रचनाकार.ऑर्ग की विशाल लाइब्रेरी में मनपसंद रचनाकार अथवा रचनाएँ खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

संजय विद्रोही: अपनी बात



मैं सन् 1973 कोटपूतली (राजस्थान) में पैदा हुआ. वहीं पला, पढ़ा, बढ़ा. लगातार पढ़ते हुए डॉक्टरेट किया. मन की विवशताओं के चलते छोटी उम्र में ही कविताएँ लिखना शुरू कर दिया. संजय विद्रोही नाम मैंने खुद रखा, कोई सत्रह वर्ष पहले और तभी से शुरू हुआ लेखन, प्रकाशन और मंच पर काव्यपाठ. अचानक एक कहानी 'गोदनामा' ने मेरे भीतर के काव्य अनुभूति को कहानी की ठोस, उबड़-खाबड़ एवं पथरीली जमीन की ओर मोड़ दिया.



समाज और परिवार से मिले खट्टे-मीठे अनुभवों ने मेरे विद्रोह को निरंतर धार दी. इस नाते मेरे सभी सगे सम्बन्धी और परिचित धन्यवाद के पात्र हैं. प्रथम कहानी संग्रह 'गोदनामा' एक बड़े पाठक समुदाय द्वारा पढ़ा और सराहा गया. फिलहाल एक ग़ज़ल संग्रह प्रकाशन में व्यस्त हूँ. शायद 'एक तन्हा सफर' शीर्षक से छपे.



पत्रकार बनना चाहता था, अध्यापक हो गया. ग़ज़लें लिखीं तो कहानियाँ छपीं. गीत लिखे, तो वक्ता हो गया. कहानियाँ लिखीं, तो कैमेस्ट्री की किताबें छपीं. ऐसा ही कुछ सिलसिला अब तक जारी है...



कृतित्व:

गोदनामा (कहानी संग्रह)

बक्खड़ (कहानी संग्रह - सं. यशवंत व्यास)

Engineering Chemistry

Practical Engineering Chemistry



इसके अलावा अनेकों संपादित संग्रहों में ग़ज़लें, http://www.abhivyakti-hindi.org http://www.hindinest.com पर कहानियाँ एवम् ग़ज़लें प्रकाशित.



विगत 15 वर्षों से देश भर में कवि सम्मेलनों में काव्य-पाठ और विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में कहानियों, ग़ज़लों एवं कविताओं का सतत् प्रकाशन.



आकाशवाणी, दूरदर्शन, एनडीटीवी इन्डिया आदि पर कविताओं का प्रसारण.



इसके अतिरिक्त राजस्थानी भाषा में भी ‘जागती जोत’ जैसी पत्रिकाओं में कविताओं का प्रकाशन.



सम्प्रति: एसोशिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, रसायन शास्त्र विभाग, इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एण्ड टेकनोलॉज़ी, अलवर.



संपर्क sanjayvidrohi at yahoo dot co dot in

**********.



रचनाकार – संजय विद्रोही का 15 तीक्ष्ण, चुभती कहानियों का संपूर्ण कहानी संग्रह – ‘कभी यूँ भी तो हो’ रचनाकार में सद्यः प्रकाशित हुआ है जिसे आप यहाँ पढ़ सकते हैं –

http://rachanakar.blogspot.com/2006/01/blog-post_14.html



इस कहानी संग्रह को इंटरनेट पर ई-बुक के रूप में पीडीएफ़ फ़ॉर्मेट में भी प्रकाशित किया गया है, जिसे डाउनलोड कर आप किसी भी प्लेटफ़ॉर्म में (विंडोज 95/98 में भी) एक्रोबेट/पीडीएफ़ रीडर के जरिए पढ़ सकते हैं. इंटरनेट पर हिन्दी में ई-बुक सहित सम्पूर्ण कहानी संग्रह प्रकाशन का संभवतः प्रथम प्रयास. ई-बुक यहाँ से डाउनलोड करें -

0 टिप्पणियाँ

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.