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शब्द-सन्धान - दन्त / दांत / डॉ. सुरेन्द्र वर्मा

शब्द-सन्धान दन्त / दांत

डा. सुरेन्द्र वर्मा

अच्छे स्वास्थ्य के लिए दांतों की देखभाल बहुत ज़रूरी है। हिन्दी में दांत के लिए दन्त शब्द, जो वस्तुत: संस्कृत से आया है, का भी प्रयोग होता है। हिन्दी में दन्त के योग से अनेक संयुक्त शब्द बने हैं। दंतमंजन, दन्त-चिकित्सा, दन्त-रोग, दन्त-क्षत, दन्त-शूल आदि।

पंडित लोग कथा करते हैं और लेखकों द्वारा कथाएँ लिखी जाती हैं। लेकिन एक कथा “दन्त-कथा” भी होती है। दन्त कथा दांतों के बारे में कोई कथा नहीं है। ऐसी दन्त कथा शायद कभी लिखी भी न गई हो। यह तो जनश्रुति है, किम्वदंति है। किसी ने कभी कही और जन मानस में याद रह गई। ‘दन्त-कथा’ बन गई।। सामान्यत: लेखक कथाएँ भी लिखता है लेकिन “दन्त- लेखक” दांतों पर कथा लिखने वाला लेखक नहीं होता। यह दांतों की सफाई / रंगाई से जीविका चलाने वाला व्यक्ति है। वीणा एक वाद्य है जिससे संगीत पैदा किया जाता है। ‘दन्त-वीणा’ भी अपनी ही तरह का एक संगीत पैदा करती है। जी हाँ, दांतों के किटकिटाने को दन्त-वीणा कहते हैं।। दन्त-शोक बेशक मसूड़े की सूजन से उत्पन्न शोक है, लेकिन दन्त-हर्ष कोई प्रसन्नता की बात नहीं है। ठंडा पानी लगने से होने वाली यह भी दांत की पीड़ा ही है। पता नहीं यह दन्त-हर्ष कैसे कही जाने लगी !। आलय, जैसा कि हम जानते ही हैं, आश्रय-स्थान है। घर है, मकान है। देवालय वह जिसमें देवता वास करते हैं। दांतों का भी एक आश्रय स्थान है। वह व्यक्ति का मुख है। इंसान का मुंह उसका दंतालय कहा गया है।। आपने कई प्रकार के दर्शन किए और पढ़े होंगे। मंदिर में आप देवता के दर्शन करने जाते हैं। किताबों में आप वेदान्त-दर्शन पढ़ते है। लेकिन ‘दन्त-दर्शन’ कोई ऐसा दर्शन नहीं है जिसे किया या पढ़ा जा सके। यह लड़ाई-झगड़े आदि, में होठ फड़फड़ाते हुए दांत पीसना है। वैसे तो मुंह के अन्दर ही रहते हैं लेकिन गुस्से में दांत पीसते समय वे सार्वजनिक रूप से अपने दर्शन जो देने लगते हैं।

अंग्रेज़ी में दांत को “टुथ” कहते हैं। दन्त और टुथ में क्या कोई समानता देखी जा सकती है ? पर फ्रेंच भाषा में दन्त को बेशक “डेंट” कहते हैं। उच्चारण की दृष्टि से “दन्त” और “डेंट’ दोनों बहुत नज़दीक हैं। दन्त को यदि आप अंग्रेज़ी अक्षरों में लिखना चाहें, तो कैसे लिखेंगे ? इसके हिज्जे ‘डी ई एन टी’ तो बेशक नहीं होंगे। पर ई की जगह ए का इस्तेमाल करें, “दन्त’ ही लिख जाएगा। मजेदार बात यह है की अंग्रेज़ी में ‘डेंट” का मतलब छोटी-मोटी पिचक से है ( जैसे धक्का लगने से कार में डेंट पड़ गया ) न कि दांत से; दांत को तो अंग्रेज़ी में टुथ कहते हैं। पर दांत संबंधी सारी शब्दावली अंग्रेज़ी में “डेंट” से ही बनी है , जैसे, ‘डेंटिस्ट’ ‘डेन्चर’ आदि। ठीक ऐसे ही, हिन्दी में दन्त से दन्त-चिकित्सक, दन्तावली आदि बने हैं।

फारसी में यही दन्त “दंदां” हो गया। पहले एक दंत-मंजन आता था (क्या पता अब भी मिलता हो)। नाम था,अक्सीर दंदां, यानी दांतों के लिए अक्सीर। बाबा रामदेव ने आपके दन्त चमकाने के लिए “दन्त-कांति” बनाया है।

अगर कोई दांत आगे की ओर निकला हुआ होता है तो वह अलग से ही चमकता है, ठीक ऐसे ही जैसे दीवार से निकली हुई खूँटी अलग से दिखाई देती है। शायद इसी लिए इसे “दन्तक’ कहते हैं। किसी पर्वत की चोटी के पास आगे की ओर निकला हुआ पत्थर भी दन्तक ही कहलाता है।। जब कोई दो व्यक्ति गुत्थमगुत्था करते हैं तो अक्सर लड़ाई झगड़े में एक दूसरे को दांत से काटने भी लगते हैं। गुत्थमगुत्था के वजन पर इसे “दंतादंति” कहा गया है।। हाथी एक ऐसा पशु है जिसके दो बड़े बड़े दांत बाहर को निकले हुए होते हैं। इसीलिए हाथी को “दंताल” या “दंतार” कहा गया है।। हिन्दी वर्ण माला में तवर्ग (त थ द ध न) दंत्य वर्ग कहलाता है, क्योंकि इन अक्षरों के उच्चारण में दांतों का स्पर्श होता है।

संस्कृत शब्द, दन्त, हिन्दी में अपना लिया गया है। लेकिन दंत के लिए दांत शब्द ठेठ हिन्दी का शब्द है। इसे हम दन्त का हिन्दी अपभ्रंश कह सकते हैं। जहां दन्त से जुड़कर अनेक योगिक शब्द हिन्दी में बने हैं वहीं दांत शब्द को लेकर हिन्दी में अनेक मुहावरे प्रचलित हो गए हैं। गहरी मित्रता “दांत काटी रोटी” है। ‘दांत काढ़ना’, ‘दांत निपोरना’ गिड़गिड़ाना है। ‘दांत किरकिरे होना’ हार मानना है और ‘दांत खट्टे करना’ परास्त करना है। “दांतों उंगली काटना” आश्चर्य में पद जाना है। इसी प्रकार के और भी अनेक मुहावरे हैं।

हाथी दांत से बनी हुई वस्तुएं “दांतक” कहलाती हैं।। बाल काढ़ने के कंघे में “दांते” होते हैं।। ‘दातून’ से हम दांत साफ़ करते हैं

-डा. सुरेन्द्र वर्मा (मो, ९६२१२२२७७८) १०, एच आई जी / १, सर्कुलर रोड / इलाहाबाद -२११००१

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