व्यंग्य // मजदूर –एक अव्यावहारिक प्रलाप // यशवंत कोठारी

SHARE:

आपने जीवन में और कुछ देखा हो या नहीं मगर कभी न कभी मजदूर अवश्य देखा होगा. हर आदमी अक्सर सस्ते और अच्छे मजदूर की तलाश में रहता है जो पैसा कम...


image

आपने जीवन में और कुछ देखा हो या नहीं मगर कभी न कभी मजदूर अवश्य देखा होगा. हर आदमी अक्सर सस्ते और अच्छे मजदूर की तलाश में रहता है जो पैसा कम ले और काम ज्यादा करे हर शहर में मजदूरों के ठिये होते हैं जहाँ पर सुबह सवेरे मजदूर काम की तलाश में आकर बैठ जाते हैं, ये लोग गाँव से एक दो मोटी रोटियां कच्चा कांदा या फिर एक दो हरी मिर्च लेकर आते हैं, मजदूरी मिल गई तो ठीक नहीं तो शाम को बैरंग वापस गाँव चले जाते हैं ,कभी कभी किराया बचाने के चक्कर में ये लोग शहर के अंदर बसे रेन बसेरों में ही सो जाते हैं. इन गरीब गुरबों की और सरकार का ध्यान केवल चुनाव के दिनों में जाता है. वोट देने के अलावा ये लोग रेलियों में ,सभाओं में भीड़ जुटाने के काम आते हैं, मजदूरी के अलावा खाने के पैकेट भी मिल जाते हैं बोनस में कभी कभी पुलिस की लाठियां भी मिलती हैं, एक ही मजदूर कई दलों की रैलियों, सभाओं में चला जाता है. मजदूर के बाप का क्या जाता है. मजदूर वास्तव में सर्वहारा वर्ग का सच्चा किरदार है. कई बार मुझे लगता है पूरी दुनिया मजदूर के खिलाफ है तभी तो नारा बना-दुनिया के मजदूरों एक हो जाओ . मजदूर को गाँव में मजदूरी नहीं मिलती तो शहर की तरफ भागता है, शहर में आधी पोनी मजदूरी पाता है या रिक्शा चलाकर अपना व् परिवार का पेट भरने का असफल प्रयास करता है.

लेकिन पूरी दुनिया मजदूरों के खिलाफ हो ऐसा नहीं है. गारा मिटटी ,चूना , ईटें, पत्थर ख़राब पानी सीमेंट, फावड़ा , तगारी , गेंती , कुदाल, सीढी, ऊँचे बलि फंटें आदि उसके मित्र साथी हमसफ़र होते हैं , मजदूर कई बार उंचाई से गिर जाता है मगर किसी को कोई खास अफ़सोस नहीं होता , कुछ मुआवजा देकर मामला निपटा दिया जाता है.

कल ऐसा ही हुआ एक गरीब बूढा,बीमार लाचार अपाहिज मोहताज़ अपने जवान बेटे की मौत का मुआवजा मांग रहा था और ठेकेदार उसे हड़का रहा था . बूढा थोड़े पैसे में ही मान गया, यही मजदूर की नियति है. नहीं मानता तो क्या करता . ठेकेदार बोला -

तुम साले गरीब गुरबे तो पैदा ही मरने के लिए होते हो,गिर कर नहीं मरते तो किसी रईस की कार के नीचे आकर मरते. गरीबी और मौत का तो चोली दमन का साथ है. मजदूर सबकी गा ली खाता है सबकी सुनता है मगर सरकार , प्रशासन, पुलिस , व्यवस्था. पटवारी, तहसीलदार. डाक्टर कोई उसकी नहीं सुनता.

मजदूर याने सर पर कफन की तरह बांधे एक गमछा वाला आदमी नुमा गरीब या गरीब नुमा आदमी जो हर मजदूरी देने वाले को बाबूजी कहता है ,बाबूजी उसके पचास रूपये काट कर दो चाय पिला कर डेढा काम निकालने की फिराक में रहते हैं ठेकेदारों द्वारा किये जा रहे शोषण पर सैकड़ों शोध कार्य हो चुके हैं मगर मजदूर कि स्थिति में कोई फर्क नहीं पड़ा . समाज विज्ञानी बताते हैं कि मजदूर बिना शोषण के जिन्दा नहीं रह सकता , शोषण ही उसे जिन्दा रखता है. मजदूर का न वर्तमान होता है, न भूत व् भविष्य होता है.

मजदूर की चर्चा अधूरी है यदि बात मजदूरिनों की न की जाय. ये बेचारियाँ कम पैसे में काम करती हैं, आर्थिक,मानसिक व् शारीरिक शोषण की कोई शिकायत तक नहीं कर पाती. सरकार ने मनरेगा बनाया मगर मजदूरों को कोई फायदा नहीं हुआ ,सरपंच के खेत की मेड ही बार बार बनाई गयी. मजदूर गरीब ही पैदा होता है और गरीब ही मर जाता है. भारतीय मजदूर अफ्रीका से अमेरिका तक फैले हुए हैं सस्ते,सुंदर ,टिकाऊ और मज़बूत ,आजकल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी कमोबेश मजदूर ही है जो बॉडी शोपिंग के सहारे विदेशों में काम करते हैं,और बड़ी कम्पनियां ठेकेदारी करती हैं. महात्मा गाँधी ने अफ्रीका के भारतीय मजदूरों की लड़ाई लड़ी और बाद में आज़ादी की लड़ाई लड़ी,गिरिराज किशोर ने इस विषय पर उपन्यास लिखा जो मजदूरों की हालात तो बयां करता है मगर मजदूर का कुछ नहीं हुआ. बिहार का मजदूर पंजाब हरियाणा में रोटी की खोज में आता है और ख़ुशी ख़ुशी अपना शोषण करवाता है.

हर मजदूर की गरीबी के अलावा कोई न कोई समस्या होती है,गरीब है इसलिए बीमारी उसका पीछा नहीं छोड़ती,अस्पतालों में उसे कोई घुसने नहीं देता,मेडिकल बीमा उसका होता नहीं. खैरात की दवा और घुड़कियाँ जरूर मिलती है ,सरकार उसे कार्ड देती है मगर फायदे सब नेताओं को मिलते है,आधार लाओ गार्ड उसे झिडकते हुए कहता है,तुम्हारे पास जो आधार है वो नकली है असली वाला गाँधी छाप आधार लाओ ,सब ठीक हो जायगा. पिछले दिनों एक गरीब मजदूर की बीबी मर गयी मजदूर लाश छोड़ कर कमाने गया धंधा नहीं मिला ,अख़बार वाले चिल्लाये तो कुछ हुआ. बेचारा गरीब मजदूर . मजदूर याने एक सतत उदासी,पिचका शरीर,खली हाथ,भूखा नंगा ,जबरन मरने को तैयार किसी बाबा की शरण में जाने का हमेशा तैयार.

एक तरफ सात सितारा जिन्दगी और दूसरी तरफ माइनस सात सितारा मौत. यहीं है असली प्रजातंत्र के इतने सालों की कमाई. एक नेता ने साफ कहा –इन सालों का भूखा रहना बहुत जरूरी है यदि इनका पेट भर गया तो हम लोग भूखे मर जायेंगे. इनकी जिन्दगी का बदतर होना ही हमारी सफलता है.

कभी पूरी मजूरी मिलने पर मजदूर खुश होकर एक थैली पीकर बीबी को मार पीटकर खुश हो जाता है. मजदूर को कोई भी ठोकर मार सकता है फुटपाथ पर सोने पर कार से रौंद सकता है गलती उसी की है वो फुटपाथ पर क्यों सोया. झोपड़पट्टी में भी जगहों पर दादा माफिया का कब्ज़ा. मजदूर मरेगा तो कौन बचेगा.

अमेरिका के शिकागो शहर में सबसे पहले एक मई को मजदूर दिवस का आयोजन हुआ बाद में मजदूर क्रांति पूरी दुनिया में फैली,साम्यवाद मजदूर आन्दोलन पर ही टिका था बाद में खुली अर्थ व्यवस्था के कारण सब चौपट हो गया. अब तो हालत ये है की सरकार मजदूर व् मशीन को एक साथ किराये पर लेती हैं,फिर ठेकेदार मजदूर व् मशीन दोनों का शोषण करते हैं. मानव व् मशीन का यह द्वन्द्व सैकड़ों सालों से चल रहा है,आगे भी चलता रहेगा. कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस ज़माने में मजदूर रोटी को तरस रहा है –ये रोटी मुझे दे दे ठाकुर.

हे दलित विमर्श करने वालों ,स्त्री विमर्श के पहरेदारों,क्या मेरी आवाज़ तुम तक पहुचती है ध्यान दो नहीं तो ये गरीब मेहनतकश मजदूर -मजदूरिनें तुम्हारे महलों को उजाड़ देंगे. सामने के मैदान में मजदूरों की चौकटी लगने लग गयी है ,मैं इस प्रलाप को बंद करने की इजाजत चाहता हूँ. किसी सस्ते मजदूर को ढूंढता हूँ सफाई करानी है.

०००००००००००००००००००००००००००

यशवंत कोठारी ८६,लक्ष्मी नगर ब्रह्मपुरी बाहर,जयपुर-३०२००२

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: व्यंग्य // मजदूर –एक अव्यावहारिक प्रलाप // यशवंत कोठारी
व्यंग्य // मजदूर –एक अव्यावहारिक प्रलाप // यशवंत कोठारी
https://lh3.googleusercontent.com/-PsIVf_3e5OU/Wlxq3uV3N6I/AAAAAAAA-ag/BGN-2_u6RXAqWLaRiatu_YLP2xAQEnbhQCHMYCw/image_thumb%255B1%255D?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-PsIVf_3e5OU/Wlxq3uV3N6I/AAAAAAAA-ag/BGN-2_u6RXAqWLaRiatu_YLP2xAQEnbhQCHMYCw/s72-c/image_thumb%255B1%255D?imgmax=800
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2018/01/blog-post_58.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2018/01/blog-post_58.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content