व्यंग्य // प्रकाशक-पुराण // वीरेन्द्र 'सरल'

SHARE:

प्रकाशक स्वयं प्रकाशित नहीं होता पर वह लेखक को प्रकाशित करता है। बिना प्रकाशन के रोग लगे कोई लेखक हो भी नहीं सकता। पर मेरे साथ जरा उल्टा हुआ...

image

प्रकाशक स्वयं प्रकाशित नहीं होता पर वह लेखक को प्रकाशित करता है। बिना प्रकाशन के रोग लगे कोई लेखक हो भी नहीं सकता। पर मेरे साथ जरा उल्टा हुआ, मुझे जब लेखक होने का भ्रम हुआ तब प्रकाशित होने का रोग लगा। डायरी पर लिखी हुई मेरी कुछ रचनाएं मुझे बार-बार प्रकाशित होने के लिए उकसाने लगी। अपनी ही रचनाओं की उलाहना से परेशान होकर मैंने प्रकाशित होने का फैसला किया और जी-जान लगाकर प्रकाशक की तलाश में जुट गया। एक मित्र ने मुझे धड़कन प्रकाशन का पता और मोबाइल नम्बर देते हुए बताया कि यह सर्वाधिक प्रतिष्ठित प्रकाशनों में से एक है, आप इनसे सम्पर्क करके देखिए।

प्रकाशन की पीड़ा से व्यथित होकर मैंने एक दिन धड़कन प्रकाशन के मुखिया को फोन मिलाया। पर पता नहीं ऐसा करते हुए क्यों मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था। हैलो कि आवाज सुनते ही मैंने पूछा-''क्या मेरी बात धड़कन प्रकाशन के मुखिया धड़कनसिंह से हो रही है?'' जवाब मिला-''आपके दिल की धड़कन की आवाज मैं साफ सुन रहा हूँ। यदि आपको अंदाज हो कि आपका दिल जोरों से धड़क रहा है, तो जरूर हो रही है।'' मैंने कहा-''सर! यदि आपके शान में गुस्ताखी न हो तो मैं आपसे प्रकाशन संबंधी चर्चा करने की जुर्रत करूँ?

''जरूर-जरूर, आप बात कर सकते हैं। बोलिए, मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ?''

''सर! आपके प्रकाशन से अपनी एक किताब प्रकाशित कराना चाहता हूँ।''

''अरे! ये तो बहुत खुशी की बात है। हमने तो अच्छे-अच्छों को प्रकाशित करके रख दिया है तो फिर आपको कैसे छोड़ सकते है। अब आप आ ही रहे हैं तो आपको भी प्रकाशित करके ही छोड़ेंगे, अब तो खुश हो न?''

मैंने कहा-''बहुत-बहुत धन्यवाद सर! आपसे बात करते हुए पता नहीं क्यों मुझे बहुत डर लग रहा था।''

'' अरे आप अभी से क्यों डर रहे हैं भाई! वह तो बाद की बात है।''

तभी फोन पर किसी और कि आवाज सुनाई दी जो धड़कनसिंह से कह रहा था, सर मुर्गा फँसा? धडकनसिंह की आवाज आई। अरे! तुम उधर फँसाओ यार, मुझे जरा इधर देखने दो। फिर धड़कनसिंह ने मुझसे कहा-''हाँ, आप बोलिए, ये इधर अपने ही कार्यालय का कर्मचारी था।

मैंने कहा-''सर! यदि आप अभी व्यस्त हों तो मैं बाद में बात करूँ?

''नहीं-नहीं। मैं व्यस्त नहीं हूँ। अच्छा आप करते क्या हैं? मेरा मतलब है आप लेखन के अतिरिक्त और क्या काम करते है?

मैंने कहा-''सर! मैं स्कूल मास्टर हूँ। तभी फोन पर कुछ घरघराहट हुई, शायद नेटवर्क की दिक्कत आ गई थी। फिर से नेटवर्क मिलते ही धड़कनसिंह जी का सुर बदल गया था। अब वे बड़े अदब से पेश आ रहे थे। उन्होंने मुझसे बहुत सम्मानित ढंग से बातचीत करते हुए पूछा-''अभी आपकी ड्यूटी किस जिले और किस राज्य में है साहब?''

मैंने अपने राज्य और जिले का नाम बता दिया। वे खुशी से उछलते हुए बोले-'' आप साहित्य की किस विधा में लिखते है सर। मैंने जरा शरमाते हुए कहा-''बस यूँ ही, जो मन में आता है वह लिख लेता हूँ भाई। यह कौन सी विधा है, मैं भी आज तक इसी दुविधा में हूँ।

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा-''अरे! वाह साहब! आप तो छुपे रूस्तम निकले, साहित्य में 'यूँ ही' विधा के प्रर्वतक साहित्यकार होने का गौरव तो बस आपको ही मिलेगा। बस आपकी किताब प्रकाशित होने भर की देर है। यदि आप अपना जॉब हमें पहले से ही बता देते तो हम स्वयं ही आपकी पाण्डुलिपि लेने आपके घर पहुँच जाते। खैर कोई बात नहीं, देर आये दुरस्त आये। आप सही जगह पहुँचे या नहीं, ये तो हम नहीं जानते। लेकिन हम तो बिल्कुल सही जगह पहुँच गये हैं। अब तो आपकी सारी किताबें हम ही छापेंगे। जो मन में आये, आप लिखिए और हमें भेजते जाइए। यदि कुछ भी न लिख सकें तो भी कोई बात नहीं, केवल अपना नाम लिखकर हमें भेज दीजिए। किताब हम स्वयं ही लिखकर आपके नाम से छाप लेंगे। बस आप तो एक अनुबंध पेपर में दस्तखत करके हमें दे दीजिए। आप हमें पाण्डुलिपि भेज रहे है या लेने के लिए हम पहुँचे आपके पास? वैसे आप किस कैडर से है सर।''

मैंने कहा-''मैं किसी के डर से लेखक नहीं हूँ भाई! लेखन का शौक मैंने स्वयं अपने रिस्क पर उठाया है।''

''वाह सर वाह! आप तो बहुत अच्छा मजाक कर लेते है। बस एक बार आपकी दयादृष्टि हो जाय तो हम भी धन्य हो जायेंगे। आप अपनी पाण्डुलिपि तुरन्त भेजिए। मेरा सब्र का बांध टूटा जा रहा है। जी चाह रहा है कि आपको जितना जल्दी हो सके, प्रकाशित करूँ।''

धड़कन सिंह जी की आतुरता से मैं आश्चर्यचकित था। उनकी विनम्रता और सहृदयता का मैं कायल हो गया। मैं मन ही मन सोच रहा था कि धड़कनसिंह जी के पूज्य पिताजी जरूर स्कूल मास्टर ही रहे होंगे तभी इनके मन में मेरे लिए इतना सम्मान का भाव है वरना आजकल स्कूल मास्टर को कौन भाव देता है, सब अपना प्रभाव ही दिखाते हैं।

बातचीत जारी रखते हुए मैंने कहा-'' देखो भाई! स्कूल में बच्चों के बीच रहते हुए मेरा स्वभाव भी बच्चों जैसा हो गया है। छल-छद्म, ईर्ष्या-द्वेष से मैं कोसो दूर रहता हूँ। जुगाड़ या तिकड़म करना मैं नहीं जानता। लेन-देन की कोई बात हो तो निःसंकोच बता दीजिए। मैं कुछ और कह पाता उससे पहले ही धड़कनसिंह जी कहने लगे-''अरे आप बिल्कुल चिन्ता मत कीजिए सर! ये सब तो हम करते है और बहुत अच्छे ढंग से कर लेते है। जहाँ तक लेन-देन की बात है तो हम तो केवल लेन करते है देन के मामले में बहुत मितव्ययी हैं। प्रकाशित पुस्तक की सौ प्रति देने की बात करते हैं और पूरा रकम वसूल लेने के बाद बीस-पच्चीस प्रति देकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। मगर आप घबराइए नहीं आपके साथ ऐसा नहीं होगा। आप जितनी प्रतियां चाहेंगे, हम उससे पांच गुणा ज्यादा प्रतियां आपको देंगे। फिर उन्होंने जरा ठिठकते हुए आगे कहा-'' लेकिन सर! कलेक्टर होते हुए भी आप स्कूल में बच्चों के बीच क्या करते है? यह बात समझ में नहीं आई।

अब मेरा माथा ठनका। मैंने चौंकते हुए कहा-''आपको किसने बताया कि मैं कलेक्टर हूँ। मैंने तो आपको बताया कि मैं स्कूल मास्टर हूँ।''

स्कूल मास्टर का नाम सुनते ही धड़कनसिंह जी एकदम गरम हो गये। अब वे बेसुर नहीं बल्कि लगभग असुर ही हो गये थे। दाँत किटकिटाते हुए बोले-'' अरे! तो साफ-साफ अपने आप को स्कूल मास्टर बताना था न? कलेक्टर क्यों बताया। तुम्हें शर्म आनी चाहिए। स्कूल मास्टरी करते हो और साहित्यकार बनने का शौक चर्राया है। अरे, पहले अधिकारी बनो अधिकारी। तब लेखक बनने की सोचना। जो लेखक अधिकारी होते है वही हमारे यहाँ से प्रकाशित होने के अधिकारी होते हैं, समझे? नेताओं की किताब हम चमचों में खपा देते है और अधिकारियों की किताब उनके मातहातों में तथा सरकारी ग्रंथालयों में खपा देते है। यदि तुम कालेज में प्रोफेसर वगैरह होते तब भी एक बार सोचा जा सकता था कि तुम्हारी किताबें सरकारी कालेज के ग्रंथालयों में खप जायेगी। पर एक स्कूल मास्टर की किताब हम कहाँ खपायेंगे। इसके लिए तो हमें जिन्दगी भर दिमाग ही खपाना पड़ जायेगा। हमारा प्रकाशन बहुत प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान है, यहाँ लेखन का कद नहीं बल्कि लेखक का पद देखा जाता है। आप कितना महत्वपूर्ण लिखते हो, यह हमारे लिए मायने नहीं रखता बल्कि आप कितने ऊँचे पद पर हैं यह मायने रखता है, समझे? तुमने खामखाह मेरा टाइम बर्बाद कर दिया। अब दोबारा मुझे फोन करने की गलती मत करना वरना मैं तुम्हें सीधे पुलिस को सौंप दूंगा। इतना कहकर धड़कनसिंह जी ने फोन पटक दिया।

अब मामला मुझे समझ में आया। मैंने उन्हें अपने आप को स्कूल मास्टर बताया था पर वे नेटवर्क की कमी के कारण इसे कलक्टर सुन लिया था। पहले मैं उनकी बातों का कायल हुआ था और अब घायल पड़ा हूँ।

---

वीरेन्द्र 'सरल'

बोड़रा (मगरलोड़)

पोस्ट-भोथीडीह

जिला-धमतरी ( छत्तीसगढ़)

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: व्यंग्य // प्रकाशक-पुराण // वीरेन्द्र 'सरल'
व्यंग्य // प्रकाशक-पुराण // वीरेन्द्र 'सरल'
https://lh3.googleusercontent.com/-8flpCMuXY_k/WfXbbEYTiSI/AAAAAAAA8TM/PhByX5sAR3QsdETiQcdLr1V1CYDILUmYQCHMYCw/image_thumb?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-8flpCMuXY_k/WfXbbEYTiSI/AAAAAAAA8TM/PhByX5sAR3QsdETiQcdLr1V1CYDILUmYQCHMYCw/s72-c/image_thumb?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2017/10/blog-post_79.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2017/10/blog-post_79.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content