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अमावस की रात - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

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अमावस की रात

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रुमौली अपने छोटे भाई को लेकर बहुत परेशान थी | उसका बुखार जा ही नहीं रहा था | पिछले पन्द्रह - बीस दिन से भट्टी की तरह उसका जिस्म तप रहा था |

रुमौली का बस चले तो वह शहर जाकर किसी बड़े अच्छे से डाक्टर को दिखाये, मगर उसके पास एक फूटी कौड़ी तक नहीं | बाप पिछले वर्ष कच्ची शराब पीकर मर गया और माँ तो बहुत पहले ही भाई को जन्म देकर चल बसी, उसने ही तो उसे पाला-पौसा | गाँव के वैद्य की दवा कुछ असर नहीं कर रही | दुखी रुमौली शायद यही सोचती हुई जंगल सूखी लकड़ी लेने जा रही थी, कि तभी पीछे से गाँव के मंदिर के पुजारी की आवाज उसे सुनाई पड़ी -

‘ओ... रुमौली ! कहाँ भागी जा रही है, तेरा छोटा भाई अब कैसा है ?’

रुमौली ने पीछे मुड़कर देखा और सूखे गले से बोली -

‘कछु ठीक ना है, बुखार उतरत ही नहीं’....

‘मुझे तो लगता है, उसे कोई ऊपरी व्यार (भूत-प्रेत का चक्कर) है | तू अगर चाहे तो आज रात को मंदिर में उसका इलाज कर सकता हूँ | वैसे भी आज अमावस का दिन है | इसी मुर्हुत में भूत-प्रेतों को बांधा जाता है |’

रुमौली पुजारी की बातें सुनकर एकदम से ड़र गई और प्रसन्न भी हुई, क्योंकि उसे पुजारी की बातों में विश्वास हो गया | उसने पूछा -

‘पर... पुजारी जी मुझे क्या करना होगा ?’

पुजारी शैतानी नजरें रुमौली के जिस्म पर ऊपर से नीचे तक घुमाते हुए -‘अरे तुझे कुछ नहीं करना है, आज आधी रात को अपने भाई को लेकर मंदिर में बगैर किसी को बताए आ जाना और हाँ इस तरह आना कि कोई देख न ले, वर्ना प्रेतों का तांडव दोगुनी ताकत से तेरे भाई पर होगा |’

रुमौली हाँ में सिर हिलाकर जंगल चली गई | ठीक आधीरात को रुमौली मंदिर पहुंच गई | पुजारी पहले से ही अपने शिकार की प्रतीक्षा कर रहा था | पुजारी ने रुमौली से भाई को मंदिर में ही छोड़ने को कहा और उसे साथ लेकर तांत्रिक क्रिया कराने नदी किनारे ले गया | नदी पर पुजारी ने तांत्रिकक्रिया के बहाने रुमौली की अस्मत लूटली और रुमौली बेचारा जिंदा लाश बनकर सब सह गई |

सुबह जब रुमौली मंदिर पहुंची तो उसे अपने छोटे भाई का जकड़ा हुआ मृत शरीर मिला | बेचारी रुमौली इतना बड़ा हृदयाघात सह न सकी और मानसिक संतुलन खो बैठी | आजकल वो गाँव में चिल्लाती-चीखती रोती-बिलखती इधर से उधर, उधर से इधर भटकती रहती है | उसके मुँह से बस इतना ही निकलता है अमावस की रात |

- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

ग्राम रिहावली, डाक तारौली गूजर,

फतेहाबाद, आगरा 283111

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