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डा० कान्ति प्रकाश त्यागी की कविता : नर्क हाउस

कविता

-डा० कान्ति प्रकाश त्यागी


एक अमरीकन मरने के बाद, जैसे ही नर्क में गया ,
हर एक देश का नर्क हाउस देख कर चकरा गया ।



अपने देश के नर्क हाउस में पूछा,
ये मरने के बाद क्या करते हैं ?

सर्व प्रथम विद्युत कुर्सी पर ,
एक घन्टे बिठा कर रखते हैं ।

इसके बाद शूल सैया पर लिटाते हैं ,
शैतान प्रमुख से पिटाई कराते हैं ।

पिटाई की बात सुन कर वह घबराया ,
रूस का आफ़िस देखने का मन बनाया ।

वहां पर भी वही शैतान वाली कहानी दोहराई ,
अमरीकन की बात बिलकुल समझ नहीं आई ।

आज़कल डालर बहुत गिर गया है ,
इंडियन स्टेन्डर्ड बहुत बड गया है ।

शायद इंडिया नरक हो बहुत अच्छा ,
वहीं पर जाने की जताई इच्छा ।

जाने की परमिशन मिल गई ,
उसकी फिर से बाछें खिल गई ।

देखा, इंडिया नर्क हाउस में लाइनें लगी हैं ,
एक लाइन में पुरुष, एक में महिलाएं खड़ी हैं ।

एक लाइन बूढ़ॊं ऒर बच्चों की सुरक्षित है ,
एक लाइन बी० सी, एस०सी की आरक्षित है ।

दफ़्तर में कोई नहीं है ,
बताने वाला कोई नहीं है ।

लाइन में खड़े से आदमी से पूछा ,
इस आफ़िस वाले क्या क्या करवाते हैं ?
विद्युत कुर्सी, शूल शैया, पिटाई करवाते हैं ।

परन्तु यहां क्यू , क्यूं लगी है ?
लोगों में खलबली क्यूं मची है ।

एक आदमी ने भैया कह कर बुलाया ,
बड़े ही प्यार से अपने गले बिठाया ।

विद्युत कुर्सी टूट गई है ,
शूल सैया पिचक गई है ।

कॊई उसकी कीलें चुरा ले गया ,
हम सबकों झंझट में डाल गया ।

यह सब अचानक कैसे हुआ ?
नर्क क्लर्क का क्या हुआ ?

वह तो चाय पीने गया है ,
आते ही टायलेट जाएगा ।

एक दो फ़ाइल देखेगा ,
फिर पान खाने जाएगा ।

पता नहीं साला,
क्या क्या खाता है ,
क्या क्या पीता है ।

कहीं ऎसा तो नहीं
करने की जगह पीता हो ,
पीने की जगह करता हो ।

अपन को मालूम नहीं ,
साला कहां क्या करता है ।

डिस्गस्टिंग, अमेज़िंग, सरपराइज़िंग ,
ना डिस्गस्टिंग, ऒर ना कोई इंग टिंग ।

हमें अपने देश पर अभिमान है,
इससे बड़ॆ बड़े कीर्तिमान है ।

यह कैसे ठीक हो पाएगा ?.
जब कॊई मिनिस्टर आएगा ।

एक दो को सस्पैन्ड करेगा ,
नया टैन्डर खुल वायेगा ।

फिर भी क्यूं क्यू है ?.
सुनो! ज़बाब यू है ।

हम लोग मरते भी, लाइन लगा कर ,
हम लोग जीते भी, लाइन लगा कर ।

जन्म लेने के लिए, लाइन में आना पड़ता है ,
दाह संस्कार के लिए, लाइन में आना पड़ता है ।

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1 टिप्पणियाँ

  1. वाह! अच्छा है.
    करारा व्यंग्य है.
    ये पोस्ट एकदम परफेक्ट रही.
    पाँच तारे.

    जवाब देंहटाएं

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