पोकेमॉन चक्र - अर्जित रावत

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पोकेमॉन चक्र अर्जित रावत “ अप्रैल की सुहानी सुबह फूलों की खुशबू और आकाश में चमकते सूरज के साथ सभी प्यारे पोकेमॉन हो, तब बच्चों के अपने नए पो...

पोकेमॉन चक्र

अर्जित रावत

अप्रैल की सुहानी सुबह फूलों की खुशबू और आकाश में चमकते सूरज के साथ सभी प्यारे पोकेमॉन हो, तब बच्चों के अपने नए पोकेमॉन को चुनने के लिए यह एक आनंददायक आदर्श दिन है।“ गोस्वामी जी ने आराम की थाह लेते हुए कहा।

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“आप सही कह रहे हैं, मिस्टर पीयूष! आखिरकार एक लम्बे इंतजार के बाद बच्चों को अपने पोकेमॉन मिल सकते हैं।“ प्रोफेसर देवदार ने कहा। “देखो! वे वहाँ हैं।“ कई बच्चे वन विहार वन क्षेत्र के मुख्य द्वार के सामने एकत्र हो गए।

प्रभाव के साथ सैम और मणि ने प्रवेश किया। “डैनी कहाँ है?“ मणि ने पूछा तो प्रभाव ने उत्तर दिया’ “वह तो हमसे पहले यहाँ आने वाला था। उसे देर हो गई होगी।“ सैम ने थोड़े गुस्से से कहा, “टिंगू देर रात तक पबजी खेल रहा होगा और समय पर नहीं उठा होगा।“ “वह जरूर ट्रेफिक में फँसा होगा।“ मणि ने चिन्ता व्यक्त की। “हाँ, रास्ते में बहुत ट्रेफिक है, क्योंकि कुछ जाने-माने लोग यहाँ झील देखने आ रहे हैं।“ प्रभाव ने कहा। जैसे-जैसे समय बीता और अधिक उत्साही बच्चे एकत्रित हो गए।

तब श्रीमान पीयूष मंच पर आए और उन्होंने घोषणा की, “भविष्य के माहिर पोकेमॉन खिलाड़ियों! ध्यान दें, वन विहार वन्यक्षेत्र में आपका हार्दिक स्वागत है। आज आप सभी को अपना पहला दूसरा और तीसरा पोकेमॉन पकड़ने को मिलेगा। मैं जानता हूँ कि आप सभी उत्सुक हैं अपने सफर के लिए, चिन्ता न करें, मैं भी हूँ।“ “आप क्यों उत्सुक हो रहे हैं?“ प्रोफेसर ने टोका। “ठीक है, जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मैं कौन हूँ,“ जैसे ही उन्होंने ऐसा कहा पीछे से कोई चिल्लाया, “नहीं, बुड्ढे! तुम कौन हो?“ सब लोग हँसने लगे।

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“वह कौन हो सकता है?“ प्रभाव ने कहा। “हाँ सचमुच, वह बूढ़ा कौन है?“ सैम ने प्रश्न किया। मणि ने उसके सिर के पीछे धीरे से हाथ मारते हुए कहा, “अरे बेवकूफ वह प्रोफेसर देवदार है, जो इस क्षेत्र के एक प्रसिद्ध प्रोफेसर हैं।“ और साथ ही प्रभाव उस व्यक्ति के बारे में बात कर रहा था, जो बीच में बोला था। “क्या कहा?“ सैम ने पूछा। “यह कि वे कौन हैं, जो श्रीमान पीयूष के साथ मंच पर हैं?“

तभी अपने हाथों में यान्मा लेकर प्रणाली उनके पास आई। “तो आखिर तुम आ ही गई, लेकिन तुमने इस यान्मा को अपने हाथों में क्यों ले रखा है। “ प्रभाव ने पूछा तो प्रणाली ने पूरी कहानी बताई, “वास्तव में मैंने इसे अपने बगीचे में बुरी तरह से घायल पाया। कुछ बीड्रील इसे परेशान कर रहे थे, इसलिए मैंने इसकी रक्षा की और अपने घर ले आयी और इसे ठीक किया, क्योंकि मैं इसे पोकेमॉन सेंटर नहीं ले जा सकी और मैंने इसे ठीक कर दिया तो यह मेरा दोस्त बन गया। इसलिए मैं श्रीमान पीयूष जी से पूछने जा रही हूँ कि क्या मैं यान्मा को मेरे पहले पोकेमॉन के रूप में ले सकती हूँ?“  “अच्छा, यह अच्छी बात है, क्यों सैम .... सैम“। मणि सैम की ओर मुड़ा और बोला, वह व्यक्ति तो प्रणाली को घूरने में लगा है। उसने फिर कहा, “हाँ बिल्कुल।“ प्रभाव ने उसके कान दूसरी ओर मरोड़े तो वह दर्द से चीखा, लेकिन वह जल्दी ही सामान्य स्थिति में लौट आया। आस-पास सभी हँसने लगे।

“ठीक है, बच्चो! टीम को तैयारी करने में अभी दस मिनट और लगेंगे। तब तक आप सभी अपने दोस्तों के साथ बातचीत कर सकते हैं, तय करें कि आप कौन से पोकेमॉन को पकड़ेंगे, रणनीति बनाएं और अन्य दूसरी तैयारी कर लें।“ वन विहार वन्य क्षेत्र के प्रमुख श्रीमान आकाश मित्तल ने घोषणा की।

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जब वे सभी डैनी के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे, तब सैम ने प्रभाव के कंधे को झटकाया और एक लड़की की ओर इशारा करते हुए कहा- “अरे! क्या वह नागिन तो नहीं है, जिनसे हम कुछ दिन पहले मिले थे? आओ उसे देखें! वह कहीं फिर से वही तो नहीं कर रही ........“ वह बोले जा रहा था तभी प्रभाव ने उसे पीछे से धक्का मारा तो वह जमीन पर गिर गया। “फिर भी, तुम उसे देखकर शरमा गए, भले ही तुमने मुझे नीचे गिरा दिया।“ वह बोला। तब प्रभाव ने कहा, “वह क्या था?“ “कुछ भी तो नहीं।“ सैम ने अपने कपड़ों से धूल झाड़ते हुए कहा।

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“वह अभी भी यहाँ नहीं है। मुझे उम्मीद है कि वह कार्यक्रम शुरू होने से पहले आ जाएगा।“ मणि ने तनाव में कहा। “मुझे उम्मीद है कि वह जल्द ही आ जाएगा। वैसे मुझे यान्मा के बारे में पूछने के लिए श्रीमान पीयूष जी के पास जाने की जरूरत है।“ प्रणाली बोली। “शुभकामनाएं।“ सैम चिल्लाया। वह फिर श्रीमान गोस्वामी के पास जाती है। दस मिनट बीत गए। डैनी प्रभाव और अन्य लोगों की ओर आते हुए हाँफकर बोला, "माफ करना दोस्तों! मुझे आने में देर हो गई। क्या कार्यक्रम शुरू हो गया है?“ “नहीं“ सैम ने उत्तर दिया। “मैंने तुझे कितनी बार कहा है कि तुम देर रात तक पबजी नहीं खेला करो। खैर अब तुम पहुंच गए हो तो यहीं रहना। श्रीमान आकाश जी ने कहा है कि वे हमारे लिए अभी मैदानी तैयारी कर रहें है, इसलिए उन्हें पांच मिनट और लगेंगे। तुम ठीक समय पर आए हो।“ मणि ने कहा।

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“आप सभी को इंतजार कराने के लिए मुझे खेद है।“ आकाश ने मंच पर आते ही कहना शुरू किया, हालांकि, हमारी सभी तैयारी हो चुकी हैं। अब आपको सबसे पहले अपने स्कूल आईडी कार्ड से खुद को वैरीफाई करना होगा। उसके बाद संस्था आपको पोकेबॉल और रखने के लिए डिब्बा देगी। जैसे ही आप एक पोकेमॉन को पकड़ते हैं, आपको उसे डिब्बे में रखना है और हम आपके नाम से उस पोकेमॉन को पंजीकृत करेंगे और आपको उस पोकेमॉन के बारे में विवरण देंगे। तीन पोकेमॉन को पकड़ने के बाद हम आपको एक संदेश देंगे। अगर यह खो जाता है या टूट जाता है तो आप हमसे या आपके आसपास के व्यक्ति के माध्यम से हमारी मदद् ले सकते हैं। और .....

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“हाँ, जो भी हो। यह शुरू करो, क्या हमें हमेशा के लिए यहाँ सड़ना होगा?“ प्रोफेसर को अपमानित करने वाला प्रतिभागी बोला। “हाँ यकीन है कि वे शुरू करने जा रहे हैं मुझे आशा है कि तुम तब तक सड़ोगे नहीं, जब तक तुमसे बहुत खराब गंध नहीं आ जाती और सभी पोकेमॉन इसे सूंघ भाग नहीं जाते।।“ सैम ने चुटकी ली तो सभी लोग हँस पड़े।

“अच्छा तो अब आप सभी जा सकते हैं। लेकिन वहाँ इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपको तीन पोकेमॉन ही पकड़ने हैं और अन्य किसी भी पोकेमॉन को चोट नहीं पहुंचाना है। आप सभी को शुभकामनाएं।“ श्रीमान पीयूष बोले।

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जैसे ही घोषणा हुई, सभी बच्चे पंजीकरण केन्द्र की ओर दौड़े पड़े। सैम, मणि, डैनी और प्रभाव ने अपना पंजीकरण करवाया और उन्हें एक गाइड बुक भी दी गई। “उसने हमें गाइड बुक पुस्तक के बारे में पहले क्यों नहीं बताया?“ सैम नाराज होते हुए बोला तो प्रभाव ने कहा, “क्योंकि किसी मूर्ख व्यक्ति को बीच में टोकना था।“ “हाँ, वह मूर्ख होगा।“ सैम ने हँसते हुए कहा।

“चलो देखते हैं कि कहाँ जाना है ....मैं झील पर जा रहा हूँ, कोई मेरा साथ देगा?“ डैनी ने कहा। “हाँ, मैं दूंगा।“ प्रभाव ने कहा, “मैं बेर उद्यान जाना चाहता हूं और झील भी उसके नजदीक है, इस तरह से मैं तुम्हारा साथ दूंगा। क्या तुम झील की खोजबीन के बाद मेरे साथ आओगे? “मैं कुछ इलेक्ट्रिक और स्टील टाइप पोकेमॉन्स को ढूंढ़ने के लिए चुम्बकीय धरा जाऊंगा।“ तभी बीच में सैम बोला, “मैं भी तुम्हारे साथ चलूंगा, क्या पता मुझे वहाँ एक जोराओरा मिल जाए।“ मणि ने कहा, “बस चुप रहो, यहां उसका मिलना असंभव है।“ “ठीक है, उसके बाद हम गुफा में मिलेंगे। यह चुम्बकीय धरा और बेर उद्यान के रास्ते के बीच में आता है। मुझे यकीन है कि हम वहां कुछ घोस्ट, डार्क, राॅक और ग्राउण्ड पोकेमॉन्स को ढूंढ़ सकते हैं।“ प्रभाव ने कहा।

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“ठीक है, हम भी चलते हैं। अलविदा दोस्तो, हम दोनों तुमको गुफा के सामने मिलेंगे। “डैनी ने कहा। “अलविदा बेस्ट ऑफ लक।“ मणि ने कहा और सब चल दिए।

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प्रभाव और डैनी झील पर पहुंचे। “हम्म ....अरे वह देखो!“ डैनी उत्साहित हुआ, झील में चट्टान के ऊपर वह चीज? क्या यह गिब्बल नहीं लगती?“ हैं, कहाँ?“ झील की ओर देखते हुए प्रभाव बोला। “यह एक गिब्बल है। “वाह! मैं अपने पहले पोकेमॉन के लिए यही चाहता था। अब मैं इसके लिए अपना पोकेबाॅल फेंकने जा रहा हूँ।“ डैनी ने जेब से एक पोकेबाॅल निकालकर गिब्बल सी दिखती चीज को लक्ष्य बनाते हुए उत्साहित होकर कहा तो प्रभाव ने गाइड बुक में देखा और चिल्लाया, “रुको।“ लेकिन अफसोस, डैनी पहले ही उत्साहित होकर पोकेबाल फेंक चुका था। वह चीज, जो कि एक गिब्बल लग रही थी, वास्तव में चट्टानों का ढे़र था। गेंद चट्टान के ऊपर टकराई और फिर झील में गिर गई। “क्या?“ डैनी रोने लगा। वह अपना विलाप जारी रखते हुए बड़बड़ाने लगा, “मुझे लगा कि मैं अपने पहले पोकेमॉन के रूप में एक गिब्बल प्राप्त करने जा रहा हूँ।“ 

“एक तालाब के बीच इसे प्राप्त करना असंभव है। इस आरक्षित क्षेत्र में तो केवल एक ड्रटीनी और 10 से 15 हार्सी हैं। तुम, चिन्ता न करो, तुम उनमें से किसी एक को पकड़ सकते हो।“ प्रभाव बोला।

“तुम्हें क्या सच्ची ऐसा लगता है?“ डैनी ने अपने आंसू पोंछते हुए कहा तो प्रभाव उसे पुचकारते बोला, “हाँ, बिल्कुल। तुम कर सकते हो।“ जैसे ही वह उसे सहानुभूति दे रहा था, उसने तालाब में एक प्रकाश देखा, जिसे देख वह बोला, “डैनी देखो! तालाब से ऐसा प्रकाश आ रहा है जैसे कोई पोकेमॉन पानी के नीचे पकड़ा गया हो।“

जैसे ही उसने कहा एक पोकेमॉन डैनी के पोकेबाल को तालाब से ले आया, जो तालाब में गिर गई। फिर पोकेमॉन दोबारा तालाब में चला गया। “मुझे लगता है कि तुमने किसी पोकेमॉन को पकड़ा होगा? क्योंकि वह प्रकाशित हुई थी।“ प्रभाव ने कहा। “चलो देखते हैं कि मैंने कौन से पोकेमॉन को पकड़ा है। जाओ पोकेबॉल!“ डैनी ने अपना पोकेबाल फेंका जिसमें एक मैजिकार्प उसके अंदर से निकला। “सच में, क्यों?“ “चिन्ता मत करो, कम से कम तुम इसे प्रशिक्षित कर सकते हो।“ प्रभाव ने कहा। “हाँ, तुम सही हो, कम से कम एक डैगन प्रकार का पोकेमॉन तो मिलेगा।“ डैनी ने आह भरते हुए उत्तर दिया। “लेकिन वह वाटर और फ्लाइंग प्रकार का है।“ प्रभाव ने उनके बारे में बताया।

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दूसरी तरफ, सैम और मणि, चुम्बकीय धरा की ओर जा रहे थे। जब वे जा रहे थे, तो उन्हें रास्ते में एक टेडिअर्सा मिला। “क्या बात है, मैं इसे पकड़ लूंगा।“ सैम ने कहा और उस पर अपना पोकेबाल फेंककर उसे पकड़ लिया। “बधाई हो, तुमने अपना पहला पोकेमॉन पकड़ लिया है, अब तुम्हें इसे डिब्बे में रखना होगा।“ मणि ने कहा।

सैम ने उसे अपने डिब्बे में रखा। फिर वे चुम्बकीय धरा की ओर आगे बढ़ते गएं। वहाँ उन्होंने एक शिंक्स देखा, जहाँ अपने तीनों पोकेमॉनों के साथ एक लड़का उसे परेशान कर रहा था। यह देखकर मणि उस पर चिल्लाया, “अरे इसे रोको। तुम उस पोकेमॉन से क्यों लड़ रहे हो, जबकि तुम पहले ही तीन पोकेमॉन पकड़ चुके हो?“

“अपने काम से काम रखो, जाओ यहाँ से।“ वह बिगड़कर बोला। “अरे क्या तुम वही मूर्ख तो नहीं हो, जो घोषणा के बीच में परेशान कर रहा था।“ सैम ने कहा तो वह उल्टा उस पर गुस्सा होते हुए बोला, “तो तुम ही थे जो मुझे तब उलटा-सीधा कहने लगे थे, चलो ठीक है अभी तो मैं जा रहा हूँ लेकिन बहुत जल्द हम मिलेंगे, फिर देख लूंगा तुझे।“ यह कहते हुए वह वहां से चला गया।  “ओह! नहीं, शिंक्स गंभीर रूप से घायल है।“ मणि ने चिन्ता व्यक्त की। “हमें कुछ करने की जरूरत है, इसे उपचार केन्द्र में ले जाना चाहिए।“ सैम ने कहा तो मणि ने शिंक्स को अपने हाथों में पकड़ते हुए कहा, “हाँ, तुम सही हो, चलो जल्दी करो। शिंक्स चिंता मत करो, तुम ठीक हो जाओगे।“ ?

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मणि शिंक्स को अपने हाथों में उठाकर उपचार केन्द्र की ओर चल पड़ा। सैम ने सबको बताया कि उपचार केन्द्र की दूरी 100 मीटर है। जैसे ही वे जा रहे थे, उन्हें 4-5 शिंक्स, 2 लक्सियो और एक लक्सरे के झुंड का सामना करना पड़ा। वे सभी शिंक्स की तलाश में थे। झुंड के मुखिया लक्सरे ने उन्हें आगे जाने से रोक लिया। मणि ने उनसे अनुरोध किया कि वे उन्हें जाने दें, ताकि वे घायल शिंक्स का उपचार कर ठीक कर सकें। पहले उन्होंने मना कर दिया लेकिन फिर लक्सरे ने उसे ऐसा करने की अनुमति दे दी। फिर वे उपचार केन्द्र पहुंचे और मणि ने शिंक्स को नर्स को सौंप दिया। नर्स ने उसे पुनर्जीवित जड़ी बूटी दी, जिससे कुछ समय बाद शिंक्स स्वस्थ हो गया। दोनों ने नर्स का धन्यवाद किया। “अब इस छोटे का क्या करना है?“ मणि ने नर्स से पूछा तो वह बोली, “तुम इसे रख लो, आखिरकार तुमने इसे पाया और इसे यहां लाये हो।“ “हाँ, तुम इसके योग्य हो।“ सैम ने नर्स की बात का समर्थन किया। “वास्तव में? “ उसने आश्चर्य से कहा और फिर शिंक्स पर प्यार से हाथ फेरते हुए बोला, “वैसे मुझे पता नहीं शिंक्स, तुम इस बारे में क्या कहोगे, क्या तुम मेरे साथ आओगो शिंक्स।“ इस पर शिंक्स ने हाँ में अपना सिर हिलाया तो मणि ने तुरन्त अपना पोकेबॉल फेंका और शिंक्स को पकड़ लिया, जिसे उसने अपने पहले पोकेमॉन के रूप में पंजीकृत किया। वहाँ हर कोई खुश था।

प्रणाली दलदल क्षेत्र से गुजर रही थी। वहाँ वह उस लड़की से मिली, जिसे सैम ने उपनाम देकर ’नागिन’ कहा, परन्तु वास्तव में प्रभाव ने ही उसे यह नाम दिया था। “ओह, अरे प्रेयसी!“ प्रणाली ने कहा तो प्रेयसी बोली, “कैसी हो?“ उसने जवाब दिया, मैं ठीक हूँ। मुझे आशा है कि तुम भी होगी, तो क्या तुमने कोई पोकेमॉन पकड़ा है?“ “नहीं अभी तक नहीं“ “क्या तुमने कोई पकड़ा है?“ प्रेयसी ने पूछा तो प्रणाली ने कहा, “मैंने अपने बगीचे में एक यान्मा पाया और इसे अपना पहला पोकेमॉन बनाने का फैसला किया।“ जब वे बातचीत कर रहे थे, तो प्रेयसी ने पीछे झाड़ियों के हिलने की आवाज सुनी। जैसे ही उसने पलटकर देखा तो उसे एक स्कैटरबग वहाँ छिपा दिखा। यह देखते ही प्रेयसी उसके पीछे दौड़ी। “अरे, मेरे लिए तो रूको“, उसके पीछे भागते हुए प्रणाली चिल्लाई। उसी समय प्रभाव और डैनी वहाँ आए। “अरे देखो, एक स्कैटरबग है, डैनी, डैनी!“ डैनी के चेहरे को देखकर प्रभाव ने कहा। “कम से कम कुछ तो बोलो। अरे देखो, एक क्रीकेटौट भी है।“ “हुंह, कहाँ?“ डैनी बोला। वह फिर क्रीकेटौट की ओर दौड़ा। “हम्म ....भले ही वह छोटा है, लेकिन मुझे यह मानना ही होगा कि वह बहुत तेजी से दौड़ता है। खैर मुझे लगता है कि मुझे स्कैटरबग की ओर जाना चाहिए।“ जैसे ही प्रभाव उस पोकेमॉन की ओर जा रहा था प्रेयसी भी पीछे से दौड़ती हुई आई और चिल्लायी, “मेरे रास्ते से हट जाओ वरना...“ जैसे ही प्रभाव ने पीछे मुड़कर देखा, उसने उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया और जैसे ही वह उठने की कोशिश कर रहा था तो उसने उसे एक लात मारी और फुर्ती से उसके सीने पर सवार हो गई। “पोकेबाल जाओ!“ उसने अपने पोकेबाल को फेंका और पोकेमॉन को पकड़ लिया। “अरे वाह! क्या बात है!“ वह खुशी से उछली तो प्रभाव चिल्लाया, “आ आ आ“ ...तो प्रेयसी उसके ऊपर से हटी। तब तक डैनी और प्रणाली भी वहां आ चुके थे। “प्रभाव तुम ठीक हो?“ दोनों ने एक साथ पूछा और डैनी ने उसे उठने में मदद की।

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“हे माँ जगदम्बा, मेरी छाती!“ प्रभाव ने एक गहरी सांस ली। “चिन्ता मत करो दोस्तो, मेरे बारे में चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है। मैं अब ठीक हूँ। वैसे वह महान इंसान कौन है जो मेरी छाती को गद्दा समझकर कूदा था?“ प्रभाव ने करहाते हुए कहा और प्रेयसी की ओर देखते हुए चिल्लाया, “तुम!“ तो वह भी ’तुम’ कहकर चिल्लाई। “क्या तुम दोनों एक दूसरे को जानते हो।“ प्रणाली ने पूछा तो दोनों एक बोले, “हाँ, बहुत अच्छे से, हम दोनों प्रतिद्वंदी हैं।“ “कब से?“ डैनी ने पूछा तो प्रभाव बोला, “पिछली मुलाकात से।“  “क्या कारण था?“ प्रणाली ने पूछा। कारण यह था कि मैं .....“ जैसे ही वह कह रहा था बीच में ही रूक गया। “वो तुम क्या?“ प्रणाली ने पूछताछ जारी रखी। “कुछ नहीं, तुम्हारा कोई काम नहीं।“ प्रेयसी ने कहा। “तो क्या तुमने अब तक कोई पोकेमॉन पकड़ा है?“ “तुम यह जानकर हैरान रह जाओगी“ प्रभाव ने कहा। “क्या वे -1,००,००,००,हैं?“ प्रेयसी नेे कहा तो वह बोला, “नहीं, वे इससे भी अधिक हैं।“ “कितने“ प्रेयसी ने फिर प्रश्न किया। “वे हैं ...... “प्रेयसी ने दोहराया “वे हैं ......शून्य।“ प्रभाव बोला। “क्या! मुझे लगा तुम्हारे पास इससे अधिक हो सकते हैं।“ प्रेयसी बोली। “तुम मुझ पर विश्वास करती हो, है ना?“ प्रभाव ने कहा। “बेशक नहीं, बेवकूफ।“ प्रेयसी ने गुस्सा में कहा। “अच्छा, तुमने भी केवल एक पोकेमॉन ही पकड़ा है।“ प्रभाव ने कहा। “हाँ, हाँ, जो भी हो।“ प्रेयसी ने जवाब दिया।

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“वे दोनों एक दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त लगते हैं, है ना?“ प्रणाली ने डैनी से पूछा तो डैनी बोला, “हाँ, बिल्कुल।“ यह सुनते ही प्रभाव और प्रेयसी एक साथ चिल्लाए, “नहीं“ इस पर डैनी ने कहा, “ठीक है, अब शांत भी हो जाओ,“ इसी बीच उन्हें अचानक एक पोकेमॉन की चीख सुनाई दी, जिसे सुनकर प्रभाव उसी ओर भागा तो बाकी सब भी उसके पीछे-पीछे दौड़ पड़े। उन्होंने देखा कि एक कैटरपी दलदल में फंसा हुआ है। यह देखकर डैनी बोला, “हम उसे बचाने के लिए क्या कर सकते है?“ कुछ देर सोचने के बाद प्रभाव ने कहा, “मैं इसे पकड़ लेता हूँ।“ यह कहते हुए उसने अपना पोकेबॉल कैटरपी के ऊपर फेंक दिया। पोकेबाल कैटरपी से टकराई और फिर उसे पकड़ने के बाद वापस प्रभाव के पास उछली। “उंह, हमने उसे बचा लिया।“ प्रभाव खुशी से चहका। “और तुमने अपना पहला पोकेमॉन पकड़ लिया।“ प्रणाली मुस्कुराते हुए बोली। “हाँ, बिल्कुल सही।“ डैनी बोला तो प्रभाव आश्चर्य जताते हुए कहने लगा, “ओह हाँ, मेरा पहला पोकेमॉन, मेरा पंसदीदा बग टाइप पोकेमॉन कैटरपी।“ वह कहे जा रहा है, “हे डैनी, मुझे अभी याद आया, क्या तुमने उस क्रिकेटौट को पकड़ लिया?“ “हाँ, मेरा दूसरा पोकेमॉन, क्रीकेटौट।“ डैनी ने उत्तर दिया। “ठीक है, तो चलो बेर उद्यान चलते हैं। अरे, क्या तुम दोनों हमारे साथ आओगे? हम बगीचे के बाद गुफा में जाएंगे।“ प्रभाव ने बताया।

“नहीं!“ प्रेयसी ने असहमति व्यक्त की तो उसका संवाद काटते हुए प्रणाली बोली, “हाँ, हम चलेंगे।“

“नहीं, मैं नहीं चलूंगी।“ प्रेयसी ने अकड़ते हुए कहा तो प्रणाली ने उसे दुलारते हुए कहा, “ओह, प्रेयसी आओ भी। हम सब वहाँ मजे करेंगे। हमें कुछ नए पोकेमॉन भी तो देखने को मिल सकते हैं।“ इसके बाद वे वहाँ से चल दिए।

मणि और सैम ने चुम्बकीय धरा से आगे चलने का फैसला किया और वे खुले मैदान में पहुंच गए। जहाँ दोनों को एक पिज्जी और एक स्पीयरो से सामना करना पड़ा। सैम ने पिज्जी को पकड़ा और मणि ने स्पीयरो को पकड़ा। फिर वे आगे बढ़ गए।

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दूसरी तरफ डैनी ने एक टोगेडेमारू को पकड़ा तो प्रणाली ने एक गौसीफ्लोर को पकड़ा और प्रेयसी ने एक पचिरीसु और ड्रिलबर को पकड़ा। जब वे आगे बढ़ रहे थे, तो उन्हें वायनाट का एक समूह मिला। उनमें से एक को प्रभाव ने पकड़ा। उसके बाद वे सभी गुफा के सामने एकत्रित हुए। प्रभाव और अन्य तीन पहले ही वहां पहुंच चुके थे। अंत में मणि और सैम भी आ गए। “हम्म .... तो यह गुफा है,“ प्रभाव ने कहा। “तो चलो अंदर चलते हैं।“ प्रेयसी ने उत्सुकता जताई। वे फिर अंदर चले गए। उनकी आपस में बातचीत चल ही रही थी कि तभी अचानक एक रौलीबोली सामने आया। मणि ने उससे मुकाबला किया और उसे पकड़ते हुए घोषणा की, “मुझे लगता है कि मैं तीनों पोकेमॉन पकड़ने वाला तीसरा व्यक्ति हूँ।“ “खैर उसने सही कहा, अब हमें आगे बढ़ना चाहिए।“ सैम ने कहा। “तुम सही हो। प्रणाली तुम्हें और मुझे भी सिर्फ एक और पोकेमॉन चाहिए।“ प्रभाव ने अपनी बात कही। सभी गुफा के अंदर चलते रहे। जहाँ उन्होंने देखा कि एक चमचमाती बिजली उनकी ओर आ रही है, जो प्रणाली से टकरा गई। उसने तब पहचाना कि यह एक यैम्पर था। उसने इसे गौसीफ्लोर की मदद से पकड़ लिया। वे अभी भी गुफा के अंदर जा रहे थे। अंधेरा गहराने लगा। तभी अचानक सैम चिल्लाया, “आह ..... मेरे बालों से खेलना बंद करो।“ यह सुनते ही प्रभाव ने अपनी टार्च निकाली और सैम को परेशान करने वाले प्राणी पर प्रकाश डाला। उन्हें पता चला कि यह एक इम्पिडिम्प था।

“शैतान पोकेमॉन! एक ही बार में रूक जाओ, यदि तुम नहीं रूकोगे तो मुझे अपने पोकेमॉन को बाहर बुलाना होगा।“ सैम ने गुस्से में कहा। फिर उसने अपने टेडिअर्सा को बुलाया और उसे कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन टेडिअर्सा के सभी हमले चूक गए और सिर्फ एक ’ब्रिक ब्रेक’ से इम्पीडिम्प ने टेडिअर्सा को नीचे गिरा दिया। उसने तब अपना पिज्जी भेजा। पिप्जी ने इम्पीडिम्प पर रेत के हमले का इस्तेमाल किया और फिर आंधी से हमला किया, जिससे इम्पिडिम्प कमजोर हो गया था। सैम ने उस पर एक पोेकेबाॅल फेंककर उसे पकड़ लिया।

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“अरे! मैंने तीनों पोकेमॉन पकड़ लिए हैं।“ सैम ने उत्साह के साथ कहा तो प्रणाली ने कहा, “तो चलो, इस जगह से बाहर निकलते हैं। यहाँ और भी अंधेरा हो रहा है।“ “हाँ, तुम सही हो।“ इस बात से डैनी और मणि सहमत हुए। तब प्रभाव ने कहा, “ तुम सभी बाहर जा सकते हो, लेकिन मै। तब तक नहीं आ सकता हूँ, जब तक मैं एक और पोकेमॉन पकड़ नहीं लेता!“ यह कहते हुए वह अंदर की ओर बढ़ने लगा। उन सभी ने उसे आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन वह बोला, “मैं अपना ध्यान रखूंगा।“ वह थोड़ी दूर ही चला था कि उसे आभास हुआ कि कोई उसके पीछे है। उसने अपनी टॉर्च निकाली और देखा कि प्रेयसी उसके पीछे थी। “ओहो! मैं डर गया। पर तुम मेरा पीछा क्यों कर रही हो?“ प्रभाव ने उससे पूछा। “मैं तुम्हारा पीछा नहीं कर रही थी। मैं तो तुमसे केवल यह पूछने आयी थी कि क्या तुम्हारे पास एक और टॉर्च है।“ उसने स्पष्ट किया। उनकी आपस में बातचीत चल रही थी कि अचानक पीछे से ठंडी हवाओं ने प्रभाव का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। उसने पलट कर देखा तो कुछ नहीं दिखा। “क्या हुआ?“ प्रेयसी ने पूछा।

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“कुछ नहीं, मैंने बस एक बर्फीली हवा का झौंका महसूस किया।“ जैसे ही उसने यह कहा, उन्होंने एक पोकेमॉन की लाल रंग की पूंछ देखी। हालांकि टार्च की बैटरी खत्म होने लगी तो वह खुद पर नाराज होकर बुदबुदाया, “ओह हो, मैंने कल इसे क्यों नहीं चार्ज किया? तो... क्या, यह अभी भी अच्छी तरह से काम कर रहा है। चलो इस पोकेमॉन को पकड़े। जाओ कैटरपी।“ उसने अपने कैटरपी को बाहर बुलाया।

कैटरपी और उस पोकेमॉन के बीच काफी देर तक मुकाबला किया। गहरा अंधकार होने के कारण रहस्यमय पोकेमॉन पर हमला करने में बड़ी कठिनाई हो रही थी। एक कड़े मुकाबले के बाद कैटरपी ने आखिरकार उस पोकेमॉन को अपने धागे में फंसा लिया। “ठीक है, ठीक है, चलो इसे पकड़ लेते हैं। पोकेबॉल जाओ।“ उसने उस पर अपना पोकेबाल फेंककर उसे पकड़ लिया। “ठीक है, आखिरकार मैंने इसे पकड़ लिया। अच्छा काम किया तुमने कैटरपी, अब वापस आओ।“ उसने कैटरपी को वापस बुलाते हुए कहा। तब प्रेयसी और प्रभाव बाहर आए और फिर से मुख्य मैदान में आ गए।

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“हम्म ..... तो प्रभाव तुमने और तुम्हारे दल ने सारे पोकेमॉन पकड़ लिए?“ मिस्टर पीयूष ने पूछा। “मेरा दल“ प्रभाव ने आश्चर्य व्यक्त किया। “हाँ, यह तुम्हारा दल है।“ मिस्टर पीयूष ने मुस्कुराते हुए कहा।“हें! यह अच्छा है। हम सभी एक दल में हैं।“ डैनी ने कहा। “हाँ, सर, अगर आप चाहें तो ऐसा ही हो।“ सैम मिस्टर पीयूष से सहमत हुआ। “हाँ, आप सही है।“ मणि ने कहा। “और प्रेयसी और मैं भी आपके दल में रहेंगे, जो हमारा दल बनाता है।“ प्रणाली ने अपना और प्रेयसी का हाथ बढ़ाते हुए कहा। “ठीक है, अब आप सभी पोकेमॉनों को पोकेमॉन सेंटर पर लेकर जाएं और कुछ आराम करें। कल आपका अभ्यास मैच होगा। आप अपने साथ अपने-अपने डिब्बे ले जाना। वह आपको आपके पोकेमॉनों के बारे में जानकारी देगा।“ मिस्टर पीयूष ने आगे का कार्यक्रम बताया तो सबने उनका धन्यवाद किया।

पात्र परिचय Characters

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मिस्टर पीयूष गोस्वामी बच्चों के शिक्षक हैं।

उनका हँसमुख स्वभाव है।

वे दुनिया के बारे में बहुत कुछ जानते हैं।

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प्रोफेसर देवदार एक सुप्रसिद्ध प्रोफेसर हैं।

वर्तमान और प्राचीन स्थिति के बीच में संबंध ढूंढ़ना उनका शोध का हिस्सा है।

वन विहार वन्यक्षेत्र उस क्षेत्र में एक जगह है जहां छात्र जो पोकेमॉन ट्रेनर बनना चाहते हैं, अपनी शुरुआत के लिए अपना पहला पोकेमॉन प्राप्त करते हैं।

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प्रभाव एक 14 साल का लड़का है जो पोकेमॉन को प्यार करता है। वह परिवेश से सीखना पसंद करते हैं।

एक बग प्रकार का कैटरपी उसका पहला पोकेमॉन है

उसका दूसरा पोकेमॉन वायनट है, जो एक सायकिक प्रकार है।

उसका तीसरा पोकेमॉन स्नीजल है, जो डार्क और आइस प्रकार का है।

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सैम एक 13 साल का लड़का है, जो अपने आस.पास के सभी लोगों को खुश करना पसंद करता था।

उसका नार्मल प्रकार का पहला पोकेमॉन टेडिअर्सा है।

उसका दूसरा पोकेमॉन पिज्जी है, जो नार्मल और फ्लाइंग प्रकार का है।

इम्पीडिम्प उसका तीसरा पोकेमॉन है, जो डार्क और फैरी प्रकार का है।

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मणि एक  14 साल का प्यारा और दूसरों की देखभाल करने वाला लड़का हैए जो हमेशा खुद के बजाय दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है।

उसका पहला पोकेमॉन शिंक्स है, जो इलेक्ट्रिक टाइप का है।

उसका दूसरा नार्मल और फ्लाइंग प्रकार का पोकेमॉन स्पीयरो है।

उसका तीसरा पोकेमॉन रॉक टाइप पोकेमॉन रौलीबोली है।

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डैनी एक 13 साल का छोटा कद का लड़का जो थोड़ा लापरवाह लेकिन बहुत उत्साही है।

मैजिकाॅर्प एक वाटर टाइप पोकेमॉन उसका पहला पोकेमॉन है।

क्रीकेटौट एक बग प्रकार का पोकेमॉन उसका दूसरा पोकेमॉन है।

टोगेडेमारु एक स्टील और इलेक्ट्रिक टाइप पोकेमॉन उसका तीसरा पोकेमॉन है।

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13 साल की प्रेयसी गंभीर स्वभाव की लड़की है। वह किसी को भी अनदेखा नहीं करती है भले ही वह उसे परेशान क्यों न करती हो। वह मददगार भी है।

स्कैटरबग उसका पहला पोकेमॉन है, जो बग प्रकार का है।

पाचिरीसु उसका दूसरा पोकेमॉन है, जो इलेक्ट्रिक टाइप का है।

ग्राउंड टाइप का ड्रिलबर उसका तीसरा पोकेमॉन है।

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प्रणाली 13 साल की एक हंसमुख स्वभाव की लड़की है, जो सबके साथ रहना पसंद करती है। वह कभी-कभी बच्चों जैसी हो जाती है, लेकिन वह लड़ने में भी बहुत कुशल है।

उसका पहला पोकेमॉन बग फ्लाइंग टाइप यान्मा है।

उसका दूसरा पोकेमॉन ग्रास टाइप का गौसीफ्लोर है।

यैम्पर उसका तीसरा पोकेमॉन है, जो इलेक्ट्रिक टाइप का है।


अस्वीकरण (Disclaimer)

कहानी में किसी चित्र और पाठ की नक़ल नहीं की गई है। चित्र बनाने के लिए सामग्री गूगल और कुछ गेम से ली गई है। सभी विचार और अवधारणाएं मेरी अपनी है। इससे पहले मैं एक कॉमिक बनाने जा रहा था, लेकिन एक कॉमिक बनाने का तरीका जितना मैंने सोचा था उससे कहीं ज्यादा कठिन लगा। लेकिन एक दिन मेरे शिक्षक ने हमें कहानी लेखन का होमवर्क दिया तो मैंने अपनी लिखी कॉमिक के एक भाग, क्योँकि दूसरा भाग मैं कभी नहीं लिख पाया, इसलिए मैंने इसे कहानी रूप में बनाने का फैसला किया।

अध्याय के बाद भी, आप सभी पात्रों और उनके पोकेमॉन को देख सकते हैं, कुछ प्रश्न हैं, जिन्हें आप हल कर सकते हैं।

अर्जित रावत

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi 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रचनाकार: पोकेमॉन चक्र - अर्जित रावत
पोकेमॉन चक्र - अर्जित रावत
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