आस लिए ,मेरे द्वारे पर तू आया

गहन विषादों के क्षण में ,है आँचल की दी छाया

बन प्रातराश की मृदुता / मुस्कान मुखों पर वारी

तुम......

कितने अपराध तुम्हारे / संकल्प ने मेरे धोये

शापित, तापित, निष्काषित /जीवन के हर सुख खोये

चुपचाप रही सब सहती / पीकर अमृत विषकारी

तुम....

प्रतिबोध गान ये मेरा, विस्मित हो विश्व सुनेगा

हर दाहक, नाशक क्षण भी /अभिधान हमारी गुनेगा

क्षण परिवर्तन का आया /है नियति भी हमसे हारी

तुम....

 

4 दीदी

आज चौथी बार तिरस्कृत होकर लौटी

दीदी की तस्वीर

बाबूजी के जूते अम्मा की सांसें

भैया के सपने , छुटकी के खिलौने

और मेरी ख़ुशी ,

एक बार फिर

दीदी के हाथों की लकीरों  - सा कट गए

बाबूजी की जेब का हल्कापन

सभी दिलों को भारी कर गया

दीदी का घरोंदा

हल्केपन के भार से दब गया

पर ,

दीदी फिर घरोंदे बनायेगी

विश्वास की नीव डालेगी

आशा के दीपक जलायेगी

एक गुड़िया सजायेगी , प्यार करेगी उसे , बियाहेगी

पर ,

दीदी की भीगी आँखे , ढलती साँसे और सूनी माँग देख

क्या गुड़िया ससुराल जायेगी ?

5- इंतज़ार

बाज़ार गयी बेटी

माँ की साँसें बाप की इज्ज़त

गठिया ले गयी ,फटे दुपट्टे के कोने में

कभी भी फट सकता है दुपट्टे का कोना

बाज़ार की बीरानी में

डर है, कहीं खुल ना जाये, दुपट्टे की गाँठ !

शायद

इसीलिए सहमी है ,दरवाज़े पर टिकी माँ की साँसें

और बाप की आँख ..........................

 

6– सबूत

एक रात बाहर गुज़ार लौटी लड़की

अग्निपरीक्षा हेतु चक्षुकुण्ड ले दौड़ी

सारे मुहल्ले की आँखें

गुजरी रात का सच भी

ना बचा सका उसे

कैसे बताये

सुनसान रास्ते पर ,बिगड़ी बस में

अजनबी पिपासु नेत्रों ,कुंठित शब्दों ,अमर्यादित भावों की

अनलशिखा में

कितनी देर, देती रही अग्निपरीक्षा

अवध हो या लंका

हर हाल में देना पड़ता है

भरमाई आँखों को सबूत अपने होने का |

 

7 - शाश्वती

घुटाता रहा उसे हर सफ़र

रसोई से दफ्तर तक, चूल्हे से ओवन तक

बिना तपे कहाँ दे पायी स्वाद ?

सिल-बट्टे से लेकर मिक्सी तक

बिना पिसे कहाँ दे पायी रंग ?

पतीले की खुरचनी से होटल की मेज तक

खंघालती रही अपनी भूख ?

मोटी मारकीन से कांजीवरम तक में

चुभती रही हर आँख ?

फिर भी

पिता, पति, पुत्र ,परिवार

संजोए संस्कार ,प्रथाएं

मंचित करती सार्थक भूमिकाएं

जीती उर्वर आशाएं

लहलहाता उसका कर्मपथ

शाश्वत,सनातन ,अनवरत |

 

8-केश तुम्हारे

जब तुम्हारा निर्दोष बचपन

घुँघराले बालों में चहकता

जीवन निश्चलता का भाव परोसता

दो चोटियों में बंधकर

सयानी होती बातों को

अवसर प्रदान करता, स्वछंद होने का

परिणीता पलों में केश तुम्हारे

जीवन मृदुता का पान कराते

भीगे बालों तुलसी के लेती फेरे

ममत्व के आभास बिखेरे

जूड़े के रूप में बंधकर

दृढ़ता ,मर्यादा साकार कर

साक्षात्कार कराता, जीवन के सत्य का

परन्तु ....................................

जब कभी कोई दु:साशन बन

निश्छलता ,स्वछन्द्ता ,मृदुता, ममता और दृढ़ता को चुनौती देता

फिर

पांचाली का प्रण बन

कुरुक्षेत्र - सा विध्वंश दोहराता |

 

9- मेरी कहानी

मैं शोकगीत तेरे आंगन की

पीहर बन ,मंगल गीत गयी

डोली, अर्थी, खुशियाँ , आँसू

गुड़िया, बेटी, अम्मा , सासू

आँगन से लेकर देहरी तक

मेरी सारी साँसें रीत गयीं

मैं शोकगीत तेरे आंगन की

पीहर बन ,मंगल गीत गयी

भैया के सपने ले आयी

मैया के गहने ले आयी

बाबुल की फटी कमीजों का

छोटा - सा टुकड़ा ले आयी

चूल्हे से लेकर बासन तक

मेरी सारी जवानी बीत गयी

मैं शोकगीत तेरे आंगन की

पीहर बन ,मंगल गीत गयी

बेटी हूँ बचपन छीन लिया

गुड़िया से पहले शादी की

पत्नी हूँ यौवन दान किया

बन जैसे पुतली माटी की

माँ हूँ ! छिडकी, ताने सुन लूँ

कीमत लौटी बाती की

किलकारी से सिसकारी तक

मेरी सारी कहानी बीत गयी

मैं शोकगीत तेरे आंगन की

पीहर बन ,मंगल गीत गयी |

 

10- चंडी तू नर्तन करती जा !

चंडी तू , नर्तन करती जा !

अरि शीश गिरे, मत गिनती जा

वाणी तेरी , हुंकार भरे

संताप मिटे, तू हँसती जा

आँखें तेरी, ज्वाला बरपे

सब पाप जले, तू दहकी जा

ये केश, प्रलय घन तेरे

विध्वंश करे, तू घिरती जा

हे अष्टभुजी ! कर शस्त्र धरे

संहार करे, तू चलती जा

दृढ़ ,मर्यादित, शुभ कर्मों से

विषमर्दन हो, तू कुचलती जा

अरि शीश गिरे, मत गिनती जा

चंडी तू नर्तन करती जा

तेरा ये तांडव नर्तन

करने को अनास्था मर्दन

संताप सभी हृद्यों का

सुन विश्व पुकार रहा है

तू हरती जा, तू हरती जा

चंडी तू ,नर्तन करती जा

अरि शीश गिरे मत गिनती जा |

--

1 - रिश्ते

इस तरह भी हम रिश्तों को जी लेतें हैं

एक दो मिस्स्ड काल , या मेसेज

फेसबुक पर तस्वीरों को लाइक कर देतें हैं ....

पुराने एलबम से चिपकी नम तस्वीरें निकाल बाहर

पलों को जबरन लौटाने की कोशिश

और फिर खट्टी- मीठी यादों को देख

तस्वीरों से ही बतिया लेतें हैं ..

इस तरह भी हम रिश्तों को जी लेतें हैं

बहुत दिनों बाद मिले , कहो कैसे हो ?

हो गए हो मोटे थोड़े - से

काम तो नहीं , कोई जरूरी

समय हो तो अगर !

कोई उनीदी - सी शाम बैठे -बिठाये

दो कप चाय और थोड़ी चटर पटर

एक पल में भी

सदियों की मिठास भर लेते हैं

इस तरह भी हम रिश्तों को जी लेते हैं

जिक्र चलता जब भी कहीं रिश्तों का

नम आँखों से मुस्कुरा , खूबसूरत रिश्तों को मन में उतार

यूँ , कहकहों मे शामिल हो लेते हैं

इस तरह भी हम रिश्तों को जी लेते हैं |

 

2 रे मन तू

रे मन तू सबकी लिख जाना !

धूप झोपड़ी / छांव महल की

शब्द रहट के / गीत चहकते

रे मन तू सबकी लिख जाना !

चिथड़ा आंचल / रेशम , मलमल

भीत दरकती / ईंट के जंगल

रे मन तू सबकी लिख जाना !

मौत की चीखें / गीत जन्म के

विदा के आंसू / चैन मिलन के

रे मन तू सबकी लिख जाना !

रूखे टुकड़े  / मखनी दाल

बहता पानी  / सूखे ताल

रे मन तू सबकी लिख जाना !

चन्दन तुलसी / भजन प्रभू के

मस्त कबीरे की साखी से

रे मन तू सबकी लिख जाना !

 

3- भूख

भूख ऐसी आँख है जो

ना शहर , ना गाँव

ना धूप , ना छाँव

ना पहाड़ , ना खाई

ना पीर , ना सांई

कुछ नही देखती

ना छोटा , ना बड़ा

ना खोटा  , ना खरा

ना यौवन , ना जरा

ना दिन , ना रात

ना धरम , ना जात

ना ऊंच , ना नीच

ना तनहा , ना बीच

महसूस ही नही करती

ना बाप , ना भाई

ना बहन , ना माई

ना अपनी , ना परायी

ना मातम , ना शहनाई

पहचानती ही नहीं ,

देखती है , सोचती है , महसूसती है , पहचानती है

सिर्फ गहराई अपने अहसास की

और नापती है इंसानियत का कद

कितना उठा , कितना गिरा

धरती का कलेजा चीरकर , उसके बोने और रोटी बनने तक !

 

जन्म :    1  मार्च

ग्राम- खेमीपुर, अशोकपुर , नवाबगंज जिला गोंडा , उत्तर - प्रदेश

दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान ,कादम्बनी,वागर्थ ,बया ,इरावती प्रतिलिपि डॉट कॉम , सिताबदियारा ,पुरवाई ,हमरंग आदि में रचनाएँ प्रकाशित

2001  में बालकन जी बारी संस्था  द्वारा राष्ट्रीय  युवा कवि पुरस्कार 

2003   में बालकन जी बारी -युवा प्रतिभा सम्मान

आकाशवाणी इलाहाबाद  से कविता , कहानी प्रसारित

परिनिर्णय ’  कविता शलभ संस्था इलाहाबाद  द्वारा चयनित

मोबाईल न. 8826957462 mail- singh.amarpal101@gmail.com

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर

-----****-----

-----****-----

|नई रचनाएँ_$type=list$au=0$label=1$count=5$page=1$com=0$va=0$rm=1

.... प्रायोजक ....

-----****-----

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधाएँ ~

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---


|आपके लिए कुछ चुनिंदा रचनाएँ_$type=blogging$count=8$src=random$page=1$va=0$au=0

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3844,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,336,ईबुक,192,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2787,कहानी,2116,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,486,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,90,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,329,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,327,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,50,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,9,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,17,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,238,लघुकथा,834,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,7,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,315,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,62,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1921,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,649,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,688,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,55,साहित्यिक गतिविधियाँ,184,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,58,हास्य-व्यंग्य,68,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: अजन्मा कर्ज़दार : अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष कविताएँ / अमरपाल सिंह ‘ आयुष्कर ’
अजन्मा कर्ज़दार : अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष कविताएँ / अमरपाल सिंह ‘ आयुष्कर ’
https://lh3.googleusercontent.com/-Xbu_khSmoA8/WL5dWI1Z_0I/AAAAAAAA3Nk/38lxRG3ORSI/image_thumb%25255B2%25255D.png?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-Xbu_khSmoA8/WL5dWI1Z_0I/AAAAAAAA3Nk/38lxRG3ORSI/s72-c/image_thumb%25255B2%25255D.png?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2017/03/blog-post_7.html
https://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2017/03/blog-post_7.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ