नागिन - धर्मेन्द्र तिजोरी वाले "आजाद"

SHARE:

नागिन ​​ पैंसठ वर्षीय डॉ. अब्दुल कलाम एक जैव वैज्ञानिक हैं । सामान्य कद काठी, गोल चेहरा, बिल्लौरी और बड़ी-बड़ी आँखें, पूरी तरह से सफेद घने और ...

नागिन

​​

पैंसठ वर्षीय डॉ. अब्दुल कलाम एक जैव वैज्ञानिक हैं । सामान्य कद काठी, गोल चेहरा, बिल्लौरी और बड़ी-बड़ी आँखें, पूरी तरह से सफेद घने और घुंघराले बालों के अलावा वह चमत्कारी बुद्धि के स्वामी हैं ।

​​

वह एक गरीब परिवार में पैदा हुये थे। बचपन में ही पिता जैनुल अब्दीन के गुजर जाने के बाद उनकी माँ आसियामल ने ही उन्हें मेहनत मजदूरी करके पढ़ाया लिखाया था। मतलब कि यदि आज वह दुनिया के महान वैज्ञानिकों में से एक हैं तो इसका पूरा श्रेय उनकी माँ को दिया जा सकता है । यही कारण है कि उनके दिल में माँ के प्रति अटूट श्रद्धा है ।

​​

वह अपनी माँ के गुजर जाने के बाद भी उन्हें अपने करीब महसूस करते हैं । वह माँ एवं बेटे के संबंध को दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता मानते हैं । उनके विचार से कोई भी माँ अपने बच्चे के लिए पिता की भूमिका बहुत सफलतापूर्वक निभा सकती है, जबकि किसी पिता के लिए माँ की भूमिका का निर्वाह कर पाना लगभग नामुमकिन है । उनका निजी अनुभव ये भी है कि बेटा चाहे कितनी भी बड़ी गलती कर दे, लेकिन माँ हर स्थिति में ममतामयी माँ ही रहेगी।

​​

माँ के प्रति गहरी श्रद्धा होने की वज़ह से वह इस मिथक को स्वीकार नहीं कर पाते हैं कि नागिन अपने अण्डों को फोड़ते वक़्त उनसे निकलने वाले अपने ही बच्चों को निगल जाती है । यह बात उनके दिल में इतनी गहरी उतरी है कि कभी-कभी वह ख्वाब में भी नागिन को अपने बच्चे निगलते हुये देखकर चीख पड़ते हैं । उन्होंने अपने इस स्वप्न के रहस्य को समझने की बहुत कोशिशें कीं, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी ।

​​

बतौर एक वैज्ञानिक, जब वह जीव जंतुओं पर शोध कर रहे थे; तब उन्होंने एक विशेष कंप्यूटर की परिकल्पना की । आखिरकार वर्षों की मेहनत रंग लाई । उन्होंने एक ऐसा कंप्यूटर विकसित कर लिया, जिसकी सहायता से जीवों से बात की जा सकती है । इसके लिए जीव के सिर पर एक हेलमेटनुमा छोटा-सा यन्त्र बाँध दिया जाता है, जिसका सम्पर्क कंप्यूटर से होता है । यही हेलमेटनुमा यंत्र जीव के मस्तिष्क में उठ रहे भावों को कंप्यूटर की स्क्रीन पर प्रिंट करता है, और कंप्यूटर के जरिये पूछी गई बात को जीव के मस्तिष्क में पहुँचता है ।

​​

कई जीवों, पशुओं और इंसानों पर सफल परीक्षण करने के बाद उन्होंने यह प्रयोग नागिन पर करने का विचार बनाया , ताकि उसके बारे में प्रचलित मिथक के बारे में जाना जा सके। इसी सिलसिले में उन्होंने एक संपेरे से नागिन लाने को कहा । वो नागिन तो नहीं ला सका, लेकिन एक अच्छा खासा नाग ज़रूर पकड़ लाया था । डॉ कलाम ने नागिन की अनुपलब्धता में नाग पर ही यह प्रयोग करने का निश्चय किया , और संपेरे की मदद से नाग के फन पर वह हेलमेटनुमा यंत्र लगा दिया। जब कंप्यूटर के माध्यम से उस नाग से यह प्रश्न किया गया कि नागिन अपने ही बच्चों को क्यों निगल जाती है तो उस नाग का जवाब कंप्यूटर की स्क्रीन पर कुछ इस तरह प्रिंट हो रहा था -

​​

समय का कोई हिसाब नहीं, बहुत पुरानी बात है । किसी गाँव में एक दीनू नाम का सपेरा रहता था । उसकी पत्नी जानकी के अलावा उसका एक ही बेटा था, जिसका नं रघु था। दीनू और जानकी से अपने बेटे के लिए जो भी हो सकता था, वह करते थे । लेकिन रघु की आवश्यकतायें तो असीमित थीं, इसलिये वो अपनी गैर ज़रूरी ज़रूरतों के पूरा नहीं होने पर अपने माता पिता से लड़ता रहता था। एक दिन लम्बी झड़प के बाद वो अपने माता-पिता को छोड़कर भाग गया था।

​​

घर से भागकर वह एक शहर पहुँचा था। जहाँ एक होटल में बर्तन साफ करके वो अपना गुजारा करने लगा था। एक दिन उसी होटल के मालिक की पेटी में से कुछ रूपये चुराकर वह एक दूसरे शहर भाग गया, जहाँ उसने इन पैसों से फुटपाथ पर कपड़े की एक छोटी-सी दुकान लगा ली थी । धीरे-धीरे वह कम समय में ही अमीर बन गया था। इतना अमीर कि उसके पास अब एशोआराम की हर चीज़ थी।

​​

इसके बावजूद भी उसे यह कमी खटकती थी कि वह अविवाहित था। उसने अपनी इस कमी को पूरा करने की कोशिशें भी की थीं, लेकिन माँ बाप के बिना वह सफल नहीं हो पा रहा था । क्योंकि दोस्तों के माध्यम से वह जब भी किसी लड़की की तरफ अपनी बात चलवाता था तो माँ बाप का पता ठिकाना नहीं होने पर बात आगे नहीं बढ़ पाती थी। उस वक़्त सवाल ये तो था ही कि उसकी जाति क्या है? समस्या यह भी थी कि एक ऐसा आदमी , जिसका कोई सगा सम्बंधी नहीं है; जालसाजी भी हो सकता है । और ऐसे व्यक्ति के हवाले अपनी लड़की कर देना खतरे से खाली नहीं है । ऐसे में रघु को अपने बूढ़े माँ-बाप की याद आई, और वह अपने गाँव वापिस लौट आया ।

​​

घर लौटकर उसने अपने बूढ़े माँ-बाप को अपनी संघर्ष गाथा सुनाकर उनका दिल जीत लिया था । उसके बूढ़े माँ-बाप भी जीवन के अंतिम पड़ाव पर अपने बेटे को साथ पाकर बेहद खुश थे, और नाती-नातिन के साथ खेलने के सपने देखने लगे थे । इसी सिलसिले में उस सपेरे ने उसी गाँव के एक दूसरे सपेरे की लड़की के साथ अपने बेटे की शादी कर दी थी ।

​​

रघु की शादी के बाद बूढ़े दीनू और जानकी अपने नाती-नातिन के साथ खेलते , इसके पहले ही रघु अपनी बीवी को साथ लेकर फिर शहर की चकाचौंध की ओर चल निकला था, अपने बूढ़े माँ-बाप को उन्हीं के हाल पर छोड़ कर । उसके गाँव वालों ने उसे कई बार सूचित किया कि वो अपने बीमार माँ बाप को अपने साथ ले जाये या गाँव लौट आये। लेकिन वह निर्दयी कभी नहीं आया। एक दिन वो लौटकर आया भी तो तब, जब उसके बूढ़े और बीमार माँ-बाप सिधार चुके थे। इस बार भी उसके आने का एक खास मतलब था। उसकी अनुपस्थिति में उसके माँ बाप का अंतिम संस्कार तो गाँव वालों ने कर दिया था । अब रही तेरहवीं, जिसके लिए वह आया ही नहीं था । वह तो अपने बूढ़े माँ बाप की इकलौती झोपड़ी बेचने आया था। आखिरकार वह उस झोपड़ी को बेचकर फिर शहर लौट गया।

​​

इस पूरे घटनाक्रम को उस मरहूम सपेरे की झोपड़ी में बैठी हुई नागिन देख रही थी। इस पूरी घटना ने उसके दिल को अन्दर तक झकझोर दिया था । इससे उस नागिन के दिल में औलाद के प्रति नफ़रत भर गई थी । और इसीलिये उसने कभी भी माँ नहीं बनने का फैसला कर लिया था । यही कारण है कि जब नाग नागिन से संभोग करने की कोशिश करता है तो नागिन उसे फुफकारती है, और दोनों में युद्घ सी स्थिति बनती है । वो तो जब नागिन की याददाश्त पर उत्तेजना हावी हो जाती है तो वह आवेश में नाग से एकाकार तो हो जाती है। लेकिन जब अण्डों में से छोटे-छोटे बच्चे निकलते हैं तो वह उस सपेरे के साथ घटी घटना को याद करके अपने ही फन से बच्चों को कुचलने लगती है, और फिर निगल जाती है । नागिन के जो बच्चे इधर-उधर हो जाते हैं, वो बच जाते हैं ।

​​

वह एक घटना नागिन के दिल में इतनी गहरी असर कर गई कि औलाद से नफ़रत करना उसका स्वभाव बन गया । आगे चलकर यही स्वभाव अनुवांशिक गुणों के रूप में चला आ रहा है ।

​​

डॉ कलाम ने अपने माथे पर आई पसीने की बूंदों को पोंछते हुये कंप्यूटर का स्विच बन्द किया, और आश्चर्य व्यक्त करते हुए बुदबुदाया- ओ गॉड! क्या मानव समाज में घट रही घटनाओं का जीव जन्तुओं पर इतना गहरा असर पड़ता है? बुदबुदाते हुये डॉ कलाम ने अपने सहयोगी संपेरे को धन्यवाद देते हुए नाग के सिर से वह हेलमेटनुमा यंत्र निकालकर ले जाने को कहा ।

​​

वह सपेरा नाग को अपने साथ लेकर चला गया, और वो रास्ते भर ये सोचता रहा कि डॉ कलाम ने भी क्या ऐसे ही किसी कारण से शादी नहीं की होगी!

​​

उधर डॉ कलाम अभी भी कुछ सोच रहे थे। उनके माथे पर चिंता की रेखायें काफी उभर आईं थीं । उन्हें चिंता थी कि आज की युवा पीढ़ी यदि रघु की तरह ही अपने माता-पिता के प्रति गैर जिम्मेदार रही तो वह दिन दूर नहीं, जब भ्रूण हत्यायें गैर कानूनी और अमानवीय माने जाने की बजाय एक पुण्य कार्य माना जायेगा ; और तब दुनिया की हर औरत माँ बनने की बजाय एक नागिन बन जायेगी !!!

​​

@ धर्मेन्द्र तिजोरी वाले "आजाद"
तेन्दुखेड़ा, जिला- नरसिंहपुर (म प्र)

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: नागिन - धर्मेन्द्र तिजोरी वाले "आजाद"
नागिन - धर्मेन्द्र तिजोरी वाले "आजाद"
https://4.bp.blogspot.com/-Fd96iMe-DVM/XpHmUVbL8ZI/AAAAAAABSDg/wPASC35DKysglo1aDeYsMbCA4kPJBqn2wCK4BGAYYCw/s320/fpghekjokpahfnbb-781524.png
https://4.bp.blogspot.com/-Fd96iMe-DVM/XpHmUVbL8ZI/AAAAAAABSDg/wPASC35DKysglo1aDeYsMbCA4kPJBqn2wCK4BGAYYCw/s72-c/fpghekjokpahfnbb-781524.png
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2020/04/blog-post_78.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2020/04/blog-post_78.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content