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ईबुक - उर्दू हास्य नाटक - दबिस्तान-ए-सियासत - राक़िम दिनेश चन्द्र पुरोहित

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1 टिप्पणियाँ

  1. पाठकों,
    आपको "दबिस्तान-ए-सियासत" का अंक ३ कैसा लगा ? आपको साबू भाई और फन्ने खां साहब के किरदारों ने बहुत हंसाया होगा ? नाटक "दबिस्तान-ए-सियासत" का अंक ४ काफी बड़ा है, जिसे पांच मंज़रों में विभक्त किया गया ! ज्यादा बड़ा होने के कारण अभी-तक मैं इसे यूनिकोड फोंट्स में पूरा टंकित नहीं कर पाया ! चार मंज़र टंकित कर चूका हूँ, मगर अभी पांचवा मंज़र टंकित होना शेष है ! आशा है, दो दिन बाद मैं आपके मनोरंजन के लिए इस अंक को ज़रूर प्रस्तुत कर दूंगा ! भले यह अंक बड़ा है, मगर बड़ा होने के बाद भी यह बहुत रोचक है और साथ में यह हास्य रस से भरा है !
    दिनेश चन्द्र पुरोहित

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