सलाम बंडू, कुकूर!! // संजीव तिवारी

SHARE:

बात सन 1983 के किसी जड़काले की है, मध्य प्रदेश माध्यमिक परीक्षा मंडल की अंतिम मैट्रिक परीक्षा की अंकसूची में छपे शब्दों में बसी खुशबू बरकरार ...

image

बात सन 1983 के किसी जड़काले की है, मध्य प्रदेश माध्यमिक परीक्षा मंडल की अंतिम मैट्रिक परीक्षा की अंकसूची में छपे शब्दों में बसी खुशबू बरकरार थी। भिलाई स्टील प्लांट में श्रमिकों की भर्ती के लिए जिला रोजगार कार्यालय दुर्ग द्वारा समय वरीयता के अनुसार समय-समय पर बुलावा पत्र गांवों के लड़कों को मिल रहे थे। इसके लिए न्यूनतम योग्यता मैट्रिक थी और रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन आवश्यक था।


अंकसूची मिलने के बाद उसकी दस-बारह फ़ोटो कापी निकलवा कर कोनी बिलासपुर में फिटर आईआईटी और बेमेतरा में बी.काम. के लिए फार्म भरने और दोनों जगह प्रवेश मिल जाने के बाद ऊहापोह में मैं, बी.काम. में प्रवेश ले चुका था।
दीपावली की लम्बी छुट्टी के बाद गांव में ही लल्लू दाऊ ने दुर्ग जाकर रोजगार कार्यालय में पंजीयन करा लेने का प्लान बनाया। हम सरकारी रूप से बेरोजगार दर्ज होने के लिये सुबह घी में बोरकर अंगाकर पताल धनिया मिर्च धड़के और सायकल से दुर्ग के लिए निकल पड़े। हमारा गांव शिवनाथ नदी के किनारे पर बसा हुआ है।


हमारे गांव से लगभग दो किलोमीटर दक्षिण पूर्व में खारुन और शिवनाथ का संगम है। शिवनाथ यहां दक्षिण पश्चिम से बहती हुई आती है, जिसके तट पर किरितपुर नाम का गांव है। खेत के मेढ़ों से होकर जाने से किरितपुर भी हमारे गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर है। धान के कट जाने के बाद खेतों के बीच मेढ़ काटकर बनाये गए गाड़ा रावन से सायकल उचकते हुए निकलती है। सुविधाजनक पहुँच मार्ग नहीं होने के बावजूद इन दोनों गांवों के बीच यही सुगम मार्ग है। इससे होते हुए हमने शिवनाथ पार में पहुंचे। नदी में पानी घुटने भर रही होगी, हमने सायकल रोककर लफ़र्रा बेलबॉटम को मोड़कर जांघ तक चढ़ाया। जैसे ही हमने सायकल के स्टैंड को हटाया, कूँ-कूँ की आवाज पर हमने पीछे देखा। हमारे गांव का बंडू कुकूर पूछ हिलाते खड़ा था।
हँसी के साथ हमने उसे गाली दिया- 'तैं कहाँ इँहा घुमरत हस साले।'


वह पूँछ हिलाते हुए सायकल के चक्के पर लोटने लगा।
लल्लू ने फिर गाली दिया- 'भाग भो*डी के, हमर पीछू कहाँ आबे।'
वह गुर्राने लगा। हम उसे नजरअंदाज कर पानी में उतर गए, बेडौल बिच्छल पत्थरों और तेज बहाव में कभी सायकल तो कभी जाँघ तक चढ़े पैंट को बचाते हमने नदी पार कर लिया। पानी के बाद उस पार के ऊंचे करार तक रेत फैली हुई थी। रेत में सायकल को ठेलते हुए आगे ले जाना मेहनत का काम है, करार तक पहुँचते-पहुँचते अंगाकर रोटी पच गया। ऊँचे करार पर सायकल चढ़ाने के पहले हम शक्ति संचय के लिए वहां रुक गए। पीछे मुड़ कर देखा कितना सफर तय हुआ। बंडू कुकुर पानी-पत्थर-बूटा कूदता हुआ फिर हमारी ओर दौड़ता हुआ आ रहा है।
लल्लू ने फिर गाली देते हुए कहा- 'ये हमन ल पदोही तइसे लागथे दाऊ।'


अब उसने गोंटा उठाकर उसकी ओर उछाल दिया- 'भाग साले।'
गोंटा से बचते हुए वह कूँईं करता फिर हमारे पास। हमने उसे खूब गाली दिया, समझाया भी कि हम दुर्ग जा रहे हैं, डेढ़ सौ किलोमीटर दूर। उसने सुना, पर वह ठान के बैठा था, चलेगा हमारे साथ।
सरदा आ गया, कबीरपंथी चौका आरती की आवाज लाऊड स्पीकर में गूंजने लगी। बस्ती में हम जैसे ही घुसे भौ-भौं करते कुत्तों का दल हमारी ओर दौड़ने लगा। हमें ब्रेक लगाना पड़ा, बंडू कुकुर हम दोनों के सायकल के बीच पूछ दुबकाये बैठ गया। लल्लू ने फिर गाली दिया- 'मर भो*डी के, हमू मन ल मारबे।'
हमारे हात हूत से गांव के कुत्ते दूर में ही गुर्राते रुक गए पर भागे नहीं। सरदा से हमें डामर वाली सड़क मिल गई थी। उन दिनों ट्रैफिक कम था, हम दोनों के सायकल के बीच में वह सुरक्षित आगे दौड़ने लगा। शाम तक हम कुसमी पहुँच गए, साथ में बंडू भी था।


पूरे रास्ते में घेरी-बेरी रुक-रुक कर बंडू कुकुर को वापस गांव खेदारते रहने के कारण हम देर से कुसमी पहुँचे। सामान्य अवस्था में हम अब तक दुर्ग पहुँच गए होते। शाम को अनजान शहर में जाने के बजाय लल्लू दाऊ ने सुझाव दिया कि रात कुसमी में ही रुका जाय और दूसरे दिन सुबह से दुर्ग के लिए निकला जाय।
उन दिनों हमारे चाचा का बेटा राजू, कुसमी में अपने नाना के घर में रह कर कर पढ़ाई कर रहा था। कुसमी में हमारा आना जाना लगा रहता था और हम वहां कुछ दिन बिलमते भी थे।
मैंने भी सोचा कि इसी बहाने इस बंडू कुकुर से पीछा छूटेगा। सुबह इसे चकमा देकर दुर्ग के लिए निकल लेंगे। वापसी में इसे लेते हुये गांव आ जाएंगे।
रात कुसमी में रुके, सुबह उठ कर तरिया में नहाने गए, बंडू भी गया। मैंने लल्लू से कहा- 'येला कइसे चू*या बनाबों दाऊ, ये साले हमर पीछा नई छोड़य।'
बंडू मुझे बोटबोट से निहार रहा था जैसे उसने मेरी बात सुनी ही नहीं।


कटकटात जाड़ में दु डुबकी मार के घर पहुँचे, घर में थोड़ा बहुत बिल में ताकि बंडू भुला जाए। जब वह सुनहरी घाम में घर से लगे कोठार में फैले धान के पैर में मस्तियाने लगा। हम सायकल उठाये और दुर्ग की ओर भागे।


बेरला के पहले किटप्लाई वाले परसरामपुरिया के फार्म के पास पहुँचे ही थे कि बंडू हँफरते, जीभ निकाले पहुँच गया।
'जौहर होंगे रे।'
लल्लू  चिल्लाया।
अब वह साथ छोड़ेगा नहीं और उसे झेलना पड़ेगा। नए शहर में जाने की उत्सुकता, मोटर, गाड़ी, ट्रेन, सेक्टर, फैक्ट्री, मैत्री बाग, रंग-रंग के टुरी की बातें सब सटक गया था। दिल दिमाग में बंडू कुकुर था, इसे कैसे बचाएंगे, कहाँ कैसे रखेंगे।
वह हमारी चिंता से बेखबर हमारे पीछे दौड़ता रहा, कभी कभी रोड के चढ़ाव में वह हमसे आगे बढ़ जाता और हमारे आते तक सड़क में पसर जाता, हमे देखता, यूँ कह रहा हो अड़बड़ धिरन्त हव जी तुमन।


रास्ता पूछते-पूछते अहिवारा, जामुल, भिलाई से दुर्ग पहुँचते तक हमने रोजगार पंजीयन के संबंध में दो-चार बार ही बातें की बाकी बंडू कुकूर दिल दिमाग मे छाया रहा।
स्टेडियम में सुबह सात बजे से लाइन लगी है हम यहां नौ बजे पहुँचे हैं, साढ़े दस बजे काउंटर खुलेगा जहाँ फार्म मिलेगा। उसे भरकर अंकसूची के फोटोकॉपी के साथ दूसरे काउंटर में जमा करना है। ढाई बजे दूसरा काउंटर खुलेगा। शाम पांच बजे कार्ड बनकर मिलने लगेगा। यदि सब काम फटा फट हुआ तो पहट बेरा तक हम लहुट जाएंगे। रात में सर-सर सर-सर सायकल चलाते दस-ग्यारा बजे तक गांव।
'शहर में सायकल को बने चेत करके रखना बेटा।'


निकलते वक्त मां ने कहा था। कहाँ रखें, यहाँ तो सायकलों की भीड़ है। स्टेडियम के गेट के सामने सायकलों के बीच मे हमने अपनी सायकलों को घुसाया, ताला लगाया, हैंडल में टंगे झोले को निकाल कर लाइन में लग गए। बंडू कुकूर को शायद पता था, हम देर से लौटेंगे और सायकल के बिना कहीं नही जाएंगे, सो वह वहीँ पसर गया। तुमन आवव जी मैं इही जघा अगोरत हँव।
हम लाइन पे लाईन लगते गए शाम साढ़े पांच बज गए, बाबू ने एलान किया कि बचें हुए लोगों का रोजगार कार्ड कल मिलेगा।
'हम अड़बड़ दुरिहा ले आये हवन सर, पिलीज हमर कारड ल दे दव!'
रुवांसी होकर मैन कहा था।
'क्या नाम है?'
'संजीव तिवारी'
'त्रिविध नारायण दुबे'
हमने संयुक्त रूप से कहा।


थोड़ी देर वह फाइलों-कागजों को तमडता रहा फिर कहा- 'नहीं, कल ही मिलेगा।'
सूरज ढल चुका था, पीले रौशनी वाले बल्ब जल गए थे। हमने एक दूसरे के ओथराये मुंह को देखा और झोला कंधे में लटकाए भीड़ से बाहर निकलने का उदीम करने लगे। हमारे जैसे बहुत सारे लोग थे जिनको कार्ड मिल नहीं पाया था।
'अब कइसे करबो दाऊ'
लल्लू ने पूछा, मेरे पास कोई जवाब नहीं था। दो बच्चों ने कहा कि चलो रेलवे टेंसन वहीँ रात में रुकेंगे, यहां से पास में ही है।
हम सायकल के पास आए, वहां अंधेरे में इक्का-दुक्का सायकलें ही बची थीं, बंडू हमारे पहुँचते ही कूँ-कूँ करते हुए मस्तियाने लगा। लल्लू ने एक भरपूर लात उसे मारी।
'भो*ड़ा के तोरे कारन फदग गेन।'


कायँ-कायँ चिल्लाते हुए वह कातर निगाहों से हमें देखने लगा। उसके पूछ लगातार हिल रहे थे।
हम रेलवे स्टेशन के सायकल स्टैण्ड में घुसे ही थे कि शहरी मुस्टंड कुत्तों के झुंड ने बंडू को घेर लिया। हम सायकल से उतरे उन्हें भगाने की कोशिश भी किया, पर वे उसे नहीं छोड़े। उस ग्रुप के मजबूत कुत्ते ने सिर हिला हिला कर बंडू को काटा। एकाध मिनट के बाद वह उनके चंगुल से बचकर हमारी ओर भागा, उसके जख्मों से खून बहने लगे थे।

पूरा मार्मिक संस्मरण आगे यहाँ पढ़ें >> http://aarambha.blogspot.in/2017/11/blog-post_14.html

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: सलाम बंडू, कुकूर!! // संजीव तिवारी
सलाम बंडू, कुकूर!! // संजीव तिवारी
https://lh3.googleusercontent.com/-pfPS7zOYhNA/Wg026Wds3GI/AAAAAAAA8oE/jSFGyPXp30I3Jg33Azh-o26eUvhYPmwnACHMYCw/image_thumb%255B1%255D?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-pfPS7zOYhNA/Wg026Wds3GI/AAAAAAAA8oE/jSFGyPXp30I3Jg33Azh-o26eUvhYPmwnACHMYCw/s72-c/image_thumb%255B1%255D?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2017/11/blog-post_42.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2017/11/blog-post_42.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content