हिंदी मीडिया की दिशा बदल सकता है यूनिकोड

SHARE:

. हिंदी मीडिया की दिशा बदल सकता है यूनिकोड - बालेन्दु शर्मा दाधीच हाल ही में राजधानी में 'मीडिया में यूनिकोड की प्रासंगिकता...

.

हिंदी मीडिया की दिशा बदल सकता है यूनिकोड

- बालेन्दु शर्मा दाधीच

हाल ही में राजधानी में 'मीडिया में यूनिकोड की प्रासंगिकता' पर अमेरिकन इन्स्टीटयूट ऑफ इंडियन स्टडीज की ओर से आयोजित एक गोष्ठी में मैंने किसी बड़े मीडिया संस्थान को पूरी तरह यूनीकोड समर्थित करने में आड़े आने वाली वित्तीय उलझनों का जिक्र किया था। इस पहलू ने यूनिकोड के प्रति उत्साहित लोगों को थोड़ा उद्वेलित किया। लेकिन यूनिकोड अपनाने की अनिवार्य आवश्यकता के साथ-साथ व्यावसायिक और वित्तीय पहलुओं पर व्यावहारिक दृष्टि डालना जरूरी है।

किसी अखबार के यूनिकोडीकरण की तीन श्रेणियां हो सकती हैं- उसकी वेबसाइट या पोर्टल को यूनिकोड युक्त किया जाना, वेबसाइट के साथ-साथ अखबार के निर्माण तंत्र (जिसमें कम्पोजिंग, डिजाइनिंग, समाचार वितरण व संकलन व्यवस्था, ग्राफिक्स आदि आते हैं) को यूनिकोडित किया जाना और वेबसाइट व अखबार के साथ-साथ उस समाचार संस्थान की सम्पूर्ण व्यवस्था (विज्ञापन संकलन, वितरण व्यवस्था, प्रबंधन, अकाउंटिंग, ईआरपी, डेटाबेस, ईमेल प्रणालियां आदि) का भी यूनिकोडित किया जाना। इन तीनों श्रेणियों में यूनिकोडित होने वाले कम्प्यूटरों और सॉफ्टवेयरों की संख्या अलग-अलग है और इस प्रक्रिया में होने वाला खर्च भी इसी तथ्य पर आधारित है। एक बड़ी समस्या यह है कि हिंदी अखबारों में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर यूनिकोड का समर्थन नहीं करते। इनमें से जो सॉफ्टवेयर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा तैयार किए गए हैं, उनके ताजा संस्करण खरीदकर यूनिकोड में काम शुरू किया जा सकता है लेकिन जिन सॉफ्टवेयरों का भारत में विकास हुआ है (मसलन समाचार संकलन और प्रबंधन सॉफ्टवेयर, ईआरपी प्रणालियां आदि) उनका नए सिरे से विकास किए जाने की जरूरत है। जहां खरीदे जाने वाले सॉफ्टवेयरों को लेकर तो कोई उलझन नहीं है लेकिन जिन सॉफ्टवेयरों का नए सिरे से विकास होना है, उन पर होने वाला खर्च काफी अधिक हो सकता है क्योंकि विकास की यह प्रक्रिया कई महीनों तक चल सकती है।

यदि कोई बड़ा भाषायी अखबार पुराने फॉरमेट में चल रही अपनी डाइनेमिक वेबसाइट या पोर्टल को यूनीकोडित करना चाहता है तो इस प्रक्रिया में दो से पांच लाख रुपए तक की लागत आ सकती है। हो सकता है कि कुछ अखबार फिलहाल सिर्फ इतना ही कर इंटरनेट पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करने भर के इच्छुक हों। ऐसी स्थिति में उनका खर्च काफी सीमित हो सकता है। लेकिन यदि उस मीडिया संस्थान का प्रबंधन अपने पूरे अखबार की निर्माण प्रणाली को यूनीकोडित करना चाहे तो इस प्रक्रिया में जरूरी हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर पर आने वाला खर्च वहां प्रयुक्त कम्प्यूटरों की संख्या, कम्प्यूटरों की क्षमताओं (यूनीकोड सक्षम हैं या नहीं), कर्मचारियों की संख्या, सॉफ्टवेयरों की लाइसेंसिंग प्रणाली, ऑटोमैशन और सेवाओं के स्तर आदि पर निर्भर करेगा। अखबार के आकार और आवश्यकताओं के अनुसार यह राशि पांच लाख रुपए से पंद्रह लाख रुपए तक हो सकती है। बहुत से हिंदी अखबारों में अब भी 486 या पेंटियम सीरीज के शुरूआती कंप्यूटर इस्तेमाल हो रहे हैं। उनमें हार्डवेयर का अपग्रेडेशन जरूरी होगा। लेकिन जिनमें पहले से ही कम से कम विंडोज एक्सपी या 2000 ऑपरेटिंग सिस्टम वाले कंप्यूटर मौजूद हैं, उनमें हार्डवेयर पर होने वाला खर्च बहुत कम होगा।

यदि अखबार का प्रबंधन यूनीकोडीकरण को सिर्फ विषय-वस्तु (कॉन्टेंट) से संबंधित विभागों तक सीमित न रखना चाहे और उसे अपने संस्थान की सम्पूर्ण व्यवस्था (ईआरपी, विज्ञापन, वितरण, डेटाबेस, संदेश-प्रणालियां आदि) में लागू करना चाहे तो उसे पांच से दस लाख रुपए तक की अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ सकती है। यहां यह बात ध्यान में रखने योग्य है कि बहुत कम भाषायी अखबार गैर-संपादकीय विभागों में इस तरह के आधुनिक सॉफ्टवेयरों का इस्तेमाल करते हैं। आम तौर पर वे टैली या बिजी जैसे अकाउंटिंग पैकेज से काम चला लेते हैं। यदि संबंधित अखबार इस श्रेणी में आता है तो उसमें इस विभाग के यूनीकोडीकरण पर होने वाला खर्च भी इन सॉफ्टवेयरों तक ही सीमित होगा। इस तरह अलग-अलग मीडिया संस्थान के लिए यूनीकोडीकरण पर खर्च होने वाली धनराशि अलग-अलग हो सकती है।

प्रश्न उठता है कि क्या मीडिया संस्थानों को यह अतिरिक्त खर्च करना चाहिए? जी हां, पूरी तरह 'विश्वानुकूल' (वर्ल्ड रेडी) बनने के लिए दो से तीस लाख रुपए के बीच होने वाला यह खर्च अनुचित नहीं है। भले ही, शुरूआत में उन्हें यह खर्च अनावश्यक महसूस हो लेकिन आगे चलकर इससे होने वाले लाभ इस वित्तीय कष्ट को निष्प्रभावी बना सकते हैं। गूगल जैसे सर्च इंजनों में दृश्यता (विजिबिलिटी) बढ़ने से अखबार के दायरे में होने वाले विस्तार और उससे मिलने वाले प्रचार को यदि वित्तीय लाभ में बदलकर देखा जाए तो भी यह खर्च बहुत छोटा लगेगा। वैसे भी एक बार सर्वत्र यूनीकोडीकरण का तकनीकी वातावरण होने पर यूनीकोड समर्थक उत्पादों की कीमतें घट जाएंगी।

.

.

यूनिकोड का सबसे बड़ा लाभ मानकीकरण है जो भारतीय भाषाओं के संस्थानों द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के आधुनिकतम अनुप्रयोगों का मार्ग प्रशस्त कर देगा। मानकीकरण की स्थिति में सभी संस्थानों में टेक्स्ट एक ही फारमेट में इस्तेमाल होगा। यानी भाषायी प्रकाशन संस्थान फ़ॉन्ट और कुछ हद तक कीबोर्ड लेआउट की सीमा से मुक्त हो जाएंगे। जो पाठ एजेंसी की खबरों में इस्तेमाल होता है, उसे फ़ॉन्ट बदले बिना जस का तस अखबार में इस्तेमाल किया जा सकेगा और इंटरनेट पोर्टल या ई-न्यूजपेपर पर भी भेजा जा सकेगा।

समान तकनीकी वातावरण से भारतीय भाषाओं में काम करने वाले सॉफ्टवेयर डवलपर्स का समय और श्रम अलग-अलग फ़ॉन्ट आधारित उत्पाद तैयार करने की बजाए एक ही मानक वाले अधिक प्रभावी और कल्पनाशीलता से भरे उत्पाद तैयार करने में लगेगा। तब एक ही डेटा या विषय वस्तु का विभिन्न रूपों में विभिन्न माध्यमों में असीमित और सहज उपयोग संभव होगा। उदाहरण के लिए, एक यूनीकोड आधारित अखबार का प्रबंधन यदि चाहे तो सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से बिना किसी अतिरिक्त प्रयास या खर्च के उसकी विषय वस्तु को इंटरनेट पोर्टल में भी बदल सकता है, ई समाचार पत्र की शक्ल दे सकता है (अब ई समाचार पत्रों की सदस्यता अखबारों के सर्कुलेशन में गिनी जाने लगी है इसलिए यह एक बड़े लाभ का विषय है), अन्य भारतीय भाषाओं में स्वचालित ढंग से अनूदित कर नए संस्करण निकाल सकता है, अन्य मीडिया में (जैसे ध्वनि आधारित मीडिया) बदल सकता है, सिंडीकेटिंग कर सकता है और पुस्तकाकार रूप प्रदान कर सकता है। फिलहाल हमारे अखबार स्वचालन (ऑटोमेशन), कृत्रिम मेधा (आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस) और विभिन्न माध्यमों के सम्मिलन (कनवर्जेंस) जैसे सूचना प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों से वंचित है। समग्र यूनिकोडीकरण के बाद इस तरह के आधुनिकतम अनुप्रयोगों का इस्तेमाल अपेक्षाकृत अधिक आसान और सुलभ हो सकता है।

यूनिकोड सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक ऐसी तकनीकी परिघटना है जो एकाध दशक में घटित होती है और सम्पूर्ण परिदृश्य की दिशा बदलने की क्षमता रखती है। भारतीय भाषायी मीडिया को इसकी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए क्योंकि आईटी क्षेत्र में आगे आने वाले आधुनिकतम अनुप्रयोगों की बुनियाद इसी पर रखी जाएगी।

(बालेंदु शर्मा दाधीच, प्रभासाक्षी.कॉम से सम्बद्ध हैं)

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आत्मकथा,1,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,4290,आलोक कुमार,3,आलोक कुमार सातपुते,1,आवश्यक सूचना!,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,374,ईबुक,231,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,269,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,113,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,3240,कहानी,2361,कहानी संग्रह,247,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,550,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,141,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,32,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,152,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,23,पाठकीय,62,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,367,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,2,बाल उपन्यास,6,बाल कथा,356,बाल कलम,26,बाल दिवस,4,बालकथा,80,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,20,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,31,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,288,लघुकथा,1340,लघुकथा लेखन पुरस्कार आयोजन,241,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,20,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,378,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,79,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,2075,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,730,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,847,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,21,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,98,साहित्यम्,6,साहित्यिक गतिविधियाँ,216,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,59,हास्य-व्यंग्य,78,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: हिंदी मीडिया की दिशा बदल सकता है यूनिकोड
हिंदी मीडिया की दिशा बदल सकता है यूनिकोड
रचनाकार
https://www.rachanakar.org/2006/11/blog-post_116453844571084619.html
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/
https://www.rachanakar.org/2006/11/blog-post_116453844571084619.html
true
15182217
UTF-8
Loaded All Posts Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS PREMIUM CONTENT IS LOCKED STEP 1: Share to a social network STEP 2: Click the link on your social network Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy Table of Content