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लघुकथाएँ : प्रभात दुबे // प्राची - दिसंबर 2017 : लघुकथा विशेषांक

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प्रभात दुबे

जन्म : 5 फरवरी 1950

प्रकाशन : नंदिता तुम कहां हो (कहानी संग्रह), अनेकानेक लघुकथा संग्रहों में लघुकथाएं प्रकाशित, शताधिक पत्रिकाओं में कहानी, कविताएं व लघुकथाओं का प्रकाशन.

संपर्कः 110,पुष्पांजली स्कूल के सामने, शक्तिनगर

जबलपुर- 482001 (म.प्र.),

प्रभात दुबे

ईमानदारी

मंत्री जी के सामने, उनके विभाग की स्थानांतरण सूची हस्ताक्षर हेतु प्रस्तुत की जा चुकी थी. मंत्री जी अत्यधिक व्यस्तता के कारण उक्त नस्ती पर हस्ताक्षर नहीं कर पा रहे थे. इसी बीच एक अधिकारी ने उनके समक्ष उपस्थित होकर

अत्यधिक आदर से उन्हें नमस्कार करते हुए कहा कि- ‘सर, मेरा एक ही बेटा है और उसका यह बी.ई. का अंतिम वर्ष है अतः आपसे आग्रह है कि कृपया इस वर्ष मेरा स्थानांतरण न किया जावे.’

मंत्री जी ने रहस्यमयी अपनी अनुभवी आंखों से अधिकारी को देखा पर कुछ कहा नहीं, अधिकारी के द्वारा मंत्री जी का मन्तव्य समझ कर एक बड़ा और मोटा लिफाफा उनकी ओर बढ़ाया. जिसे मंत्री जी ने लेकर तत्काल अपनी अटैची में रख लिया. मंत्री जी अधिकारी से कुछ और पूछना चाहते थे.

अधिकारी भी अपने संबंध में कुछ और जानकारी देना चाहता था कि तभी मंत्री जी का मोबाइल बज उठा और वे मोबाइल पर बात करने में व्यस्त हो गये. इसी बीच दस बारह नेताओं ने मंत्री जी के कमरे में प्रवेश किया. जिससे विवश मंत्री जी की व्यस्तता के कारण उनसे मुलाकात न हो सकी.

अधिकारी ने मंत्री जी की, की गई सेवा से स्वयं को आश्वस्त किया और अपने मुख्यालय वापस लौट गये. दूसरे दिन फुरसत मिलने पर मंत्री जी स्थानांतरण सूची पर हस्ताक्षर करने ही वाले थे कि उन्हें बीते दिन की घटना याद आ गई. उन्होंने अपनी अटैची खोल कर लिफाफा देखा. चेहरे पर संतुष्टि के भाव उभरे. उन्होंने स्थानांतरण सूची पर हस्ताक्षर न कर कुछ सोचते हुए अपने सचिव को बुलाकर बोले- ‘मुझे दो दिन के अंदर प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों के नाम पते उनके नवीनतम छाया चित्रों के साथ आवश्यक रूप से चाहिये.’

सचिव के द्वारा ई-मेल एवं दूरभाष के माध्यम से दो दिन पश्चात् पूरे प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों के नवीनतम छायाचित्र नाम पदस्थापना सहित मंत्री जी के समक्ष प्रस्तुत हो गयी. मंत्री जी के द्वारा एक-एक छायाचित्र को ध्यान से देखा एवं उस अधिकारी के छायाचित्र को पहचान कर उसका नाम स्थानांतरण सूची से मिलाया. उन्नीसवें नंबर पर अंकित

अधिकारी के नाम को लाल स्याही से काटकर नोटशीट पर लिखा. यह अधिकारी अपने दायित्वों से परिचित एवं कर्त्तव्यनिष्ठ है. इनका स्थानांतर इस वर्ष न किया जाये. संशोधित स्थानांतरण सूची प्रस्तुत की जावे. मंत्री जी मन ही मन अपनी इस ईमानदारी पर मुदित होकर अन्य नस्तियां निपटाने लगे.

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