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वक्त - संजय कर्णवाल की कविताएँ

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1

वक़्त को तुम साध लो

हर बात बन जायेगी।

प्यारे प्यारे गीत साथी,

जिंदगानी हमारी गाएगी।।

जो हुए साथ मेरे

उनका भला हो गया।

साथ पाकर ही वक़्त का

खुशियां संग आयेगी।।

रह गए जो देखते,

देखते ही रह गए।

उनकी ख़ामोशी ऐसे में

भला कैसे रंग लाएगी।।

वक़्त बदला उनका ही

जो वक़्त को जान गए।

हर तमन्ना हाथ में उनके

खिंची चली आयेगी।

2...

रहे साथ उनके

जमाना ये सारा।

कभी जिंदगी से

जो जंग ना हारा।।

तुम्हे सिर आँखों पर

बैठाएगा ये तो।

करो काम अच्छा तो

जग बनाएगा आँखों का तारा।

ज़रा खुद से पूछो

क्या तुमने किया।

बनता है खुद से

क्या फ़र्ज़ हमारा ।

बह रही हमेशा जो

ये वक़्त की नदी।

बहती रहेगी ऐसे ही

वक़्त की धारा।

3..

मिला है उनको यहाँ ,जो वक़्त के साथ रहे।

जो समझ सके न जरूरत

वो खाली हाथ रहे।।

ये जान लो दोस्तों

सम्भल  सको तो संभलो।

गुजर गया जो वक़्त

फिर तड़फते दिन रात रहे।।

पछतावे के शिवा

कुछ न मिलेगा सारे जमाने में।

सोचते ही रह जाओगे

फिर न वो बात रहे।।

उन्हें बताएं कोई

जो समझ गए इसको

बीत गया जो ये

फिर न वो औकात रहे।

4

नही पा सकेंगे हम बीते पल

कैसे होगा अपना जीवन सफल

फिर से मिले और कुछ हम करे

नही रूकती है मन में हलचल

ये रात दिन नही भाते मन को

खोया सा रहता है मन आजकल

कदम रुक जाते है, क्यू चलते चलते

बीत रहा है जीवन का पल पल

5

बसर जिंदगी की तो हो जायेगी

जो घड़ी मिली,लौटके न फिर आयेगी

रहे जो सदा ही खोये रहे,

मिली उनको न कोई ख़ुशी।

ज़रा खुद को तो पहचानो तुम

खुदा ने नही की कोई कमी।

सभी समझे अहमियत वक़्त की

तो जीवन बेहतर होगा

क्या आजकल,क्या कल परसों

अच्छा इसका असर होगा।

6

वक़्त की बात देखो,

वक़्त का जो साथ है।

पार जीवन कर गए

सब वक़्त की बात है।।

वक़्त बेहतर हो तो

पार हो जाता है समंदर।

नजदीक आते आते

कोई फँस जाता है भँवर।

वक़्त की कद्र करने वाले

छूते हैं आसमां को

बता देते हैं कुछ करके

वो सारे जहाँ को  ।

7

वक़्त  सभी को मिलता है बराबर

नाइंसाफी कोई इसमें सरासर  ।

जो जन लेता,इसको सही से अगर

पहुँचा देता मंजिल उसको उठाकर

सँवर जाता है जीवन का सफर

हो जाती है बेहतर अपनी गुजर

रंगों से भरे नज़र आते है शाम ओ सहर

खुशियां ही खुशियां दिखती है देखो जिधर।

8.......

मै आया हूँ, आज अवसर बनकर

न समझे तो कल चला जाऊंगा छोड़कर

महज़ कुछ ही बातें सुखद बन जाती है

न समझो तो हर बात दुःखद बन जाती है

जो समझो तो कल अच्छा आयेगा

जो समझो तो हर कल सँवर जायेगा

मेरी शक्ति को पहचान गये जो

हर बात जग की जान गए वो

9........

मुझे ठुकराने वालो रोवोगे सारी उम्र।

कितना पछताओगे,इतने बनके बेखबर।

नही सुख मिलता है मुझे गवाकर

ये कहता है समय का च लता चक्र।

हाथ खली रहा उनका हमेशा  उम्रभर

कोई खबर न दुनिया की, न कोई असर।

कुछ पाना चाहते हो जीवन में अगर

ध्यान दो पूरा समय पर सब बात छोड़कर

10.... ....

जीना सीखो आज मे तुम

आने वाले समय का क्या पता

जो बीत गया सो बीत गया

न लौटके कुछ भी आया है   

कब छड़ गया य साया है

न जीत  सका कोई अपना मन

क्या जीत सकेगा वो जीवन

वक़्त की सौगात को  समझो

कुछ मन से अच्छा सोचो।

sk.       saharanpurr

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