नाका - विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका. 

विविध विधाओं में से चुनकर पढ़ें -

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---

यहाँ की विशाल ऑनलाइन लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोज कर पढ़ें -

 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com  रचनाकार के वाट्सएप्प नंबर 8989162192 (कृपया कॉल नहीं करें, कॉल रिसीव नहीं होगी, तथा इसका उपयोग केवल प्रकाशनार्थ रचना भेजने के लिए ही करें) पर भी वाट्सएप्प से रचनाएँ अथवा रचना पाठ के वीडियो प्रकाशनार्थ भेजे जा सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह पृष्ठ [लिंक] देखें.

--

छोटा आदमी - विनोद सिल्ला की कविताएँ

Screenshot_2018-02-04-19-17-57-78


1.
छोटा आदमी

भले ही उसका
पद था छोटा
परन्तु वह
आदमी छोटा
हरगिज़ नहीं था

वो कर सकता था
जो कार्य
उच्च पदासीन
कभी न कर पाए

उसके बिना
नहीं था संभव
उच्च अधिकारी का
कोई कार्य

फिर भी था वो
छोटा आदमी
जाने कैसे?

-विनोद सिल्ला©


2.
कर देते हैं शांत

आँसू
पिघला देते हैं
पत्थरों को भी
धो देते हैं
मन का मैल
बहा ले जाते हैं
अपने साथ
बहुत कुछ

जो अंतर्मन में
किए होता है
उथल-पुथल
झकझोर रहा होता है
अंतर्मन को

बह कर आँसू
कर देते हैं शांत
कई तूफानों को

-विनोद सिल्ला©


3.
हो गया आलसी

हो गया हूँ निःशब्द
नहीं उठ रहा
भावनाओं का तूफान
गुम हो गए विचार
जाने कहाँ
चंचल मन भी
नहीं भर रहा उड़ान
जो लाता ख़बर
इधर-उधर की
शायद थक गया है मन
या फिर
हो गया है आलसी
जाने क्यों?


-विनोद सिल्ला©


4.
तिनका-तिनका

उस पंछी ने
जोड़ कर
तिनका-तिनका
बनाया घोंसला
संजोई खुशियाँ
मचले अरमान

जातीय दंगों की तरह
उस विध्वंसक ने
देर न लगाई
तिनका-तिनका करते

घोंसला ही नहीं हुआ
तिनका-तिनका
उसकी खुशियाँ
उसके अरमान भी
हो गए
तिनका-तिनका

-विनोद सिल्ला©


5.
पल-पल की खबर

आज थी
एक हाई-प्रोफाइल
सेलिब्रिटी की
जेल से रिहाई
काटी है सजा
गंभीर जुर्म की
इलैक्ट्रॉनिक व
प्रिंट मिडिया
राष्ट्रीय महत्व की
बातें छोड़
दिखा रहा था
रिहाई की
पल-पल की ख़बरें
उस सेलिब्रिटी के आगे
चंद रुपयों के लिए
पूरा मीडिया था
नतमस्तक

-विनोद सिल्ला©


6.
अपनी टी. आर. पी. बढ़ाने में

जल रहा था देश
जात-मजहब के
दंगों में
चीख रही थीं महिलाएं
यौन अपराधों से पीड़ित
ये सब नहीं दिया दिखाई
इलैक्ट्रॉनिक मीडिया को
वो थे व्यस्त
धन लक्ष्मी यन्त्र के
विज्ञापन दिखाने में
राशि अनुसार
भविष्य बताने में
निरंकुश मठाधीशों के
सत्संग सुनाने में
अपनी टी. आर. पी.
बाढ़ाने में

-विनोद सिल्ला©


7.
दंगों के निशान

जातीय दंगे
हो गए शांत
परन्तु अंकित हैं
अभी भी
दंगों के निशान
ध्वस्त मकानों की
दीवारों पर
जाम लगाने के लिए
काटे गए
पेड़ों के ठूँठों पर
जले-अधजले
वाहनों पर
लोगों के सहमे
दिलो-दिमाग पर

धीरे-धीरे
हो जाएँगे धूमिल
बाकी निशान तो
परन्तु दिलो-दिमाग पर
अंकित निशान
असंभव हैं
धूमिल होने

-विनोद सिल्ला©


8.
बीच में ब्रेक

बचपन में
जलाकर आग
बैठे रहते
धूनी के पास
रहते तापते
बचते रहते सर्दी से
और जो
होती थीं बातें
वो तो
और भी थीं कमाल
आ जाती थीं
गाँव भर की ख़बरें
हर एक था
संवाददाता
नहीं आता था
बीच में ब्रेक
विज्ञापन के लिए

-विनोद सिल्ला©


9.
स्वच्छ है मेरा गाँव

मेरे गाँव में
जल निकासी
के लिए
नहीं हैं गहरे गटर

नहीं रखे
जगह-जगह
कूड़ादान

सफाई की व्यवस्था
करने के लिए
नहीं हैं
नगर निगम-सी
भारी बजट वाली
संस्था

फिर भी
तेरे शहर से
स्वच्छ है मेरा गाँव

-विनोद सिल्ला©


10.
आँसू

आँसू
नहीं छोड़ते साथ
उम्रभर
हर गमी-खुशी में
दे देते हैं दस्तक
सबसे पहले

ये नहीं आते
औपचारिकता निभाने
या मात्र दिखावा करने

ये शायद नहीं जानते
दुनियादारी की बातें
औपचारिकता
दिखावा
आदि-आदि

-विनोद सिल्ला©

परिचय

नाम - विनोद सिल्ला
शिक्षा - एम. ए. (इतिहास) , बी. एड.
जन्मतिथि -  24/05/1977
संप्रति - राजकीय विद्यालय में शिक्षक

प्रकाशित पुस्तकें-

1. जाने कब होएगी भोर (काव्यसंग्रह)
2. खो गया है आदमी (काव्यसंग्रह)
3. मैं पीड़ा हूँ (काव्यसंग्रह)
4. यह कैसा सूर्योदय (काव्यसंग्रह)

संपादित पुस्तकें

1. प्रकृति के शब्द शिल्पी : रूप देवगुण (काव्यसंग्रह)
2. मीलों जाना है (काव्यसंग्रह)
3. दुखिया का दुख (काव्यसंग्रह)


सम्मान

1. डॉ. भीम राव अम्बेडकर राष्ट्रीय फैलोशिप अवार्ड 2011
(भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा)
2. लॉर्ड बुद्धा राष्ट्रीय फैलोशिप अवार्ड 2012
(भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा)
3. उपमंडल अधिकारी (ना.) द्वारा
26 जनवरी 2012 को
4. दैनिक सांध्य समाचार-पत्र "टोहाना मेल" द्वारा
17 जून 2012 को 'टोहाना सम्मान" से नवाजा
5. ज्योति बा फुले राष्ट्रीय फैलोशिप अवार्ड 2013
(भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा)
6. ऑल इंडिया समता सैनिक दल द्वारा
14-15 जून 2014 को ऊना (हिमाचल प्रदेश में)
7. अम्बेडकरवादी लेखक संघ द्वारा
कैथल  में (14 जुलाई 2014)
8. लाला कली राम स्मृति साहित्य सम्मान 2015
(साहित्य सभा, कैथल द्वारा)
9. दिव्यतूलिका साहित्य सम्मान-2017
10. प्रजातंत्र का स्तंभ गौरव सम्मान 2018
(प्रजातंत्र का स्तंभ पत्रिका द्वारा) 15 जुलाई 2018 को राजस्थान दौसा में
11. अमर उजाला समाचार-पत्र द्वारा
'रक्तदान के क्षेत्र में' जून 2018 को
12. डॉ. अम्बेडकर स्टुडैंट फ्रंट ऑफ इंडिया द्वारा
साहब कांसीराम राष्ट्रीय सम्मान-2018
पता :-

विनोद सिल्ला
गीता कॉलोनी, नजदीक धर्मशाला
डांगरा रोड़, टोहाना
जिला फतेहाबाद (हरियाणा)
पिन कोड-125120

1 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.