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श्रेष्ठतर की रक्षा - लघुकथा - ज्ञानदेव मुकेश

श्रेष्ठतर की रक्षा

एक चिड़ियाघर में अचानक आग लग गई। अफरातफरी मच गई। तत्परता से बचाव-कार्य शुरू हुआ। जल्दी ही सभी कुछ नियंत्रण में आ गया। चिड़ियाघर के निदेशक ने राहत की सांस छोड़ी और कहा, ‘‘थैंक गॉड, सभी जानवर सुरक्षित बच गए।’’
  पास खड़े एक आदमी ने पूछा, ‘‘मगर सभी स्टाफ का क्या हाल है ?’’
  निदेशक ने लापरवाही से कहा, ‘‘अरे, उन लोगों की फिक्र छोड़ो।’’
  आदमी ने अचरज से पूछा, ‘‘क्यों ?’’
  निदेशक ने दो-टूक जवाब दिया, ‘‘आज के इंसान जानवरों से बेहतर हैं क्या ?’’
                                                                 -ज्ञानदेव मुकेश                         
                                     पता-
                                                 फ्लैट संख्या-301, साई हॉरमनी अपार्टमेन्ट,
                                                 अल्पना मार्केट के पास,
                                                 न्यू पाटलिपुत्र कॉलोनी, 
                                                 पटना-800013 (बिहार)

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